js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर जोधपुर इकाई द्वारा आज कार्यवाही करते हुये श्रवण कुमार (प्राईवेट व्यक्ति) को योगेन्द्र सिंह पटवारी हल्का कोसाणा, तहसील पीपाड़, जिला जोधपुर के लिये परिवादी से 1500 रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक श्री भगवान लाल सोनी ने बताया कि ए.सी.बी. की जोधपुर इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि कृषि भूमि का नामान्तकरण ऑनलाईन दर्ज करने की एवज में योगेन्द्र सिंह पटवारी हल्का कोसाणा, तहसील पीपाड़, जिला जोधपुर द्वारा 4 हजार रुपये रिश्वत राशि मांग कर परेशान किया जा रहा है।

आरोपी पटवारी द्वारा परिवादी से 2 हजार रुपये पहले ही रिश्वत के रूप में वसूल कर लिये है तथा अब अपने दलाल श्रवण कुमार (प्राईवेट व्यक्ति) के माध्यम से 1500 रुपये रिश्वत और मांग कर परेशान किया जा रहा है। जिस पर एसीबी जोधपुर इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भोपाल सिंह लखावत के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया जाकर आज पुलिस निरीक्षक श्री रूपसिंह एवं उनकी टीम द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुये श्रवण कुमार पुत्र श्री माधुराम मेधवाल निवासी पटवार भवन के पास कोसाणा, तहसील पीपाड़, जिला जोधपुर (प्राईवेट यक्ति) को परिवादी से 1500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी योगेन्द्र सिंह पटवारी हल्का कोसाणा, तहसील पीपाड़, जिला जोधपुर ए.सी.बी. की कार्यवाही की भनक लगने पर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आरोपी पटवारी योगेन्द्र सिंह के निवास की तलाशी में 1 लाख 45 हजार रुपये अतिरिक्त नगद मिले हैं।

एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

एसीबी महानिदेशक, श्री भगवान लाल सोनी ने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टोल-फ्री हैल्पलाईन नं. 1064 एवं वॉट्सएप हैल्पलाईन नं. 94135-02834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी मदद करेगी। विदित रहे कि एसीबी राजस्थान राज्य में राज्य कर्मियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार के कार्मिकों के विरूद्ध भी कार्यवाही करने को अधिकृत है।


1. 10 जनवरी, सोमवार से हैल्थ केयर वर्कर्स फंटलाईन वर्कर्स, 60 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के सहरूग्णता प्रकार के लाभार्थी व्यक्ति को चिकित्सकीय राय के अध्याधीन, टीके की द्वितीय खुराक के लगी हुई होने के दिवस से 9 माह/39 सप्ताह/273 दिवस के समयावधि व्यतीत होने के उपरांत, प्रीकॉशन / बूस्टर डोज लगाए जाने के जारी निर्देशों की पालना में जिला व्यापी राजकीय चिकित्सा संस्थानों, सामुदायिक भवन आदि में बहुसंख्यक कोविड टीकाकरण सत्रों में उपलब्धता अनुसार पर्याप्त टीकों का आवंटन करते हुए, इस वर्ग में लक्ष्य अनुरूप उच्चतम उपलब्धि का अर्जन किया जाएं।

2. 11 जनवरी, मंगलवार को 15 से 18 वर्ष के आयु के योग्य लाभार्थियों के टीकाकरण को जारी रखते हुए जिले के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के समस्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर समस्त पंजीकृत योग्य विद्यार्थियों के मौका स्थल पर और आम जन के लिए चिकित्सा संस्थान , सामुदायिक भवन , सार्वजनिक स्थल शिविर स्थल पर बहुसंख्यक टीकाकरण सत्र आयोजित कर, इस आयु वर्ग के लिए विशिष्टतः प्राप्त कोवैक्सीन टीके की समस्त खुराकों के उपयोग में लाया जाकर, निर्धारित लक्ष्य के प्रति शत प्रतिशत उपलब्धि के अर्जन के लिए सर्वोच्य स्तर की विभागीय कार्यवाही की जाएं।
3. 12 जनवरी, बुधवार को राज्य स्तर से नवीनतम प्राप्त मोबाईल मेडिकल वाहन एवं एन०जी०ओ० के वाहनों के सम्मिलित पूल को, कोविड टीकाकरण के लिए अधिकृतता प्रदान करते हुए चिकित्सा विभाग के द्वारा पर्याप्त तकनीकी स्टॉफ मुहैया कराया जाकर, जिले में इन वाहनो को खड़ा किया जाकर कोविड टीकाकरण तथा नियमित कोविड सेम्पलिंग सुनिश्चित की जाएं।
4. 13 जनवरी , गुरूवार राज्य सरकार के स्तर से राजकीय चिकित्सा संस्थानों में प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार को नियमित टीकाकरण के आयोजन के निर्देशों के अनुसरण में उक्त टीकाकरण की कार्यवाही संपादन के सह शहर के 9 जोन के प्रत्येक जोनल मुख्यालय अथवा ऐसे शहरी स्थल, जो सुगम पहुंच सघन जनसंख्या, सहज दृश्य के गुणधर्म के हो, का पूर्व चिन्हीकरण एवं पर्याप्त आई०ई०सी० करते हुए, इनमें कोविड टीकाकरण सत्रों का प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक आयोजन सुनिश्चित किया जाएं।
5. 14 व 15 जनवरी, शुक्रवार एवं शनिवार इन दिवसों में चिकित्सा विभाग, नगर निगम, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, पुलिस प्रशासन के अधिकारी, कार्मिक के समन्वय एवं सहयोग कार्यवाही से नगर निगम वार्ड, ग्राम पंचायत क्षेत्र के रहवास बस्तीयों के प्रत्येक घर समूह के समक्ष टीकाकरण दल के द्वारा क्रमिक रूप पहुॅचा जाकर टीकाकरण मौके पर ही किया जाएं। ऐसे टीकाकरण में यह उद्देश्य की पूर्ति होनी चाहिए कि कोई लाभार्थी व्यक्ति यह नहीं कह सके कि उनके निवास बस्ती के समक्ष टीकाकरण दल नहीं पहुॅचा। यहां यह ध्यान रखा जाएं, कि एक नगर निगम वार्ड , ग्राम पंचायत के समस्त बस्ती , घरों तक पहुंचा जाने के उपरांत ही अन्य वार्ड , ग्राम पंचायत क्षेत्र में समान रूप से टीकाकरण कार्यक्रम का प्रारम्भ किया जाएं। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक नगर निगम वार्ड , ग्राम पंचायत में जब तक टीकाकरण की कार्यवाही की पूर्णता नहीं हो जाएं, तब तक इस निर्देशन को 16 जनवरी व इसके उपरांत भी जारी रखा जाए। आदेश के अन्तर्गत 10 जनवरी से प्रारम्भ हो रहे टीकाकरण सप्ताह“ के कार्यक्रम में, उक्तानुसार दिवस वार एवं विशिष्टतः प्रकरण में निरन्तर जारी निर्दिष्ट गतिविधियों के संपादन में चिकित्सा विभाग को पुलिस प्रशासन , नगर निगम प्रशासन , पंचायत राज विभाग , शिक्षा विभाग , निजी क्षेत्र विद्यालय प्रबन्धन व अन्य संबंधित विभाग , संस्था के द्वारा संबंधित सप्ताह दिवसों में उनसे अपेक्षित सहयोग , समन्वय प्रदान किए जाने के निर्देश एतद् दद्वारा जारी किए जाते है।

श्री गहलोत, राजस्थान सरकार के कला संस्कृति विभाग , राजस्थान संगीत नाटक अकादमी व राजस्थान संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर में आयोजित हो रही पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्यशास्त्र कार्यशाला के समापन सत्र को वर्च्युअल सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि नाटक समाज मे बदलाव व हकीकत सामने लाने का प्रभावी जरिया है ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी सत्यवादी राजा हरिशचंद्र और माता-पिता भक्त श्रवण कुमार के नाटक से काफी प्रभावित हुए और इससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड सहित देश के कलाकारों एवं साहित्यकारों ने राजभाषा हिंदी को लोकप्रिय बनाने में बड़ा योगदान दिया है। आचार्य भरत मुनि ने अपने नाट्यशास्त्र में नाटकों के विभिन्न भेदों और सिद्धांतों की व्यापक व्याख्या की है। उन्होंने कहा कि राजनीति, धर्म, जीवन, समाज और दुनिया से जुड़े नाटक सही मायने में जन कल्याण का माध्यम है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्य के कला संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि नाट्यशास्त्र भारतीय संस्कृति का महान ग्रन्थ है जिसे पंचमवेद भी कहा जाता है और इस ग्रन्थ में जीवन के सभी पक्षों की अवधारणा व कलाओं का विस्तारित विधान उपलब्ध है, जिसे संरक्षित करने की महती आवश्यकता है । कार्यशाला के संयोजक व राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा ने समारोह का संचालन करते हुये मुख्यमंत्री को राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य से अवगत कराया, साथ ही मुख्यमंत्री जी द्वारा समय समय पर प्रदेश में कला व कलाकारों के उत्थान हेतु किये गए प्रयासों का उल्लेख करते उनके प्रति आभार भी ज्ञापित किया । कला संस्कृति की प्रमुख शाशन सचिव गायत्री राठौड़ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के विषय व उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला ।
समारोह को कार्यशाला के निदेशक व संस्कृत मनीषी प्रोफेसर राधा वल्लभ त्रिपाठी ने सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राजस्थान कला संस्कृति की उर्वरा भूमि है यदि यहां भरतमुनि के नाट्यशास्त्र सम्मत रंगशाला का निर्माण किया जाता है तो देश मे एक अभिन्नव कार्य होगा । दिल्ली से आये विषय विज्ञ प्रोफेसर भरत गुप्त ने भी मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उक्त कार्यशाला को एतिहासिक व फलित बताया । इससे पहले कार्यशाला के अंतिम दिन के तीनों सत्रों के मुख्य वक्ता प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी थे, जिन्होंने नाट्यशास्त्र के 18वें, 19वें और 20वें अध्याय के बारे में बताया तथा अभिनय की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला के अंतिम सत्र में उन्होंने कांसेप्ट ऑफ सिद्धि नाट्यशास्त्र के अध्याय 37 के बारे में प्रतिभागियों को सरलता से समझाया। इस अवसर पर सभी प्रति भागियों को प्रमाणपत्र वितरित किये गए और उनकी भावाभिव्यक्ति को भी सुना गया । अंत मे कार्यशाला के संयोजक रमेश बोराणा ने सभी अतिथि विषय विशेषग्यो का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भी प्रदान किये गये । पांच दिवसीय यह वर्कशॉप ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड पर आयोजित हुई, जिसका देश विदेश में लोगों ने लुत्फ उठाया ।
उल्लेखनीय है कि साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए जोधपुर कमिश्नरेट एवं भरतपुर में पहले से ही साइबर क्राइम यूनिट बनी हुई है, जिसमें एक उप अधीक्षक, दो निरीक्षक एवं तीन उप निरीक्षक सहित 15-15 पद स्वीकृत हैं। साइबर क्राइम यूनिट के इन 15 पदों को सम्मिलित करते हुए जोधपुर एवं भरतपुर में साइबर पुलिस थाना खोलने का प्रस्ताव गृह विभाग द्वारा भेजा गया था।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज के सभी वर्गाें को साथ लेकर कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर का मुकाबला किया। हमारे भीलवाड़ा और रामगंज माॅडल को देश-दुनिया में पहचान मिली और दूसरे राज्यों ने भी इसे अपनाया। दूसरी घातक लहर में आॅक्सीजन एवं दवाओं की आपूर्ति तथा बैड्स को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे सबक लेते हुए हमारी सरकार मेडिकल काॅलेजों से लेकर सीएचसी-पीएचसी स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रही है ताकि तीसरी लहर आए तो हमें इस महामारी के मुकाबले में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडे़। आज हुए शिलान्यासों से इन जिलों में चिकित्सा व्यवस्था और मजबूत होगी।
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है जो सभी जिलों में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में अधिकाधिक मेडिकल काॅलेजों की स्थापना के लिए यूपीए सरकार के समय योजना बनी थी। राजस्थान ने इस दिशा में पूरी तैयारी के साथ आवश्यक शर्ताें को पूरा किया, जिसके चलते 30 जिलों में सरकारी क्षेत्र में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की ओर हमारे कदम बढ़ सके। शेष तीन जिलों में भी सरकारी मेडिकल काॅलेज स्वीकृत कराने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से जान गंवाने वाले परिवारों को सम्बल देने के लिए हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना लागू की है। इससे अनाथ बच्चों एवं विधवा महिलाओं के जीवन की राह आसान हो सकेगी। इसके साथ ही प्रदेशवासियों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई है। सभी जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, एनजीओ आदि हर पात्र परिवार को इस योजना से जोड़ने में अपनी भागीदारी निभाएं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि दूसरी लहर के कटु अनुभवों से सबक लेते हुए हमारी सरकार ऑक्सीजन उत्पादन एवं शिशु चिकित्सा इकाइयों में बढ़ोतरी की योजना पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में एक हजार मेट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता हासिल करने की दिशा में हम अग्रसर हैं।
उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में प्रदेश में ऑक्सीजन बैड 5,448 थे। इनकी संख्या बढ़ाकर 13 हजार की जा रही है। साथ ही, आईसीयू के 1125 बैड थे, जिनकी संख्या अब 2622 हो जाएगी। इसी तरह एनआईसीयू बैड की संख्या 475 से बढ़ाकर 1554, पीआईसीयू बैड की 164 से 1048 और एसएनसीयू बैड की संख्या 222 से बढ़ाकर 308 की जा रही है।

चिकित्सा राज्यमंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार ने पूरे समर्पण भाव और मुस्तैदी के साथ कोरोना का प्रबंधन किया है। उन्होंने कहा कि संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 1.50 लाख कोविड टेस्ट करने की क्षमता विकसित कर ली गई है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा प्रारम्भ हो गई है। विभिन्न मेडिकल काॅलेजों और सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का कार्य 15 अगस्त तक पूरा होना संभावित है। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवांगी स्वर्णकार ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के सांसद-विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा श्री अखिल अरोरा, शासन सचिव चिकित्सा श्री सिद्धार्थ महाजन, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, मेडिकल काॅलेजों के प्राचार्य एवं अधीक्षक सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।
ये हुए शिलान्यास:-
जोधपुर:– उम्मेद अस्पताल में 460 लाख से 30 बैड एनआईसीयू, मथुरादास माथुर अस्पताल में 650 लाख से 30 बैड आईसीयू एवं 920 लाख से 60 बैड एनआईसीयूए महात्मा गांधी अस्पताल में 650 लाख सेे 30 बैड आईसीयू
अजमेर:- जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में 750 लाख से 50 बैड आईसीयू
झालावाड़:– एसआरजी अस्पताल में 450 लाख से 20 बैड आईसीयू और जनाना अस्पताल में 307 लाख से 20 बैड एनआईसीयू एवं 250 लाख से 23 बैड पीआईसीयू
कोटा:– जेके लोन अस्पताल में 579 लाख से 36 बैड एनआईसीयू एवं 250 लाख से 20 बैड मदर केयर यूनिट
चूरू:– डी.बी.एच. अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
बाड़मेर:– जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
सीकर:- एस.के. जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू एवं मातृ शिशु अस्पताल में 200 लाख से 12 बैड एनआईसीयू
भीलवाड़ा:– महात्मा गांधी जिला अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू एवं मातृ-शिशु अस्पताल में 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
डूंगरपुर:- हरिदेव जोशी अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
पाली:- राजकीय बांगड़ अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और 167 लाख से 10 बैड एनआईसीयू
भरतपुर:– राजबहादुर मेमोरियल अस्पताल में 456 लाख से 20 बैड आईसीयू और जनाना अस्पताल में 167 लाख से 10 बैड पीआईसीयू
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने शुक्रवार को एक नोटिस जारी कर 25 मार्च को जारी भर्ती विज्ञप्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की सूचना प्रदान की गई है। इसके तहत उक्त पदों पर ऑनलाइन आवेदन 1 अक्टूबर 2020 को दोपहर 1 बजे से प्रारम्भ होगा जिसकी अंतिम तिथि 1 नवम्बर 2020 को सांय 5 बजे तक रहेगी। ऑनलाइन शुल्क जमा करवाने की अंतिम तिथि 2 नवम्बर 2020 रात्रि 11ः59 बजे तक रहेगी।
स्पीडो साॅफ्टवेयर एक टाइपिंग साॅफ्टवेयर है जिसमें प्रैक्टिस करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हजारों अभ्यर्थियों ने अपना सलेक्शन करवाया है। स्पीडो साॅफ्टवेयर को विशेष तौर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु टाइपिंग की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है इसके तहत राजस्थान उच्च न्यायालय में निकलने वाली कनिष्क सहायक, लिपिक ग्रेड ।। भर्ती हेतु सटीक टाइपिंग पैटर्न डवलप किया गया है। इस साॅफ्टवेयर में प्रतिदिन टाइपिंग प्रैक्टिस की जा सकती है साथ ही ऑनलाइन टाइप टेस्ट सीरीज भी होती है, जिसमे अभ्यर्थि अपनी रैंक भी चेक कर सकते है। इस साॅफ्टवेयर का निःशुल्क ट्रायल साॅफ्टवेयर की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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