Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170

Warning: Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php:6170) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/feed-rss2.php on line 8
dr gaurav bissa – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Tue, 15 Mar 2022 08:06:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 कॉर्पोरेट स्ट्रेटेजिक गठबंधन कार्यक्रम के तहत ईसीबी के दो प्रोफेसर्स डॉ. गौरव बिस्सा और डॉ. नवीन शर्मा ने किया उरमूल डेयरी पर सर्वे : दिए शोध आधारित महत्वपूर्ण सुझाव https://vinayexpress.in/2022/03/15/bkn-2802/ Tue, 15 Mar 2022 08:05:28 +0000 https://vinayexpress.in/?p=25793 डॉ. गौरव बिस्सा और डॉ. नवीन शर्मा ने डेयरी प्रबंधन के साझा किए कॉर्पोरेट अनुभव. डेयरी के प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और वाटर रीसाइक्लिंग तकनीकों को सराहा 

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर।कॉर्पोरेट अलायन्स और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली के इंडस्ट्रियल प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के मैनेजमेंट विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव बिस्सा और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन शर्मा ने दो सप्ताह की उरमूल डेयरी में विज़िट, मार्केटिंग स्ट्रैटजीज की स्टडी और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में सघन इंटरव्यू आधारित सर्वे कर डेयरी प्रबंधन को अनेकानेक सुझाव प्रस्तुत किए. ट्रेनिंग अनुभव के दौरान डॉ. बिस्सा व डॉ. शर्मा ने उरमूल डेयरी के प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, और वाटर रीसाइक्लिंग तकनीकों को सराहा. जापान आधारित काइजेन एप्रोच के अनुसार संस्थाओं में निरंतर समय में छोटे-छोटे इम्प्रूवमेंट करने से प्रोडक्टिविटी व ग्रोथ बढती है. इसी एप्रोच को आधार मानकर सुझाव दिए गए हैं.

प्रस्तुतिकरण के दौरान डेयरी के प्रबंध निदेशक डॉ. एस एन पुरोहित ने कहा कि मार्केटिंग के क्षेत्र में डॉ. बिस्सा और डॉ. शर्मा के दिए सुझाव प्रशंसनीय है क्योंकि उन्होंने दूध और घी की छोटी पैकेजिंग, महिलाओं को दूध की क्वालिटी के प्रति शिक्षित करने के ट्रेनिंग कार्यक्रम और युवाओं में दूध और दूध से संबंधित उत्पादों को लोकप्रिय बनाने हेतु बहुत सटीक और सशक्त सुझाव प्रस्तुत किए हैं. क्वालिटी कंट्रोल और ह्यूमन रिसोर्स से जुड़ें, डेयरी प्रबंधक सलीम भाटी ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज के दोनों प्रोफेसर्स के माइन्यूट ऑब्जर्वेशन्स के कारण क्वालिटी कंट्रोल, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी डेयरी प्रगति करती रहेंगी.

डॉ. बिस्सा और डॉ. शर्मा के प्रमुख सुझाव:

  • दूध खरीदने में निर्णायक भूमिका गृहणी निभाती है,  अतः महिलाओं को दूध की क्वालिटी के विषय में शिक्षित करने की आवश्यकता है.
  • घी, दूध और पनीर की छोटी पैकेजिंग आवश्यक.
  • पब्लिसिटी हेतु विविध क्षेत्र के प्रभावशील 20 ब्रैंड एम्बेसडर्स की टीम का गठन.
  • कैमल मिल्क और कैमल मिल्क पाउडर को इम्युनिटी बूस्टर के रूप में प्रचारित करने की आवश्यकता.
  • स्कूलस के साथ टाइअप और विद्यार्थियों को दूध के उत्पादों को खरीदने को फैशन बनाने की मुहिम.
  • फ्लेवर्ड मिल्क और फ्लेवर्ड बटर के निर्माण पर बल दिया जाए, ताकि मार्केट सेगमेंटेशन, टार्गेटिंग, व पोजिशनिंग स्ट्रेटेजी के तहत हर वर्ग में पहुँच हो.
  • अखबार विक्रेताओं के साथ टाई अप करके सरस दूध को जन जन तक पहुंचाने का कार्य आवश्यक, ताकि डेयरी बूथ तक ना जा सकने वालों को घर बैठे दूध, दही व पनीर की उपलब्धता सुनिश्चित हो.



]]> डॉ गौरव बिस्सा की दो पुस्तकों “फैमिली मैनेजमेंट सूत्र” और “हौसला हो बुलंद”का हुआ विमोचन https://vinayexpress.in/2021/12/19/dr-gaurav-bissa-news-bkn/ Sun, 19 Dec 2021 12:30:59 +0000 https://vinayexpress.in/?p=21319 विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर।इंजीनियरिंग कॉलेज के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ गौरव बिस्सा द्वारा लिखित दो पुस्तकों “फैमिली मैनेजमेंट सूत्र” और “हौसला हो बुलंद” का विमोचन करणी नगर स्थित आरएन आरएसवी स्कूल हुआ. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वेटरनरी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एके गहलोत ने कहा कि बुलंद हौसला, हर पल नया सीखने का जुनून और प्लानिंग के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ना ही सफलता का सूत्र है. कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि आरएसवी शिक्षण समूह निदेशक निधि स्वामी ने विद्यार्थियों में सेल्फ स्टडी में आई कमी को रेखांकित करते हुए कहा कि डॉ बिस्सा की पुस्तकें व्यक्ति को स्वाध्याय हेतु प्रेरित कर उनमें प्रेरणा भरती है. कार्यक्रम के अध्यक्ष आरएसवी शिक्षण समूह के चेयरमैन सुभाष स्वामी ने परिवार की महत्ता को उदाहरणों से समझाया. स्वामी ने कहा कि मनुष्य की आंतरिक शक्ति बाहरी संसाधनों से कई गुना ज्यादा बेहतर होती है.

दोनों पुस्तकों के लेखक डॉ गौरव बिस्सा ने अपने माता पिता, गुरुजनों और समाज का आभार जताते हुए कहा कि जीवन में जो कुछ भी प्राप्त होता है, वह इन्हीं के कारण है अतः सब उन्हें समर्पित कर देना चाहिए. बिस्सा ने पद के मद को छोड़ने, फेस वैल्यू की जगह पर इंट्रिंसिक वैल्यू को अपनाने पर बल दिया. डॉ बिस्सा ने कहा कि शब्दों को गुलाब की तरह होना चाहिए, हथियार की तरह नहीं और जब शब्द हथियार बन जाते हैं तो गृहक्लेश निश्चित है. विपरीत बातों को भी सह लेने की शक्ति को उन्होंने फैमिली मैनेजमेंट का सार कहा. डॉ बिस्सा ने कहा कि संतान के जीवन का संघर्ष छीन लेने लेने वाले माता पिता वास्तव में संतान द्रोही है.

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उद्योगपति और समाजसेवी शशि मोहन मूंदड़ा ने डॉ बिस्सा की प्रभावी प्रस्तुतिकरण शैली और कम्युनिकेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरलतम शब्दों में अपनी बात प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचा देना ही डॉ बिस्सा की खास बात है. फैमिली मैनेजमेंट सूत्र की समीक्षा करते हुए आरएसवी शिक्षण समूह के सीईओ आदित्य स्वामी ने पुस्तक के चारो सेग्मेंट्स का विश्लेषण प्रस्तुत किया और बताया कि पुस्तक पति पत्नी संबंध, बुजुर्ग सम्मान, परिवार की ताकत लालन पालन के गूढ़ सूत्रों को समझाती है. हौसला हो बुलंद पुस्तक की समीक्षा करते हुए मैनेजमेंट व्याख्याता डॉ जयप्रकाश राजपुरोहित ने कहा कि पुस्तक आत्मशक्ति, कमिटमेंट और व्यक्तित्व विकास के सिद्धांतों को रोचक उदाहरणों और रिसर्चेज के माध्यम से समझाती है.

इनका हुआ सम्मान:

डॉ बिस्सा को फैमिली मैनेजमेंट सूत्र लिखने हेतु प्रेरित करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट स्वर्गीय मनोज सिपानी के पुत्र सीए मयंक सिपानी और हौसला हो बुलंद पुस्तक लिखने की प्रेरणा देने वाले फ़िज़िशियन डॉ. अविनाश कल्ला को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में आरएन आरएसवी के प्रशासक पार्थ मिश्रा और प्राचार्य बिंदु बिश्नोई को भी सम्मानित किया गया. वरिष्ठ साहित्यकार डॉ संजू श्रीमाली और डॉ कृष्णा आचार्य ने डॉ गौरव बिस्सा का अभिनंदन किया. कार्यक्रम का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया.

शहर की नामी विभूतियाँ हुई शामिल:

कार्यक्रम में पूर्व मेयर नारायण चोपडा, उद्योगपति सुभाष मित्तल, अखिलेश प्रताप सिंह, जैन स्कूल प्राचार्य सीमा जैन, सिंथेसिस कोचिंग के निदेशक जेठमल सुथार, स्नेहाशीष सक्सेस पॉइण्ट के निदेशक सुरेन्द्र सोलंकी, डॉ द्रोपदी माथुर, सीए बीजी भैया, सीए वीरेंद्र, सीए सुधीश शर्मा, अविनाश जोशी, डॉ पीएस वोहरा, वास्तुकार आर के सुधार, बाबूलाल मोहता, डॉक्टर प्रीति कल्ला, डॉ अजय जोशी, डॉ राहुल हर्ष, संजय श्रीमाली, विनय थानवी सहित शहर की 300 गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं.

 

]]>
परिवर्तन स्वीकारें और बनें विजेता: डॉ. गौरव बिस्सा https://vinayexpress.in/2020/05/16/dr-bissa/ Sat, 16 May 2020 14:37:15 +0000 https://vinayexpress.in/?p=1203 दिल्ली विश्वविद्यालय के व्याख्याताओं को वेबिनार में “मार्केटिंग और मोटिवेशन” विषय पर डॉ. गौरव बिस्सा का बतौर मुख्य वक्ता संबोधन

विनयएक्सप्रेस सामचार, बीकानेर। मानसिक पक्षाघात हो जाने पर परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होता. दुनिया में परिवर्तन ही स्थायी है और जो परिवर्तन को नहीं स्वीकारता वह नष्ट हो जाता है. ये विचार मैनेजमेंट ट्रेनर डॉ. गौरव बिस्सा ने दिल्ली विश्वविद्यालय, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज द्वारा आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट वेबिनार में व्यक्त किये. दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा “इंट्रीन्सिक मोटिवेशन ड्यूरिंग कोविड” विषय पर आयोजित इस वेबिनार में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. बिस्सा नि कहा कि अज्ञात का भय, असफल होने का भय और भीषण आलस्य मानसिक पक्षाघात को जन्म देता है. बिस्सा ने कहा कि कोरना काल में यदि हमने अपनी आदतों को चेंज नहीं किया डायनासोर की भाँति विलुप्त हो जायेंगे.

डॉ बिस्सा ने द इकनोमिस्ट के रेफरेंस से बताया कि कोरोना के कारण यूरोपीय देशों में सैर, मनोरंजन, ट्रेवल आदि क्षेत्रों में खर्च अस्सी फीसदी कम होने, भारत में अकस्मात मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ने और बच्चों के मोबाइल स्क्रीन पर बिताये जाने वाले समय की बढ़ोतरी अत्यंत चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि इस चिंता के काल में भी हमें अपने राष्ट्र पर गर्व होना चाहिये क्योंकि आईआईटी दिल्ली ने ऐसे संकट काल में सस्ती टेस्टिंग किट बनाई, आईआईटी चेन्नई ने कपड़ों पर कोरोना को नष्ट करने वाली कोटिंग तथा आईआईटी कानपुर ने कोरोना डिसइन्फेक्टेंट बॉक्स बनाया है. उन्होंने कहा कि पोजिटिव सोच के साथ ही पोजिटिव विजुअलाइजेशन करना भी महत्त्वपूर्ण है.

online webinar postar

डॉ. बिस्सा ने नई विश्व व्यवस्था में भारत की शक्ति को आंकड़ों के साथ प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत द्वारा पिचहत्तर करोड़ रुपये देकर सार्क कोविड इमरजेंसी फंड बनाना, पश्चिम एशिया के देशों को मेडिकल मदद देना और पच्चीस देशों का समूह बना कोरोना से लड़ने की सोच प्रत्येक भारतीय के लिये गर्व का विषय होना चाहिये. डॉ. बिस्सा ने शिक्षक के कर्तव्यों को समझाते हुए कहा कि शिक्षक का आचरण उदाहरण स्वरुप होना चाहिये क्योंकि शिक्षक आचार्य होता है. जीवन में खुशी को समझाते हुए डॉ. बिस्सा ने कहा कि कार्यस्थल का दास बनकर अपने दफ्तर को ही जीवन समझ लेने से अशांति ही मिलती है क्योंकि हमारा जीवन हमारे दफ्तर, पद, पे स्केल, पैसों और सत्ता से कहीं ज्यादा मूल्यवान है. उन्होंने जीवन को आनंद से जीने, अपने शौक को जीने और प्रतिभा के सम्पूर्ण इस्तेमाल पर बल दिया. डॉ. बिस्सा ने ऑनलाइन शिक्षा और उसके सदुपयोग को भी आंकड़ों के साथ समझाया.

इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. लक्ष्मण पालीवाल ने कहा कि महामारी के संकट काल में सेवा प्रदाताओं को इस बात पर गर्व होना चाहिये कि ईश्वर ने उन्हें ऐसा सुअवसर दिया है. पालीवाल ने कहा कि ऐसे काल में सर्वोच्च सेवा देना ही प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है. कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रवीन गर्ग ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सृजन होता है. संसार के सर्वोत्कृष्ट कार्य कष्टप्रद परिस्थितियों में ही हुए प्रतीत होते हैं अतः कष्ट को अवसर मानना चाहिये. कार्यक्रम की सह समन्वयक डॉ. रेखा गुप्ता ने डॉ. बिस्सा का स्वागत किया और कॉलेज गतिविधियों पर प्रस्तुतीकरण दिया. डॉ. डूंगर राम जल्वानी ने आभार जताया.

E.mail : vinayexpressindia@gmail.com

]]>