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ghar ghar aushadhi yojna – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Sun, 01 Aug 2021 14:45:06 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 घर-घर औषधि योजना : राज्य स्तरीय कार्यक्रम से वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर जुड़े उच्च शिक्षा मंत्री https://vinayexpress.in/2021/08/01/bkn-1107/ Sun, 01 Aug 2021 14:45:06 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11835 विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घर-घर औषधि योजना और 72 वें वन महोत्सव का रविवार को शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में राजीव गांधी सेवा केंद्र से उच्च शिक्षा मंत्री  भंवर सिंह भाटी, जिला प्रमुख  मोडाराम मेघवाल,  जिला कलेक्टर नमित मेहता, संभागीय मुख्य वन संरक्षक राजेश कुमार जैन, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक, एडीएम सिटी अरुण प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त एएच गौरी, उप वन संरक्षक रंगास्वामी ई, डीएफओ वीरेंद्र सिंह जोरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ. पी. चाहर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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72वां वन महोत्सव शुरू : अमृता देवी उद्यान में हुआ पौधरोपण, घर घर औषधि योजना का हुआ प्रारंभ https://vinayexpress.in/2021/08/01/nagaur-404/ Sun, 01 Aug 2021 14:11:03 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11823 विनय एक्सप्रेस समाचार,नागौर। राजस्थान सरकार द्वारा बजट घोषणा के अनुरूप घर घर औषधि योजना का प्रारंभ हुआ । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जयपुर में इसका शुभारंभ किया गया । इसी प्रकार सभी जिलों में भी 72 वें वन महोत्सव के साथ इस कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ । नागौर जिला मुख्यालय स्थित अमृता देवी उद्यान में जिला कलक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी के मुख्य आतिथ्य में इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । नगर परिषद नागौर की सभापति मीतू बोथरा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरणविद् व पदमश्री हिम्मताराम भांभू , अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया , जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी , सामाजिक कार्यकर्ता रामरतन बिश्नोई मंचस्थ अतिथि के रूप में मौजूद थे ।

इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ सोनी ने कहा राज्य स्तरीय महाअभियान के अंतर्गत नागौर जिले में लगभग 23 लाख पौधों का घर-घर वितरण किया जाएगा जिसमें 4 औषधीय पौधे तुलसी , गिलोय , अश्वगंधा व कालमेघ हैं जिनका आयुर्वेद में बहुत महत्व है । कोरोना की इस विषम परिस्थिति में यह हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाएंगे । नागौर जिले की 11 नर्सरी द्वारा इसका उत्पादन किया जा कर इस माह प्रथम चरण तथा अक्टूबर में द्वितीय चरण में वितरण होगा । इस योजना में नगर निकायों के आधे वार्ड तथा आधी ग्राम पंचायत शामिल होगी । वन विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है जिसमें रूट चार्ट व पौधों की संख्या भी शामिल है । इसमें शहरी क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया जाएगा कि जिनके पास भूमि कम है वह गमलों में ही इन पौधों को लगाएं । उन्होंने कहा कि जो किसी मान्यता के कारण से इन पौधों को नहीं लगाने की धारणा रखते हैं वह स्वस्थ सोच रखें और केवल इसका औषधीय महत्व देखें । यह जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुंचाएं । अनेक लोगों द्वारा तुलसी पत्रों को प्रसाद रूप में भी लिया जाता है लेकिन वर्तमान में हम इसे शारीरिक स्वास्थ्य के संदर्भ से ही लें । उन्होंने उपस्थित संवेदनशील जनप्रतिनिधियों से शहर का सौंदर्यीकरण व पर्यावरण के क्षेत्र में और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि बरसात के इस मौसम में जाति , मजहब व दलगत से ऊपर उठकर नागरिकों को इस बात के लिए तैयार करें कि वह मार्गो तथा भवनों के मध्य के खाली जगह में युक्तिसंगत तरीके से पौधे लगाएं जिससे आंखों को हरियाली देखकर सुकून मिल सके । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बा और बापू योजना जो कस्तूरबा गांधी तथा महात्मा गांधी से संबंधित है , के द्वारा सघन पौधरोपण का कार्य पंचायत राज विभाग द्वारा हाथ में लिया गया है ।

जिला कलक्टर ने जनप्रतिनिधियों से गोगेलाव कन्वर्शन क्षेत्र में निवास बनाने वाले जंगली पशुओं की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे शहर व गांव के फैंफड़े हैं । इसलिए इनको बचाने के निमित्त काम करें । उन्होंने स्काउट व गाइड टीम को भी इस संबंध में सहयोग करने का आग्रह किया । जिला कलक्टर ने गोगेलाव रोड पर स्थित तारबंदी वन क्षेत्र में उगे बबूल के पेड़ों के स्थान पर अन्य पौधे रिप्लेस करने का भी निर्देश दिया ।
पार्क का करें विस्तार , सौंदर्यकरण पर दें जोर
जिला कलक्टर ने अमृता देवी उद्यान के विस्तार पर बल दिया । उन्होंने नगर परिषद व राजस्व कार्मिकों से पार्क में आने वाले रास्तों के और विकल्प तलाश करने का भी निर्देश दिया । उन्होंने पार्क को तारबंदी से सुरक्षित रखने तथा इसके संरक्षण के निमित्त सीमेंट पत्थर से युक्त खंभे जनसहयोग से बनाने का भी आह्वान किया । इस पर परिषद उपसभापति सदाकत अली ने 25 , पार्षद भरत टाक , पदमश्री भांभू , राकेश सेन , पार्षद गोविंद कड़वा , ललित लोमरोड़ व हरिराम ने 10-10 खंबे निर्माण हेतु अपनी ओर से सहयोग करने की घोषणा की ।

इस अवसर पर अपने संबोधन में सीईओ चौधरी ने कहा कि पौधरोपण के माध्यम से एक धरती एक आसमान की परिकल्पना साकार होगी । उन्होंने मायड़ भाषा में कहा कि मिनखां री माया , पेड़ा री छाया , निरोगी रैवे काया इस घर-घर औषधि अभियान से सार्थक होगी । पदमश्री हिम्मतराम भांभू ने कहा कि कितना भी विकास हो लेकिन वह प्राणवायु ऑक्सीजन नहीं दे सकता । पेड़ पौधे में सर्व पंथ समभाव होता है । इसलिए पेड़ लगाने का पवित्र कार्य करें और उसे संरक्षित करते हुए वृक्ष का भी रूप दें । अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया ने कहा कि पौधों से प्राणवायु ऑक्सीजन प्राप्त होती है जो प्राकृत होती है । कोरोना की द्वितीय लहर ने बता दिया कि शरीर के लिए पौधों की प्राकृत व ताजी हवा जरूरी है जबकि अस्पतालों में मिलने वाली प्राणवायु कृत्रिम होती है । कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति नीतू बोथरा ने कहा कि 72 वें वन महोत्सव के आयोजन से हमें यह संदेश लेना चाहिए कि वृक्ष ही जीवन है । कोरोना के बाद में इनकी महत्ता और बढ़ गई है । कार्यक्रम में पर्यावरणविद रामरतन बिश्नोई ने भी अपने विचार व्यक्त किए । जिला वन संरक्षण अधिकारी ज्ञानचंद मकवाना ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि रखी । इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी भंवराराम सियाक, सीओ स्काउट अशफाक पंवार , सीओ गाइड मीनाक्षी भाटी , पार्षद नवरत्न बोथरा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने एक एक पौधा लगाया । कार्यक्रम में उद्यान में 400 पौधे लगाए गए ।


कार्यक्रम के पश्चात जिला कलक्टर व वन विभाग अधिकारियों द्वारा मंगलम नगर के समीप स्थित पार्षद गोविंद कड़वा के आवास से घर-घर औषधि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया । जिला कलक्टर द्वारा स्वास्थ्य भवन में गिलोय का पौधा भी लगाया गया । कार्यक्रम में सभापति बोथरा द्वारा अश्वगंधा व कालमेघ का पौधा भी लगाया गया ।

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अब होगा औषधि पौधों से इम्यूनिटी का विकास : घर-घर औषधि योजना को लेकर नागौर जिला प्रशासन एवं वन विभाग तैयारीयां पूर्ण https://vinayexpress.in/2021/07/30/nagaur-dcf-news/ Fri, 30 Jul 2021 12:18:19 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11802 विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। कोरोना महामारी में मील का पत्थर साबित होने वाली घर.घर औषधि योजना को लेकर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर कार्य योजना तैयार की गई।

file photo

उप वन संरक्षक ज्ञानचन्द ने बताया कि घर.घर औषधि योजना मुख्यमंत्री के बजट भाषण की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर शरीर को स्वस्थ एवं निरोग बनाना है। उन्होंने बताया कि हमारी संस्कृति में औषधीय पौधों की काफी महत्वता रही है। योजना के तहत तुलसीए अश्वगंधा, गिलोय तथा कालमेघ के औषधीय पौध तैयार किए जा रहे है। उप वन संरक्षक ने बताया कि जिलेभर में इस योजना के तहत 23ण्05 लाख पौधे तैयार किए जा रहे है तथा 1 अगस्त को जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय वन महोत्सव आयोजित कर घर.घर औषधि पौधों के वितरण का शुभारम्भ करेगें। इसके तहत प्रत्येक परिवार इन औषधीय पौधों को निःशुल्क प्राप्त कर अपने घर, आंगन अथवा गमले में अवश्य लगाकर औषधीय गुणों का लाभ उठावें। उन्होंने बताया कि पौध वितरण में सभी विभागों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। इस प्रकार जिले के कुल 5 लाख 76 हजार 269 परिवारों ;जनगणना वर्ष 2011 को वर्ष 2021-22 में कार्य योजना अनुसार 50 प्रतिशत 2 लाख 88 हजार 135 परिवारों दो चरणों में, अगस्त व अक्टूबर 8 पौधे प्रत्येक प्रजाति के 2 पौधे दिए जाएंगे।

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पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर स्वास्थ्य की संकल्पना साकार करेगी घर-घर औषधि योजना : प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने की घर-घर औषधि योजना के तैयारियों की समीक्षा https://vinayexpress.in/2021/07/08/forest-dept-news/ Thu, 08 Jul 2021 15:06:07 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11252 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। घर-घर औषधि योजना की तैयारियों की समीक्षा के लिए वर्चुअल बैठक गुरुवार दोपहर बाद अरण्य भवन में वन एवं पर्यावरण विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान श्रीमती गुहा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उप वन संरक्षकों के साथ योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में योजना से जुड़ी सभी तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए श्रीमती गुहा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा है कि घर-घर औषधि योजना के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आमजन औषधीय पौधों का उपयोग करते हुए अपने परिवार का स्वास्थ्य बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि वितरण के लिए नर्सरी में औषधीय पौधे तैयार हो चुके हैं। वन विभाग के स्टाफ ने पौधे तैयार करने में कड़ी मेहनत की है और विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए योजना की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जा रही है। इन सब प्रयासों की बदौलत योजना को लेकर प्रदेश भर में सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने इसी सकारात्मकता को बनाए रखते हुए सभी से योजना की सफलता में योगदान देने का आह्वान किया।

बैठक में श्रीमती गुहा ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत पौध वितरण की जिम्मेदारी जिला कलक्टर के स्तर पर पूरी की जानी है। पौध वितरण के बाद संबंधित जानकारी मॉनिटरिंग फॉर्मेट में संधारित की जाएगी। इस दौरान श्रीमती गुहा ने सभी उप वन संरक्षकों से योजना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन-बल प्रमुख) श्रीमती श्रुति शर्मा ने मानसून की देरी के मद्देनजर नर्सरी में तैयार पौधों को धूप से बचाने के लिए निर्देश दिए।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि वन विभाग द्वारा वितरण टीम के माध्यम से स्वस्थ पौधे आमजन तक पहुंचाए जाएंगे। इसलिये उनके वितरण और निगरानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। पौध वितरण के संभावित रूट चार्ट सहित अन्य व्यवस्थाएं जल्दी पूर्ण की जाएं।

इसके अलावा डॉ. पाण्डेय ने विभागीय पौधारोपण के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि योजना को लेकर जैसा उत्साह अभी तक देखा जा रहा है, उसे बरकरार रखते हुए सभी मिलकर योजना को सफल बनाएं।

इसके पश्चात घर-घर औषधि योजना क्रियान्वयन समिति की बैठक प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन-बल) प्रमुख श्रीमती श्रुति शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर एपीसीसीएफ (कैंपा) श्रीमती शिखा मेहरा, एपीसीसीएफ (उत्पादन) श्री आनंद मोहन, एपीसीसीएफ (विकास) श्री अरिंदम तोमर, एपीसीसीएफ (सुरक्षा) श्री वेंकटेश्वर शर्मा, एपीसीसीएफ (वन सुरक्षा) श्री उदय शंकर, एपीसीसीएफ (मॉनिटरिंग एंड इवेलुएशन) श्री मुनीश कुमार गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे जबकि सीसीएफ़, घर-घर औषधि योजना से जुड़े जिला और ब्लॉक स्तर तक उपलब्ध वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की राजकीय सुविधा के माध्यम से अधिकारी ऑनलाइन जुड़े रहे।

इस बैठक की विशेष बात यह रही कि इसमें वन विभाग का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी सम्मिलित हुए। फील्ड लेवल के प्रत्येक वनरक्षक, वनपाल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, सहायक वन संरक्षक, उप वन संरक्षक, वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

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