js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170
विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। जिले में हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स एवं 60 साल से अधिक गंभीर बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों के प्रिकोशन डोज लगाई जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी सहित नागौर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भी पंडित जेएलएन राजकीय अस्पताल में स्थापित कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर पर प्रिकॉशन डोज लगवाई।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी बुधवार को दोपहर में प्रिकॉशन डोज लगवाने के बाद यहां गाइडलाइन के मुताबिक पर्यवेक्षण कक्ष में निर्धारित समय तक ठहरे। प्रिकॉशन डोज लगवाने के बाद जिला कलक्टर ने आमजन के लिए संदेश दिया है कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है कि वे आवश्यक रूप से मॉस्क पहने, दो गुज की दूरी रखें और अपने खुद को, अपने परिवार को, अपने समाज के हित में दोनो वैक्सीन लगवाएं। साथ ही हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स एवं 60 साल से अधिक गंभीर बीमारियों से पीड़ित बुजुर्ग, जिनको कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लगवाए 39 सप्ताह का समय बीत चुका है, वे प्रिकॉशन डोज जरूर लगवाएं।

इसके साथ ही यहां पंडित जेएलएन राजकीय अस्पताल स्थित कोविड वैक्सीनेशन सेंटर में बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल मीणा तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया व लेखाधिकारी सुरेश पारीक ने भी प्रिकॉशन डोज लगवाई। इस मौके पर अस्पताल के डिप्टी कंट्रोलर डॉ. अनिल पुरोहित एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव सोनी, जिला नोडल अधिकारी भवानीसिंह हापावत तथा एपीडेमोलॉजिस्ट साकिर खान मौजूद रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया ने बताया कि पहले दिन जिले भर में आयोजित टीकाकरण सत्रों के दौरान बुधवार को शाम छह बजे तक साढ़े तीन हजार लोगों को निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार प्रिकॉशन डोज लगाई गई। डॉ. महिया कहा कि आमजन को भी यथाशीघ्र वैक्सीन लगवानी चाहिए। वहीं जिन हेल्थ वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स को दूसरी डोज लगवाए 9 माह हो गई है वे तत्काल प्रिकॉशन डोज लगवाएं। गंभीर बीमारी से पीड़ित 60 वर्ष आयु से अधिक बुजुर्ग नागरिक भी प्रिकोशन डोज लगवा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें दूसरी डोज लिए हुए नौ माह या इससे अधिक समय हो गया हो तथा साथ ही कोविन पोर्टल में पहले से पंजीकृत हों, क्योंकि अब नए सीरे से पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं जिनको पूर्व में कोवेक्सिन लगी है उन्हें कोवेक्सिन एवं जिन्हें कोविशिल्ड लगी है उन्हें कोविशिल्ड ही लगेगी। वहीं दूसरी ओर जिले में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों के वैक्सीनेशन का काम भी जारी है। साथ ही वंचित आमजन को कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज भी लगाई जा रही है।
]]>
इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ सोनी ने कहा राज्य स्तरीय महाअभियान के अंतर्गत नागौर जिले में लगभग 23 लाख पौधों का घर-घर वितरण किया जाएगा जिसमें 4 औषधीय पौधे तुलसी , गिलोय , अश्वगंधा व कालमेघ हैं जिनका आयुर्वेद में बहुत महत्व है । कोरोना की इस विषम परिस्थिति में यह हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाएंगे । नागौर जिले की 11 नर्सरी द्वारा इसका उत्पादन किया जा कर इस माह प्रथम चरण तथा अक्टूबर में द्वितीय चरण में वितरण होगा । इस योजना में नगर निकायों के आधे वार्ड तथा आधी ग्राम पंचायत शामिल होगी । वन विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है जिसमें रूट चार्ट व पौधों की संख्या भी शामिल है । इसमें शहरी क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया जाएगा कि जिनके पास भूमि कम है वह गमलों में ही इन पौधों को लगाएं । उन्होंने कहा कि जो किसी मान्यता के कारण से इन पौधों को नहीं लगाने की धारणा रखते हैं वह स्वस्थ सोच रखें और केवल इसका औषधीय महत्व देखें । यह जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुंचाएं । अनेक लोगों द्वारा तुलसी पत्रों को प्रसाद रूप में भी लिया जाता है लेकिन वर्तमान में हम इसे शारीरिक स्वास्थ्य के संदर्भ से ही लें । उन्होंने उपस्थित संवेदनशील जनप्रतिनिधियों से शहर का सौंदर्यीकरण व पर्यावरण के क्षेत्र में और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि बरसात के इस मौसम में जाति , मजहब व दलगत से ऊपर उठकर नागरिकों को इस बात के लिए तैयार करें कि वह मार्गो तथा भवनों के मध्य के खाली जगह में युक्तिसंगत तरीके से पौधे लगाएं जिससे आंखों को हरियाली देखकर सुकून मिल सके । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बा और बापू योजना जो कस्तूरबा गांधी तथा महात्मा गांधी से संबंधित है , के द्वारा सघन पौधरोपण का कार्य पंचायत राज विभाग द्वारा हाथ में लिया गया है ।

जिला कलक्टर ने जनप्रतिनिधियों से गोगेलाव कन्वर्शन क्षेत्र में निवास बनाने वाले जंगली पशुओं की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे शहर व गांव के फैंफड़े हैं । इसलिए इनको बचाने के निमित्त काम करें । उन्होंने स्काउट व गाइड टीम को भी इस संबंध में सहयोग करने का आग्रह किया । जिला कलक्टर ने गोगेलाव रोड पर स्थित तारबंदी वन क्षेत्र में उगे बबूल के पेड़ों के स्थान पर अन्य पौधे रिप्लेस करने का भी निर्देश दिया ।
पार्क का करें विस्तार , सौंदर्यकरण पर दें जोर
जिला कलक्टर ने अमृता देवी उद्यान के विस्तार पर बल दिया । उन्होंने नगर परिषद व राजस्व कार्मिकों से पार्क में आने वाले रास्तों के और विकल्प तलाश करने का भी निर्देश दिया । उन्होंने पार्क को तारबंदी से सुरक्षित रखने तथा इसके संरक्षण के निमित्त सीमेंट पत्थर से युक्त खंभे जनसहयोग से बनाने का भी आह्वान किया । इस पर परिषद उपसभापति सदाकत अली ने 25 , पार्षद भरत टाक , पदमश्री भांभू , राकेश सेन , पार्षद गोविंद कड़वा , ललित लोमरोड़ व हरिराम ने 10-10 खंबे निर्माण हेतु अपनी ओर से सहयोग करने की घोषणा की ।

इस अवसर पर अपने संबोधन में सीईओ चौधरी ने कहा कि पौधरोपण के माध्यम से एक धरती एक आसमान की परिकल्पना साकार होगी । उन्होंने मायड़ भाषा में कहा कि मिनखां री माया , पेड़ा री छाया , निरोगी रैवे काया इस घर-घर औषधि अभियान से सार्थक होगी । पदमश्री हिम्मतराम भांभू ने कहा कि कितना भी विकास हो लेकिन वह प्राणवायु ऑक्सीजन नहीं दे सकता । पेड़ पौधे में सर्व पंथ समभाव होता है । इसलिए पेड़ लगाने का पवित्र कार्य करें और उसे संरक्षित करते हुए वृक्ष का भी रूप दें । अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया ने कहा कि पौधों से प्राणवायु ऑक्सीजन प्राप्त होती है जो प्राकृत होती है । कोरोना की द्वितीय लहर ने बता दिया कि शरीर के लिए पौधों की प्राकृत व ताजी हवा जरूरी है जबकि अस्पतालों में मिलने वाली प्राणवायु कृत्रिम होती है । कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति नीतू बोथरा ने कहा कि 72 वें वन महोत्सव के आयोजन से हमें यह संदेश लेना चाहिए कि वृक्ष ही जीवन है । कोरोना के बाद में इनकी महत्ता और बढ़ गई है । कार्यक्रम में पर्यावरणविद रामरतन बिश्नोई ने भी अपने विचार व्यक्त किए । जिला वन संरक्षण अधिकारी ज्ञानचंद मकवाना ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि रखी । इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी भंवराराम सियाक, सीओ स्काउट अशफाक पंवार , सीओ गाइड मीनाक्षी भाटी , पार्षद नवरत्न बोथरा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने एक एक पौधा लगाया । कार्यक्रम में उद्यान में 400 पौधे लगाए गए ।

कार्यक्रम के पश्चात जिला कलक्टर व वन विभाग अधिकारियों द्वारा मंगलम नगर के समीप स्थित पार्षद गोविंद कड़वा के आवास से घर-घर औषधि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया । जिला कलक्टर द्वारा स्वास्थ्य भवन में गिलोय का पौधा भी लगाया गया । कार्यक्रम में सभापति बोथरा द्वारा अश्वगंधा व कालमेघ का पौधा भी लगाया गया ।


विनयएक्सप्रेस समाचार, नागौर। जिला मुख्यालय स्थित गांधी चौक में राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय में रखी किताबों की जानकारी अब आगामी समय में पाठकों को आॅनलाइन मिल सकेगी। इससे पुस्तकालय में रखी वर्षों पुरानी पुस्तकों को पाठक मिलेंगे और पाठकों को पुस्तकों की उपलब्धता के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी। इस आशय के निर्देश जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान दिए।

जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने मंगलवार की दोपहर भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के गांधी चौक स्थित सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अलमारियों में रखी पुरानी व दुर्लभ पुस्तकों की सही देखभाल करने व यहां आने वाले सदस्य पाठकों को इसके बारे में जानकारी देने और रूचि दिखाने पर पुस्तक पढ़ने के लिए ईश्यु करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने पुस्तकालय अध्यक्ष को निर्देश दिए कि वे सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक कार्यालय में संपर्क करें और सभी किताबों का रिकाॅर्ड संग्रहित कर उन्हें नागौर जिला एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट पर आॅनलाइन करवाएं। इसके लिए नागौर लाइब्रेरी के नाम से वेबसाइट पर एक अलग लाॅगइन दिया जाएगा। डाॅ. सोनी ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी संपतराम को इस कार्य की पूरी माॅनिटरिंग करने व मासिक बैठक कर समीक्षा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने पुस्तकालय संचालन व इसके विकास को लेकर जुड़े अधिकारियों की बैठक भी ली। बैठक में निर्देश दिए गए कि आगामी समय में विश्व पुस्तक दिवस व विश्व पुस्तकालय दिवस पर सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय में कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर यहां नियमित पाठकों को पुस्तक मित्र सम्मान दिया जाएगा। पुस्तकालय में रखी विभिन्न भाषाओं की महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रचार-प्रसार हो, इसके लिए यहां उर्दू, राजस्थानी, हिंदी व अंग्रेजी साहित्य के व्याख्याताओं की अलग-अलग टीम बनाई जाएगी। यह विशेषज्ञ टीमें अपने से संबंधित विषयों से जुडी अच्छी व दुर्लभ पुस्तकों की छंटनी करेंगे तथा इसके बारे में वीडियो पर जानकारी देंगे, जिन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाएगा। साथ ही पुस्तकालय में सदस्यों से मिलने वाले शुल्क की राशि से प्रतियोगी परीक्षाओं के काम आने वाली पुस्तकें भी यहां आने वाले विभिन्न तरह की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए उपलब्ध करवाई जाए, जिससे उनका पुस्तकालय के प्रति रूझान बढ़े। साथ ही पुस्तकालय में आजीवन सदस्य शुल्क को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति की आगामी बैठक में बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि पुस्तकालय भवन में साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत व रंगरोगन के कार्य को करवाएं ताकि इसके मूल स्वरूप में निखार आए।
जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी मंगलवार को राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय के औचक निरीक्षण के दौरान खुद ही अलमारियों व रैक में रखी पुस्तकों में से पुरानी पुस्तकें ढूंढने में रम गए और उन्होंने, हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी व राजस्थानी साहित्य से जुड़ी कई पुरानी पुस्तकें खोज डाली और पुस्तकालय अध्यक्ष से इनकी अलग रैकिंग करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने नागौर पुस्तकालय की आजीवन सदस्यता भी और ली शुल्क जमा करवाया। इस मौके पर नागौर नगर परिषद की आयुक्त मनीषा चैधरी ने भी पुस्तकालय की आजीवन सदस्यता ली। जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान पुस्तकालय अध्यक्ष से पुराने पुस्तक ईश्यु रजिस्टर को भी संरक्षित रखने के निर्देश दिए।