js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कांस्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ जायेगी ऎसे में निर्बाध पेयजल आपूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता में है और हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि इन गर्मियों में कोई प्यासा नहीं रहे।
टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की तैयारी रखी जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्ता पूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की तैयारी रखी जाए। हैडपंप एवं ट्यूबवैल की जहां जरूरत हो वहां स्वीकृति जारी की जाए और मरम्मत के कार्य समय पर पूरे कर लिए जाएं। जल संरक्षण के साथ जल संचय पर भी जोर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान काफी संख्या में श्रमिक बेरोजगार हुए हैं। ऎसे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन एवं ऊर्जा विभाग के तहत चल रही परियोजनाओं में इन्हें नरेगा के तहत काम दिये जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
विभाग के स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक हो
गहलोत ने कहा कि पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाये रखने के लिए जिला कलक्टर एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव के स्तर पर साप्ताहिक एवं राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल से संबंधित शिकायतों का समय पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने हाल ही में आये आंधी-तूफान से जिन बिजली आपूर्ति लाइनों को नुकसान पहुंचा है उनकी मरम्मत कर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही आवश्यतानुसार जगह चिन्हित कर आरओ प्लांटस लगाने के भी निर्देश दिए।
50-50 लाख की आकस्मिक स्वीकृति के लिए कलक्टर्स अधिकृत
वीडियो कांस्फ्रेसिंग के दौरान जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी माह में ही 65 करोड़ रूपये का कंटीन्जेंसी प्लान मंजूर कर सभी जिला कलक्टर्स को 50-50 लाख रूपये की आकस्मिक स्वीकृति के लिए अधिकृत कर दिया है। चार अभावग्रस्त जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर एवं हनुमानगढ़ में एसडीआरएफ के तहत पेयजल परिवहन के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत योजनाओं को भी समय पर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रमुख सचिव, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राजेश यादव ने गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार कार्ययोजना तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण की स्थिति के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि नये नलकूप लगाने, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन एवं खराब पंपसेट बदलने के कार्य जिला कलक्टर की अनुशंषा पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 27 शहरों में प्रतिदिन 1962 टैंकर ट्रिप जबकि 757 गांवों एवं ढ़ाणियों में 640 टैंकर ट्रिप प्रतिदिन पेयजल परिवहन किया जा रहा है, जिसे आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकेगा। अप्रेल माह में 16,610 हैडपंपों की मरम्मत करवाई गई है। फ्लोराइड प्रभावित गांव एवं ढ़ाणियों में कुल 2229 सौर ऊर्जा आधारित डी-फलोरीडेशन सयंत्र स्थापित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर शहर में पृथ्वीराज नगर योजना के लिए मार्च माह में 295.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस योजना से 2 लाख से ज्यादा की आबादी लाभान्वित होगी।
पंजाब ने करवाया सरहिंद फीडर का जीर्णोद्धार
प्रमुख शासन सचिव, जल संसाधन श्री नवीन महाजन ने बताया कि पंजाब के साथ हुई बैठक के दौरान जिन प्रमुख बिदुंओं पर चर्चा हुई थी उनमें से कुछ पर पंजाब सरकार का सकारात्मक रूख रहा है। पंजाब ने 70 साल में पहली बार सरहिंद फीडर के 20 किलोमीटर के क्षेत्र की नहरों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया है। इस फीडर पर राजस्थान क्षेत्र में भी जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया था लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पंजाब से आने वाले प्रदूषित पानी को रोकने के लिए वहां की सरकार ने कार्य योजना बनाकर उस पर काम शुरू कर दिया है, इससे श्रीगंगानगर में नहरों में गंदा पानी आने की समस्या का समाधान भी हो सकेगा।
वीडियो कांस्फ्रेसिंग में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा श्री अजिताभ शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। लाक डाउन के चलते दूसरे राज्यों में अटक गए लोगों को उनके गृह राज्य तक जाने के लिए केवल जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर द्वारा ही अनुमति दी जाएगी।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कुमार पाल गौतम ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्टैंडर्ड श्रेणी के व्यक्ति को ही किसी अन्य राज्य (गृह राज्य) में जाने की अनुमति दी जाएगी। इस तरह की अनुमति पुलिस, परिवहन अथवा किसी अन्य कार्यालय द्वारा जारी नहीं की जाएगी। इस तरह की अनुमति अनिवार्य रूप से जिला मजिस्ट्रेट द्वारा ही जारी की जा सकेगी।
गौतम ने बताया कि आरटीओ या डीटीओ केवल आवश्यकतानुसार एमवी एक्ट के तहत परमिशन देंगे । राज्यों के बीच परिवहन के लिए लाक डाउन दौरान आरटीओ या डीटीओ द्वारा किसी प्रकार की अनुमति जारी नहीं की जाएगी।
कंटेनमेंट जोन में नहीं खुलेगी कोई इंडस्ट्री
गौतम ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में कोई भी दुकान अथवा उद्योग नहीं खोले जाएंगे। रेड अथवा ऑरेंज जोन में म्युनिसिपल क्षेत्रों के बाहर औद्योगिक इकाइयों को खोले जाने की अनुमति है लेकिन इसके लिए श्रमिकों को औद्योगिक परिसर में ही रहना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि अनुमत श्रेणी के उद्योगों में हेजल फ्री गतिविधियां ही हो ,यह सुनिश्चित किया जाए।
गौतम ने बताया कि सभी श्रेणी के गुड्स और मिनरल्स का परिवहन अनुमत है अतः सभी वेब्रिजेज ( तुला चौकी अथवा धर्म कांटा) को खुले रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
श्रमिकों के सिंगल टाइम ट्रांसपोर्टेशन को अनुमति
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि किसी औद्योगिक इकाई अथवा निर्माण गतिविधि के लिए श्रमिकों के वन टाइम ट्रांसपोर्टेशन को राज्य में एक जिले से दूसरे जोन अथवा जिले तक ले जाने की अनुमति दी गई है। लेकिन इसके लिए नियोजनकर्ता को वाहन उपलब्ध करवाना होगा। साथ ही जिस जिले में निर्माण स्थल अथवा उद्योग स्थित है सम्बंधित जिला कलेक्टर द्वारा इस संबंध में अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। गौतम ने बताया कि यात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी एडवाइजरी और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाना आवश्यक है। कार्यस्थल पर श्रमिकों के रहने के लिए नियोजनकर्ता द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं।
शाम 7 से सुबह 7बजे तक कोई गतिविधि नहीं होगी
गौतम ने बताया कि सायं 7 से प्रातः 7 बजे तक कोई गतिविधि नहीं होगी। इस दौरान केवल पुलिस प्रशासन स्टाफ की फील्ड ड्यूटी और अन्य गतिविधियां डॉक्टरों, पैरामेडिक्स की शिफ्ट अथवा इमरजेंसी ड्यूटी, मेडिकल आपात, फार्मासिस्ट और केमिस्ट दुकानों के स्टाफ और ट्रकों के आवागमन पर छूट रहेगी।
6 बजे बाद ये दुकानें खुली रह सकेंगी
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि सतत उत्पादन की प्रकृति वाली फैक्ट्रियां, रात्रि कालीन शिफ्ट में चलने वाली फैक्ट्रियां, आईटी कंपनियां और केमिस्ट शॉप सांय 6 बजे के बाद भी खुली रह सकेगी। शिफ्ट में चलने वाली इकाइयों में शिफ्ट इस तरह निर्धारित की जाएगी कि सायं 7 से प्रातः 7 बजे तक स्टाफ या श्रमिकों की सड़कों पर कोई आवाजाही ना हो। सायं 7 बजे के बाद घर जाने के लिए जिला प्रशासन , पुलिस व स्टाफ के घर जाने के लिए विशेष पास जारी किया जाए।
इस पास में व्यक्ति का नाम, व्हीकल नंबर और घर का पता सहित समस्त जानकारी अंकित की जाएगी।
अनुमत निजी संस्थानों के ऑफिस में 33 प्रतिशत स्टाफ को ही बुलाया जाए और समस्त सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करें। साथ ही कंपनी द्वारा अपने स्टाफ को लाने ले जाने के लिए विशेष वाहन की अनुमति जिला प्रशासन से अनुमति ली जाए और वाहन के सैनिटाइजेशन तथा अन्य सोशल डिस्टेंसिंग सहित एडवाइजरी की पालना करवाना सुनिश्चित किया जाए।
E.mail : vinayexpressindia@gmail.com
]]>