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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। राज्य सरकार ने खरीफ 2023 के लिए फसल बीमा की अधिसूचना जारी कर दी है । संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार कैलाश चौधरी ने बताया कि बीकानेर जिले के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी अधिसूचित की गई है। किसान अपनी फसलों ग्वार, मोठ, मूंग, तिल, कपास, मूंगफली व बाजरा का बीमा बैंक या सीएससी के माध्यम से अब 05 अगस्त तक करवा सकते हैं । 31 जुलाई के स्थान पर अब ऋणी कृषक 10 अगस्त तक व अऋणी कृषक 05 अगस्त तक फसल बीमा करवा सकते है। जो ऋणी कृषक पिछले वर्ष में बीमित फसलों में परिवर्तन करवाना चाहते हैं वह बैंक में लिखित रूप में दे सकते है। फसल बीमा योजना का लाभ ऋणी , गैर ऋणी , बटाईदार किसान भी ले सकेंगे । जिन किसानों ने किसी भी वित्तीय संस्थाओं से अल्पकालीन फसली ऋण स्वीकृत करवाया है उन किसानों का बीमा संबंधित बैंक या सहकारी समिति के माध्यम से किया जाएगा एवं जिन किसानों ने ऋण नहीं ले रखा है वे किसान नजदीकी ई मित्रा केंद्र या किसी भी बैंक या समिति के माध्यम से फसलों का बीमा करवा सकते हैं।
फसल बीमा योजना के प्रभारी अधिकारी डॉ मानाराम जाखड़ ने बताया कि खरीफ फसलों का बीमा करवाने के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 2 % प्रीमियम राशि जमा करानी होगी। खरीफ फसलों के बीमा के लिए प्रति हैक्टेयर प्रीमियम की राशि इस प्रकार रहेगी ग्वार 357, मूंग 735, मोठ 376, मूंगफली 2897, कपास 1547, बाजरा 209, व तिल 360 रूपयें।

कृषि अधिकारी मुकेश गहलोत ने बताया कि जिले के सभी किसानों को सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षकों के माध्यम से फसल बीमा योजना की जानकारी दी जा रही है व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। किसानों को व्हाट्सएप ग्रुप , किसान प्रशिक्षण के माध्यम से योजना की जानकारी दी जा रही है ओर अधिक जानकारी के लिए ए आई सी कंपनी के टोल फ्री नंबर 18004196116 या नजदीकी कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं ।


शर्मा ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए कहा कि यदि कचरा बीनने के काम के लिए प्रदेश के बाहर से बच्चे लाए जा रहे हैं, तो शिकायत पर कार्रवाई करते हुए संबंधित को पाबंद करें। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति यदि पुनः इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता हैं तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में अब तक किए गए औचक निरीक्षणों के साथ-साथ पुनर्वास गतिविधि से भी अवगत कराया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि पुनर्वास के लिए लाए जाने वाले बच्चे पुनः बाल श्रम से ना जुड़ें यह सुनिश्चित करने के लिए उनके अभिभावकों के साथ नियमित रूप से समझाइश और फॉलोअप किया जाए। इसके लिए सभी एजेंसियां समन्वय रखते हुए कार्य करें।

अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर शर्मा ने कहा कि कई प्रकरण पुलिस की जांच समय पर पूरी नहीं होने के चलते लंबित है, ऐसे प्रकरणों में पुलिस समय पर जांच प्रक्रिया पूरी करें जिससे पीड़ित को राहत दी जा सके।

उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को समय पर मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एलडी पंवार ने दर्ज और बकाया प्रकरणों व मुआवजा वितरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सहायक निदेशक बाल अधिकारिता कविता स्वामी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




बीकानेर, 13 जुलाई। लक्ष्मीनाथ मंदिर में दो करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसमें मंदिर परिसर के एक पार्क को ओपन थिएटर के रूप में विकसित करने के अलावा मुख्य मंदिर प्रांगण को टीन शेड से कवर करवाया जाएगा।
शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने बुधवार को मंदिर परिसर में प्रस्तावित कार्यों के स्थान देखे और बताया कि पर्यटन तथा कला संस्कृति विभाग के माध्यम से यह कार्य करवाए जाएंगे। इसमें मंदिर के सीढ़ियों वाले पार्क को ओपन थिएटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सांस्कृतिक गतिविधियों का सतत आयोजन होता है। इसके मद्देनजर यह कार्य किया जाएगा। इसके तहत ओपन थिएटर के स्टेज को शेड से कवर करने, मंच के दोनों ओर ग्रीन रूम बनाने, इसके पीछे की दीवार को ऊंचा करने तथा बैठक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मंदिर के मुख्य परिसर में होली सहित विभिन्न अवसरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं और बरसात एवं गर्मी के दौरान दर्शनार्थियों को परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर यहां भी शेड लगाए जाएंगे। उन्होंने मुख्य मंदिर की फर्श को आवश्यकता के अनुसार दुरूस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही संतोषी माता मंदिर में नगर स्थापना दिवस एवं अन्य कार्यक्रमों के मद्देनजर स्थाई स्टेज बनवाने के लिए लिए कहा। पर्यटन विभाग के अधिशाषी अभियंता मुकेश शर्मा ने बताया कि इसकी प्राइमरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट शीघ्र ही सरकार को भिजवाई जाएगी। इस दौरान कनिष्ठ अभियंता मदन लाल, लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण विकास समिति के अध्यक्ष सीताराम कच्छावा मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रंगोलाई महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक किया एवं प्रदेश में खुशहाली की कामना की। इस दौरान डॉ कल्ला ने कहा कि गुरु के आशीर्वाद के बिना सफलता की कल्पना भी मुश्किल है।


इस दौरान जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल, पुलिस अधीक्षक योगेश यादव, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति विनोद कुमार सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) पंकज शर्मा, कुलसचिव यशपाल आहूजा, उप कुलसचिव डाॅ. बिट्ठल बिस्सा आदि मौजूद रहे।

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में डाॅ. कल्ला ने हैलीपेड, आॅडिटोरियम, इंडोर स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स और अहिंसा पार्क का मुआयना किया। उन्होंने सभी इंतजाम माकूल रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डाॅ. करणी सिंह स्टेडियम में पुर्नगठित शहरी जल योजना शिलान्यास समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बैठक, निकासी, पेयजल और प्रवेश सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा।







विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए केन्द्रीय कारागृह, बीकानेर के महिला बंदी गृह में आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है जिसमें नए प्रवेशित बंदियों को रखे जाने की सुविधाएं की गई है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर के सचिव पवन कुमार अग्रवाल (अपर जिला एंव सेशन न्यायाधीश) ने गुरूवार को केन्द्रीय कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि केन्द्रीय कारागृह अधीक्षक को बंदीगण को कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी तैयारियां रखें। कारागृह के मुख्यद्वार, बंदियों के बैरक, अस्पताल, टेलीफोन बूथ, मुलाकात कक्ष, कारापाल अॅाफिस, जेल अस्पताल में नियमित रूप से प्रतिदिन सोडियम हाइपोक्लोराइड साॅल्यूशन से छिड़काव करवाएं।
निरीक्षण के दौरान बंदियों की समस्याओं को सुना और जेल अधीक्षक को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए निर्देशित किया। केन्द्रीय कारागृह के निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक परमजीत सिंह सिद्धु, उप अधीक्षक जेलर अल्लादीन खां व जेल उपअधीक्षक वैभव भारद्वाज व शंकुतला व निजी सचिव अहमद अली मौजूद रहे।

उप स्वास्थ्य केन्द्र पलाना कि डाॅ. मेघा सहारण ने स्वयं पेंटिंग कार्य में शिक्षक का सहयोग करते हुए सराहना की। अस्पताल के सभी स्टाफ ने शिक्षक के इस प्रयास को अच्छा बताया। पलाना उपस्वास्थ्य केन्द्र के मुख्य द्वार पर बनाये गये कोरोना के कार्टून से अनपढ़ ग्रामीणों, औरतों, बच्चों में भी जागरूकता होगी। क्वारेटिंन सेंटर के प्रभारी अजय पूनिया ने भी शिक्षकों के दोहरे दायित्व निभाने पर कला शिक्षक भूरमल सोनी व शारीरिक शिक्षक बुलाकी हर्ष को धन्यवाद देते हुए सराहना की। दोनों शिक्षक कोरोना वारियस का कार्य गांव में पेंटिंग कर लोगों को जागरूक करने में लगे हैं।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ, जन अभाव अभियोग निराकरण, एवं जिले के प्रभारी मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो तथा विद्युत कनेक्शन के अभाव में जलापूर्ति बाधित न हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। प्रभारी मंत्री ने मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में कोविड-19 महामारी, लॉक डाउन और निषेधाज्ञा आदेश की पालना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन जयपुर से जुड़े थे। जिले के समस्त अधिकारी जिला मुख्यालय पर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र से जुड़े हुए थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा अब तक जो प्रयास किए गए हैं, वह बहुत ही सार्थक रहे, इसी के कारण बीमारी का फैैैलाव नहीं हुआ।यहां का प्रशासन और चिकित्सा विभाग सहित स्थानीय लोग विशेषकर भामाशाह और स्वयंसेवी संस्थाओं ने लॉक डाउन के दौरान जो सहयोग दिया, वह भी पूरे राज्य में एक मिसाल बनी है। उन्होंने कहा कि अब नई परिस्थिति में प्रशासन को चाहिए कि जो लोग जिले और प्रदेश के बाहर से आ रहे हैं, उन सबके लिए होम क्वाॅरेन्टाईन में रहने की पुख्ता व्यवस्था करें। जिन मकानों में बाहर से आए व्यक्ति रहते हैं, उनके स्वास्थ्य का परीक्षण समय समय पर होता रहे तथा उनके घर के बाहर एक स्टीकर चिपका दिया जाए, जिस पर यह लिखा हो कि यहां प्रवासी रहा है और अगर वह होम क्वाॅरेन्टाईन की एडवाइजरी की पालना नहीं करें तो जिला प्रशासन को सूचित किया जाए साथ ही प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों से जब जिले के चेक पोस्ट पर बंधपत्र भरवाते हैं, उसी समय यह बेहतर तरीके से समझा देें कि वह किसी भी स्थिति में होम को क्वाॅरेन्टाईन को नहीं तोडेंगे।
सालेह मोहम्मद ने कहा कि लॉक डाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार की समस्या है तथा वर्तमान में गांव में किसानों द्वारा खेत में बहुत अधिक काम करने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मनरेगा के तहत प्रत्येक राजस्व गांव में कार्य स्वीकृत किया जाए। पूर्व में जो लोग जॉब कार्ड धारक हैं, उनके साथ साथ ऐसी व्यवस्था भी करें कि अन्य लोगों को भी मनरेगा के माध्यम से रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि टिड्डी आगमन की संभवना को देखते हुए भी बचाव के सभी पुख्ता उपाय किए जाएं। दवा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध रहे तथा काश्तकारों से अभी से ही बातचीत कर, उन्हें समझाइश करें कि जिला प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि रसद विभाग द्वारा सभी पात्र व्यक्तियों को समय पर राशन उपलब्ध करवाने के लिए भी बेहतर व्यवस्था रखें। समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण करें और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लोगों से बातचीत कर यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें अप्रैल और मई माह का राशन मिल गया है। साथ ही पोस मशीन से वितरण में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए तकनीकी अधिकारियों से समय-समय पर पोस मशीन की जांच करवाते रहें, अगर मशीन खराब हो या कोई अन्य कोई अड़चन हो तो जरूरतमंद को राशन वितरण की कार्रवाई न रोकी जाए। पात्र लोगों को तकनीकी खराबी या अन्य किसी कारण से राशन ना मिले यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जब जिले की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा प्रभारी मंत्री कर रहे थे तो उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि बीकानेर में कोरोना से बचाव तथा इलाज सहित बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए जो त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई थी, वह बहुत बेहतर और शानदार थी। इसके लिए जिला प्रशासन चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग सहित इस कार्य से लगे सभी लोग साधुवाद के पात्र हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा बैठक में जयपुर से जुड़े जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने कहा कि सरकार द्वारा मालवाहक ट्रक आदि के यातायात पर रोक नहीं लगाई है। मगर सभी अधिकारियों को चाहिए कि वह इतना अवश्य निरीक्षण करें कि ट्रक के माध्यम से केवल खाद्य सामग्री या अन्य अनुमति सामान ही परिवहन हो रहा है। सामान परिवहन करने के बहाने कोई व्यक्ति, कोई ट्रक चालक या अन्य किसी के द्वारा आमजन को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने का कार्य तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्थित सभी निजी चिकित्सालय भी निर्धारित समय में खोलें जाएं और उनमें जरूरतमंद लोगों का इलाज हो, इसके लिए भी जिला प्रशासन समय-समय पर निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखें।
बैठक में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों को होम क्वाॅरेन्टाईन किया गया है। साथ ही ग्राम स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन किया गया है तथा मेडिकल टीम द्वारा ऐसे लोगों पर कड़ी पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के माध्यम से वर्तमान में 65 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा रखा है। बीकानेर जिले में सभी अनुमत उद्योग इकाइयों ने काम प्रारंभ कर दिया है। जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन पास ही जारी किए जा रहे हैं। इसी तरह वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी की पालना में लॉक डाउन के दौरान खाद्य आधारित आटा, मसाला, दालें, पापड़, भुजिया, मैदा, बेसन आदि इकाइयां कार्य कर रही हैं। जिले में पीने के पानी की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है तथा और जरूरत पड़ने पर कंटीजेंसी प्लान भी तैयार है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नरेंद्र पाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दीपक बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीणा, नीलम प्रताप सिंह, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल, जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर, उपनिदेशक आईटी सत्येंद्र सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे