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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संभाग के चारों जिलों में प्रशासन गांवों/शहरों के संग अभियान की प्रगति जानी। बीकानेर की प्रगति को संतोषजनक बताया, वहीं शेष जिलों में प्रकरणों के निस्तारण में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों के दौरान अधिक से अधिक लोगों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई सहन नहीं की जाए तथा ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी शिविरों में जाएं तथा जिला स्तरीय अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करें। अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही हो।

शिविर में प्राप्त अंतिम प्रकरण के निस्तारण तक शिविर संचालित किए जाएं। शिविर में जाने वाले ब्लॉक स्तरीय अधिकारी संबंधित ग्राम पंचायत में अपने अधीनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण करें तथा व्यवस्थाएं देखें। उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित प्रत्येक सरकारी कार्यालय भवन पर उस विभाग के नाम का साइन बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें। शिविरों के पश्चात् प्रगति रिपोर्ट पूर्ण सावधानी से अपलोड की जाए। प्रत्येक शिविर में विजिटर बुक संधारित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि व्यक्तिगत लाभार्थी से संबंधित समूचा रिकॉर्ड रखा जाए।

शिविर के दौरान प्रत्येक विभागीय अधिकारी द्वारा योजनाओं की जानकारी दी जाए तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभांवित करने के प्रयास हों। उन्होंने संभाग के चारों जिलों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विभागवार समीक्षा की तथा चूरू में सहमति से खाता विभाजन की संख्या बढ़ाने तथा बीदासर एवं सुजानगढ़ में रास्तों के लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कोई भी पट्टा जारी होने से वंचित नहीं रहे।

यदि कोई लंबित है तो ग्राम पंचायत वार इसके कारण सहित सूची उपलब्ध करवाई जाए। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी को शिविरों में जाने के निर्देश दिए और कहा कि इस दौरान ग्रामीणों से पेयजल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता का फीडबैक लिया जाए। संबंधित ग्राम पंचायत में अवैध कनेक्शन हटाने तथा पानी की टंकियां साफ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों से पूर्व ग्राम पंचायत वार सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित प्रकरणों की सूची तैयार की जाए तथा शिविरों के दौरान इनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषाहार का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करवाएं। प्रत्येक शिविर में कम से कम तीन ई-मित्र कियोस्क हों।

हैल्पडेस्क प्रोपर तरीके से संचालित की जाए। इस दौरान सभी जिलों के अधिकारियों ने संबंधित जिलों की प्रगति की जानकारी दी। राजीव गांधी सेवा केंद्र पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त एएच गौरी मौजूद रहे। वहीं जिला कलक्टर नमित मेहता, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश, अतिरिक्त कलक्टर(प्रशासन) बलदेव राम धोजक, अतिरिक्त कलक्टर(शहर) अरुण प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कलक्ट्रेट से इसमें भागीदारी निभाई।


विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। संभागीय आयुक्त डॉ. वीना प्रधान ने शुक्रवार को नागौर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार ने भी विभिन्न विभागों से संबंधित मुद्दों पर सलाह व सुझाव दिए।
बैठक में संभागीय आयुक्त डॉ. प्रधान ने कहा कि जन सामान्य की समस्याओं से संबंधित संपर्क पोर्टल पर समस्या समाधान के 6 माह से अधिक पुराने प्रकरण शून्य स्थिति में हो, ऐसा सभी अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में विद्युत वितरण निगम से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि जिले में विद्युत वितरण निगम से संबंधित भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

जिला कलक्टर डॉ. सोनी द्वारा संभागीय आयुक्त को बताया गया कि पूरे अजमेर संभाग के एक चौथाई विद्युत की खपत नागौर जिले में होती है। जिले में बिजली की छीजत के क्षेत्र में भी अच्छा काम किया गया है। कोरोना की परिस्थिति में सुधार के बाद बिजली सामग्री की आपूर्ति से बकाया काम शीघ्र ही संपन्न किए जाएंगे। इस दौरान बैठक में लिफ्ट कैनाल व पीएचईडी अधिकारियों द्वारा अपने विभाग से संबंधित कार्य योजना व प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के संदर्भ में सीईओ जवाहर चैधरी ने बताया कि मनरेगा में लेबर नियोजन के मामले में नागौर जिला प्रथम स्थान पर है। साथ ही जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 32,960 आवासों की स्वीकृति जारी की गई है। बैठक में राज्य सरकार की नवीन योजना मुख्यमंत्री जिला नवाचार निधि के माध्यम से जायल में लाइब्रेरी व स्टेडियम निर्माण के संबंध में भी जानकारी दी गई। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी ने बताया कि नागौर जिले में नवसृजित 33 ग्राम पंचायतों के लिए नवीन पंचायत भवनों के निमित्त 32 पंचायत भवन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। श्रमिक विभाग द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि श्रमिकों के लिए नागौर जिले में 58 करोड़ 40 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई हैं। इसी प्रकार सिलकोसिस पीड़ितों के लिए 13 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिले में सर्वाधिक खनन क्षेत्र हैं तथा सिलकोसिस पीड़ितों की संख्या भी अधिक है। इस कारण जिला कलक्टर द्वारा बैठक में संभागीय आयुक्त से नागौर जिले में श्रम विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र ही भरने के सम्बंध में संभागीय आयुक्त कार्यालय स्तर पर पत्राचार करने का आग्रह किया।

बैठक में शिक्षा विभाग के कार्यों व प्रगति की समीक्षा करते हुए संभागीय आयुक्त ने शिक्षा अधिकारी से महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय के बच्चों द्वारा अंग्रेजी में संभाषण करवाने पर बल देने व उनमें स्किल ट्रेनिंग भी करवाने का निर्देश दिया। विभाग के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले के छह ब्लाॅक में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना की जा चुकी है।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामदयाल मांजू द्वारा जानकारी दी गई कि कोरोनाकाल में जिले में कोविड-19 से पति की मृत्यु होने पर 228 महिलाओं को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा 180 महिलाओं के बच्चों को भी मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के तहत आर्थिक संबल प्रदान किया गया। साथ ही 10 अनाथ बच्चों को भी सहायता राशि स्वीकृत की गई। बैठक में बताया गया कि पालनहार योजना में नागौर जिला राजस्थान में शीर्ष स्थान पर है, जहां पालनहार योजना के तहत बच्चों को चिह्नित करके आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही 680 पीड़ितों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया है।

संभागीय आयुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में ग्रामीण व शहरी परिवारों में चार प्रकार के औषधीय पौधे वितरित करने के लक्ष्य को अतिशीघ्र प्राप्त करने के लिए कार्य योजना बनाएं, ताकि राज्य स्तर पर वन महोत्सव के शुभारंभ के बाद इस व्यापक कार्य को व्यवस्थित रूप से संपादित किया जा सके। बैठक में संभागीय आयुक्त को नागौर में डीडवाना नगर पालिका के वार्ड संख्या 6 तथा बासनी ग्राम पंचायत के सरपंच उपचुनाव को लेकर की गई तैयारियों के संदर्भ में भी जानकारी दी गई। जिला पुलिस अधीक्षक अभिजीत सिंह तथा नागौर उपखंड अधिकारी अमित चौधरी द्वारा इस संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी दी गई।

अपने संबोधन में डॉ. वीना प्रधान ने सभी विभागों के समस्त बकाया कार्य को मार्च तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है जिसे और अधिक अच्छा करने तथा कार्य की गति को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान डीडवाना अतिरिक्त जिला कलक्टर रिछपालसिंह बुरड़क, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी, सहायक कलक्टर रामजस बिश्नोई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीशचंद्र व्यास, डिस्काॅम के अधीक्षण अभियंता आरबी सिंह, जिला रसद अधिकारी पार्थ सारथी, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. जगदीश बरवड़, जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


विनयएक्सप्रेस समाचार, नागौर । संभागीय आयुक्त डाॅ. वीणा प्रधान ने बुधवार को नागौर जिले का दौरा किया। संभागीय आयुक्त ने जिले के विभिन्न गांवों में मनरेगा के तहत हो रहे विकास कार्य, प्रधानमंत्री आवास तथा सामुदायिक शौचालय निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अजमेर की संभागीय आयुक्त का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार नागौर जिले की यात्रा पर आई डाॅ. वीणा प्रधान ने सबसे पहले टेहला गांव पहुंची। यहां उन्होंने मनरेगा के तहत नाडी स्थल और सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। डाॅ. प्रधान ने सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य में गुणवत्ता परक निर्माण सामग्री का उपयोग किए जाने और विकास अधिकारी को इसकी माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके बाद संभागीय आयुक्त ने नेतड़िया गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभान्वित पुनकी देवी के आवास का निर्माण कार्य देखा और उनको शौचालय का भी लाभ दिलाने के लिए विकास अधिकारी को निर्देश दिए। यहां उन्होंने उप स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने एएनएम से नियमित साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने उप स्वास्थ्य के क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत एवं रंगरोगन के कार्य का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

इसके बाद संभागीय आयुक्त ने डांगावास गांव में मनरेगा के तहत गोरिया नाडा पर चल रहे विकास कार्य का निरीक्षण किया। डाॅ. वीणा प्रधान ने मेड़ता सिटी में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आईसीयू, सामान्य वार्ड आदि विंग का निरीक्षण किया और साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने मेड़ता के बाद रेण में पिथुड़ा नाडा पर मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्य तथा मूंडवा में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी औचक निरीक्षण किया।
मूंडवा के सीएचसी का निरीक्षण के बाद संभागीय आयुक्त डाॅ. वीणा प्रधान नागौर जिला मुख्यालय स्थित जेएलएन राजकीय अस्पताल पहुंची। यहां उन्होंने आपातकालीन इकाई, सामान्य वार्ड, आईसीयू तथा ओपीडी रजिस्ट्रेशन खिड़की तथा निशुल्क दवा योजना विंडो का भी निरीक्षण भी किया। इसके बाद डाॅ. प्रधान अस्तपाल के मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य विंग में पहुंची और यहां एमसीएच विंग में आवश्यक मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त को अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया यहां एनएचएम के तहत मरम्मत कार्य करवाने के लिए 60 लाख रूपए के प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी गई। संभागीय आयुक्त के साथ निरीक्षण के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर भी थे।