js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170डेल्फिक कॉउन्सिल ऑफ राजस्थान द्वारा हर शनिवार को आयोजित होने वाली डेल्फिक डायलाग श्रृंखला में इस शनिवार, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर दर्शकों को तकनीक के माध्यम से संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा के साथ-साथ साबरमती आश्रम का वर्चुअल टूर भी करवाया जाएगा। साबरमती आश्रम में आईटी विभाग के प्रमुख विराट कोठारी चर्चा के मुख्य सूत्रधार होंगे तथा फ़ुरक़ान खान इस बातचीत में शामिल होंगे।

डेल्फिक कॉउन्सिल ऑफ राजस्थान की अध्यक्ष और वन विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और गांधीजी के संघर्ष में साबरमती आश्रम का बड़ा महत्व है। बल्कि गांधीवादी विचारकों के लिये तो ये आश्रम तीर्थ जैसा है। ये वही आश्रम है, जहां से गांधीजी ने नमक सत्याग्रह की शुरुआत की थी और प्रण किया था कि वे अब साबरमती आश्रम तब ही लौटेंगे, जब भारत को आज़ादी मिल जाएगी। भारत को आज़ादी तो मिल गई लेकिन गांधी जी यहां फिर नहीं आ पाये ।

श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि जब तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर लगी समस्त पाबंदियां हट नहीं जातीं, तब तक डेल्फिक डॉयलॉग श्रृंखला के अंतर्गत संस्कृति और धरोहर संरक्षण के विभिन्न आयामों पर ऑनलाइन चर्चा और प्रदर्शन का कार्यक्रम जारी रहेगा ।

इसी क्रम में डेल्फिक और राजस्थान वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में फोटो प्रतियोगिता ‘टेक अ डेल्फी’ का आयोजन भी किया गया है। इसके तहत इको टूरिज्म के किसी भी पसंदीदा स्थल पर अपनी सेल्फी लेकर शेयर करने पर आकर्षक पुरस्कारों का प्रावधान है। इच्छुक उत्साही अपनी प्रविष्ट 31 अक्टूबर तक शेयर कर सकते हैं।

श्रीमती गुहा ने बताया कि डेल्फी आंदोलन एक अंतरराष्ट्रीय आंदोलन है, जिसके अंतर्गत संस्कृति से जुड़े सभी पहलुओं के संरक्षण के साथ-साथ मानव जाति की एकता और मानवीय मूल्यों की सर्वोपरिता पर ज़ोर दिया जा रहा है ।



