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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीशचन्द्र व्यास ने बताया कि जल परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है, जहां पर पेयजल की भौतिक, रासायनिक एवं जीवाणु गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच की जाती है। इसके पेयजल गुणवत्ता जांच एवं निगरानी कार्यक्रम के तहत फिल्ड टेस्ट किट के माध्यम से भी जल की जांच की जाती है, जिसमें पेयजल से संबंधित पीएच (6.5-8.5), टी.डी.एस.(2000 तक), क्लोराइड(1000 मिली ग्राम प्रति लीटर), फ्लोराइड (1.5 तक), नाइट्रेट (45) आदि की जाती है।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि एक फील्ड टेस्ट किट द्वारा 100 जल नमूनों के परीक्षण हेतु आवश्यक उपकरण एवं विलयन उपलब्ध होते है, यदि कोई व्यक्तिगतरूप से जांच करवाता है तो जीवाणु परीक्षण से संबंधित जांच के 200 रूपये और रासायनिक जांच के 400 रूपये प्रयोगशाला द्वारा लिये जाते है। जबकि विभागीय जांचो का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर फिल्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की जांच करवा सकते है और इसके अलावा विभागीय कार्मिक द्वारा जिला स्तर पर जल जांच प्रयोगशाला में जांच हेतु जल भिजवाया जा सकता है। विभाग जन मानस के स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सजग है।



विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत ‘हर घर नल कनेक्शन‘ के लक्ष्यों को हासिल करने में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को जलदाय विभाग हर साल राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित करेगा। इसके लिए जिला एवं सम्भाग स्तर पर अधिकारियों की उपलब्धियों के मूल्यांकन के लिए जलदाय विभाग द्वारा श्परफॉर्मेंस ऑडिट मैकेनिज्मश् तैयार किया गया है। इसमें निर्धारित पैरामीटर्स के तहत सम्भागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर्स के अलावा जलदाय विभाग के रीजन स्तर पर कार्यरत अतिरिक्त मुख्य अभियंता (एडिशनल चीफ इंजीनियर-एसीई) और जिला स्तर पर अधीक्षण अभियंता (सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर-एसई) के प्रदर्शन का आंकलन किया जाएगा।

जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) श्री सुधांश पंत ने बताया कि जेजेएम के तहत प्रदेश के 43 हजार 362 गांवों के 101 लाख 32 हजार परिवारों को वर्ष 2024 तक श्हर घर नल कनेक्शनश् से जोड़ा जाना है। इनमें से अब तक 20 लाख 7 हजार से अधिक परिवारों को श्हर घर नल कनेक्शनश् जारी किए जा चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 30 लाख परिवारों को श्हर घर नल कनेक्शनश् की सुविधा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वार्षिक लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में प्राप्त करने के लिए सभी स्तरों पर कड़ी मेहनत और कठोर प्रयासों की जरूरत है। इसी दिशा में अधिकारियों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए यह मैकेनिज्म बनाया गया है। इससे उनकी रैंकिंग तय की जाएगी।

कार्य दक्षता के आधार पर मिलेंगे मार्क्स
एसीएस ने बताया कि रैंकिंग सिस्टम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर प्रति वर्ष चार श्रेणियों में 2 सम्भागीय आयुक्त, 5 जिला कलक्टर्स, 3 अतिरिक्त मुख्य अभियंता और 5 अधीक्षण अभियंताओं का चयन किया जाएगा। इन चार श्रेणियों में अधिकारियों की दक्षता और कार्यकुशलता के मूल्यांकन के लिए अलग-अलग पैरामीटर्स निर्धारित किए गए है। जेजेएम के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक श्रेणी में कुछ मानदंड बनाए गए है, इनमें प्रदर्शन के आधार पर उनको अंक दिए जाएंगे। शुरुआत में वर्ष 2021-22 में जेजेएम के लक्ष्यों की प्राप्ति में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों का चयन होगा, जिनको जलदाय विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में श्मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

सम्भागीय आयुक्तों को बड़ा टास्क
श्री पंत ने बताया कि प्रदेश के सभी सात सम्भागीय मुख्यालयों पर तैनात सम्भागीय आयुक्तों को अपने अधीन आने वाले जिलों में वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप ‘हर घर नल कनेक्शन‘ तथा सभी घरों में नल कनेक्शन वाले गांवों की संख्या की मॉनिटरिंग का टास्क दिया गया है। उनको वर्ष 2021-22 के एक्शन प्लान के लक्ष्यों की तुलना में श्हर घर नल कनेक्शनश् की संख्या के लिए 60 तथा श्सभी घरों में नल कनेक्शन वाले गांवों की संख्याश् के आधार पर 40 अंकों में से प्रतिशत उपलब्धि के आधार पर अंक प्रदान किए जाएंगे।

एसीई के लिए मानदंड
एसीएस ने बताया कि जलदाय विभाग में रीजन के प्रभारी एसीई की रैंकिंग तीन मानदंडों के आधार पर तय होगी। उनको अपने अधीन जिलों में वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप श्हर घर नल कनेक्शनश्,श्सभी घरों में नल कनेक्शन वाले गांवश् तथा श्विलेज एक्शन प्लानश् की संख्या के आधार पर अंक दिए जाएंगे। एसीई को अपने रीजन के गांवों में सामुदायिक सहभागिता से श्विलेज एक्शन प्लानश् तैयार कर उनका ग्राम सभाओं में अनुमोदन कराने के लिए 20 अंक, श्हर घर नल कनेक्शनश् की संख्या के लिए 50 तथा श्सभी घरों में नल कनेक्शन वाले गांवों की संख्याश् के आधार पर 30 अंकों में से प्रतिशत उपलब्धि के आधार पर अंक प्रदान किए जाएंगे।

कलक्टर्स करेंगे सघन मॉनिटरिंग
श्री पंत ने बताया कि सभी जिला कलक्टर्स को अपने जिले में जेजेएम के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी कार्यों की नियमित तौर पर सघन मॉनिटरिंग का दायित्व दिया गया है। श्परफॉर्मेंस ऑडिट मैकेनिज्मश् में जिला कलक्टर्स के प्रदर्शन का आंकलन के करने के लिए चार पैरामीटर्स निर्धारित किए गए हैं। जेजेएम में जिला कलक्टर्स की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया गया है। जिला कलक्टर्स को गाइडलाइन के अनुसार इस समिति की प्रतिमाह बैठक और उसका कार्यवाही विवरण समय पर जारी करने के लिए 5 तथा श्विलेज एक्शन प्लानश् के अनुमोदन एवं ग्रामीण जल योजनाओं की स्वीकृति के लिए 20 अंकों में से प्रतिशत उपलब्धि के आधार पर अंक मिलेंगे। इसके अलावा श्हर घर नल कनेक्शनश् की संख्या के लिए 50 तथा श्सभी घरों में नल कनेक्शन वाले गांवों की संख्याश् के आधार पर 25 अंकों में से प्रतिशत उपलब्धि के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

एसई के लिए पैरामीटर्स
एसीएस ने बताया कि सभी जिलों में कार्यरत जलदाय विभाग के एसई के प्रदर्शन का आंकलन करने के लिए भी 4 पैरामीटर्स बनाए गए है। उनको जिला जल एवं स्वच्छता समिति के कार्यों में प्रशासनिक दायित्व के तहत प्रति माह बैठक एवं कार्यवाही विवरण के लिए 10, वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप सामुदायिक सहभागिता से श्विलेज एक्शन प्लानश् को तैयार एवं उनका ग्राम सभाओं में अनुमोदन कराने के लिए 15, श्हर घर नल कनेक्शनश् की संख्या के लिए 50 एवं श्सभी घरों में नल कनेक्शन वाले गांवों की संख्याश् के आधार पर 25 अंकों में से प्रतिशत उपलब्धि के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

फील्ड मशीनरी का भी होगा मूल्यांकन
श्री पंत ने बताया कि सभी कैटेगरी में लक्ष्य की तुलना में पूरी उपलब्धि पर अधिकारियों को पूरे अंक दिए जाएंगे या फिर प्राप्त उपलब्धि के प्रतिशत आधार पर अंक मिलेंगे। उन्होंने बताया कि इन चार श्रेणी के सभी अधिकारियों को इसी आधार पर जेजेएम के तहत अपने अधीन सम्भाग, रीजन, जिला, सर्किल, खण्ड एवं उपखण्ड स्तर भी अधिकारियों एवं कार्मिकों के कार्यों का मूल्यांकन तथा उनको सम्मानित करने का मैकेनिज्म बनाने को कहा गया है।

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