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न किया और आते-जाते लोगों को मास्क व सेनेटाइजर वितरित किए।
गौतम ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने व दो गज दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना से बचाव ही उपचार है। कोरोना की जंग में हर व्यक्ति की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है, जीवन को सामान्य बनाते हुए अब हमें जीवन शैली में बदलाव को अपनाना है और खुद की और अपने परिवारजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है। जिला कलक्टर ने मार्ग में आते-जाते लोगों को मास्क वितरित किए और जागरूकता संदेश लिखे पेम्पलेट भी वितरित किए।
पीबीएम हेल्प कमेटी, हिन्दुस्तान स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस संस्थान की ओर से बनाई गई रंगोली की जिला कलक्टर ने प्रशंसा की और कहा कि इस रंगोली आते-जाते लोगों को बचाव का संदेश देगी और लोगों को बीमारी से बचने के लिए प्रेरित करेगी। उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विकास हर्ष ने भी मास्क वितरित कर लोगों को जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर कमेटी संयोजक एडवोकेट बजरंग छींपा, कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित, कविता गोयल, उषा कंवर, सुनिता मोडासिया सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। कमेटी द्वारा बीकानेर के हर वार्ड में रंगोली, नुक्कड़ नाटक आदि के जरिए जागरूकता संदेश का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर के रूप में निजी अस्पतालों सहित अन्य ऐसे भवन, जहां 200 से अधिक व्यक्तियों को एक साथ रखकर उपचार किया जा सकता हो, ऐसे सार्वजनिक भवनों का चिन्हीकरण किया जाएगा, साथ ही पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों को कोरोना रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे माईक्रो स्तर पर कार्यों में गुणात्मक सुधार आ सके और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक कोराना संक्रमण काल में पूर्ण मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। वे सभी वर्तमान परिस्थितियों में अब प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें।
गौतम सोमवार को अपने कक्ष में कोविड रोकथाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज डाॅ. एस.एस. राठौड़, आयुक्त नगर निगम डाॅ. खुशाल यादव, अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डाॅ. मोहम्मद सलीम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीणा, सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीणा, डाॅ. संजय कोचर, डाॅ. इन्द्रा प्रभाकर तथा महामारी रोकथाम विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर सहित पीबीएम अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं की अलग-अल जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सकों अलग-अलग सौंप दी जाए।अलग-अलग जिम्मेदारी हो जाने से कार्य सुगमता से होगा तथा अगर किसी कार्य में गुणात्मक सुधार करना हो या किसी तरह की खा़मी को दूर करना हो, तो संबंधित चिकित्सक से विचार विमर्श कर तत्काल निर्णय लिया जा सके।
जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर में जितने भी गंभीर रोगी भर्ती हैं, उन्हें एक काॅर्डलैस बैल(घंटी) का रिमोट उपलब्ध करवाया जाए तथा बैल अस्पताल के एक कमरे में रहे, जहां से किसी भी विपरीत परिस्थिति पर अगर मरीज घंटी बजाता है, तो उसे तत्काल उपचार की सुविधा के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ पंहुच सके तथा रात के समय अगर मरीज बाथरूम की तरफ जाए, तो रिमोट अपने साथ रखे, जिससेेेे जरूरत पड़ने वह स्टाफ को बुला सके और उस तुरंत मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
वाॅलन्टियरी सेवा भी ली जाएगी
गौतम ने प्राचार्य मेडिकल काॅलेज और अधीक्षक से कहा कि वे इन संभावनाओं पर भी कार्य करें कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान पैरा मेडिकल सेवाएं वाॅलन्टियरी देना चाहें, तो उनका चिन्हीकरण कर लिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति या संस्था अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए भोजन आदि देना चाहें, तो उन्हें भी सूचीबद्ध कर लिया जाए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोविड केयर सेन्टर के लिए चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार 30 जून तक आवश्यक रूप से कर सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दें, जिससे जरूरत के मुताबिक आवश्यक सुविधा और संसाधन का इंतजाम किया जा सके। स्थान चिन्हीकरण के समय इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि आस-पास एक साथ ऐसे एक से अधिक भवन बने हों, ताकि चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने में आसानी रहे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जितने भी निजी चिकित्सालय हैं, उनके प्रबन्धकों से बातचीत कर उन्हें बताया जाए कि जरूरत पड़ने पर यहां भी कोरोना रोगियों को ईलाज के लिए भर्ती करवाया जा सकता है। साथ ही अगर कोई निजी चिकित्सालय किसी होटल में चिकित्सकीय सुविधा के लिए कोलेब्रेशन करता है, तो इस पर भी विचार कर लिया जाए जिससे यदि कोई व्यक्ति यहां इलाज करवाना चाहे तो उसेेेे इलाज की सुविधा मिल सके।
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पूर्व मेयर नारायण चोपड़ा के साथ उप महापौर, बीकानेर नगर निगम, राजेन्द्र पंवार सहित प्रतिनिधि मंडल ने गन्दे पानी की समस्या के समाधान हेतु जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम से यूआईटी द्वारा संचालित पम्पिंग स्टेशन को अविलंब चलाने, अस्थायी पम्पिंग मशीनों की सहायता से गंदे पानी को पम्पिंग वेल तक पहुँचाने व नालों की सफाई करवाकर पुनः चलाने का आग्रह किया ताकि थोड़ी सी वर्षा की वजह से सूजानदेसर के सैंकड़ों परिवारों को जानमाल की अपूर्णिय क्षति ना उठानी पड़े। जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने समस्या के निवारण हेतु तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और जल्द से जल्द इसको पूरा करने का निर्देश दिए।

गौतम ने बुधवार को अपने कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सूरसागर तक बरसात और नालों का पानी ना पहुंचे इसके लिए पीडब्ल्यूडी और आरयूआईडीपी के अभियंताओं की मदद से जल्द से जल्द एक प्लान तैयार कर उसके अनुसार कार्य प्रारम्भ किया जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि पानी की चोरी रोकने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रेंडम आधार पर निरीक्षण की कार्यवाही करें। यदि कहीं भी मोटर, बूस्टर आदि के जरिए पानी चोरी पकड़ी जाए तो मोटर सीज करते हुए सम्बंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि पानी से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लेकर सम्बंधित को राहत प्रदान की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी स्थान पर पेयजल आपूर्ति की किल्लत की सूचना मिले तो तुरंत प्रभाव से टैंकरों द्वारा सप्लाई सुनिश्चित करवाएं। पानी की टंकी के आसपास सुरक्षा इंतजाम रखें ताकि कोई उपर ना चढ़ सके और ऐसे क्षेत्रों में सम्बंधित कनिष्ठ या सहायक अभियंता की जिम्मेदारी तय की जाए।
गौतम ने कहा कि आंधियों के मददेनजर बिजली आदि के तार टूटने की संभावना रहती है, बिजली तारों के कारण दुर्घटनाएं ना हो इसके निवारण के लिए सूचना तंत्र विकसित किया जाए। ब्लाॅक लेवल पर भी पोल, ट्रांसफार्मर आदि की उपलब्धता हो,जिससे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली के बिल जमा करवाने के लिए 30 जून तक के लिए छूट दी गई है। अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों पर बिल जमा कराने के लिए अनावश्यक दबाव ना हो। 30 जून तक कोई कनेक्शन ना कटे यह भी सुनिश्चित किया जाए।
समस्त सीएचसी, पीएचसी के निरीक्षण का निर्देश
जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जिले की समस्त सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करने के लिए वन डे प्लान तैयार करें और इस निरीक्षण के दौरान इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा, शुद्ध पेयजल सहित समस्त आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के सम्बंध में जांच हो। टीकाकरण, संस्थागत प्रसव सहित सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू चले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अतिरिक्त प्रयास प्रारम्भ करें। कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों को रैफर करते हुए ध्यान रखें कि मरीज के साथ पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। यदि ऐसे लक्षणों का मरीज सीएचसी या पीएचसी पर आता है तो उसे तुरंत रैफर कर उसकी सेम्पलिंग सुनिश्चित करें।
गौतम ने कहा कि सभी अधिकारी अपने स्तर पर रोजाना सम्पर्क पोर्टल पर निस्तारित हो रहे प्रकरणों की समीक्षा करें और देखें कि निस्तारण में संतुष्टि स्तर का विशेष ध्यान रखा जाए। छह माह से पुरानी एक भी शिकायत पेंडिंग ना रहे। अधिकारी अपने स्तर पर सम्पर्क प्रकरणों के निस्तारण की माॅनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में समस्त अधिकारी प्रकरणों के निस्तारण में की गई कार्यवाही के सम्बंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
उचित मूल्य दुकानों में 9 जून तक हो जाए राशन वितरण
जिला कलक्टर ने कहा कि उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले राशन का वितरण की व्यवस्था में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वितरण के समय कोरोना एडवाइजरी की पालना होनी चाहिए। अधिक लोग एक ही समय पर उचित मूल्य की दूकान पर ना आए इसके लिए उचित मूल्य दुकानदार संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखेंगे तथा दुकान पर पानी, साबुन और सैनिटाइजर की भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जिला रसद अधिकारी से कहा कि 9 जून मंगलवार तक सभी को राशन सामग्री मिल जाए इसके लिए सभी प्रवर्तन निरीक्षक और अन्य अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें।

इस के अलावा उत्तराखण्ड के हरिद्धार के लिए 2 बजे रोड़वेज की दो श्रमिक एक्सप्रेस बसे रवाना हुई। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कलेक्ट्रेटे परिसर से श्रमिक एक्सप्रेस रोडवेज की बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इन दो बसों में 70 यात्री हरिद्धार के लिए रवाना हुए है।
ट्रेन रवाना होने से पहले जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम, पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा,सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन का मौका मुआयना किया और यात्रियों से बातचीत की । विशेष रेल जब रवाना हो रही थी तो अंदर बैठे यात्रियों को अपने शहर जाने की खुशी उनके चेहरे पर नजर आ रही थी।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल ,भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराना और कनिष्क कटारिया, नगर विकास न्यास सचिव मेघराज सिंह मीना, आयुक्त नगर निगम खुशाल याद, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) सुनीता चौधरी सहित वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक व रेलवे के अधिकारी उपस्थित थे।

जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कोविड-19 प्रबंधन की जानकारी दी और बताया कि जिले में अब तक 56 कोरोना पॉजिटिव रोगी पाए गए हैं, जिनमें से 3 की मौत हुई एवं 37 लोगांे के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बतासया कि 16 रोगी एडमिट है। जिले में अब तक 4 बार स्क्रीनिंग का कार्य हो चुका है। अब तक 51123 लोगों को होम क्वारेटाइन किया गया है जिनमें से अब 21934 लोगों को होम क्वारेटाइन की अवधि पूर्ण हो गई है, शेष 29189 लोग होम क्वारेटाइन हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कुल 1112 लोगों में से 907 इंस्टिट्यूट तथा 205 स्टेट क्वारेंटाइन है। अब तक कुल 4236 व्यक्तियों के सैंपल लिए जा चुके हैं । उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रवासियों श्रमिकों हेतु जिले में 4 माइग्रेशन शिविर हैं, जिनमें 131 श्रमिक है। जिले में आए प्रवासी 32445 हैं एवं जाने वाले प्रवासी की संख्या 4344 है। उन्होंने बताया कि कोतवाली और कोटगेट थाना क्षेत्र के आंश्ेिाक क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में नाल, जामसर तथा गजनेर थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा हुआ है।
रसद वितरण की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 18 मई तक 236.391 मै.टन दाल का वितरण हो चुका है तथा शेष चने की दाल का वितरण जारी है। उन्होंने बताया कि श्रमिक एवं जरूरमंद परिवारों के कुल 122838 परिवारों को 2500 रूपये सीधे ही खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बारे में भी जानकारी दी।
राज्य सरकार से 871.19 लाख रूपये कोविड-19 के बचाव व उपचार हेतु मिले- गौतम ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) में लाॅकडाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गरीब, जरूरतमंद लोगों के लिए भोजनध्राशन एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है। आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के प्रयासों से जिले के दानदाताओं द्वारा प्रधानमंत्री केयर फण्ड, मुख्यमंत्री राहत कोष एवं जिला प्रशासन को दिनांक 18.मई 2020 तक 2 करोड़ 10 लाख 85 हजार रू. के चेक प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि 31 दानदाताओं ने प्रधानमंत्री केयर फण्ड में 33.25 लाख रू., मुख्यमंत्री केयर फण्ड के लिए 114 दानदाताओं द्वारा 51.65 लाख रू. प्राप्त हुए जिसे संबंधित कोष में जमा करवाए गए तथा जिला प्रशासन को 67 दानदाताओं ने 124.18 लाख रू. एवं नगर विकास न्यास, बीकानेर को 47 दानदाताओं द्वारा राशि रूपये 1.74 लाख प्राप्त हुए। जिला प्रशासन एवं नगर विकास न्यास को प्राप्त कुल रू. 125.91 लाख को मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया गया।
जिला प्रशासन को कोविड-19 महामारी से बचाव व उपचार के लिए राज्य सरकार से कुल 871.19 लाख रू. प्राप्त हुए। जिनमें से राज्य आपदा मोचन निधी में 380.00 लाख रू. मुख्यमंत्री राहत कोष से 124.18 लाख रू., अनटाइड फण्ड में 30.00 लाख रू. तथा स्थानीय विधायक निधी मद में 337.01 लाख रू. प्राप्त हुए है।
गौतम ने बताया कि राज्य आपदा मोचन निधी (एसडीआरएफ) में 380.00 लाख रू में से अब तक क्वारेंटाइन कैम्प में प्रवासित लोगों को भोजन, आवास व अन्य व्यवस्था पर 19.43 लाख रू. व्यय किए जा चुके है तथा इस मद में 10.00 लाख रू. के दायित्व बकाया हैं। इसके अलावा इस मद में 22.56 लाख रू. सेनेटाइजर, मास्क, पीपीई किट, मेडिकल, पेरा मेडिकल स्टाफ, जिला पुलिस व नगर निगम कार्मिकों को उपलब्ध करवाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से व्यय की गई है। इसी मद में 2.50 लाख रू. जिला प्रशासन द्वारा अधिगृहित वाहनों में पेट्रोल व डीजल पर खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री राहत कोष में भामाशाहों से प्राप्त 124.18 लाख रू. में से नगर निगम द्वारा चिन्हीत गरीब, असहाय व्यक्तियों को सूखी राशन सामग्री किट वितरण हेतु 88.65 लाख रू.व्यय किए गए 35.53 लाख शेष हैं। खर्च राशि से 19796 राशन किट वितरित किए गए। प्रत्येक राशन किट में आटा, खाद्य तेल, दाल, चावल, नमक मय केरी बैग जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाया गया है।
अनटाइड फण्ड में प्राप्त 30.00 लाख रू में से जिले में प्रवासित श्रमिकों को जिले से बाहर भिजवाने तथा जिले में लाने हेतु यात्रा, भोजन आदि व्यवस्थाओं पर अब तक 13.96 लाख रू. का भुगतान किया जा चुका है तथा इस मद में 29.03 लाख रू के दायित्व बकाया है।
स्थानीय विधायक निधी कोष – इस मद में 337.01 लाख रू. की राशि प्राप्त हुई थी जिसमें विधानसभा नोखा में 150.00 लाख के विरूद्ध 85.50 लाख, श्रीडूंगरगढ में 1.01 लाख, के विरूद्ध 0.51 लाख, खाजूवाला में 40.00 लाख, के विरूद्ध 17.20 लाख, कोलायत में 70.00 लाख, के विरूद्ध 45.25 लाख, बीकानेर पूर्व मंे 51.00 लाख, के विरूद्ध 41.00 लाख एवं विधानसभा पश्चिम में 25.00 लाख, के विरूद्ध 25.00 लाख रू कोविड-19 से बचाव एवं उपचार के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारियों द्वारा असहाय व निर्धन लोगों को सूखी राशन सामग्री किट, भोजन किट, मास्क व सेनेटाइजर एवं बेसहारा गौवंश को चारा उपलब्ध करवाने पर व्यय किया गया है।
गौतम ने अन्र्रराज्य प्रवासी व श्रमिक मूवमेन्ट के बारे में बताया कि देश के 18 राज्यों से जिले में 1737 लोग आएं है। साथ ही निजी वाहनों से 4245 लोग पहंुचे है। उन्होंने बताया कि गुजरात से 330, महाराष्ट्र से 401, हरियाणा से 70, कर्नाटक से 120, दिल्ली से 61, मध्य प्रदेश से 13, पंजाब से 10, उत्तर प्रदेश से 24, पश्चिम बंगाल से 42, तमिलानाडू से 121, तेलगांना से 41 तथा शेष अन्य राज्यों से लोग आएं है।
टिड्डी वर्तमान में जिले में नहीं- जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना की स्थिति में जिला व बाल ब्लॉक स्तर पर तत्काल टेडी नियंत्रण कक्ष की स्थापना की चुकी है। मुस्तैदी से सर्वे किया जा रहा है। टिड्डी की इसकी सूचना तत्काल दिने के निर्देश दिए जा चुके है। जिले में तहसील नोखा तहसील के पांचू ( नागौर जिले की सीमा पर), कोलायत की सियासर, दासुडी, छतरगढ़ के लालावाली, शेरपुरा, कृष्ण नगर व खारबारा, तथा लूणकनसर के महाजन फिल्ड फायरिंग रैंज व शेखसर ग्राम (आरडी 232 ) क्षेत्रों में टिड्डी ने प्रवेश किया था। वर्तमान में जिले में टिड्डी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुल 10 राजस्व गांव में यह आई थी।
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने लाॅक डाउन और कफ्र्यू के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव,जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज, राजस्थान प्रशासननिक सेवा के अधिकारी शैलेन्द्र देवड़ा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना आदि उपस्थित थे।
विनयएक्सप्रेस समाचार , बीकानेर। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांव भूरासर, गज्जेवाला तथा खाजूवाला के सीमा से लगते गांवों में प्रसूति केंद्र भवन बनाए जाएं ताकि सीमा के पास रहने वाले लोगों को उनके गांव में ही प्रसूति की सुविधा मिल सके और महिलाओं को विकट परिस्थिति में दूर ना जाना पड़े। भाटी शुक्रवार को नगर विकास न्यास सभागार में सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के वर्ष 2020-21 के तहत वार्षिक प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
भाटी ने कहा कि प्रथम बार 4 वर्षीय योजना बनाई जा रही है, इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि जीरो से 10 किलोमीटर भारत-पाकिस्तान सीमा से लगते क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विभिन्न योजनाओं का फायदा योजना के संचालन से मिले। जो कार्य किये जा रहे हैं वे कार्य संपूर्ण हो जाए इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रथम बार ऐसा किया जा रहा है। इसके साथ ही इस परिधि में आने वाली सभी ढाणियों में विद्युतीकरण हो जाए इसकी भी योजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया जाए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी विभागों द्वारा अगले 4 वर्षों की कार्य योजना बना ली गई है। योजना की क्रियान्विति और बेहतर तरीके से हो इसके लिए सम्बन्धित विभागों के सभी अधिकारी गांव का एक बार दौरा कर यह सुनिश्चित करने करें कि कार्य प्रारंभ होने से लेकर अंजाम तक बेहतर तरीके से पहुंचे। साथ ही स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर उनसे कुछ और सुझाव भी लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भी अगर अध्यापकों के आवास बन जाए तो दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अध्यापकों को आवास की सुविधा और बेहतर मिल सकेगी। साथ ही राजकीय विद्यालयों में पेयजल की आपूर्ति की भी पुख्ता व्यवस्था की जाए।

सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 के लिए बनाए जाने वाले प्रस्ताव के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि 4 वर्षीय कार्ययोजना के तहत पहले वर्ष के लिए 16 करोड़ रुपए के कार्य के प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। विभिन्न विभागों के द्वारा होने वाले कार्यों के लिए कार्यकारी एजेंसी का कार्य संबंधित विभाग को ही रखा जाने के लिए भी राज्य सरकार से आवश्यक आदेश जारी करवाए जाएंगे। साथ ही इस कार्य योजना में ही 50 लाख रुपए की लागत से प्रसूति केंद्र भवन इसी वर्ष बनाने के भी प्रयास किए जाएंगे।
कुमार ने बताया कि सीमा क्षेत्र विकास व मनरेगा के माध्यम से प्रत्येक गांव में एक खेल मैदान विकसित किया जाएगा। इसके पीछे सरकार और प्रशासन की मंशा यह है कि अधिक से अधिक लोगों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाये और आधारभूत सुविधाएं भी विकसित हो सकें। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता को निर्देश दिए कि 7 वर्ष पूर्व जो सड़क बनी हुई है, अब उसे पुनः बनाने के लिए प्रस्ताव बनाए जाएं।
जिला कलक्टर एवं समिति के अध्यक्ष कुमार पाल गौतम ने कहा कि वर्तमान में बनाए जा रहे प्रस्तावों में अन्तरराष्ट्रीय सीमा से 10 किलोमीटर क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले इसके लिए वहां एंबुलेंस और मोबाइल वैन की भी खरीद की जाएगी। साथ ही इस एंबुलेंस में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति भी संविदा के आधार पर बीएडीपी से करने के प्रस्ताव भी भारत सरकार एवं राज्य सरकार को पृथक से भिजवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि खाजूवाला में ही मनरेगा के सहयोग से बीएसएफ के साथ मिलकर एक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जाएगा, जहां सेना के विभिन्न पदों की भर्ती के लिए होने वाली फिजिकल टेस्ट की तैयारी करवाई जाएगी। इसके लिए भूमि आवंटन का कार्य भी पृथक से किया जाएगा।
बैठक में खाजूवाला क्षेत्र में होने वाले विभिन्न कार्यों की चर्चा के दौरान खाजूवाला विधायक गोविंद मेघवाल ने कहा कि क्षेत्र में बीएसएफ की बीओपी पोस्ट में एक हॉस्पिटल बनाना चाहिये। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खाजूवाला क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों पर 4 करोड़ रुपए व्यय होने हैं जिसमें पानी-बिजली सहित अन्य कार्यों को भी सीमा क्षेत्र विकास की कार्य योजना में शामिल किया जाए। विधायक मेघवाल ने कहा कि रावला, भूरासर के साथ-साथ खाजूवाला के विभिन्न क्षेत्रों में भी सैनेट्री डिग्गियां और हेडपंप विकसित करने का कार्य भी किया जाना प्रस्ताव में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने खाजूवाला क्षेत्र की पाकिस्तान से लगती सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र में जीएसएस बनाने की भी बात कही।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नरेंद्र पाल सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी कनिष्क कटारिया, बीएसएफ के आलोक शुक्ला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीना, जिला परिषद के अधीशाषी अभियंता यशपाल पूनिया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण निगम तथा कोलायत और खाजूवाला के विकास अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ, जन अभाव अभियोग निराकरण, एवं जिले के प्रभारी मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि गर्मी के मौसम में पीने के पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो तथा विद्युत कनेक्शन के अभाव में जलापूर्ति बाधित न हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। प्रभारी मंत्री ने मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में कोविड-19 महामारी, लॉक डाउन और निषेधाज्ञा आदेश की पालना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन जयपुर से जुड़े थे। जिले के समस्त अधिकारी जिला मुख्यालय पर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र से जुड़े हुए थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा अब तक जो प्रयास किए गए हैं, वह बहुत ही सार्थक रहे, इसी के कारण बीमारी का फैैैलाव नहीं हुआ।यहां का प्रशासन और चिकित्सा विभाग सहित स्थानीय लोग विशेषकर भामाशाह और स्वयंसेवी संस्थाओं ने लॉक डाउन के दौरान जो सहयोग दिया, वह भी पूरे राज्य में एक मिसाल बनी है। उन्होंने कहा कि अब नई परिस्थिति में प्रशासन को चाहिए कि जो लोग जिले और प्रदेश के बाहर से आ रहे हैं, उन सबके लिए होम क्वाॅरेन्टाईन में रहने की पुख्ता व्यवस्था करें। जिन मकानों में बाहर से आए व्यक्ति रहते हैं, उनके स्वास्थ्य का परीक्षण समय समय पर होता रहे तथा उनके घर के बाहर एक स्टीकर चिपका दिया जाए, जिस पर यह लिखा हो कि यहां प्रवासी रहा है और अगर वह होम क्वाॅरेन्टाईन की एडवाइजरी की पालना नहीं करें तो जिला प्रशासन को सूचित किया जाए साथ ही प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों से जब जिले के चेक पोस्ट पर बंधपत्र भरवाते हैं, उसी समय यह बेहतर तरीके से समझा देें कि वह किसी भी स्थिति में होम को क्वाॅरेन्टाईन को नहीं तोडेंगे।
सालेह मोहम्मद ने कहा कि लॉक डाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार की समस्या है तथा वर्तमान में गांव में किसानों द्वारा खेत में बहुत अधिक काम करने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मनरेगा के तहत प्रत्येक राजस्व गांव में कार्य स्वीकृत किया जाए। पूर्व में जो लोग जॉब कार्ड धारक हैं, उनके साथ साथ ऐसी व्यवस्था भी करें कि अन्य लोगों को भी मनरेगा के माध्यम से रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि टिड्डी आगमन की संभवना को देखते हुए भी बचाव के सभी पुख्ता उपाय किए जाएं। दवा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध रहे तथा काश्तकारों से अभी से ही बातचीत कर, उन्हें समझाइश करें कि जिला प्रशासन संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि रसद विभाग द्वारा सभी पात्र व्यक्तियों को समय पर राशन उपलब्ध करवाने के लिए भी बेहतर व्यवस्था रखें। समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण करें और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लोगों से बातचीत कर यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें अप्रैल और मई माह का राशन मिल गया है। साथ ही पोस मशीन से वितरण में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए तकनीकी अधिकारियों से समय-समय पर पोस मशीन की जांच करवाते रहें, अगर मशीन खराब हो या कोई अन्य कोई अड़चन हो तो जरूरतमंद को राशन वितरण की कार्रवाई न रोकी जाए। पात्र लोगों को तकनीकी खराबी या अन्य किसी कारण से राशन ना मिले यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जब जिले की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा प्रभारी मंत्री कर रहे थे तो उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि बीकानेर में कोरोना से बचाव तथा इलाज सहित बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए जो त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई थी, वह बहुत बेहतर और शानदार थी। इसके लिए जिला प्रशासन चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग सहित इस कार्य से लगे सभी लोग साधुवाद के पात्र हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा बैठक में जयपुर से जुड़े जिले के प्रभारी सचिव डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने कहा कि सरकार द्वारा मालवाहक ट्रक आदि के यातायात पर रोक नहीं लगाई है। मगर सभी अधिकारियों को चाहिए कि वह इतना अवश्य निरीक्षण करें कि ट्रक के माध्यम से केवल खाद्य सामग्री या अन्य अनुमति सामान ही परिवहन हो रहा है। सामान परिवहन करने के बहाने कोई व्यक्ति, कोई ट्रक चालक या अन्य किसी के द्वारा आमजन को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने का कार्य तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में स्थित सभी निजी चिकित्सालय भी निर्धारित समय में खोलें जाएं और उनमें जरूरतमंद लोगों का इलाज हो, इसके लिए भी जिला प्रशासन समय-समय पर निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखें।
बैठक में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों को होम क्वाॅरेन्टाईन किया गया है। साथ ही ग्राम स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन किया गया है तथा मेडिकल टीम द्वारा ऐसे लोगों पर कड़ी पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के माध्यम से वर्तमान में 65 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा रखा है। बीकानेर जिले में सभी अनुमत उद्योग इकाइयों ने काम प्रारंभ कर दिया है। जरूरत के मुताबिक ऑनलाइन पास ही जारी किए जा रहे हैं। इसी तरह वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी की पालना में लॉक डाउन के दौरान खाद्य आधारित आटा, मसाला, दालें, पापड़, भुजिया, मैदा, बेसन आदि इकाइयां कार्य कर रही हैं। जिले में पीने के पानी की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है तथा और जरूरत पड़ने पर कंटीजेंसी प्लान भी तैयार है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नरेंद्र पाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दीपक बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीणा, नीलम प्रताप सिंह, उपखंड अधिकारी रिया केजरीवाल, जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर, उपनिदेशक आईटी सत्येंद्र सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे

जिला कलक्टर ने कमेटी के कार्यकर्ता हेंमत पड़िहार, विमल बिनावरा, छगन पंवार, घनश्याम पंवार, ओमसिंह राजपुरोहित, लक्ष्मण सोनगरा, राणु सिंह राजपुरोहित, भागीरथ सिंह राजपुरोहित, पन्नेसिंह राजपुरोहित, कौशल पड़िहार, कालुराम चैधरी, रवि खत्री, मनोज राजपुरोहित, गोविंद सिरोही, बबलू, सुभाष मालवीय, जगदीश जीनगर, दीपक आसेरी, टिल्लु बीकानेरी, सुनीता मोडासिया, प्रिया चैहान, संजय सौंलकी, पवन सौंलकी, सुरी गोदारा ,महेंद्र बिश्नोई ,मुन्नीराम चौधरी से मुलाकात की और हौसला बढाया।
कमेटी ने जिला कलक्टर को विश्वास दिलाया कि पीबीएम हैल्प कमेटी लॉकडाउन चलने तक जनता रसोई केंद्र को लगातार संचालित करेगी, जिला कलक्टर ने कमेटी का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।

जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा से लगते दो किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले निवासियों एवं उस क्षेत्र में प्रवेश व विचरण करने वाले निवासियों को निर्देशित किया गया है कि इस क्षेत्र के समस्त क्षेत्र जिसमें तहसील पूगल, खाजूवाला एवं कोलायत के ग्राम बल्लर, गुलामअलीवाला, सियासर चौगान, बेरियांवाली, करमवाला, गज्जेवाला, रणजीतपुरा, सांचू, अन्नेवाला, कबरेवाला, भूरासर व मगनवाला में रात्रि 7 बजे से प्रातः 6 बजे तक बिना वैध अनुमति के गमनागमन, विचरण व अन्य गतिविधियां पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगी। इस क्षेत्र में आवश्यक कार्यों हेतु वैध अनुमति समीपस्थ बीएसएफ व बीओपी से प्राप्त की जा सकेगी। इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता व प्रक्रिया के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
आदेशानुसार जिले के बज्जू, पूगल, खाजूवाला व छतरगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित पीसीओ के माध्यम से किए जाने वाले अन्तर्राष्ट्रीय काॅलों के लिए पीसीओ संचालक द्वारा एक पृथक से रजिस्टर संधारित किया जाए, जिसमें प्रत्येक अन्तर्राष्ट्रीय काॅल का पूर्ण विवरण इन्द्राज किया जाए। बूथ संचालक बूथ से कोड संख्या 0092 (पाकिस्तान का टेलीफोन कोड नम्बर) पर किसी भी व्यक्ति का वार्ता नहीं करवाएंगे। प्रति सप्ताह सम्बंधित तहसीलदारों व थानाप्रभारियों को इसकी सूचना देंगे तथा संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा टेलिफोन करने पर इसकी सूचना निकट पुलिस थाना या पुलिस अधीक्षक को देंगे। रजिस्टर की जांच के लिए विभिन्न अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में समस्त मोबाईल कंपनियों द्वारा स्थापित कार्यालयों, अधिकृत दुकानों, काउण्टरों पर नई सिम विक्रय करने से पूर्व उपयोगकर्ता से उसकी पूर्ण पहचान के प्रमाण जैसे उपभोक्ता आवेदन पत्र, फोटो, राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता कार्ड, बिजली पानी के बिल की प्रति आदि की हस्ताक्षर युक्त काॅपी आवश्यक रूप से लेकर मूल पत्रों से मिलान किया जाए। आदेशानुसार उपभोक्ता के सत्यापन के पश्चात ही सिम एक्टिवेट की जाए तथा सिम प्रदाता इस सम्बंध में एक रजिस्टर संधारित करें जिसमें जारी की गई सिम व उपयोगकर्ता के सम्बंध में समस्त जानकारी दर्ज की जाए। सिम प्रदाता कंपनी को संदिग्ध आवेदक या उसके द्वारा पहचान पत्रों के जाली होने की स्थिति में क्षेत्र के थानाधिकारी को अनिवार्य सूचित करना होगा।
आदेशानुसार जिले के किसी भी क्षेत्र से जहां पाकिस्तान लोकल सिम से पाकिस्तानी नेटवर्क के जरिए सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है, में किसी भी व्यक्ति या संस्था को पाकिस्तान लोकल सिम के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिले की पाकिस्तान से सटी सीमा के समीप की कृषि भूमि का आवंटन विभिन्न व्यक्तियों को किया गया है जिनके द्वारा वर्ष भर कृषि कार्य कर अतिरिक्त जिप्सम खनन व लघु व्यवसाय का सुचारू रूप से चलाने के लिए ठेके पर देश के विभिन्न प्रदेशों के कामगारों से कार्य करवाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर काम करने वाले कामगारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सीमा सुरक्षा बल को अवगत करवाना आवश्यक है। ऐसे सभी व्यक्ति अपने मूल निवास प्रमाण पत्र की प्रति, पुलिस से करवाए गए चरित्र सत्यापन, पहचान पत्र आदि की प्रति समीपस्थ बीएसएफ, बीओपी व सम्बंधित पुलिस थानों में अनिवार्यतः जमा करवाएं तथा कार्य के दौरान ऐसे व्यक्तियों को अपने पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। आदेश की अवहेलना करने पर सम्बंधित व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत एक माह का साधारण कारावास व 200 रूपए का जुर्माना किया जाएगा।
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