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The Victory Flame along with the representative teams of Konark Corps, Southern Command has arrived at Jaisalmer Military Station. The flame symbolises decisive victory, guts and glory displayed by the immortals that made the supreme sacrifice for the motherland in the finest tradition of the Indian Army.

Major General Ajeet Singh Gahlot, Sena Medal, General Officer Commanding, Battle Axe Division received the Victory Flame at the Jaisalmer War Museum. All serving personnel and Veterans of Jaisalmer Military Station were present for the event. The war heroes and veterans were felicitated during the event.

During the stay of victory flame at Jaisalmer, various ceremonies will be conducted at Jaisalmer Military Station as well as Border Areas. The Ceremonies include wreath laying, felicitations of Veterans and Veer Naris, Online Painting and Quiz Competition, Tree Plantation drive and Victory March to all units stationed at Jaisalmer Military Station.
The victory flame will now move to Laungewala and other border areas
]]>उन्होंने कहा कि आम जन को अपने निवास क्षेत्र में ही बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सार्थक कार्य किए जा रहे हैं ताकि लोगों को सहूलियत रहे और किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। लोगों को अपने क्षेत्र में नजदीक ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सुविधाओं के लिए चिकित्सालयों के साथ ही प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सुदृढ़ करते हुए सभी सुविधाओं व संसाधनों से सम्पन्न किया गया है।
अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने यह उद्गार गुरुवार को दिल्ली से डॉ. एस.एल. स्वामी एवं दीपक गहलोत की ओर से 10 ऑक्सीजन कांसंट्रेटर भेंट किए जाने के दौरान व्यक्त किए। इनमें 2 कांसंट्रेटर पीएचसी भागू का गांव तथा शेष 8 कांसंट्रेटर नाचना क्षेत्र के लिए भिजवाए जाएंगे। अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद एवं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमीन खान के आग्रह पर इन भामाशाहों ने ये कांसंट्रेटर भेंट किए हैं। अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने ऑक्सीजन कांसंट्रेटर भेंटकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि इससे क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल पांएगी।

चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी
कोरोना महामारी में मरीजों को सीएचसी पर अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर लगवा दिए हैं। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एंबुलेंस मुहैया कराई गई है। पोकरण उप जिला अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं आएगी।
संक्रमण रोकने में सहभागिता निभाएं
उन्होंने कहा कि महामारी को रोकने के लिए सरकार के साथ आमजन का सहयोग जरूरी है। जिस प्रकार आमजन ने जन अनुशासन पखवाड़े में सहयोग किया, वैसा ही सहयोग आगे भी देते रहें, ताकि प्रदेश एवं जिले को कोरोना मुक्त करने में मदद मिले।
ज्यादा राशि वसूलें तो शिकायत दर्ज कराएं
उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अस्पतालों में संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि निजी अस्पताल, लैब एवं दवा की दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली जाने पर राजस्थान सरकार के जन शिकायत केंद्र पोर्टल 181 पर शिक़ायत दर्ज कराएं ताकि अधिक राशि वसूलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
पोकरण में जिला परिवहन कार्यालय से आम जन को राहत
अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ने कहा कि पोकरण में जिला परिवहन कार्यालय खुलने से क्षेत्रवासियों को ड्राइविंग लाईसेंस बनवाने, वाहनों के रजिस्ट्रेशन तथा परिवहन संबंधी अन्य कार्यों की सुविधा यहीं पर मिल जाएगी और इसके लिए अब जैसलमेर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब परिवहन विभाग से संबंधित तमाम कार्य पोकरण में ही होगें ।
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वीकेंड कर्फ्यू शुक्रवार सांय 6 बजे से सोमवार प्रातः 5 बजे तक की अवधि के लिए रहेगा। जिला कलक्टर आशीष मोदी की निर्देशों की पालना में जैसलमेर शहर के बाजार में नगर विकास न्यास के सचिव अनुराग भार्गव, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अर्चना व्यास, जिला रसद अधिकारी जब्बरसिंह चारण, आयुक्त नगर परिषद शशिकांत शर्मा के साथ ही पुलिस अधिकारियों ने भ्रमण कर कर्फ्यू की पालना की स्थिति का जायजा लिया।
कर्फ्यू के दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने भी सहयोग किया एवं उन्होंने सांय 6 बजे अपने प्रतिष्ठानों को बन्द भी किया। जिन प्रतिष्ठानों ने बन्द नहीं किया, उनको समझाईश करके प्रतिष्ठान बन्द करवाएं। कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठान के संचालकों ने अपनी और से प्रतिष्ठानों को बन्द किए। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे कर्फ्यू की पालना अनिवार्य रूप से पालन करें एवं कर्फ्यू के दौरान बाहर नहीं विचरण करे।
उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर रमेश सीरवी ने बताया कि शुक्रवार, 16 अप्रेल को जैसलमेर उपखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत पंचायत समिति जैसलमेर क्षेत्र के ग्राम भोजासर, डेलासर, छत्रैल, पंचायत समिति सम के ग्राम रामगढ़- शहीद रमणलाल विद्यालय, तिबनसर, खुहड़ी-धोबा, डेढा/खाभा/खाभीया, जाजीया/साहुभील की ढाणी/भोजाणियों की ढाणी एवं दव में तथा पंचायत समिति मोहनगढ के ग्राम काणोद, बाहला, भादासर में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के अन्तर्गत पंजीकरण शिविर लगेंगे।
उन्होंने बताया कि शनिवार, 17 अप्रेल को पंचायत समिति जैसलमेर के ग्राम मूलसागर, उदयसिंह नगर डाबला, धायसर में तथा सम समिति के ग्राम रामगढ़- सुथार पाड़ा, सियाम्बर, निम्बा/बीदा व हटार में तथा मोहनगढ़ समिति के ग्राम हडडा व खींवसर में पंजीकरण शिविर लगेंगे।
सांकड़ा समिति के आईटी केन्द्र मंे वेबेक्स के माध्यम से अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण मंत्री शाले मोहम्मद ने भी बाबा साहब अम्बेडकर की जयन्ती पर बधाई देते हुए कहा कि सभी समाज संगठित होकर प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिला स्तर पर वीसी कक्ष में जिला कलक्टर आशीष मोदी, अतिरिक्त जिला कलक्टर हरिसिंह मीणा, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिम्मत सिंह कविया, उपनिदेशक महिला अधिकारिता अशोक गोयल, उपनिदेशक सूचना एवं प्रोद्योगिकी अशोक कुमार, जिला स्तरीय महात्मा गांधी आयोजन समिति के उपसंयोजक रूपचंन्द सोनी के साथ ही जिले में अनुसूचित जाति, जनजाति समुदाय के हितार्थ कार्य करने वाले प्रतिनिधि रत्नाराम भील, आत्माराम मेघवाल, गाजीराम भील, गिरधारीराम मेघवाल, पेमाराम भील, जोगाराम भील, पवन, गोर्धनराम मेघवाल, पेमाराम, प्रेमराज, बाबूलाल उपस्थित थे।
जिला कलक्टर मोदी ने वीसी के प्रारम्भ में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासहित स्मरण किया वही उपस्थित सदस्यों ने भी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किये। जिला कलक्टर ने वीसी के अन्त में उपस्थित सदस्यों से आहवान किया कि वे मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में सभी पात्र लोगों का पंजीकरण कराने में सहयोग करावें साथ ही कोविड-19 की दूसरी लहर में लोगों को कोविड-19 गाईडलाइन की पालना करने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने, मास्क पहनने की चेतना जगावें एवं कोविड बचाव के लिए अपनी और से पूरा सहयोग दें।
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श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अम्बेडकर जयन्ती पर आयोजित ‘‘सर्व समाज की भूमिका शांतिपूर्ण प्रदेश के लिए’’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में झगड़े होते हैं, वहां सुख-शांति कायम नहीं हो सकती। यही बात हमारे समाज, प्रदेश एवं देश पर भी लागू होती है। आज समाज को विघटित करने वाली भाषा प्रयोग में लाई जा रही है, लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इससे समाज के विभिन्न वर्गों में वैमनस्य कायम हो रहा है। धर्म निपेक्षता की मूल भावना को भुला दिया गया है। संवैधानिक संस्थाओं पर भारी दबाव है। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावना को आत्मसात करते हुए हमें अपने व्यवहार एवं भाषा पर संयम रखने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने बचपन में उनके साथ हुए अन्याय और अपमान पर प्रतिक्रिया नहीं की बल्कि उच्च अध्ययन कर अपने आपको काबिल बनाया और दलित, शोषित एवं पिछड़ों को उनका हक दिलाया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी दक्षिण अफ्रीका में उनके साथ हुए भेद-भाव एवं अपमान का घूंट पीकर ऊंच-नीच दूर करने एवं समाज में समरसता कायम करने में जुट गए। हमारे युवाओं को भी सही राह दिखाने की आवश्यकता है। उन्हें देश के हालात पर चिंतन-मनन करने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इनमें सुधार ला सकें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में छुआछूत एवं घूंघट प्रथा मानवता पर कलंक हैं।
अल्पसंख्यक मामलात मंत्री श्री शाले मोहम्मद ने कहा कि आज जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने के प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में गांधीजी और बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के विचारों को अपनाने की जरूरत है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि बाबा साहेब के विचारों को अपनाते हुए प्रदेश में दलित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के कल्याण की भावना के साथ कार्य किया जा रहा है।
संगोष्ठी के वक्ता गांधीवादी विचारक डॉ. एन सुब्बाराव ने कहा कि धर्म, जाति एवं क्षेत्र के आधार पर किसी तरह का विभेद नहीं हो और पूरी मानव जाति को एक परिवार की तरह माना जाए, ऐसी शिक्षा हमें हमारे बच्चों को देने की जरूरत है। उन्होंने अम्बेडकर जयन्ती पर इस कार्यक्रम के माध्यम से सर्व समाज को एक साथ लाने के प्रयास के लिए मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया।
गांधीवादी विचारक एवं गांधी पीस फाउण्डेशन के पूर्व उपाध्यक्ष श्री पीवी राजगोपाल ने कहा कि समाज को तोडऩे वाली भाषा के प्रयोग का हमारी भावी पीढ़ी पर गलत असर पड़ेगा। भाषा का संतुलन एवं ज्ञान आधारित सूचना आज समाज के लिए बहुत जरूरी है। हिंसा की तुलना में हमें अहिंसा को उससे भी मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि गांधीजी विरोधी के प्रति भी नफरत की भावना रखने में विश्वास नहीं करते थे।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देव स्वरूप ने कहा कि बाबा साहेब ने पहली बार दलित एवं शोषित वर्ग में चेतना पैदा की और उन्हें इस बात का अहसास दिलाया कि संसाधनों पर उनका भी बराबरी का हक है। वे मानते थे कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या धर्म से नहीं बल्कि उसकी काबिलियत के आधार पर होनी चाहिए। वे एक संतुलित एवं न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के पक्षधर थे।
मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने कहा कि रागात्मक एवं भावनात्मक एकता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के सिद्घांतों का एक बड़ा पहलू था, जिसकी आज जरूरत है। शासन सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता डॉ समित शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री मनीष शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने बाबा साहेब की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर उल्लेखनीय सेवाओं के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। वर्ष 2020 का अम्बेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार श्री कोदरलाल बुनकर को जबकि 2021 का अम्बेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार श्री ए. आर. खान को दिया गया। पुरस्कार के तहत एक लाख रूपए का चौक एवं प्रतीक चिन्ह दिया गया। 50 हजार रूपए का अम्बेडकर सामाजिक न्याय पुरस्कार एडवोकेट श्री महावीर जिन्दल को जबकि 50 हजार रूपए का अम्बेडकर महिला कल्याण पुरस्कार अरमान फाउण्डेशन की डॉ. मेनका भूपेश को दिया गया। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 17 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अम्बेडकर शिक्षा पुरस्कार के तहत 51-51 हजार रूपए की राशि के चौक दिए गए।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि मृत पशुओं के शवों के सड़ने ‘‘कलोस्ट्रीडियम बोटूलाईनम’’ जीवाणु के द्वारा ‘‘बाॅटूलाईनम’’ नाम अत्यनत तेज विष (टोक्सिन) उत्पादित होता है। जिले में उत्पादित होने वाले चारे में फासफोरस तत्व की कमी तथा दुधारु गायों में दुग्ध उत्पादन के कारण उसके शरीर में फासफोरस तथा अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे इनकी पूर्ति के लिये गाये मृत पशुओं की हड्डीया खानी प्रारंभ कर देते है।
उन्होंने बताया कि मृत पशुओं की सडे हुये मांस व हड्डीयों में ‘‘कलोस्ट्रीडियम बोटूलाईनम’’ जीवाणु द्वारा अत्यंत घातक टोक्सिन पैदा हो जाता है। जिसके शरीर में जाने से पशुओं की मांसपेशीया कमजोर होकर लकवा होने की शिकायत हो जाती है तथा टोक्सिन के कारण पशु मुंह से जीभ बाहर निकाल देता है, मुंह से लारे गिरना व चारा पानी का सेवन करना बंद कर देता है। बिमार गौवंश खडे होने में असमर्थ होता, जिसके कारण उसकी मृत्यु हो जाती है। इस रोग का कोई उपचार नहीं है।
उन्होंने बताया कि रोग से बचाव के लिए जिले की सभी संस्थाओं में मिनरल मिक्सर पाउडर उपलब्ध है जिसे प्रतिदिन 50 ग्राम पाउडर व नमक दाने में खिलाना चाहियें। इस रोग में मृत्यु दर बहुत अधिक है। उन्होंने जिले के सभी पशुपालकों को सुझाव दिया कि वें मृत पशुओं के शवों का निस्तारण वैज्ञानिक विधि से गड्डा खोदकर दफनाकर करें एवं ग्राम पंचायत के सहयोग से ग्राम से 02-03 कि.मी. की दूरी पर चार दिवारी बनाकर बंद बाडे़ में मृत पशुओं के शवों को डाले।
इस संबंध में जिले के सभी पशुपालकों को यह भी सुझाव दिया गया हैं कि वें अपने दुधारु पशुधन को बांधकर सुरक्षित रखें तथा दैनिक रुप से पशु चिकित्सालयों में उपलब्ध मिनरल मिक्सर व नमक दाने के साथ आवश्यक रुप से खिलाया जाना सुनिश्चित करें। जिले की सभी संस्थाओं द्वारा इस दिशा में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाकर सभी पशुपालकों को जन जागरुक किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी सलाह दी की कृषि मंडियों में खुले आसमान में रखे हुए अनाज को ढककर व सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके। इसके साथ ही खेतों में लगे सोलर सिस्टम को भी अचानक तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है अतः सुरक्षित स्थान पर रखने, यदि अपने आसपास मेघगर्जन की आवाज सुनाई दे या बिजली चमकती हुई दिखाई दे, तो पेड़ के नीचे शरण ना लेने, तेज अंधड़ के समय बड़े पेड़ों के नीचे व कच्चे मकानों में शरण लेने से बचने की सलाह दी व साथ ही अंधड़ के समय बिजली के खम्भों व तारों के पास नही रहने की भी सलाह दी साथ ही इस दौरान वाहन चालकों को भी यातायात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
यह जानकारी देते हुए उपखण्ड अधिकारी रमेश सिरवी पुनाडिया ने बताया कि इन शिविरों को प्रभावी एवं उपलब्धिमूलक बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके अन्तर्गत निर्धारित दिवसों में टीकाकरण स्थल व मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजनान्तर्गत पंजीयन के आयोजित शिविर को लेकर संबंधित ग्राम पंचायत व ग्राम के जनप्रतिनिधि यथा सरपंच, वार्डपंच व गाँव के अन्य मौजिज व्यक्तियों से समन्वय स्थापित करते हुए शिविर से 2-3 दिवस पूर्व पंचायत के पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, बूथ लेवल अधिकारी, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका/आशा इत्यादि शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करेंगे तथा शिविर के दिन सभी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
रविवार को इन गांवों में होगा शिविर
उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रेल, रविवार को जैसलमेर पंचायत समिति अन्तर्गत भागु का गांव, बड़ोडा गाँव और चाँधन, सम पंचायत समिति अन्तर्गत हरनाउ एवं म्याजलार तथा मोहनगढ़ पंचायत समिति अन्तर्गत देवा, मोहनगढ़ एवं खींया में शिविर आयोजित होगा।
उन्होंने बताया कि चिंरजीवी योजनान्तर्गत पंजीकरण शिविर एवं टीकाकरण कार्यक्रम से सम्बन्धित व्यवस्थाओं हेतु निम्नानुसार दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पंजीकरण शिविर एवं टीकाकरण कार्यक्रम सम्बन्धित सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तथा जहाँ सीएचसी/पीएसी नहीं हैं वहाँ राजीव गाँधी सेवा केन्द्र (पंचायत) या राजकीय विद्यालय में आयोजित किए जायेंगे।
निर्देशों के अनुसार पंजीकरण शिविर के दौरान कोविड-19 की गाईडलाइन एवं सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क पहनने आदि की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी। टीकाकरण की सम्पूर्ण व्यवस्था संबंधित चिकित्सा अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जावेगी। चिरंजीवी योजना अन्तर्गत पंजीकरण शिविर की सम्पूर्ण व्यवस्था संबंधित ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जावेगी। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी, सुपरवाईजर योग्य लोगों की सूची बनाकर, सूची के अनुसार योग्य लोगों को शिविर तक लाने हेतु प्रेरित कर पंजीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करवायेंगे। संबंधित पटवारी, शिविर के दौरान उपस्थित रहकर जमाबंदी की प्रतिलिपि जारी करेंगे तथा आमजन को पंजीकरण एवं टीकाकरण के लिये प्रेरित कर शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करेंगे।
उपखण्ड अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कृषि पर्यवेक्षक, लघु एवं सीमांत कृषको को शिविर तक लाने हेतु प्रेरित कर पंजीकरण एवं शिविर का व्यापक प्रचार – प्रसार करने का कार्य करेंगे। पंजीकरण शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं मोबिलाईजेशन कार्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/आशा एएनएम के द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। लाभार्थियों के पंजीयन हेतु ई-मित्र की व्यवस्था उप निदेशक, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग जैसलमेर एवं संबंधित विकास अधिकारी के द्वारा सुनिश्चित की जावेगी। पंजीकरण शिविर से संबंधित प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट मौके पर संबधित ग्राम विकास अधिकारी द्वारा संकलित की जाकर, संकलित सूचना निर्धारित प्रपत्र में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के ई मेल पर भिजवायी जाएगी तथा इसकी एक प्रति प्रोगामर जैसलमेर/सम को भिजवाई जाएगी।
उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर रमेश सीरवी ने बताया कि शनिवार, 10 अप्रेल को जैसलमेर उपखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत सम पंचायत समिति के अन्तर्गत दव, कोहरियों का गांव, रायमला, एवं तुर्के की बस्ती में और मोहनगढ़ पंचायत समिति अन्तर्गत ग्राम पंचायत सुल्ताना में पंजीकरण शिविर आयोजित होगा।
उन्होंने बताया कि जैसलमेर नगर परिषद क्षेत्र में शनिवार, 10 अप्रेल को वार्ड संख्या 31 से 35 के लिए पंजीकरण शिविर आयोजित होगा।