js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170
इन विद्यालयों में प्रत्येक गतिविधि का प्रभावी तरीक़े से संचालन तथा मॉनिटरिंग का उतरदायित्व निर्धारित किया जाए ।
बैठक में प्रदेश के विद्यालयों में बालिकाओं के लिए ” टीचर मेंटोरशिप ” प्रोग्राम को लागू करने पर चर्चा की गई ।
बैठक में निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री आशीष मोदी , संयुक्त शासन सचिव श्री किशोर कुमार सहित राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अधिकारी उपस्थित रहे
आरएससीईआरटी सहित अन्य विभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े ।
]]>




![]()
गौरतलब है कि डॉ. प्रेम प्रताप व्यास वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय किलचू देवड़ान में राजस्थान सरकार को बतौर वरिष्ठ अध्यापक, गणित विषय में अपनी शैक्षणिक सेवाएं प्रदान कर रहें है।













विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। राज्य बालिका नीति के क्रियान्वयन हेतु गठित जिला स्तरीय समिति एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। समिति अध्यक्ष एवं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक जिला कलक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में सबसे पहले सदस्य सचिव एवं उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग जितेन्द्र शर्मा द्वारा 25 फरवरी को आयोजित बैठक की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात आगामी समय में आयोजित होने वाली गतिविधियों तथा ब्लॉक टास्क फोर्स से संबंधित बैठक की कार्ययोजना व क्रियान्वयन के निमित्त चर्चा हुई।

इस अवसर पर बैठक में जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने कहा कि जिले के सभी विभागों में महिला उत्पीड़न रोकने हेतु समितियों का गठन शत-प्रतिशत किया जाएं, बेटियों के प्रति लापरवाही रखने वालों से ज्यादा असंवेदनशील कोई नहीं हो सकता। साथ ही 15 अगस्त तक जिला एवं तहसील स्तर पर विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में कार्यशाला आयोजित करवाने तथा इसमें महिलाओं व बालिकाओं की अधिकतम सहभागिता का प्रयास सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने विभिन्न ब्लाॅक व जिला स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों की संपन्न बैठक की कार्य योजना व संख्या के प्रति भी संतोष प्रकट किया तथा सतत् रूप से इसके पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गौरव बिटिया डेस बोर्ड बनाने के संबंध में भी चर्चा की गई। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न शालाओं में 2800 से भी अधिक गौरव बिटिया डेश बोर्ड लगवाए जा चुके हैं। बैठक में तेजस्विनी, गरिमा हेल्पलाइन, सखी सेंटर एवं महिला सुरक्षा व परामर्श केंद्र के संबंध में भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने महिला अधिकारिता विभाग के माध्यम से बालिकाओं व महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर तथा विधिक जागरूकता शिविर भी अधिकतम संख्या में लगाने का निर्देश दिया ।

डाॅ. सोनी ने शिक्षा, चिकित्सा व पुलिस विभाग आदि द्वारा महिला अधिकारिता विभाग से समन्वय करके अपने-अपने विभागों में कार्यशाला व प्रशिक्षण शिविर लगाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली व विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली महिला आरक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी आदि को भी विभिन्न अवसरों पर सम्मानित करने का भी निर्देश दिया। विभिन्न सोनोग्राफी केंद्रों द्वारा जरूरतमंद बालिकाओं को गोद लेने पर जिला प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा इस हेतु गरिमामय कार्यक्रम के आयोजन पर भी बल दिया। साथ ही बालिकाओं के जन्म पर चिकित्सा विभाग द्वारा दिए जाने वाले अभिनंदन पत्र के कार्यक्रम को भी सतत रूप से चलाए रखने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर बैठक में उपस्थित सदस्यों के सुझावों के आधार पर जिला कलक्टर ने जिले में विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली एवं विभिन्न पदों को प्राप्त करने वाली बालिकाओं को जिले की ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने का आग्रह किया तथा विभिन्न अवसरों पर, विविध प्रशिक्षण शिविर व कार्यशालाओं में उन्हें प्रेरणादायी उद्बोधन के निमित्त निमंत्रित करने का भी निर्देश दिया। कोरोना की इन विषम परिस्थितियों में वर्चुअल माध्यम से भी बेटियों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही बेटियों के जन्मदिन पर विभिन्न विभागों द्वारा पौधरोपण आदि प्रेरणादायी कार्यक्रम समायोजित करने का भी सुझाव दिया।

बैठक में जिला कलक्टर ने शिक्षा, चिकित्सा व आईसीडीएस तीनों विभागों के समन्वित कार्यक्रम अभियान लाडेसर की चर्चा करते हुए जिले में 900 से भी अधिक किशोरी बालिकाओं के ड्रॉप आउट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को महिला एवं बाल विकास विभाग से सहयोग लेकर इस संबंध में सूची बनाकर स्टेट ओपन या राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के माध्यम से परीक्षा दिलाकर ड्रॉप आउट बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने का भी निर्देश दिया। बैठक में पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा आगामी वर्ष की कार्य योजना की भी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि 22 जनवरी 2015 को लागू बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा लिंग जांच प्रतिषेध एक्ट 1994 के तहत वर्ष 2017-18 में नागौर जिले को चुना गया। शिक्षा विभाग से इसमें यह अपेक्षा की गई कि शिकायत पेटी, सुझाव पेटी एवं गार्गी मंच की स्थापना के साथ ही सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत स्वच्छ शौचालय का निर्माण करवाया जाएं। इसी प्रकार अन्य विभागों को भी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष मनोज सोनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया, पीएमओ डॉ. शंकरलाल, सीडीपीओ दुर्गासिंह उदावत, सीओ गाइड मीनाक्षी भाटी, सीओ स्काउट अशफाक पंवार, डॉ. अनिल पुरोहित, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।