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health article – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Fri, 08 Oct 2021 18:38:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 क्या है डेंगू बुखार, बच्चों एवं वयस्क रोगीयों को किस प्रकार रखनी चाहिए सवाधानियां ? पढ़िए डॉ राहुल व्यास का यह आलेख https://vinayexpress.in/2021/10/07/dr-rahul-vyas-health-article/ Thu, 07 Oct 2021 18:33:09 +0000 https://vinayexpress.in/?p=16434 विनय एक्सप्रेस स्वास्थ्य आलेख । वर्तमान में लगातार डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए विनय एक्सप्रेस की स्वास्थ्य टीम ने अपने पाठकों के लिए डेंगू बुखार के प्रति जागरूकता बरतने और बुखार होने पर सावधानि बरतने उद्देश्य से चिकित्सा अधिकारी एवं युवा डॉ राहुल व्यास के सहयोग से हैल्थ आर्टिकल प्रकाशित कर रही है ताकि पाठकों को डेंगू बुखार के बारे में वो सारी जानकारी प्राप्त हो सकें जिससे डेंगू बुखार से पूर्व जागरूक होकर अपना बचाव कर सकें और डेंगू बुखार से पीडीत रोगीयों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए इस संबंध में जानकारी प्रदान कर सकें, छोटे बच्चों पर भी डेंगू बुखार का क्या असर पड़ता है और किस प्रकार सावधानी बरतनी चाहिए इस विषय में भी डॉ. राहूल व्यास सरह एवं सहज भाषा में आम नागरिकों के लिए लिखा आलेख प्रस्तुत है : :

क्या है बुखार

जब हमारे शरीर पर कोई बैक्टिरिया या वायरस हमला करता है तो हमारा शरीर अपने आप ही उसे मारने की कोशिश करता है। इसी मकसद से शरीर जब अपना टेम्प्रेचर बढ़ाता है तो उसे ही बुखार कहा जाता है। जब भी शरीर का टेम्प्रेचर नॉर्मल (98.3) से बढ़ जाए तो वह बुखार माना जाएगा। आमतौर पर छोटे बच्चों को बुखार होने पर उनके हाथ-पांव तो ठंडे रहते हैं लेकिन माथा और पेट गर्म रहते हैं इसलिए उनके पेट से उनका बुखार चेक किया जाता है। क·ई बार बुखार 104-105 डिग्री फॉरनहाइट त·क भी पहुंच जाता है।

कहीं यह बुखार डेंगू तो नहीं:-

• डेंगू वाले मच्छर के किसी इंसान को काटने के बाद डेंगू का वायरस इंसान के ब्लड में 2-7 दिनों तक रहता है।
• डेंगू बुखार के लक्षण मच्छर के काटने के 4-7 दिनों में दिखते हैं। कभी-कभी इसमें 14 दिनों का वक्त भी लगता है।
• बुखार अक्सर तेज होता है और दिन में 4-5 बार आता है।
• डेंगू बुखार तकरीबन 7-10 दिनों तक बना रहता है और अपने आप ठीक हो जाता है। बुखार से प्रभावित कुल लोगों में से 10 फीसदी को ही हॉस्पिटल ले जाने की जरूरत होती है।

 डेंगू के सामान्य लक्षण हैं:


बुखार, तेज़ बदन दर्द, सिर दर्द खास तौर पर आंखों के पीछे, शरीर पर दाने आदि।
• डेंगू ऐसा भी हो सकता है कि इसके लक्षण न उभरें। ऐसे मरीज़ का टेस्ट करने पर डेंगू पॉजिटिव आता है लेकिन वह खुद-ब-खुद बिना किसी इलाज़ के ठीक हो जाता है।
• दूसरी तरह का डेंगू बीमारी के लक्षणों वाला होता है।
यह भी तीन किस्म का होता है: 1)क्लासिकल डेंगू फीवर,
2) डेंगू हेमरेजिक फीवर और
3)डेंगू शॉक सिंड्रोम।

1) क्लासिकल डेंगू फीवर एक नॉर्मल वायरल फीवर है। इसमें तेज बुखार, बदन दर्द, तेज सिर दर्द, शरीर पर दाने जैसे लक्षण दिखते हैं। यह डेंगू 5-7 दिन के सामान्य इलाज से ठीक हो जाता है।
2)डेंगू हेमरेजिक फीवर थोड़ा खतरनाक साबित हो सकता है। इसमें प्लेटलेट और W.B.C. की संख्या कम होने लगती है। नाक और मसूढ़ों से खून आना, शौच या उलटी में खून आना या स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के चकत्ते जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

3)डेंगू शॉक सिंड्रोम में मरीज धीरे-धीरे होश खोने लगता है, उसका बीपी और नब्ज एकदम कम हो जाती है और तेज बुखार के बावजूद स्किन ठंडी लगती है।

ताकि पैदा न हों मच्छर:-

• डेंगू के बचाव के लिए मच्छरों को पैदा होने से रोकना और काटने से रोकना, दोनों जरूरी हैं:
• कहीं भी खुले में पानी रुकने या जमा न होने दें। साफ पानी भी गंदे पानी जितना ही खतरनाक है। पानी पूरी तरह ढककर रखें। कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रुका रहता है में दिन में एक बार मिट्टी का तेल डाल दें। ऐसा करने से उनमें मच्छरों के अंडे डिवेलप नही होंगे।
• एसी: अगर विंडो एसी के बाहर वाले हिस्से के नीचे पानी टपकने से रोकने के लिए ट्रे लगी हुई है तो उसे रोज खाली करना न भूलें। उसमें भी ब्लीचिंग पाउडर डाल कर रख सकते हैं।

• कूलर: इसका इस्तेमाल बंद कर दें। अगर नहीं कर सकते तो उसका पानी रोज बदलें और उसमें ब्लीचिंग पाउडर या बोरिक एसिड जरूर डालें।
• गमले: ये चाहे घर के भीतर हों या बाहर, इनमें पानी जमा न होने दें। गमलों के नीचे रखी ट्रे भी रोज खाली करना न भूलें।
• छत: छत पर टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें या उलटा करके रखें। पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करके साफ करने के बाद पानी भरें।
• किचन, बाथरूम: सिंक/वॉशबेसिन में भी पानी जमा न होने दें। हफ्ते में एक बार अच्छी तरह से सफाई करें। पानी स्टोर करने के बाद बर्तन पूरी तरह ढक कर रखें। बेहतर तो यह है कि गीले कपड़े से ऐसे बर्तनों को ढकें ताकि मच्छर को जगह न मिले। नहाने के बाद बाथरुम को वाइपर और पंखे की मदद से सुखा दें।
• ड्रॉइंगरूम: घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छरनाशक दवाई का छिड़काव जरूर करें। डाइनिंग टेबल में सजाने के लिए रखे फूलों या फूलों के बर्तन में पानी रोज बदलें

ताकि न काटें मच्छर..

• आउटडोर में पूरी बांह की शर्ट, बूट, मोजे और फुल पैंट पहनें। खासकर बच्चों के लिए इस बात का जरूर ध्यान रखें।

• तेज महक वाली परफ्यूम लगाने से बचें क्योंकि मच्छर किसी भी तरह की तेज महक की तरफ आकर्षित होते हैं।

• कमरे में मच्छर भगानेवाले स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। मस्किटो रेपलेंट को जलाते समय सावधानी बरतें। इन्हें जलाकर कमरे को 1-2 घंटे के लिए बंद कर दें। सोने से पहले खिड़की-दरवाजे खोल लें। खिड़की, दरवाजे बंद रखेंगे तो सांस की बीमारी हो सकती है।
• घर की मेन एंट्रेंस के बाहर लगी ट्यूब लाइट के पास मस्किटो रेपलेंट (गुडनाइट, ऑलआउट आदि) जलाकर रखें। इससे गेट खुलने पर अंदर आनेवाले मच्छरों को रोका जा सकेगा। आजकल इसे 24 घंटे जलाकर रखें ताकि मच्छर को जगह न मिले।
• सोने से पहले हाथ-पैर और शरीर के खुले हिस्सों पर विक्स लगाएं। इससे मच्छर पास नहीं आएंगे।
• मच्छरों को भगाने और मारने के लिए गुग्गुल जलाएं।
• लैवेंडर ऑयल की 15-20 बूंदें, 3-4 चम्मच वनीला एसेंस और चौथाई कप नीबू रस को मिलाकर एक बोतल में रखें। शरीर के खुले हिस्सों पर लगाने से पहले अच्छी तरह मिलाएं। इसे लगाने से मच्छर दूर रहते हैं।

बढ़ाएं इम्युनिटी:-


• इम्युनिटी यानी बीमारियों से लड़ने की शरीर की क्षमता अच्छी हो तो कोई भी बीमारी आपको आसानी से दबोच नहीं पाती। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बैलेंस्ड डाइट लें। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध-दही आदि खूब लें। हालांकि इम्युनिटी एक-दो दिन में नहीं बढ़ती। इसके लिए लंबे समय तक रुटीन का ध्यान रखना पड़ता है।
• खाने में हल्दी का इस्तेमाल करें। सुबह-शाम आधा-आधा छोटा चम्मच हल्दी पानी या दूध के साथ लें।
• तुलसी के 8-10 पत्ते शहद के साथ मिलाकर लें या तुलसी के 10 पत्तों को आधे गिलास पानी में उबालें। पानी आधा रह जाए तो उसे पी लें।
• विटामिन-सी से भरपूर चीजों जैसे आंवला, संतरा, मौसमी

डेंगू बुखार बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?

कुछ लोग बिना कोई लक्षण दिखाए डेंगू वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, शिशुओं और छोटे बच्चों में लक्षण अक्सर हल्के होते हैं।

शिशुओं और बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण:

शिशुओं और बच्चों में डेंगू आमतौर पर वायरल फ्लू से शुरू होता है जैसे लक्षण तेज बुखार, नाक बहना और खांसी
इसके अलावा, वे चिड़चिड़े और सामान्य से अधिक रोने वाले भी हो सकते हैं
अन्य लक्षणों में मसूड़ों या नाक से खून बहना, त्वचा पर लाल चकत्ते और उल्टी (दिन में तीन बार से अधिक) शामिल हैं।

बड़े बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षणों में शामिल हैं:

तेज बुखार जो उतार-चढ़ाव करता है
आँखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
एक गंभीर सिरदर्द

किसी व्यक्ति को संक्रमित एडीज मच्छर के काटने के 8-10 दिनों के बाद ज्यादातर लक्षण दिखाई देते हैं, इस दौरान एक बच्चा दिखा सकता है: भूख में कमी

उलटी अथवा डेंगू बुखार बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?

कुछ लोग बिना कोई लक्षण दिखाए डेंगू वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, शिशुओं और छोटे बच्चों में लक्षण अक्सर हल्के होते हैं।

शिशुओं और बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण:

शिशुओं और बच्चों में डेंगू आमतौर पर वायरल फ्लू से शुरू होता है जैसे लक्षण तेज बुखार, नाक बहना और खांसी
इसके अलावा, वे चिड़चिड़े और सामान्य से अधिक रोने वाले भी हो सकते हैं
अन्य लक्षणों में मसूड़ों या नाक से खून बहना, त्वचा पर लाल चकत्ते और उल्टी (दिन में तीन बार से अधिक) शामिल हैं।

बड़े बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षणों में शामिल हैं:

तेज बुखार जो उतार-चढ़ाव करता है
आँखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
एक गंभीर सिरदर्द

किसी व्यक्ति को संक्रमित एडीज मच्छर के काटने के 8-10 दिनों के बाद ज्यादातर लक्षण दिखाई देते हैं, इस दौरान एक बच्चा दिखा सकता है:

भूख में कमी
उलटी अथवा डेंगू बुखार बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?

कुछ लोग बिना कोई लक्षण दिखाए डेंगू वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, शिशुओं और छोटे बच्चों में लक्षण अक्सर हल्के होते हैं।

शिशुओं और बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण:

शिशुओं और बच्चों में डेंगू आमतौर पर वायरल फ्लू से शुरू होता है जैसे लक्षण तेज बुखार, नाक बहना और खांसी
इसके अलावा, वे चिड़चिड़े और सामान्य से अधिक रोने वाले भी हो सकते हैं
अन्य लक्षणों में मसूड़ों या नाक से खून बहना, त्वचा पर लाल चकत्ते और उल्टी (दिन में तीन बार से अधिक) शामिल हैं।

बड़े बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षणों में शामिल हैं:

तेज बुखार जो उतार-चढ़ाव करता है
आँखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
एक गंभीर सिरदर्द

किसी व्यक्ति को संक्रमित एडीज मच्छर के काटने के 8-10 दिनों के बाद ज्यादातर लक्षण दिखाई देते हैं, इस दौरान एक बच्चा दिखा सकता है: भूख में कमी, उलटी अथवा जी मिचलाना ।

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मौसमी बीमारीयो के लक्षण पहचानकर करे बचाव : पढ़िए डॉ. राहुल व्यास का विशेष आलेख https://vinayexpress.in/2021/09/05/health-article-by-dr-rahul-vyas/ Sun, 05 Sep 2021 18:40:41 +0000 https://vinayexpress.in/?p=13909 विनय एक्सप्रेस स्वास्थ्य आलेख। विनय एक्सप्रेस के सुधि पाठकों हेतु समय समय पर स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर आलेख प्रकाशित किया जाता रहा है इसी क्रम बीकानेर शहर के मुरलीध व्यास नगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थापित युवा चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल व्यास पाठको के साथं मौसमी बीमारीयों से जुड़ी उपयोगी जानकारीयां इस आलेख के माध्यम से साझा कर रहें है।

बारिश के दौरान मच्छरों के बढ़ने से मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश के दौरान तापमान में बार-बार बदलाव की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी रखना जरूरी है। बुखार को अक्सर लोग वायरल फीवर समझ लेते हैं और कभी-कभी डेंगू या मलेरिया के मरीज की कंडिशन बिगड़ जाती है। यहां कुछ लक्षण हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।

डेंगू

– तेज बुखार और प्लेटलेट्स का कम होना (नॉर्मल रेंज 1.5 से 4 लाख तक)
-सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द
बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मिचलाना
-शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर, लाल-गुलाबी रंग के रैशेज
– डेंगू हॅमरेजिक बुखार (DHF) में नाक, मसूढ़ों या पॉटी में खून आना
– डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS) में ब्लडप्रेशर एकदम लो (ऊपर वाला 100 से नीचे खतरनाक) हो जाना और फिर मरीज का होश खोने लगना।

डेंगू से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपचार जो प्रभावी हैं:-

1.गिलोय का रस 10 मिली दिन में तीन बार आधे ग्लास पानी के साथ
2.बकरी का दूध
3. पपीते के पत्तो का रस
4. कीवी दिन में दो बार
5. अनार का रस
6. पानी का सेवन ज्यादा करना चाहिए

मलेरिया

– कंपकंपी और ठंड के साथ तेज बुखार चढ़ना
– 104-105 डिग्री तक तेज बुखार (आमतौर पर एक दिन छोड़कर आता है)
– उलटी, कमजोरी, चक्कर आना और जी मिचलाना
– जोड़ों में दर्द नहीं, लेकिन सिर दर्द और शरीर दर्द

 

वायरल

Demo Image

– तेज बुखार
– खांसी, गला खराब और नाक बहना
– सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द

बारिश के मौसम में ऐसे रखें सावधानी

बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा ठहरे हुए पानी में मच्छर पैदा होने का रहता है।
डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में और मलेरिया का गंदे पानी में पैदा होता है। हर जगह पानी को पूरी तरह ढककर रखें। कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रुका रहता है, वहां दिन में एक बार मिट्टी का तेल या मच्छर भगाने वाले स्प्रे डालें।

मच्छरों से करें बचाव

Demo Pic

ऐसे कपड़ें पहनें जिनसे पूरा शरीर ढंका रहे। खासकर बच्चों को स्कर्ट और हाफपैंट वगैरह न पहनाएं।
मच्छरों से बचने के प्रॉपर उपाय करें, कॉइल और मस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी सबसे अच्छा तरीका है इससे हार्मफुल केमिकल्स का खतरा भी नहीं रहता।

डॉक्टर से लें सलाह

Dr. Rahul Vyas : Medical officer – UPHC MDV Colony, Bikaner

अगर 102 डिग्री तक है और कोई और खतरनाक लक्षण (रैशेज, बेचैनी, चक्कर, लगातार उलटी, खून आना आदि) नहीं हैं तो मरीज की देखभाल घर पर ही कर सकते हैं। मरीज के माथे पर सामान्य पानी की पट्टियां रखें। पट्टियां तब तक रखें, जब तक शरीर का तापमान कम न हो जाए
अगर दो दिन तक बुखार ठीक न हो तो मरीज को डॉक्टर के पास ले जाएं। अगर 102 डिग्री से ज्यादा बुखार, आंखों में तेज दर्द, पेट में तेज दर्द, चक्कर आना, बार-बार उलटी आना, नाक, मसूढ़ों, कान या शौच में खून आना, बेहद कमजोरी महसूस करना या बेहोशी आना, तो भी तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

 

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होम आइसोलेशन में सर्तकता और भयमुक्त होकर बचाएं कोविड मरीज की जान : डॉ. राजू व्यास https://vinayexpress.in/2021/05/22/helth-article-by-dr-raju-vyas/ Sat, 22 May 2021 16:03:27 +0000 https://vinayexpress.in/?p=8705 विनय एक्सप्रेस स्वास्थ्य आलेख,नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमण होने के बाद मरीज के साथ परिजनों में व्याप्त भय सभी के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। मरीजों की संख्या बहुत अधिक होने से अस्पतालों में सभी मरीजों को भर्ती करना संभव नहीं है। इससे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता भी नहीं है।
यह कहना है फोर्टिस कार्डियक साइंसेज के प्रमुख डॉ. राजू व्यास का। डॉ.व्यास के अनुसार अगर मरीज कोविड पॉजटिव है और उसमें संक्रमण के लक्षण नहीं के बराबर है या हल्का बुखार है तो ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के बजाय उनका घर पर इलाज किया जा सकता है।

डॉ. व्यास के अनुसार किन मरीजों का इलाज अस्पताल में होगा और किन मरीजों का घर पर इसके लिए चिकित्सक की सलाह के बाद ही फैसला करें। इसके साथ ही मरीज को क्वारंटीन करने के साथ परिजनों को सेल्फ आइसोलेशन की व्यवस्था घर में होनी चाहिए, क्योंकि परिवार के दूसरे सदस्यों के संक्रमित होने की आशंका रहती है।


चिकित्सक की सलाह के बाद मरीज के आइसोलेशन के लिए के हवादार कमरें उसकी व्यवस्था करें। कुछ जरूरी चीजों जैसे मरीज के शरीर का तापमान, ऑक्सीजन का स्तर, ब्लड प्रेशर आदि की जांच समय समय पर लिया जाना चाहिए।


कुछ सावधानियां
– मरीज से परिवार के अन्य सदस्य उचित दूरी रखें।
– मरीज को तीन लेयर का मास्क लगाएं, उसे हर 8 घंटे बाद बदलें और पहले के मास्क को साफ करें या उसे नष्ट करें।
– मरीज का शौचालय अलग होना चाहिए, अलग नहीं होने की दशा में पहले परिवार के अन्य सदस्य शौचालय जाएं। उसके बाद मरीज।
– मरीज को शौचालय जाने के बाद उसे अच्छी तरह से सुबह-शाम सैनिटाइज करें। उसके बाद शौचालय को बंद कर दें।
– मास्क पहनकर शौचालय जाएं।
– मरीज के जाने के बाद उसे अच्छी तरह से साफ किया जाए।
– होम आइसोलेशन रोगी को परिवार के सदस्यों से नहीं मिलना चाहिए।
– नियमित मास्क के प्रयोग लगाने के साथ मरीजों को दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोना चाहिए।
– जिन रोगियों का ऑक्सीजन स्तर 94 से कम होता है तो सामान्य व्यायाम से उसे बढ़ा सकते हैं। 90 तक ऑक्सीजन स्तर होने पर ऐसा कर सकते हैं, अगर इसके बाद ऑक्सीजन का स्तर नहीं बढ़ता है ऑक्सीजन का प्रयोग करें और चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
– जिन्हें लंबे समय से लगातार तेज बुखार हो उन्हें डॉक्टरी सलाह पर ही ऐसी दवाइयों का सेवन करना चाहिए।
– चिकित्सक की सलाह से दवाओं के साथ समय समय पर जांच कराएं ताकि उससे मरीज के हालत और उसके ठीक होने का पता चलता रहेगा।
– मरीज दिन में दो बार गर्म पानी से गरारे करे और भाप ले।

कब अस्पताल ले जाना है जरूरी
– सांस लेने में तकलीफ होने पर
– ऑक्सीजन स्तर में गिरावट होने पर
– छाती में लगातार दबाव बने रहने पर
– शारीरिक रूप से उठने अक्षमता या मानसिक भ्रम की स्थिति होने पर

होम आइसोलेशन कब समाप्त करें

– कोविड लक्षण की शुरूआत के बाद 10 दिन बीत जाने के बाद
– तीन दिन तक लगातार बुखार नहीं आने की स्थिति में
– मरीज की तबीयत ठीक है तो जांच की आवश्यकता नहीं होती है|

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वजन कम रखना क्यों है जरूरी पढ़िए फिटनेस कोच गणेश हर्ष का यह आलेख https://vinayexpress.in/2020/07/05/health-article-2/ Sun, 05 Jul 2020 04:17:05 +0000 https://vinayexpress.in/?p=1516 विनय एक्सप्रेस आलेख, बीकानेर। स्वास्थ्य आलेख की अगली श्रृंखला में विनयएक्सप्रेस के पाठकों के लिए फिटनेस कोच गणेश कुमार हर्ष बता रहे हैं कि जब हमारा वेट हमारी हाईट के अनुसार होता है तब हमारे शरीर में ज्यादा एनर्जी होती है ओर हमारा अपने स्वयं के प्रति आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है ओर यही तीन चीजें आपके जीवन के हर पल में काम आती है ,अगर आपमें एनर्जी ज्यादा होगी तो आप बच्चो के साथ आप ज्यादा समय तक खेल पाएँगे, जो भी आप जॉब करते है उसमें अधिक मेहनत करने में सक्षम हो जाएँगे,जिससे आपके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी ओर जिससे आपके काम मे आपका प्रमोशन भी निश्चित होगा जिसका मतलब आप अपने परिवार के लिए ज्यादा पैसे कमा पाएँगे, आपको चिंता नहीं रहेगी कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं आप अपने शरीर के बारे में क्या सोचते हैं जिससे आप सामाजिक बनेंगे समाज में ज्यादा समय बिता पाएँगे,आप अपने अच्छे बॉडी कम्पोजिशन की वजह से आत्मविश्वास और सहज महसूस करेंगे।ओर यही वास्तव मे आपका आत्मविश्वास बढ़ायेगा ।

waight loose
वजन कम करने से आप बेहतर नींद ले पाएँगे । गहरी और लंबी और शान्ति से आई हुई नींद हर किसी को बेहतर बनाती है।
इसलिए वजन कम करना लक्ष्य नहीं है। लक्ष्य वो सब कुछ है जो आप उस बढ़े हुए वजन को घटाने से प्राप्त करते है तो दोस्तों अब इतना जानने के बाद जब कोई अगली बार आप से कहे की ष्आप अपना वजन कम क्यों करना चाहते हैं? तो उल्टा उनसे पूछें आप अपना वजन कम क्यों नहीं करना चाहते हैं ?

ganesh harsh

 

 

 

कोच गणेश कुमार हर्ष
(Counselling on Sports
– Fitness & Nutrition)

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खाते पीते कम करे मोटापा फिटनेस कोच गणेश कुमार हर्ष के साथ: पढ़िए पुरा आलेख https://vinayexpress.in/2020/06/26/health-article/ Fri, 26 Jun 2020 19:37:19 +0000 https://vinayexpress.in/?p=1449 विनयएक्सप्रेस फिटनेस आलेख, बीकानेर। दोस्तो जब आप अपनी बॉडी का वेट और फैट बर्न कर रहे होते हैं उस वक्त आप थोड़ा-थोड़ा भूखा रहते हैं पर भूख से मर नहीं रहे होते है । थोड़ा-थोड़ा भूखा रहना ठीक है क्योंकि इस समय हम लोग अच्छी चोईसेज के साथ हमारा खाना खाते हैं, जितना कैलरी हम पूरे पुरे दिन में बर्न करते हैं हम उससे कम कैलरी वाला खाना खाते हैं और यही 1 तरीक़ा है जो हमारे बॉडी फैट को कम करता है, अक्सर होता यु है कि जब हम हमारा वेट कम कर रहे होते हैं तो हम अधिकतर खाना ही नहीं खाते या ना के बराबर खाते है और इस तरह से हम भुख से मर रहे होते हैं ओर उसमें हम कन्ट्रोल नहीं कर पाते और अगली बार जब भी हम खाना खाते हैं तब बहुत सारा खाते हैं तो और फेट कम होने की जगह बढ़ता रहता है आज मैं आपको कुछ ऐसे बेस्ट पॉच तरीक़े बता रहा हूँ जिससे आप अपनी भूख को कम कर सकते हैं :-

1. पहला तरीका -जो भी खाना खाओ उसमें फाईबर की मात्रा ज्यादा रखो.

2.दूसरा तरीक़ा – अपने खाने में प्रोटीन का इन्टेक भी हमेशा हाई रखो.

3. तीसरा तरीका – कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना है.

4.चोथा तरीका-जिन भी फूड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई रहता है यानी सुगर बेस्ड जो फूड होते हैं उन्हें मत खाओ.

5.पॉचवा तरीका- एल्कोहल मत पीयो क्योंकि इसके पीने के बाद आपकी जो खाने को लेकर चोईसेज है वो बड़ी पुअर हो जाती है.

ganesh harsh
फिटनेस कोच : गणेश कुमार हर्ष

और लास्ट में महत्वपूर्ण बात कि आपको थोड़ा डिसिप्लिन रखना है थोड़ा अपने आप पर नियंत्रण रखना है , खाने को लेके राईट चोईसेज बनानी हैं – तो दोस्तों अगर आप ईन तरीक़ों को फोलो करोगे तो शतप्रतिशत कम होगा और भूखा भी नहीं रहना पड़ेगा ।

E.mail : vinayexpressindia@gmail.com

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वर्क फ्रॉम होम , स्टडी फ्रॉम होम के बाद अब फिटनेस फ्रॉम होम की सुविधा भी उपलब्ध : कोच गणेश कुमार हर्ष ने शुरू किया हर्ष जिम का ऑनलाइन चैनल https://vinayexpress.in/2020/04/27/news-2/ Mon, 27 Apr 2020 16:29:50 +0000 https://vinayexpress.in/?p=747 विनयएक्सप्रेस, स्वास्थ्य समाचार, बीकानेर। देश मैं कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण सभी अपने घरो मैं कैद हैं, देश के कई राज्यों मैं कर्फ्यू लगा दिया गया हैं , और इसी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण मार्च से पुरे भारत मैं और विश्व मैं जिम और स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेण्टर बंद हैं , ऐसे मैं अनुमान हैं की घर मैं बैठे बैठे आम लोगो की विधार्थियों की और खिलाडियों की दिनचर्या मैं काफी बदलाव आएगा और आरामदेह दिनचर्या की वजह से इन सभी उम्र के व्यक्तियों मैं मोटापा,और अन्य क्रोनिक बीमारिया जैसे हृदय रोग,मधुमेह,गठिया,अस्थमा और कैंसर आदि रोगों का होना हो सकता हैं,
बीकानेर के डॉ करनी सिंह स्टेडियम में नियुक्त वुशू कोच गणेश कुमार हर्ष ने बताया की इसी बात को लेके उनकी हर्ष जिम टीम ने मिलकर वाॅट्सएप ग्रुप और यू ट्यूब चैनल के के जरिये फ्री मैं बेसिक ऑफ़ फिटनेस ट्रेनिंग स्टार्ट की हैं जिसका मुख्य उद्देश्य सभी आमजन, और विधार्थियों व खिलाडियों के लिए फ्री मैं फिटनेस प्रोग्राम और आहार योजना बनाके सभी को तंदुरस्त और निरोगी रखना हैं , हर्ष ने बताया की इस प्रोग्राम के जरिये सभी लोग अपने अपने फिटनेस रूटीन को शुरू कर पायेगे, देश मैं इस वक़्त 77 अरब से भी ज्यादा मधुमेह रोगी हैं ,वो भी इस चैनल मैं सीखाये गए वर्कआउट के जरिये अपनी ब्लड शुगर को बर्न कर पायेगे और उन्हें भी स्वास्थ्य लाभ होगा.

harsh gym
कोच हर्ष ने बताया इसमें नियमित रूप से फिटनेस और आहार के विडियो डाले जा रहे हैं,शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग से जुड़े जो भी हेल्थ और फिटनेस के प्रश्न होगे उसे सदस्य ग्रुप मैं और विडियो के कमेंट कोलम में कर सकते हैं , सभी प्रश्नों का उत्तर हर्ष जिम की टीम के द्वारा दिया जायेगा इस तरह से यह बेसिक ऑफ़ फिटनेस की ट्रेनिंग सभी के स्वास्थ्य लाभ के लिए हर दिन चलेगी .
हर्ष जिम का वाँटसएप ग्रुप और यू टयुब चैनल के लिंक निचे दिए जा रहे हैं इन्हें सब्सक्राइब करके आप भी जुड़ सकते हैं -:
HARSH GYM YOU TUBE CHANNEL LINK – www.youtube.com/c/harshgym

HARSH GYM WHATS APP GROUP LINK – https://chat.whatsapp.com/LgZ1Asbv57jI1L4LlI9N5m

कोच गणेश कुमार हर्ष
राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद् विभाग
मोबाइल नंबर- 09462600756

E.mail : vinayexpressindia@gmail.com

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