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विनय एक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जी20 विकास मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, यह बैठक 11 से 13 जून, 2023 के बीच वाराणसी में आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, भारत की अध्यक्षता में हो रही जी20 की बैठक के आरंभ में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभा को संबोधित करेंगे।
वाराणसी विकास मंत्रियों की बैठक ऐसे समय हो रही है जब विकास से संबंधित चुनौतियां अपने चरम पर हैं, इनमें आर्थिक मंदी, ऋण संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान, बढ़ती गरीबी और असमानता, खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा, जीवन यापन का लागत संकट, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान, और भू-राजनीतिक संघर्ष और बढता तनाव शामिल हैं।
जी-20 विकास मंत्रिस्तरीय बैठक सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धियों में तेजी लाने और विकास, पर्यावरण और जलवायु एजेंडा के बीच तालमेल को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से सहमत होने का अवसर प्रदान करेगी।
यह बैठक जनवरी, 2023 में भारत द्वारा आयोजित वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन का अनुसरण करती है, और वाराणसी बैठक में लिए गए निर्णय संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) शिखर सम्मेलन में भी योगदान देंगे जो सितंबर में न्यूयॉर्क में आयोजित किया जाएगा। विकास मंत्रियों की बैठक से पहले चौथी और अंतिम विकास कार्य समूह (डीडब्ल्यूजी) की बैठक 6 से 9 जून के बीच दिल्ली में आयोजित की गई थी।
वाराणसी बैठक में दो मुख्य सत्र शामिल होंगे, एक “बहुपक्षवाद: सतत विकास लक्ष्य की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए सामूहिक कार्रवाई” और दूसरा “हरित विकास: ए लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) दृष्टिकोण”।
विकास कार्य बल (डीडब्ल्यूजी) ने पिछले जी20 अध्यक्षों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए, सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में तेजी लाने और इस संबंध में जी20 दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सुदृढ बनाने के लिए जी20 के योगदान को बढ़ाने के जनादेश को आगे बढ़ाया है। इसमें स्थायी, समावेशी और लचीले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में जी20 प्रयासों को सुदृढ बनाना शामिल है। इस बैठक में 200 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है। प्रतिनिधियों को विश्व के सर्वाधिक प्राचीन शहरों में से एक वाराणसी की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक प्रदान करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
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जिला कलक्टर ने अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लोगों पर अत्याचार के मामलों में पूर्ण संवेदनशीलता से कार्य करते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए तथा कहा कि ऐसे मामलों के अनुसंधान प्रकरण पुलिस थानों में बेवजह लंबित नहीं रहे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जाति के 528 लाभान्वितों को 426. 61 लाख तथा अनुसूचित जनजाति के 21 लोगों को 11 लाख रुपए की सहायता उपलब्ध करवाई।

इस दौरान जिला कलक्टर ने वर्ष 2021 -22 की प्रगति तथा पुलिस विभाग में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि मार्च तक जिले के थानों में 76 मामले दर्ज हुए, जिनमें 55 में अनुसंधान जारी है।
जिला कलक्टर ने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने निर्देश दिए।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक (एससी-एसटी सेल) अरविंद, अभियोजन अधिकारी कमलजीत सिंह राय, विशिष्ट लोक अभियोजक (एससी-एसटी सेल) कुंदन व्यास, सहायक निदेशक (अभियोजन) भगवान सिंह राठौड़, प्रशासनिक अधिकारी सलीम भाटी आदि मौजूद रहे।


वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में जिला कलेक्टर ने बजट घोषणा अनुरुप विभिन्न योजनाओं एवं भूमि आवंटन के कार्यों में प्रगति लाने तथा संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का तीव्रता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया, प्रशिक्षु आईएएस मृदुल सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल मीणा, सहायक कलेक्टर रामजस बिश्नोई, नागौर उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया, नगर परिषद सचिव अनिता बिरड़ा, डीओआईटी के कुम्भाराम रेलावत सहित जिले के सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी जुड़े रहें।

बैठक में समिति डॉ. कल्ला तथा समिति के सदस्य स्टेट मोटर गैराज राज्य मंत्री श्री राजेन्द्र यादव एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने विचाराधीन प्रकरणों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। अधिकारियों से चर्चा के बाद मंत्रीमंडलीय उपसमिति ने बेरोजगार महासंघ के प्रतिनिधियों को भी सुना।
बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री हेमन्त गेरा तथा ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार के अलावा सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
]]>इस दौरान राज्यपाल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए किए जा रहे राजभवन के प्रयासों, जनजातीय कल्याण और राज्य में कलाकारों एवं सांस्कृतिक उन्नयन के लिए उठाये गए कदमों आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य में कोरोना की स्थिति के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी को मिश्र ने मुलाकात के दौरान एक वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाशित पुस्तक ‘नई सोच-नए आयाम‘ की प्रति भी भेंट की। उन्होंने कोरोना जागरूकता के लिए राजभवन की पहल, जनचेतना के लिए आम जन को निरन्तर सजग रहने के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही कोरोना काल में 175 वर्चुअल कॉन्फ्रेंस, बैठकों और किए जा रहे दीक्षान्त समारोहों आदि के बारे में भी अवगत कराया।

राज्यपाल मिश्र की प्रधानमंत्री के साथ आधे घंटे से भी अधिक चर्चा हुई। इस दौरान उनके साथ प्रदेश की प्रथम महिला श्रीमती सत्यवती मिश्र भी मौजूद थी।