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इस अवसर पर कार्मिको सहित आमजन ने उन्हें विदा करते हुए अपने अनुभव साझा करते हुए उनके कार्यो की सराहना की। इस दौरान जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि पदस्थापन होना तो स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन उन्होंने जिले के लिए दूरदृष्टि सोच रखते हुए कार्य किया, जिसकी बदौलत हर विभाग में कार्मिको व अधिकारियों की टीम भावना से कार्य करने की सोच के चलते नागौर जिले को प्रदेश में अव्वल रखा। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों विकास अधिकारी, तहसीलदार, उपखण्ड अधिकारी व नगर निकायों के अधिशाषी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलाव लाने के लिए पूर्ण जुनून के साथ कार्य करें। इसके लिए समय प्रबंधन होना जरुरी है।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों में काम के प्रति लगाव व कार्यकुशलता का जोश भरते हुए कहा कि काम करते है तो परिणाम अवश्य मिलता है। इसलिए समानुभूति के भाव से कार्य करते रहें। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक भाव से किया गया कार्य आपकी कुशलता को प्रकट करता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यो में बदलाव लाना हो तो जमीर की अदालत में जुनून के साथ जुटे रहे। किसी भी काम को सार्थक बनाने के लिए उसके पीछे पड़कर अभियान के रुप में प्रभावी बनाएं। किसी काम को हाथ में लेने के बाद उसे अंजाम तक पहुंचाएं, तभी सुकून मिलेगा।
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जिला कलक्टर को दिल से विदाई देते हुए सभी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों ने कहा कि उनके कुशल प्रबंधन व मॉनिटरिंग की बदौलत नागौर में जन कल्याण की योजनाओं व कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रगति के सौपान तक पहुंचाया गया। इस दौरान सभी विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग में किए गए नवाचार व इससे आए नवीन बदलावों की मिसाल देते हुए जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी का दिल से आभार जताया।
इस अवसर पर नगरपरिषद आयुक्त श्रवणराम चैधरी ने कहा कि जिला कलक्टर नंे रुटीन के अलावा जनहित के कार्य भी किए, जिससे आज उन्हें विदा करते समय लोगों का अलग ही उत्साह दिख रहा है। उन्होंने जिलंे में डाॅ. सोनी द्वारा झड़ा तालाब, बख्तसागर सहित सेल्फी पाॅईन्ट के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यो को लेकर आभार जताया। इस अवसर पर एडीएम डीडवाना, नागौर, अधिशाषी अधिकारी डेगाना, विकास अधिकारी भैरुंदा, मेड़ता, तहसीलदार मूण्डवा, खींवसर, उपखण्ड अधिकारी नागौर, खींवसर, नावां, लाडनूं सहित सभी अधिकारियों ने जिला कलक्टर के कार्यो व उनके आदर्शो को मानकर उनसे सीख लेने की प्रेरणा लेते हुए अपने मन के भाव प्रकट किए। इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने कहा कि जिला कलक्टर द्वारा वीसी के माध्यम से उन्हें मोटिवेट मिलता रहा तथा उन्होंने राजनैतिक पेचिदगियों को किनारे कर टीम भावना से कार्य किया। जिससे जिले में प्रशासनिक सुधार हुए। डाॅ. सोनी ने पंचायतीराज व्यवस्था पर मजबूत पकड़ रखते हुए आॅडिट से लेकर उच्च स्तर तक के कार्य किए, जिसकी सराहना प्रदेशभर में हो रही है। उनका कार्यकाल हमेशा नवाचार की ओर रहा। जिससे जिले में लाडेसर अभियान, रास्ता खोलो अभियान, मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी, हरा-भरा तालाब, चरण पादूका सहित वैक्सीनेशन आदि अनेक कार्यो को गति मिली। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि जिला कलक्टर की बेहतरीन लीडरशिप, कुशल समय प्रबंधन व कार्य करने की क्षमता में दूरदृष्टिता आदि से प्रेरणा मिली। जिससे जिले में प्रशासनिक सुधार होने के साथ विभागीय कार्यो को गति मिली।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेराम महिया, नगरपरिषद आयुक्त श्रवणराम चैधरी सहित जिले के सभी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग, पषुपालन विभाग, वन विभाग, सरकारी विद्यालय, पंचायतीराज विभाग व कृषि विभाग आदि से जुड़े अधिकारियों से सरकारी कार्यालयों में जल कनेक्शन सम्बन्धी चर्चा की।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि जिन भामाशाहों ने राशि 2.00 लाख से अधिक का जन सहयोग किया है उनको जिला जल एवं स्वच्छता समिति की ओर से प्रशंषा पत्र से सम्मानित करें तथा जिन सरपंचो ने अपने क्षैत्र में घरेलु नल कनेक्शन करवाने में शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है उन्हे भी प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक बैठक के दौरान सम्मानित किया जायेगा।

डाॅ. सोनी ने कहा कि क्रियान्वयन सहयोगी संस्था के जिला परियोजना प्रबन्धक जल जीवन मिशन के कार्यो में गति लाने के लिए कलस्टर में वृद्धि करें तथा ग्राम कार्य योजना का अनुमोदन शीघ्र करवावें। बैठक के दौरान जिला जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य सचिव एवं जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियन्ता हिमांशु गोविल ने एजेण्डावार जल जीवन मिशन की प्रगति के बारे में बताया।

इस दौरान परियोजना के के.सी. मीणा, एम.पी. सेनी, राजेश पुरोहित, डिस्काॅम के एसई आरबी सिंह, वाटर शेड के रामरतन, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक सिकरामाराम चोयल, सीएमएचओ डाॅ मेहराम महिया, उप वन संरक्षक ज्ञानचन्द, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मोहनराम, जलदाय विभाग के अधिशासी अभियन्ता गोपीचन्द वर्मा, जेके चारण, मदनलाल मीणा, रामचन्द्र राड़, मोहनलाल कड़ेला, सतीश अरोड़ा, हरिश गुडैशर, डी.सी. गुप्ता, एईएन रामजस मिर्धा, कुम्भाराम डिडेल डब्ल्यूआरडी, जिला आईईसी सलाहकार मौहम्मद शरीफ छींपा, एचआरडी डाॅ तेजवीर चौधरी, एमआईएस रामदेव बेरा आईएसए के जिला परियोजना प्रबन्धक विजय गौड़ आदि मौजूद रहे।


विनय एक्सप्रेस समाचार,नागौर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ अवैध शराब की रोकथाम के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी अधिकारियों को विभागवार दायित्व सौंपते हुए जिला कलक्टर डॉ. सोनी ने लगातार अभियान के रुप में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिला कलक्टर ने पुलिस व आबकारी विभाग को अवैध शराब के निर्माण व बिक्री पर रोक लगाना, राजमार्गों पर स्थित ढाबों की जांच करना, मिथानॉल परिवहन करने वाले टैंकरों की जांच करना, थाना स्तर पर आयोजित सीएलजी बैठकों में अवैध शराब निर्माण रोकथाम को स्थाई एजेण्डा में शामिल करना, बीट प्रभारी द्वारा बीट बुक में अवैध शराब की रोकथाम हेतु की गई कार्यवाही का विवरण अंकित करवाना, दैनिक मजदूरों के प्रवाह वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी करना, अवैध शराब के धंधे में लिप्त आदतन अपराधियों की हिस्ट्री शीट खोलना, फील्ड अधिकारियों द्वारा राजस्व अधिकारियों के सम्पर्क में रहकर सूचनाएं एकत्रित करना, हथकड़ शराब बनाने वाले गांवों में विशेष निगरानी रखना व संयुक्त धावों का आयोजन करना, अवैध शराब के निर्माण में लिप्त परिवारों की सूची सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग को उपलब्ध करवाना, राज्य सरकार द्वारा घोषित मुखबिर प्रोत्साहन योजना का प्रचार प्रसार करना तथा मुखबिरों को उचित पारितोषिक दिलवाना, पुलिस अधीक्षक स्तर पर आयोजित अधिकारियों की बैठक में अवैध शराब की रोकथाम को मुख्य एजेण्डा बनाना संबंधी निर्देष दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आबकारी प्रहराधिकारी, आबकारी निरीक्षक व पुलिस थानाधिकारियों को सामंजस्य स्थापित कर संयुक्त धावे आयोजित करने हेतु निर्देशित कर आवष्यक कार्यवाही करें।

इसी प्रकार जिला कलक्टर ने षिक्षा विभाग के अधिकारी को सभी विद्यालयों में समयबद्ध कार्यक्रम रखा जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाना तथा उनको जागरूक करने संबंधी निर्देश दिए। वहीं डिस्कॉम अधिकारी को विद्युत कनेक्शन का अवैध शराब निर्माण में उपयोग करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देष देते हुए कहा कि अनुज्ञाधारी प्रासव इकाईयों के प्रासव स्टॉक की समय-समय पर जांच करें तथा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मिथानॉल एंटीडॉटस की उपलब्धता सुनिश्चित करें। डॉ. सोनी ने उद्योग विभाग के अधिकारी को मिथानॉल एवं मिथानॉल आधारित उत्पादों के निर्माताओं व विक्रेताओं को जारी अनुज्ञापत्रों के आधार पर सूचीबद्ध कर जांच करने के निर्देष देते हुए कहा कि अवैध रूप से बिना अनुज्ञापत्र मिथानॉल आधारित उत्पाद (पेण्ट, वार्निश, प्लास्टिक सामान, हेण्ड सेनेटाईजर) का निर्माण करने वाली इकाईयों के विरूद्ध जांच कर आवष्यक कार्यवाही करें तथा समस्त औद्योगिक इकाईयों का निरीक्षण कर उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

जिला कलक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेषक को जिले में नवजीवन योजना में चयनित परिवारों को विभिन्न परिलाभ (स्थाई संरचना निर्माण, कौशल प्रशिक्षण, शिक्षण व्यवस्था) उपलब्ध करवाने तथा आबकारी व पुलिस विभाग से अवैध शराब के धन्धे में लिप्त चयनित जातियों के परिवारों की नवीनतम सूची प्राप्त कर उन्हें लाभांवित किये जाने वाले परिवारों में शामिल करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देष देते हुए कहा कि राजमार्गों से होकर गुजरने वाले मिथाईल एल्काहोल के टैंकरों की जांच करें तथा वैध कागजात नहीं पाये जाने पर पुलिस/आबकारी के माध्यम से कार्यवाही करना सुनिष्चित करें। साथ ही शराब परिवहन करने वाले वाहनों की जांच कर वैध कागजात नहीं पाये जाने पर पुलिस/आबकारी विभाग को सूचित कर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएं।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया, जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी, षिक्षा विभाग के बस्तीराम सांगवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेषक रामदयाल मांजू तथा आबकारी विभाग व उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। नागौर अर्पण की ,तर्पण की , भक्ति की , लोकदेवताओं की , शौर्य की भूमि है । यह धरा खनिज सम्पदा से भरपूर है । ग्रामीण क्षेत्र 80 प्रतिशत से ज्यादा है , कृषि , पशुपालन , पर्यटन , लोक संस्कृति सभी के लिहाज से हमारे पास गर्व करने लायक बहुत कुछ है।
इतना कहने का , इतना बोलने का और अपनी बात रखने का जो मौका मिला हैं , हम पढ़ते हैं , हमने सुना है कि जिस आजादी की सांस की हम बात करते हैं उसमें न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों के प्राणों का बलिदान समाया हुआ है । सोचते हैं कि यह तिरंगा झंडा फहराता है वो किसी हवा की वजह से नहीं बल्कि उन शहीदों के अंतिम सांस से और उनकी उस भावना से जो जयहिंद- जयहिंद कहकर उन्होंने व्यक्त की थी। देश की आजादी की महत्ता से ओतप्रोत इन शब्दों का ताना-बाना जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जनमानस के समक्ष पिरोया और जिला स्टेडियम में बैठा हर कोई जन इन्हें भावविभोर हो सुन रहा था।

भारत की आजादी की वर्षगांठ पर नागौर के राजकीय स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण से उपजी विपरीत परस्थितियों में भी टीम नागौर ने हर क्षेत्र में बेहतरीन काम देकर आमजन की सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया । उन्होंने यहां मौजूद जनप्रतिनिधियों , अधिकारियों व कर्मचारियों और गणमान्यजन से आह्वान किया कि नशे रूपी बुराई को मिटाने के लिए गांव-ढाणी तक घर-घर जागरूकता लाएं । जनजागरण से ही नशे रूपी बुराई से आजादी पाई जा सकती है ।
डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि नशे से आजादी पाने के लिए नागौर जिले में सरकारी स्तर पर तो अभियान के रूप में काम हो रहा है लेकिन इसके लिए हम सभी को व्यक्तिगत , सामुदायिक स्तर पर प्रयास करने होंगे । जागृति भरे साहित्यिक शब्दों में अपना संदेश देते कहा कि ‘‘पूरी जमीन साथ दे तो और बात है , हम एक-दूजे का जरा सा भी साथ दें तो और बात है , चलने को चल लेते हैं एक पांव पर , पर दूसरा पांव भी साथ दें तो और बात है , यह दूसरा पांव इस नागौर के प्रत्येक उस व्यक्ति का है जिसके मन में यह भावना है कि मैं शौर्य की इस भूमि को नशा से मुक्ति दिलाना चाहता हूं ।” जिला कलक्टर ने आमजन को संदेश दिया कि नकारात्मकता और निराशाओं को दूर करो , कमी मत ढूंढो , अच्छाई ढूंढो।
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कोरोना संक्रमण काल में आमजन के रक्षार्थ काम करने वाले जनप्रतिनिधियों , सरकारी अधिकारियों , कर्मचारियों , गांव-ढाणी तक बैठी एएनएम , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी तक के योगदान तक की सराहना की। उन्होंने जिले के सर्वांगीण विकास और कोरोना काल में आमजन को राहत प्रदान करने के लिए सहयोग देने वाले भामाशाहों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। डाॅ. सोनी ने सभी मिलकर काम करें और सांस्कृतिक विरासत की इस मिट्टी की खुशबू को दूर तलक फैलाएं। गुमनामी की जिदंगी को दूर कर नया इतिहास लिखें और इतिहास की पुस्तक में नए पन्ने जोड़ना और उसमें श्याही लिखना , यह सब की जिम्मेदारी है ।
देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि गत वर्ष 2020 में स्वाधीनता दिवस समारोह के अवसर पर नागौर की धरा पर जो संकल्प लिए गए , वे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं । बात चाहे जिला स्टेडियम को माॅडल स्टेडियम के रूप में विकसित करने की हो या फिर किसानों को खेतों तक सुगम मार्ग मुहैया करवाने के लिए चलाया जा रहा रास्ता खोलो अभियान या फिर बच्चों में कुपोषण दूर करने का अभियान लाडेसर, सभी कार्य जनप्रतिनिधियों व भामाशाहों के सहयोग व टीम नागौर के अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत से सफलता के पायदान पर है। कोरोना के संक्रमण की लहर से निबटने के लिए टीम हैल्थ नागौर ने जो काम किया , वो भी काबिलेतारीफ है ।
देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने ध्वजारोहण कर परेड का निरीक्षण किया व मार्चपास्ट की सलामी ली। इसके बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया ने राज्यपाल का जनता के नाम अभिभाषण को पढ़ा। अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण के पठने के बाद पुलिस के जवानों द्वारा आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया। इस मौके पर मांगीलाल देवड़ा एण्ड पार्टी की ओर से नागौर की लोकसंस्कृति का प्रस्तुतिकरण करने वाला लोकगीत प्रस्तुत किया गया।
जिला स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से रेशमा एण्ड टीम ने राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम टीसी की प्रशिक्षणार्थी छात्राओं में गली कुमारी मीणा व उनकी टीम ने कोरोना की रोकथाम व बचाव से जुड़े जागरूकता गीत पर संगीतमयी अभिनय नाटिका प्रस्तुत की। इसके बाद कार्यक्रम के अंत में अर्चना चौहान व रजनी पुरोहित ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मंच संचालन मोहम्मद शरीफ छींपा व सुनीता चौधरी ने किया।

जिला स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के दौरान जिले के भामाशाहों, समाजसेवियों, कलाकारों, प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इन सभी को जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी, पुलिस अधीक्षक अभिजीतसिंह व अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर जिला कलक्ट्रेट सहित सभी सरकारी कार्यालयों में प्रभारी अधिकारियों ने ध्वजारोहण किया। जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर अपने आवास पर तथा इसके बाद सुबह आठ बजे जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में ध्वजारोहण किया। जिला पुलिस अधीक्षक अभिजीतसिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद हीरालाल मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया, जिला रसद अधिकारी पार्थसारथी आदि जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में ध्वजारोहण किया और तिरंगे को सलामी दी।
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विनय एक्सप्रेस समाचार,नागौर। जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अभिनव पहल अभियान लाडेसर ने रंग दिखाना शुरू किया कर दिया है । एक माह के फोलोअप से यह पता चला है कि इस अभियान से 699 बच्चों को अत्यधिक लाभ पहुंचा है । यह अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों की श्रेणी से निकलकर सामान्य बच्चों की श्रेणी में आ गए हैं । उल्लेखनीय है कि नागौर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी द्वारा 27 मई से नागौर जिले में अभियान लाडेसर का शुभारंभ किया गया । इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से जिले के नौनिहालों को सुरक्षित रखना था। इसके लिए जरूरी था कि उन में कुपोषण और एनीमिया को पहचान कर समय रहते इलाज किया जाए और उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास किया जाए ।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आईसीडीएस , चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग के समन्वित इस कार्यक्रम में जीरो से 5 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग करके उनमें से अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों को चिह्नित करना था । इसी प्रकार से इससे अधिक उम्र के बच्चों विशेष रूप से रक्ताल्पता वाली किशोरी बालिकाओं को भी चिह्नित करके उनका डेटाबेस तैयार करना व उनको फोलिक एसिड , आयरन की टेबलेट भी उपलब्ध करवाना इस अभियान में शामिल रहा । साथ ही जीरो से 5 वर्ष तक के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को भामाशाहों के सहयोग से लाडेसर पोषण किट उपलब्ध करवाना था। इस लाडेसर पोषण किट में चार प्रकार की दालें , गुड़ , चावल , भुने हुए चने , मूंगफली व सोयाबीन का तेल शामिल था ।
इस अभियान लाडेसर में 13 ब्लॉकों के 5 वर्ष से कम 395186 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से 144 बच्चों को अति कुपोषित व 4010 बच्चों को कुपोषित बच्चों के रूप में चिह्नित किया गया । इसमें सर्वाधिक नागौर ब्लॉक में 51662 व मकराना ब्लॉक में 50810 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई । आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी द्वारा वेट मशीन से वजन लेकर एवं एमयूएसी टेप मिड अपर आर्म सरकम्फ्रेंस टेप , मध्य ऊपरी बांह नापने की टेप के माध्यम से इन बच्चों की पोषणता जांच की गई तथा ऐसे अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों को लाडेसर पोषण किट के द्वारा पौष्टिक आहार से भी संबल दिया गया । साथ ही अतिकुपोषित बच्चों को जिला चिकित्सालय के एमटीसी वार्ड में भी भर्ती करके पोस्टिक आहार व मेडिसिन से भी इलाज किया गया । एक माह तक दिए गए लाडेसर पोषण आहार से नागौर ब्लॉक में 138 , रिंया बड़ी ब्लॉक में 169 बच्चे अति कुपोषित व कुपोषित श्रेणी से निकलकर सामान्य बालकों की श्रेणी में आ गए । इसी प्रकार डीडवाना ब्लॉक का आंकड़ा भी सौ के पार रहा । वही नावां व परबतसर ब्लॉक में भी सराहनीय कार्य रहा । अब पूरे जिले में 79 अति कुपोषित व 3376 कुपोषित बच्चे शेष रहे हैं । इस प्रकार कुल 3455 बालकों को पोषण की दृष्टि से सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य शेष है जिनका प्रत्येक एक-एक माह के अंतराल पर फॉलो अप किया जाना है । इसलिए कहा गया है लक्ष्य तक पहुंचे बिना , पथ में पथिक विश्राम कैसा ।।
अभियान लाडेसर के नोडल अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना नागौर के सीडीपीओ दुर्गा सिंह उदावत ने फॉलोअप के परिणाम जारी करते हुए बताया अभियान लाडेसर के तहत चिह्नित बालक बालिकाओं में इस पोषण किट का और चिकित्सा सुविधाओं का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है ।
जो इस बात से स्पष्ट है कि जिले के 144 अति कुपोषित बच्चों में से इस अल्पावधि में एमटीसी पर उपचार के पश्चात 12 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं वहीं घर पर लाडेसर पोषण किट का उपभोग करते हुए एवं विशेष देखरेख के चलते 53 बच्चे अति कुपोषित से कुपोषित की श्रेणी में यानी रेड जोन से येलो जोन में शिफ्ट हो गए हैं । वही 4010 कुपोषित बच्चों में से लाडेसर पोषण किट का उपयोग करते हुए एवं विशेष देखरेख के चलते 687 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं।
354 किशोरी बालिकाएं रक्ताल्पता की श्रेणी से निकली बाहर -हुई सामान्य
वहीं एनीमिक किशोरी बालिकाओं में भी सुधार नजर आया है । अब तक कुल 2049 किशोरी बालिकाएं रक्ताल्पता से पीड़ित पाई गई थी । उनमें से 354 बालिकाएं रिकवर हो चुकी है । इसका अगला फॉलोअप 1 से 7 अगस्त के मध्य होना है और अगर इसी तरह से इन बच्चों को विशेष पूरक पोषाहार और चिकित्सकीय देखभाल जारी रही तो वह दिन दूर नहीं जब नागौर जिला देश का ऐसा प्रथम जिला हो जाएगा, जो पूरी तरह से कुपोषण मुक्त कहलाएगा ।
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विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। जिला कलक्टर (भू.अ.) डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकाॅर्ड माॅर्डनाईजेशन कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्व रिकाॅर्ड को आॅनलाइन किया जा रहा है। डाॅ. सोनी ने बताया कि ऑनलाइन तहसीलों में आम काश्तकार घर बैठे जमाबंदी, खेतो के नक्शें एवं गिरदावरी नकल ऑनलाइन प्राप्त कर सकते है। इसमें काश्तकार द्वारा प्रस्तुत ई-साईन राजस्व रिकाॅर्ड किसी भी कार्यालयध्न्यायालय में मान्य होंगे।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन तहसीलों में पटवारी से राजस्व रिकाॅर्ड प्रस्तुत करने हेतु ई-साईन युक्त राजस्व रिकाॅर्ड निर्धारित शुल्क के साथ अपना खाता वेबसाइट apnakhata.raj.nic.in पर या धरा ऐप्प से स्वयं या ई-मित्र से प्राप्त कर सकते है तथा केवल देखने के लिए बिना किसी शुल्क देख सकते है। ऑनलाइन तहसीलों में नामांतरकरण भी ऑनलाइन ही दर्ज हो रहे है। जिसके अंतर्गत काश्तकार अपना खाता वेबसाईट पर नामांतरकरण के लिए ऑनलाईन आवेदन भी कर सकते है।

साथ ही पंजीयन दस्तावेज पटवारी को उपलब्ध करवाने की आवश्यकता नहीं रहती। जैसे ही पंजीयन कार्यालय में किसी कृषि भूमि का पंजीयन होता है, स्वतः ही नामांतरकरण दर्ज हो जाता है। इस संबंध में डाॅ. सोनी ने बताया कि आमजन अपने क्षेत्र में ऑनलाइन सेवाओं को अधिक से अधिक उपयोग में लेकर इसका लाभ प्राप्त कर सकते है।


विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट में भारत निर्माण राजीव सेवा केंद्र सभागार में जिला जनअभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें रखे गए 17 प्रकरणों में 1 प्रकरण में निराधार शिकायत पाये जाने पर इस पर विचार नहीं किया गया तथा शेष अन्य प्रकरणों पर विचारोपरांत संबंधित अधिकारियों को जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने उपखण्ड़ अधिकारी मकराना एवं खनिज अभियंता मकराना से संबंधित प्रकरण श्रीमती मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय किशन द्वारा आवाप्त की गई कृषि भूमि का मुआवजा भुगतान नहीं मिलने के प्रकरण में अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लाभार्थी को भुगतान करा दिए जाने के लिए इन अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रशंसा की गई।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नागौर के 2 प्रकरण जो हरसौल तहसील डेगाना के तेजकरण व कैलाशचन्द्र पुत्र स्व. औकारलाल सोनी के प्रधानमंत्री आवास योजना (बीपीएल परिवार) में भूखण्ड़ आबादी क्षेत्र में दिए जाने का निर्णय लिया गया और इस परिवार को आगामी बैठक से पूर्व लाभान्वित कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से संबंधित 1 प्रकरण रामावि मांझवास का परिक्षा परिणाम खराब होने के लिए सामने आया जिस पर जिला कलक्टर ने शिक्षा अधिकारी को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में नागौर शहर के देहली गेट स्थित आराजी वक्फ सम्पति से संबंधित कार्यवाही की शिकायत निराधार पाये जाने पर इस प्रकरण को बंद करने का निर्णय लिया गया। बैठक में डेगाना तहसील से संबंधित 1 प्रकरण कोर्ट में लंबित होने के कारण विचार नहीं किया जा सका।

इस बैठक में उपखण्ड़ अधिकारी जायल, नावां, मेड़ता, मकराना, डीडवाना एवं तहसीलदार खींवसर व डेगाना, साथ ही कोषाधिकारी व उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त जिला परियोजना समंवयक, विकास अधिकारी पंचायत समिति लाडनूं व मकराना से संबंधित प्रकरण विचार विमर्श के लिए प्रस्तुत किए गए।
इस बैैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जवाहर चौधरी, सहायक जिला कलक्टर रामजस विश्नोई, सीएमएचओ मेहराम महिया, नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी, सहायक निदेशक समाज कल्याण रामदयाल, शिक्षा विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





विनय एक्सप्रेस सामचार, नागौर। जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी शनिवार को बासनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। यहां उन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर गणमान्य जनों की बैठक ली।
सामुदायिक बैठक में जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बासनी गांव के गणमान्यजनों से कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता लाने की अपील की। बैठक में मौजूद युवा जनों से जिला कलक्टर ने कहा कि वे सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित आयु वर्ग के लोगों को प्रेरित करें और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विकसित किए गए कोविड-19 टीकाकरण सत्र में लेकर आएं।

जिला कलक्टर ने बीएलओ को निर्देश दिए कि वे आगामी एक अप्रेल से कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर निर्धारित गाइडलाइन के मुताबिक निर्धारित आयु वर्ग के लोगो के साथ-साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र के वे लोग अब तक टीकाकरण से वंचित हैं, उनको टीकाकरण सत्र तक लेकर आने के निर्देश दिए। डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने उचित मूल्य के दुकानदार व ई मित्र संचालकों को निर्देश दिए कि वे आमजन में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता लाने का काम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने इसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, स्टाॅफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा आशा सहयोगिनी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कोरोना सैम्पलिंग व आमजन को कोविड-19 गाइडलाइन व सैम्पलिंग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंध राजीव सोनी, एपीडेमोलाॅजिस्ट साकिर खान, डाॅ. शादाब अली, सीएचसी बासनी के चिकित्सा प्रभारी डाॅ. राजेश दैया मौजूद थे।

वहीं दूसरी ओर जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार उपखण्ड अधिकारियों तहसीलदारों ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर निर्धारित टीकाकरण सत्रों का निरीक्षण किया। इन अधिकारियों ने कोरोना वैक्सीनेशन से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो, के लिए गणमान्यजनों की बैठक भी ली। रियांबड़ी के उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार ने सथाना कलां, जीजासनी, कुचामन सिटी के उपखण्ड अधिकारी बीएल चैधरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कुकनवाली, तहसीलदार ने चितावा के राजकीय चिकित्सा संस्थान, मूंडवा के तहसीलदार पी.आर. पूनिया ने बीठवाल, कड़लू तथा झुझंडा व डीडवाना के उपखण्ड अधिकारी हनुमान चैधरी ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर विभिन्न जगहों पर आमजन की बैठक ली व कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर प्रेरित किया। इस दौरान चिकित्सा संस्थानों में मौजूद चिकित्सा अधिकारियों व स्टाॅफ को उपखण्ड अधिकारियों व तहसीलदारों ने कोरोना वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के साथ-साथ टारगेटेड ग्रुप को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने राजस्थान पथ परिवहन निगम के नागौर आगार मुख्य प्रबंधक को निर्देश दिए कि बसों का निर्धारित बस स्टैण्ड पर स्टोपेज सुनिश्चित हो ताकि स्कूली व काॅलेज छात्राओं को परेशानी का सामना नहीं पड़े। डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने उप वन संरक्षक को वनारक्षित क्षेत्रों में वन विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और विभिन्न तरह के वानिकी कार्यों से जुड़े लक्ष्य निर्धारित करते हुए उन्हें तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक पशुपालन ने पशु मेला मैदान की चारदीवारी और नंदीशाला से जुड़ी कार्ययोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्हें पशुओं के कृ़ित्रम गर्भाधान प्रक्रिया का पूरा प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।

जिला कलक्टर ने रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक को निर्देश दिए कि एनएफएसए में अपात्र लोगों के नाम हटाने के साथ-साथ सरकारी गेहूं का दुरूपयोग करने वालों से 10 अप्रेल तक पूर्ण वसूली करने के निर्देश दिए। डाॅ. सोनी ने टांकला गांव में हथकरघा उद्योग की दरियों का सोशल मीडिया के जरिए पूर्ण प्रचार-प्रसार जारी रखने के निर्देश दिए और इससे संबंधित अब तक की प्रगति रिपोर्ट भी ली।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बिजली, पेयजल आपूर्ति, परिवहन, सार्वजनिक निर्माण सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया, अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता आर.बी.सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीशचंद्र व्यास सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
