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विनय एक्सप्रेस शैक्षणिक समाचार, बीकानेर। सात राज बटालियन के लगभग चार सौ कैडेट्स को जिला प्रशासन की ओर से ‘कोरोना वारियर्स’ के रूप में मनोनीत किया गया है। यह कैडेट्स शहर भर में आमजन को ‘कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर’ के लिए प्रेरित करेंगे। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को इन कैडेट्स को कैप पहनाई तथा बैज लगाया तथा कहा कि सभी कैडेट्स पूर्व की भांति जीवन रक्षा के पुनीत उद्देश्य के साथ आमजन के बीच जाएं और उन्हें मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने तथा कोरोना से बचाव के प्रति प्रेरित करने का काम करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए जागरूक रहना तथा कोविड प्रोटोकॉल की पालना करना बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन की जॉइंट एनफोर्समेंट टीमों द्वारा लगातार सख्ती बरती रहा है। इसके बावजूद आमजन को जागरूक करने के लिए आईईसी की गतिविधियों का भी सतत आयोजन किया जा रहा है। इस श्रृंखला में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड तथा सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि भी ‘कोरोना वारियर्स’ के रूप में काम करेंगे और आमजन को प्रेरित करेंगे।

नगर निगम आयुक्त ए.एच. गौरी ने कहा कि एनसीसी कैडेट्स ने पूर्व में कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी प्रभावी सेवाएं दी थी। सभी एक बार फिर पूर्ण मनोयोग के साथ जुटें और जन-जन तक कोरोना से बचाव का संदेश पहुंचाने का प्रयास करें।
जागरूकता अभियान समन्वयक राजेंद्र जोशी ने कहा कि जागरूकता अभियान की बदौलत पूर्व में भी कोरोना संक्रमण पर प्रभावी अंकुश पाया गया था। एक बार फिर जागरूकता अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाएगा।

सात राज बटालियन के सूबेदार जी.बी. भाई ने कहा कि सभी कैडेट्स बुधवार से अलग-अलग क्षेत्रों में आमजन को जागरूक करेंगे तथा कोविड प्रोटोकॉल की अवहेलना करने वालों को ‘टोकेंगे’। इस दौरान जिला कलेक्टर ने एनसीसी कैडेट और सिविल डिफेंस के प्रतिनिधियों को बैज लगाए और कैप पहनाई।
उन्होंने बताया कि उनका परिवार 29 अक्टूबर को पाॅजिटिव आया और घर पर ही इलाज ले रहे थे। घर के बाकी सभी सदस्य तो ठीक होने लगे, लेकिन उनका एचआरसीटी स्कोर 16 हो गया। यह परिवार के लिए चिंताजनक था। ऐसे में डाॅक्टर की सलाह के बाद वह भर्ती हो गए। वहां भर्ती होेने के साथ ही चिकित्सा की अच्छी सुविधाएं मिली। डाॅक्टरों ने नियमित देखभाल की और आवश्यकता होने पर हर बार फोन पर भी रेसपोंस किया। नर्सिंगकर्मियों ने भी बराबर देखभाल की।
पुरोहित ने बताया कि इस दौरान जिला कलक्टर ने भी दो बार विजिट की और व्यवस्थाओं को देखा और इन सभी प्रयासों के कारण 11 नवंबर को उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। हालांकि पोस्ट कोविड प्रभाव के कारण कुछ दिन थकान और हल्की दिक्कत रही, लेकिन इस दौरान भी चिकित्सकों का मार्गदर्शन लगातार लेते रहे। उन्होंने कहा कि अब वह वक्त पीछे रह गया है और एक बार फिर जीवन की गाड़ी गति पकड़ चुकी है। इसके लिए उन्होंने सरकार और प्रशासन का आभार जताया।