js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170इस दौरान वरीष्ठ आचार्य एवं अधीक्षक एसएसबी अस्पताल डॉ. सोनाली धवन, डॉ. कीवी मंटन, डॉ. लक्ष्मी, डॉ. यूनुस खिलजी, डॉ. नेहा एरोन, डॉ. सीमा, डॉ. जिनेश सहित अन्य ओटी स्टाफ एवं मेडिकल स्टूंडेट्स उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर डॉ सोनी ने श्रीमती आचार्य को मनी प्लांट भेंट कर शुभकामनाएं दी एवं कक्ष की चाबी सुपुर्द की। नवीन कक्ष के उद्गाटन पर डॉ. रेखा आचार्य ने प्राचार्य सोनी का आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त प्राचार्य प्रथम अनिता पारीक, अतिरिक्त प्राचार्य द्वितीय डॉ. एन.एल. महावर, अतिरिक्त प्राचार्य चतुर्थ डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. गौतम लुणीया, डॉ. अभिषेक क्वात्रा, डॉ. हरदेव नेहरा, संजय गहलोत, श्रीधर बिस्सा, विनय गोस्वामी, विनय थानवी, आनंद नायर, जितेंद्र ओझा आदि उपस्थित रहे।

इस दौरान डॉ. रेखा आचार्य की ओर से उपस्थित सभी डॉक्टर्स, स्टाफ, एवं अतिथियों का स्वागत किया गया।







एंबुलेंस सर्विस प्रदाता ओम सिद्ध ने बताया की इस नवीन एंबुलेंस मे वाई
फाई कनेक्शन, जीपीएस सिस्टम, पेशेंट ट्रैकिंग ऑन लाइन सिस्टम, एलईडी कैमरा, मुवेबल आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, सेक्शन मशीन, इंफ्यूजन पंप, डेफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, बाई पेप , एबीजी मशीन सहित अन्य जीवन रक्षक उपकरण व दवाओं के साथ ट्रेंड नर्सिंग कार्मिक की सुविधा 27*7 घंटे हर समय उपलब्ध रहेगी।

एंबुलेंस सर्विस सुविधा से जुड़े विकास कुमार एवं विजय सिंह ने बताया की
7014971421, 9558794856, 7878009015, 9468786466 मोबाइल नम्बर पर किसी भी समय आपात काल एंबुलेंस सेवा हेतु तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर सतीश ने डॉ. एल के कपिल का शॉल ओढ़ा कर श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।

इस दौरान रविंद्र गोदारा, रवि आचार्य, गंगाराम, कैलास ओझा, देवी सिंह,
अनिल चौधरी, मोती लाल जाट, बलबीर चौधरी, सुरेश चौधरी, भुवनेश शर्मा, गौरी शंकर सोनी, जय प्रकाश सिंह, दीपक चौधरी, सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह शेखावत, कैलास, देव मेघवाल, विक्रमसिंह जाट, हमीद पठान, मोहम्मद रमजान सहित अन्य गण मान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्राचार्य सोनी ने बताया कि स्व. ओम प्रकाश जी ने जीवन के अंतिम पड़ाव से पूर्व ही देह को दान करने का संकल्प लिया। श्री तनेजा की पार्थिव देह से चिकित्सा विज्ञान के अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को शोध और प्रायोगिक अध्यापन कार्य में लिया जायेगा।
प्राचार्य डॉ सोनी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा समाज सेवा के पुनीत कार्य हेतु परिजनो का शुक्रिया अदा किया। इस अवसर पर डॉ अनिता पारीक, अतिरिक्त प्रधानाचार्य ने श्री तनेजा की पार्थिव देह को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। एनाटोमी विभाग के डॉ कविता, डॉ कालूराम मीना व विभाग के कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक सुभाषचंद्र मुटनेजा ने बताया कि हंसेरा गांव स्थित श्री रामदेव मेडिकल एंड जनरल स्टोर व बीकानेर स्थित शिवानी फार्मा का अनुज्ञा पत्र 18 व 19 जनवरी दो दिवस के लिए निलंबित किया गया है।

उन्होंने बताया कि अर्जुनसर स्थित जय दुर्गा मेडिकल एंड जनरल स्टोर का अनुज्ञा पत्र 18 से 20 जनवरी तक तीन दिवस के लिए, खाजूवाला स्थित शाहिन मेडिकोज व श्रीराम मेडिकोज तथा अर्जुनसर स्थित महाजन मेडिकल एंड जनरल स्टोर का अनुज्ञा पत्र 18 से 21 जनवरी तक चार दिवस के लिए निलंबित किया गया है। इसी प्रकार लूणकरणसर स्थित पवन मेडिकोज का अनुज्ञा पत्र 20 व 21 जनवरी को दो दिवस के लिए निलंबित किया है।


विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। टीबी रोग की जांच के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक लैब सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज में अगले 15 दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। टीबी उन्मूलन की दिशा में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए गुरुवार को स्टेट टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। एसटीएफ के अध्यक्ष डॉ गुंजन सोनी की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में प्रदेश के 23 मेडिकल कॉलेज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

पीबीएम के श्वास रोग विभाग के अध्यक्ष डाॅ सोनी ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टीबी उन्मूलन की दिशा में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोविड-19 के चलते पिछले कुछ समय से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम स्थगित हो गए थे। 2025 तक क्षय रासेग उन्मूलन के लक्ष्य के साथ अब राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए निर्देशित किया गया है। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में टीबी के इलाज के लिए आवश्यक और आधारभूत ढांचे के विकास हेतु उपलब्ध संसाधनों की जानकारी लेते हुए कमियों को दूर करने के लिए प्रयासों में तेजी लाने को कहा गया।
डॉ सोनी ने बताया कि भारत में हर चौथा व्यक्ति ट्यूबरक्लोसिस से संक्रमित है और प्रतिवर्ष एक लाख संक्रमितों में से करीब 32 लोग इस रोग के कारण अकाल मृत्यु का शिकार होते हैं। क्षय रोग के कुल मरीजों में से 85 प्रतिशत मरीज फेफड़ों की टीबी से संक्रमित होते हैं। वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान इस रोग के उपचार की नई दवाइयों के अनुसंधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। सरकार द्वारा ड्रग्स सेंसेटिव टीबी और ड्रग रेजिस्टेंस टीबी के लिए निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। एमडीआर टीबी के उपचार पर 8 से 9 लाख रुपए खर्च होते हैं। सरकार द्वारा इस रोग के इलाज की समस्त जांच और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। मरीज की स्थिति पर नजर रखने के लिए निःक्षय ऐप विकसित किया गया है। साथ ही मरीज के पोषण के लिए भी सरकार द्वारा हर माह 500 रुपए दिए जाते हैं, एमडीआर के तहत 18 माह तक टीबी मरीज को 500 प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान किया जाता है।

डॉ माणक गुजरानी ने बताया कि निजी चिकित्सकों द्वारा यदि टीबी मरीज का पूरा इलाज किया जाता है तो राज्य सरकार द्वारा उसे 3000 रुपए भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि कोविड 19 संक्रमण रोकथाम के लिए अपनाए गए मास्क, सोशल डिस्टेसिंग से टीबी संक्रमण रोकथाम में भी मदद मिली है। अक्टूबर 2019 से पूर्व एक वर्ष की अवधि में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 22 हजार 439 टीबी मरीज पंजीकृत किए गए थे जबकि सितंबर 2020 तक के समय में 16 हजार 214 रोगी रिपोर्ट हुए हैं । इस आधार पर साबित हुआ कि कोविड-19 रोकथाम के लिए अपनाए गए मास्क, सैनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों से क्षय रोग संक्रमण की रोकथाम में भी अहम मदद मिली है। डाॅ सी एस मोदी ने बताया कि फेफड़ों का एक टीबी जीवाणु जनित संक्रामक बीमारी है। टीबी मरीज को सही समय में पूरा उपचार मिलना जरूरी है। बीकानेर में टीबी का प्रकोप राष्ट्रीय अनुपात जैसा ही है। कोविड रोकथाम उपायों से टीबी के मरीजों की संख्या में लगभग 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
डाॅ सोनी ने बताया कि सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में टीबी मरीजों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक जांच लैब अगले 15 दिनों में प्रारंभ किया जाएगा। इस लैब के प्रारंभ होने से बीकानेर में सभी सैंपल स्थानीय स्तर पर ही जांचे जाने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस लैब पर करीब डेढ़ करोड रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्मूलन कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा की गई और कमियों का विश्लेषण कर दूर करने के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान डाॅ अजय श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

जिला कलक्टर ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जागरूकता की वजह से कोविड-19 रोगियों में कमी आई है, जिसे बनाया रखना हैं। बीकानेर शहर में जांच के सैम्पल की संख्या प्रतिदिन लगभग 1500 की जाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन 400 से 500 जांच के लिए सैम्पल लिए जाएं। उन्होनें निर्देश दिए कि प्रत्येक बीसीएमओ को 50 से 60 सैम्पल लेने का लक्ष्य दिया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल वैन से कोविड-19 जांच के सैम्पल संग्रहण की व्यवस्था की जाए। घर-घर सर्वे कर, ओक्सोमीटर से स्वास्थ्य कर्मी आमजन की जांच करेंगे, इसका प्रबंध किया जाए।
मेहता ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार कंटेनमेंट जोन 31 दिसम्बर तक रहेगा। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन का प्रभावी सीमांकन, संक्रमण के ट्रांसमिशन की श्रृखंला को तोड़ने और वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण उपाय है। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधिया ही अनुमत होगी तथा आवश्यकतानुसार सघन सम्पर्क ट्रेंसिंग, घर-घर निगरानी और आवश्यकतानुसार अन्य चिकित्सकीय गतिविधियां अमल में लायी जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति जो कोविड पाॅजिटिव पाये गये हैं, उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों की सूची बनाई जाकर उनकी ट्रैकिंग, 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाये।

मेहता ने निर्देश दिए कि कोविड से ग्रसित रोगियों का इलाज सुविधा स्थलों पर व उनके घरों में गाईडलाईन की पालना करते हुए तुरन्त आईसोलेट किया जाए। चिकित्सा विभाग हर दिन सभी सकारात्मक मामलों की सूची संबंधित थानाधिकारी के साथ बीट कांस्टेबल द्वारा निगरानी प्रयोजन हेतु साझा करेंगे। बीट कांस्टेबल सकारात्मक मामलों की निगरानी के लिए ’राज कोवडिइनफो ऐप डाउनलोड करेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि मरीज घर में ही रहता है और मरीज के फोन में भी यह एप डाउनलोड करायेगा।
नाइट कर्फ्यू को कड़ाई से लागू करवाएं– जिला कलक्टर ने बैठक में शादियों में भीड-भाड़ के संबंध में नियुक्त मजिस्ट्रेट से जानकारी ली और कहा कि सभी मजिस्ट्रेट नियमों की अवहेलना पर संबंधित थानाधिकारी का साथ लेकर चालान काटेंगे। उन्होंने अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक से कहा कि रात सात बजे नाइट कर्फ्यू की पालना करवाने के लिए मार्केट को बंद करवाना सुनिश्चित करें। निर्धारित समय के बाद अगर बेवजह कोई बाहर घूमता मिले या फिर दुकान खुली मिले तो संबंधित का चालान कटवाना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के बाद नाइट कर्फ्यू की पालना होनी ही चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चौधरी, सहायक कलक्टर (प्रशिक्षु आईएएस) कनिष्क कटारिया, सचिव यूआईटी मेघराज सिंह मीना, रजिस्ट्रार मुद्रांक एवं स्टाम्प ऋषिबाला श्रीमाली, मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ.एसएस राठौड़, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल डाॅ. परमेन्द्र सिरोही, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीना, डाॅ.संजय कोचर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।