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ias naveen jain – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Fri, 09 Jul 2021 11:51:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राशन डीलर का प्राधिकार पत्र किया निलम्बित https://vinayexpress.in/2021/07/09/nagaur-387/ Fri, 09 Jul 2021 11:51:34 +0000 https://vinayexpress.in/?p=11337 विनय एक्सप्रेस समाचार,नागौर । जिले की मकराना तहसील में बुधवार को जिला रसद अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम जूसरी में राशन डीलर सीमा देवी द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान पर राशन सामग्री वितरण में गंभीर अनियमितता बरतना पाया गया। जिस पर रसद अधिकारी ने राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) के आदेश 1976 के खण्ड 8 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीलर को जारी किए गए राशन वितरण सामग्री प्राधिकार पत्र को तुरन्त प्रभाव से निलम्बित कर दिया है।

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वैक्सीन-50 पुस्तक संकटकाल में प्रेरणा की कृति : कृष्ण कांत पाठक https://vinayexpress.in/2020/10/02/book-review-vaccine-50/ Fri, 02 Oct 2020 07:16:56 +0000 https://vinayexpress.in/?p=2023 विनय एक्सप्रेस- पुस्तक समीक्षा, जयपुर। जगत् सदा से समस्याओं भरा रहा है और जीवन सदा चुनौतियां लेता रहा है। कोविड-19 करोनावायरस ने 2019 के अंत व 2020 के आरंभ के साथ दस्तक दी और कुछ ही समय में वैश्विक महामारी के रूप में फैल गया। भारत भी प्रभावित हुआ, लाखों लोग बीमारी से संक्रमित हुए, हजारों लोग मारे गए। करोड़ों की जीविका प्रभावित हुई, इनमें बहुतों की तो छूट ही गई। लोग सड़कों पर पैदल चले, सैकड़ों मील, घर लौटने के लिए. त्रासदी जीवन और जीविका दोनों की थी।

ऐसे अंधकार के कालखंड में, जबकि जिजीविषा हर ओर प्रकाश की राह देख रही है, उनमें श्री नवीन जैन की ये कथात्मक प्रेरणाएँ किरण बनकर उतरती दिखती हैं। वे कोरोना की व्याधि से भयाक्रांत व जीविका जाने से सर्वहारा बने वर्ग के लिए पूरी निष्ठा से लोकसेवक के रूप में कार्य कर रहे थे, विशेष रूप से उन्हें सुविधाजनक रूप में घर पहुंचाने का, उसी क्रम में मानवीय संवेदना के साथ उन्होंने इन प्रेरक प्रसंगों भरी पंक्तियों का सृजन किया। आधुनिक ऑडियो माध्यम में वे पहले ही विपुल लोकप्रियता प्राप्त कर चुकी हैं, परम्परागत लिखित रूप में भी वे मानस पटल का अमिट लेख बन कर प्रकाशित हो रही हैं।

कृष्ण कांत पाठक: पुस्तक समीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय प्रशासनिक सेवा

छोटे अध्यायों में निबद्ध व बड़े संदेशों को लिए यह कृति सरल व प्रवाहमय है, इतनी कि सभी वर्ग पढ़ सकें, बिना व्यवधान, बिना व्याख्या। वे सीधे अंतस् को छूती हैं, हृदय को स्पंदित करती हुई भी, चेतना को झकझोरती हुई भी. इसलिए वे केवल कोरोना कालखंड की वैक्सीन ही नहीं रह गई हैं, पूर्व व पश्चात् के काल की भी संचेतना बन गई हैं। आशा है, एक दिन जगत् फिर बदल जाएगा, जब कोरोना की कोई चिकित्सकीय वैक्सीन आ जाएगी। जीवन सहज होने के साथ लोग कुछ समय बाद संभवतः कोरोना को बिसराने लगें, तब भी बानगी में रहेगी और यह कृति अपनी वैक्सीन लिए लोगों को जीवन के सूत्र सिखाती मिलेगी।

E.mail: vinayexpressindia@gmail.com

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