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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल और पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बुधवार को विभिन्न अधिकारियों के साथ मोहर्रम की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की।
जिला कलक्टर ने कहा कि इस दौरान नगर निगम द्वारा रोड और सीवर लाइन साफ-सफाई, ताजियों के रूट के खुले मैन होल बंद किए जाएं। बिजली विभाग द्वारा ढीले तारों को कसवाने, जलदाय विभाग को पेयजल की प्रभावी व्यवस्था करने, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम की तैनातगी, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा यूआईटी-निगम को अपने क्षेत्र की सड़कें दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों द्वारा ताजियों के रूट का विजिट कर लिया जाए तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करें।
उन्होंने सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था की समीक्षा की और कहा कि इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए। आवश्यकता के अनुसार यातायात डाइवर्ट किया जाए। उन्होंने डीजे बैन के आदेशो की सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त केसरलाल मीणा, अतिरिक्त कलक्टर (प्रशासन) ओमप्रकाश, नगर विकास न्यास सचिव यशपाल आहूजा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मोहम्मद अबरार पंवार सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त
जिला मजिस्ट्रेट भगवती प्रसाद कलाल ने मोहर्रम के अवसर पर कानून व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था संधारण के लिए थाना क्षेत्रों के आधार पर 28 एवं 29 जुलाई के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। आदेश अनुसार मुक्ता प्रसाद थाना क्षेत्र में प्रशिक्षु आइएएस यक्ष चौधरी, गंगाशहर थाना क्षेत्र के लिए उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक यशपाल आहूजा, नयाशहर के लिए उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार, कोटगेट के लिए बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अशोक सांगवा, सिटी कोतवाली के लिए उपनिवेशन उपायुक्त कन्हैयालाल सोनगरा, बीछवाल के लिए राजूवास की कुलसचिव बिंदु खत्री, जेएनवीसी थाना के लिए नगर निगम उपायुक्त सुमन शर्मा तथा सदर थाना क्षेत्र के लिए नगर निगम उपायुक्त राजेन्द्र को कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
निर्देशानुसार जिले के समस्त उपखंड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र में संबंधित थानाधिकारी से समन्वय स्थापित कर कानून एवं व्यवस्था बनाए रखेंगे। पुलिस थाना कोतवाली में नियुक्त अधिकारीगण 26 से 29 जुलाई तक अपने क्षेत्र में कार्यपालक मजिस्ट्रेट के रूप में ड्यूटी देंगे। उन्होंने नगर निगम को फायर बिग्रेड तथा पीबीएम अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फायर बिग्रेड, मोबाइल चिकित्सा दल के गठन सहित आवश्यक दवाइयों के बंदोबस्त के लिए निर्देशित किया है।

शर्मा ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए कहा कि यदि कचरा बीनने के काम के लिए प्रदेश के बाहर से बच्चे लाए जा रहे हैं, तो शिकायत पर कार्रवाई करते हुए संबंधित को पाबंद करें। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति यदि पुनः इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता हैं तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में अब तक किए गए औचक निरीक्षणों के साथ-साथ पुनर्वास गतिविधि से भी अवगत कराया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि पुनर्वास के लिए लाए जाने वाले बच्चे पुनः बाल श्रम से ना जुड़ें यह सुनिश्चित करने के लिए उनके अभिभावकों के साथ नियमित रूप से समझाइश और फॉलोअप किया जाए। इसके लिए सभी एजेंसियां समन्वय रखते हुए कार्य करें।

अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर शर्मा ने कहा कि कई प्रकरण पुलिस की जांच समय पर पूरी नहीं होने के चलते लंबित है, ऐसे प्रकरणों में पुलिस समय पर जांच प्रक्रिया पूरी करें जिससे पीड़ित को राहत दी जा सके।

उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को समय पर मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एलडी पंवार ने दर्ज और बकाया प्रकरणों व मुआवजा वितरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सहायक निदेशक बाल अधिकारिता कविता स्वामी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




बीकानेर, 13 जुलाई। लक्ष्मीनाथ मंदिर में दो करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसमें मंदिर परिसर के एक पार्क को ओपन थिएटर के रूप में विकसित करने के अलावा मुख्य मंदिर प्रांगण को टीन शेड से कवर करवाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने बुधवार को मंदिर परिसर में प्रस्तावित कार्यों के स्थान देखे और बताया कि पर्यटन तथा कला संस्कृति विभाग के माध्यम से यह कार्य करवाए जाएंगे। इसमें मंदिर के सीढ़ियों वाले पार्क को ओपन थिएटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सांस्कृतिक गतिविधियों का सतत आयोजन होता है। इसके मद्देनजर यह कार्य किया जाएगा। इसके तहत ओपन थिएटर के स्टेज को शेड से कवर करने, मंच के दोनों ओर ग्रीन रूम बनाने, इसके पीछे की दीवार को ऊंचा करने तथा बैठक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मंदिर के मुख्य परिसर में होली सहित विभिन्न अवसरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं और बरसात एवं गर्मी के दौरान दर्शनार्थियों को परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर यहां भी शेड लगाए जाएंगे। उन्होंने मुख्य मंदिर की फर्श को आवश्यकता के अनुसार दुरूस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही संतोषी माता मंदिर में नगर स्थापना दिवस एवं अन्य कार्यक्रमों के मद्देनजर स्थाई स्टेज बनवाने के लिए लिए कहा। पर्यटन विभाग के अधिशाषी अभियंता मुकेश शर्मा ने बताया कि इसकी प्राइमरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट शीघ्र ही सरकार को भिजवाई जाएगी। इस दौरान कनिष्ठ अभियंता मदन लाल, लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण विकास समिति के अध्यक्ष सीताराम कच्छावा मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रंगोलाई महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक किया एवं प्रदेश में खुशहाली की कामना की। इस दौरान डॉ कल्ला ने कहा कि गुरु के आशीर्वाद के बिना सफलता की कल्पना भी मुश्किल है।






विनय एक्सप्रेस समाचार, झुंझुनूं । जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से निरोगी राजस्थान अभियान के अन्तर्गत ‘‘हैल्दी लिवर कैम्पेन’’ शुरू किया गया है जिसके तहत जनजागरूकता के साथ साथ स्क्रीनिंग कर उपचार शुरू किया जायेगा। मंगलवार को कलेक्टर सभागार में जिला कलेक्टर श्री लक्ष्मण सिंह कुड़ी की अध्यक्षता में सम्बंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई जिसमें हैल्थी लिवर अभियान के तहत आयोजित करने वाली गतिविधियों की जिम्मेदारी तय की गई। कलेक्टर श्री कुड़ी ने स्वास्थ्य विभाग, पीएचईडी, स्वायत शासन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पीएचईडी विभाग सभी जल स्रोतों का क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को ज्यादा से ज्यादा स्क्रीनिंग कर उपचार करने, टीकाकरण करवाने, गर्भवती महिलाओं की हेपिटाइटिस की जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर परिषद और नगर पालिकाओ के कचरा संग्रहन वाहनों पर हैल्थी लिवर जन जागरूकता के ऑडियो चलाने के निर्देश दिए। साथ जनसंपर्क विभाग को इसके प्रचार प्रसार और जागरूकता की जिम्मेदारी प्रदान की। कलेक्टर श्री कुड़ी ने शिक्षा विभाग को रैली और अन्य जागरूकता गतिविधियों में भागीदारी के निर्देश दिए उन्होंने सभी ब्लॉक में एसडीएम की अध्यक्षता में मीटिंग बुलाकर अभियान के सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिये। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने अभियान की कार्य योजना प्रस्तुत की। इस अवसर सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद सूचना सभागार में ओरियंटेशन वर्कशॉप आयोजित की गई जिसमें हैल्थी लिवर कैम्पेन की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर, डिप्टी सीएमएचओ डॉ नरोत्तम जागिड़, पीएमओ डॉ वीडी बाजिया, नॉडल अधिकारी डॉ रजनीश माथुर, डीपीएम डॉ विक्रम सिंह, माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ हरीश कौशिक, एपीडिमियोलॉजिस्ट डॉ कुलदीप फौजदार, जिला आईईसी समन्वयक डॉ महेश कड़वासरा, एंटीसीपी कन्सलटेंट डॉ ऋतु शेखावत व बीसीएमओ, बीपीएम, सीएचसी पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।

हैल्दी लिवर कैम्पेन के सन्दर्भ में निदेशालय स्वास्थ्य विभाग जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ एस एन धौलपुरिया और सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि कैम्पेन के अन्तर्गत लिवर (हेपेटाईटिस) के बारे में आमजन को जागरुक किया जावेगा जों एक वायरल इंफेक्शन है। यह बीमारी लिवर को प्रभावित करती है। लिवर का काम शरीर के सभी अंगों को पोषक तत्त्व पहुंचाना होता है। हेपेटाइटिस के संक्रमण से लिवर में सूजन आ जाती है। इससे व्यक्ति को पीलिया हो जाता है। यह संक्रामक बीमारी है जो लापरवाही करने पर एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है। जानलेवा भी हो सकती है।

हेपेटाइटिस बी व सी सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। इसके मरीजों को लिवर सिरोसिस होने की आशंका रहती है। इसमें मरीजों का लिवर सिकुड़कर काम करना बंद कर देता है। कई बार लिवर में पानी भर जाता है। खून की उल्टियां होने लगती हैं और शरीर पर सूजन आ जाती है। मरीज को लिवर कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव ही सबसे कारगर उपाय है। इसके लिए धारदार चीज जैसे इंजेक्शन, रेजर्स या टूथब्रश दूसरे से साझा न करें। असुरक्षित यौनसंबंध न बनाएं और दूषित खानपान से बचें। बच्चों को हेपेटाइटिस के टीके जरूर लगवाएं। गर्भवती महिलाओं का हेपेटाइटिस बी और सी टैस्ट करवाएं। खुली चोट को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह साफ कर लें।zहेपेटाइटिस की प्रमुख वजहें
दूसरे व्यक्ति का टूथब्रश और शेविंग रेजर इस्तेमाल करना, सिरिंज या सर्जरी के उपकरणों का बिना स्ट्रलाइजेशन इस्तेमाल करना,
इंजेक्शन से किसी प्रकार का नशा करना, असुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाना, गलत तरीके से खून देना या चढ़वाना और दूषित खानपान हेपेटाइटिस के मुख्य कारण हैं।

हेपेटाइटिस के प्रकार और उनके कारण वायरल हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं। इनमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होता है। हेपेटाइटिस ए और ई दूषित पानी और भोजन के कारण होता है। वहीं हेपेटाइटिस बी, सी और डी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होते हैं। हेपेटाइटिस ए और ई अपेक्षाकृत कम खतरनाक होते हैं। वहीं हेपेटाइटिस बी, सी और डी लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।
इन लक्षणो से करें पहचान- भूख न लगना, जी मिचलाना और पेट में दर्द। आंखों में पीलापन, थकान और तेजी से वजन कम होना। पाचन संबंधी समस्या, उल्टियां आना, पैरों में सूजन, सिर में दर्द, हल्का बुखार रहना और यूरिन का कलर पीला होना।
हेपेटाइटिस की जांचे- इसमें लिवर फंक्सन टैस्ट, एंटीजन और एंटीबॉडीज टैस्ट कराने चाहिए हैं ताकि पता चल सके कि कौनसा वायरस है और कितना एक्टिव है।
हेपेटाइटिस से बचाव के लिए तीन टीके लगते हैं। पहले टीके के बाद अगला टीका 30 वें और फिर 180 वें दिन लगता है। हार्ट व बीपी के मरीज और गर्भवती महिलाओं को भी टीके लगवाएं। शिशुओं को जन्म के समय ही टीके लगवाना चाहिये।
सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देषानुसार जिले में आगामी 28 जुलाई तक हैल्दी लिवर कैम्पेन चलाया जावेगा। कैम्पेन के दौरान विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम व गर्भवती महिलाओं, कैदियों, टीबी रोगीयों, हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों, डायलिसिस वाले रोगियों व राज्य सरकार के निर्देषानुसार अन्य रोगीयो की स्क्रीनिंग की जायेगी एवं पॉजिटिव पाये जाने पर उनका उपचार चिकित्सा संस्थानों पर किया जावेगा। बीडीके अस्पताल में डॉ रजनीश माथुर को इसका नॉडल अधिकारी बनाएं गये है।
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विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर के रूप में निजी अस्पतालों सहित अन्य ऐसे भवन, जहां 200 से अधिक व्यक्तियों को एक साथ रखकर उपचार किया जा सकता हो, ऐसे सार्वजनिक भवनों का चिन्हीकरण किया जाएगा, साथ ही पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों को कोरोना रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे माईक्रो स्तर पर कार्यों में गुणात्मक सुधार आ सके और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक कोराना संक्रमण काल में पूर्ण मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। वे सभी वर्तमान परिस्थितियों में अब प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें।
गौतम सोमवार को अपने कक्ष में कोविड रोकथाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज डाॅ. एस.एस. राठौड़, आयुक्त नगर निगम डाॅ. खुशाल यादव, अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डाॅ. मोहम्मद सलीम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीणा, सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीणा, डाॅ. संजय कोचर, डाॅ. इन्द्रा प्रभाकर तथा महामारी रोकथाम विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर सहित पीबीएम अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं की अलग-अल जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सकों अलग-अलग सौंप दी जाए।अलग-अलग जिम्मेदारी हो जाने से कार्य सुगमता से होगा तथा अगर किसी कार्य में गुणात्मक सुधार करना हो या किसी तरह की खा़मी को दूर करना हो, तो संबंधित चिकित्सक से विचार विमर्श कर तत्काल निर्णय लिया जा सके।
जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर में जितने भी गंभीर रोगी भर्ती हैं, उन्हें एक काॅर्डलैस बैल(घंटी) का रिमोट उपलब्ध करवाया जाए तथा बैल अस्पताल के एक कमरे में रहे, जहां से किसी भी विपरीत परिस्थिति पर अगर मरीज घंटी बजाता है, तो उसे तत्काल उपचार की सुविधा के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ पंहुच सके तथा रात के समय अगर मरीज बाथरूम की तरफ जाए, तो रिमोट अपने साथ रखे, जिससेेेे जरूरत पड़ने वह स्टाफ को बुला सके और उस तुरंत मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
वाॅलन्टियरी सेवा भी ली जाएगी
गौतम ने प्राचार्य मेडिकल काॅलेज और अधीक्षक से कहा कि वे इन संभावनाओं पर भी कार्य करें कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान पैरा मेडिकल सेवाएं वाॅलन्टियरी देना चाहें, तो उनका चिन्हीकरण कर लिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति या संस्था अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए भोजन आदि देना चाहें, तो उन्हें भी सूचीबद्ध कर लिया जाए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोविड केयर सेन्टर के लिए चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार 30 जून तक आवश्यक रूप से कर सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दें, जिससे जरूरत के मुताबिक आवश्यक सुविधा और संसाधन का इंतजाम किया जा सके। स्थान चिन्हीकरण के समय इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि आस-पास एक साथ ऐसे एक से अधिक भवन बने हों, ताकि चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने में आसानी रहे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जितने भी निजी चिकित्सालय हैं, उनके प्रबन्धकों से बातचीत कर उन्हें बताया जाए कि जरूरत पड़ने पर यहां भी कोरोना रोगियों को ईलाज के लिए भर्ती करवाया जा सकता है। साथ ही अगर कोई निजी चिकित्सालय किसी होटल में चिकित्सकीय सुविधा के लिए कोलेब्रेशन करता है, तो इस पर भी विचार कर लिया जाए जिससे यदि कोई व्यक्ति यहां इलाज करवाना चाहे तो उसेेेे इलाज की सुविधा मिल सके।
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चिकित्सा मंत्री ने कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए बेहद खास है क्योंकि 19 लाख प्रवासी राजस्थानी, प्रवासी श्रमिक व अन्य लोग राज्य से जाएंगे और आएंगे। इनमें से लगभग 6.50 लाख लोगों ने राज्य से बाहर जाने के लिए और बाकी ने राज्य में आने के लिए पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और चिकित्सा विभाग जिला स्तर पर क्वारेंटाइन फैसेलिटी को विकसित और मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले सभी लोगों का स्वागत है लेकिन वे गांव-मोहल्लों में जाने से पहले क्वारेंटाइन पीरियड का पालन करे, ताकि प्रदेश में पिछले 50 दिनों से घरों में रह रहे लोग संक्रमण से बचे रहें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्वारेंटाइन की सुविधा विकसित करना सुनिश्चित किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि क्वारेंटाइन का पालन करवाने में मदद करें
डॉ. शर्मा ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को होम या इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन में 14 दिन बिताकर गांव-शहर में आना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधि जिला प्रशासन के साथ मिलकर सुविधाएं विकसित करवाने में सहयोग करें, ताकि प्रदेशवासियों को कोरोना जैसी महामारी से बचाया जा सके।

25 हजार जांच प्रतिदिन करने का लक्ष्य
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पिछले 2 महीनों से संवेदनशीलता के साथ कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हीं के नेतृत्व में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 12 हजार से ज्यादा लोगों की जांच हो रही है और आने वाले दिनों में 25 हजार सैंपल प्रतिदिन जांचने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार 1 लाख 85 हजार लोगों के सैंपल अब तक ले चुकी है।
सरकार हर पहलू पर कर रही ठोस काम
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के खिलाफ हर स्तर पर बेहतरीन काम हुआ है। प्रदेश में टेस्टिंग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। वहीं सैंपलिंग का रेशो भी बेहतर हुआ है। प्रदेश में पॉजीटिव से नेगेटिव की तादात 60 फीसद से ज्यादा है तो प्रदेश में कोरेाना से होने वाली मृत्यु दर भी राष्ट्रीय दर के मुकाबले कम है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर बेहतरीन काम कर रही है, जरूरत आमजन को सजग रहते हुए कोरोना से लड़ना है।
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