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इस आदेश के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव, रोकथाम, इसके संक्रमण की श्रंखला को जांच, उपचार तथा इसके संक्रमण से होने वाली मृत्यु को न्यूनतम किये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी सम्भव प्रयास निरन्तर किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20 राजकीय चिकित्सा संस्थानों में कोविड-19 की जांच निःशुल्क की जा रही है तथा एनएबीएल मान्यता प्राप्त एवं आईसीएमआर से अनुमोदित 4 निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोविड- 19 की जांच की जा रही है ।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि आईसीएमआर के निर्देशों पर निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोविड की जांच की उच्चतम सीमा 4500 रूपए प्रति जांच निर्धारित की गई थी। देश में ही आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट के विनिर्माण एवं सहज उपलब्धता तथा आमजन को कम कीमतों पर सहज एवं सुलभ जांच सुविधा उपलब्ध कराने को दृष्टिगत रखते हुए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेजों, निजी अस्पतालों, निजी जांच प्रयोगशालाओं के प्रतिनिधियों एवं विषय-विशेषज्ञों के साथ विचार – विमर्श के उपरान्त, आरटी-पीसीआर किट एवं अन्य उपभोग्य की दरों तथा अन्य राज्यों द्वारा कोविड की जांच हेतु निर्धारित की गई दरों और राजस्थान महामारी अध्यादेश, 2020 की धारा 4 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा राज्य में एनएबीएल मान्यता प्राप्त एवं आईसीएमआर से कोविड- 19 जांच हेतु अनुमोदित निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच की अधिकतम दर 2200 रूपए ( जीएसटीध्सभी कर सहित) निर्धारित की गई है।

मान्यता प्राप्त एवं आईसीएमआर से कोविड – 19 जांच हेतु अनुमोदित निजी प्रयोगशालाओं द्वारा सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए जांच किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कोरोना के मामले में बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर तुरंत एक्शन लेकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना के शुरुआती दौर में नर्सिंगकर्मयों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए स्वयं मुख्यमंत्री ने न्यायिक प्रक्रिया में अटकी एएनएम-जीएनएम भर्ती का रास्ता साफ करवाया और करीब 9500 नर्सिंगकर्मियों को नियुक्तियां दे दी गई हैं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि कोरोना के दौरान मैनपावर की कमी को देर करने के लिए 735 नए चिकित्सकों को जिलों में नियुक्ति दे दी गई है और 2000 नए चिकित्सकों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि चिकित्साकर्मी, स्वास्थ्यकर्मियों या पैरामेडिकल स्टाफ के अभाव को आमजन को कोई परेशानी ना हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक प्रदेश में 4 हजार 418 लोग कोरोना पॉजीटिव चिन्हित किए गए, इनमें से 225 अप्रवासी हैं। इनमें से 2 हजार 580 लोग पॉजीटिव से नेगेटिव हो चुके हैं और 2 हजार 346 लोगों को तो डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आज तक 1 हजार 716 एक्टिव कोरोना पॉजीटिव केस हैं। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 2 लाख से ज्यादा लोगों का सैंपल लिया जा चुका है।
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चिकित्सा मंत्री ने कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए बेहद खास है क्योंकि 19 लाख प्रवासी राजस्थानी, प्रवासी श्रमिक व अन्य लोग राज्य से जाएंगे और आएंगे। इनमें से लगभग 6.50 लाख लोगों ने राज्य से बाहर जाने के लिए और बाकी ने राज्य में आने के लिए पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और चिकित्सा विभाग जिला स्तर पर क्वारेंटाइन फैसेलिटी को विकसित और मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले सभी लोगों का स्वागत है लेकिन वे गांव-मोहल्लों में जाने से पहले क्वारेंटाइन पीरियड का पालन करे, ताकि प्रदेश में पिछले 50 दिनों से घरों में रह रहे लोग संक्रमण से बचे रहें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्वारेंटाइन की सुविधा विकसित करना सुनिश्चित किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि क्वारेंटाइन का पालन करवाने में मदद करें
डॉ. शर्मा ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को होम या इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन में 14 दिन बिताकर गांव-शहर में आना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधि जिला प्रशासन के साथ मिलकर सुविधाएं विकसित करवाने में सहयोग करें, ताकि प्रदेशवासियों को कोरोना जैसी महामारी से बचाया जा सके।

25 हजार जांच प्रतिदिन करने का लक्ष्य
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पिछले 2 महीनों से संवेदनशीलता के साथ कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हीं के नेतृत्व में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 12 हजार से ज्यादा लोगों की जांच हो रही है और आने वाले दिनों में 25 हजार सैंपल प्रतिदिन जांचने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार 1 लाख 85 हजार लोगों के सैंपल अब तक ले चुकी है।
सरकार हर पहलू पर कर रही ठोस काम
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के खिलाफ हर स्तर पर बेहतरीन काम हुआ है। प्रदेश में टेस्टिंग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। वहीं सैंपलिंग का रेशो भी बेहतर हुआ है। प्रदेश में पॉजीटिव से नेगेटिव की तादात 60 फीसद से ज्यादा है तो प्रदेश में कोरेाना से होने वाली मृत्यु दर भी राष्ट्रीय दर के मुकाबले कम है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर बेहतरीन काम कर रही है, जरूरत आमजन को सजग रहते हुए कोरोना से लड़ना है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि एएनएम व जीएनएम के कुल 8913 पदों पर यह नियुक्तिया दी गई है। इन पदों में नर्स ग्रेड 2 के 5381 (टीएसपी क्षेत्र के 525 पदो सहित) एवं एएनएम के 3532 ( टीएसपी के 369 पदों सहित) शामिल है।

शर्मा ने बताया कि कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए इन नियुक्तियों में आ रही सभी अड़चनों को विशेष प्रयास कर दूर किया गया एवं यह नियुक्तिया दी गई है