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विनय एक्सप्रेस समाचार,नागौर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए दिया जाने वाले योगदान सबसे बड़े पुण्य का काम है। सरकारी विद्यालयों में सरकारी स्तर पर तो समय-समय पर सुविधाएं विकसित करने के लिए काम होता रहा है, लेकिन जनसहयोग से होने वाले काम अपने आप में आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का स्त्रोत है। डॉ. सोनी सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में ढांचागत विकास, विद्यालयों के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए जिले के जिन गणमान्य दानदाताओं व भामाशाहों ने आर्थिक सहयोग दिया है, वे साधुवाद के पात्र हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा ने सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए भामाशाहों द्वारा दिए गए योगदान के बारे में बताया। इस मौके पर भारत स्काउट एवं गाइड के ताउसर गांव में स्थित प्रशिक्षण केन्द्र को विकसित करने के लिए योगदान देने वाले दानदाताआ धर्माराम भाटी व रूपचंद का सम्मान भी किया गया। इस कार्यक्रम में भारत स्काउट एवं गाइड के सीओ अशफाक पंवार व मीनाक्षी भाटी भी मौजूद रही।
जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी व मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा ने सरकारी स्कूलों के ढांचागत विकास एवं अन्य सुविधाएं विकसित करने में योगदान देने वाले 30 से अधिक दानदाताओं का माला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। कार्यक्रम में दानदाता गोपाल असावा, चांद मोहम्मद, लिछमणराम, जवाहरराम कूकणा, मगनाराम बिजारणियां, आईदानराम बिजारणियां, गेनाराम कस्वां, तुलछाराम तांडी, इलियास खान, सरवर खान, भंवरलाल गोदारा, रामचंद्र बिश्नेाई, राधेश्याम लाहोटी, प्रेमाराम छरंग, रामचंद्र गोदारा, कैलाश कांकरिया, डूंगराम, रूपाराम, भूराराम, रतनलाल गोदारा, प्रतीक लटियाल, डॉ. राजेन्द्र चौधरी, कमल चौधरी, राकेश चौधरी, सुभाष कंदोई व प्रशांत रंगा, गणपतराम सिंघवी, धर्माराम ओमप्रकाश मिर्धा, बुलेश, सुरेशचंद जाट, रविशंकर तिवाड़ी, पृथ्वीसिंह राजपुरोहित, धन्नाराम जाट, घिसाराम, मोतीराम, मांगीलाल व खेमराज चोयल, उगमाराम आकोदिया तथा जीवणराम खोखर को माला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।


जिला पुलिस अधीक्षक अभिजीतसिंह ने निर्देश दिए कि बाल वाहिनी में शिक्षण संस्था बस के बाहरी भाग पर सुनहरी पीला रंग करना, शिक्षण संस्था का नाम और पता यान की बॉडी के बाहरी भाग पर उसके दोनों ओर खिड़की रेखा के निचे यान रंग (पीला) से भिन्न रंग में मोटे अक्षरों में पेन्ट किया जाना, संबधित पुलिस थाना के दूरभाष नम्बर तथा चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर अंकित करना, शिक्षण संस्था यान के ड्राईवर के पास न्यूनतम पांच वर्ष पुराना व्यवसायिक ड्राईवर लाईसेंस होना, बस में छात्रों को उतारने व चढाने में सहायता के लिए एक परिचालक होना, शिक्षण संस्था बस ड्राईवर खाकी ड्रेस में होना, तथा प्रत्येक विद्यालय द्वारा यातायात समन्वयक की नियुक्ति करना आदि निर्देश दिये गये ।

स्कूल में हल्के भारवाहनों का उपयोग बालवाहिनी के रूप में नहीं करने के निर्देश दिये गये यदि किसी स्कूल में ऐसे वाहनों का संचालन पाया गया तो स्कूल की मान्यता निलबंन की कार्यवाही की जायेगी । शिक्षा विभाग एवं समस्त शिक्षण संस्थओं को निर्देष दिये गये कि एक माह में संस्थाओं की बाल वाहिनी जारी निर्देशों के अनुसार अद्यतन की जावे । एक माह के बाद परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त जॉच की कार्यवाही की जायेगी । पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में उक्त नियमों की पालना नहीं पाये जाने पर वाहन के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए वाहन को सीज किया जायेगा ।

बैठक में जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी सहित अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी (एनएच/स्टेट हाईवे), प्राईवेट स्कूल एसोसिएषन के अध्यक्ष, स्कूलों के प्रतिनिधि, बस एवं ऑटो रिक्षा यूनियन के अध्यक्ष तथा जिला प्रषासन के अधिकारीगण उपस्थित थे ।


गहलोत ने मूण्डवा तहसील के डेहरू एवं जोरावरपुरा पटवार मण्डल को खींवसर तहसील में तथा खींवसर तहसील के खड़काली पटवार मण्डल को नागौर तहसील में शामिल करने की स्वीकृति दी है।

पुनर्गठन के बाद अब मूण्डवा तहसील के कार्य क्षेत्र में 7 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त एवं 26 पटवार मण्डल, खींवसर तहसील क्षेत्र में 8 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त एवं 31 पटवार मण्डल तथा नागौर तहसील के कार्य क्षेत्र में 9 भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त एवं 37 पटवार मण्डल सम्मिलित होंगे।


इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ सोनी ने कहा राज्य स्तरीय महाअभियान के अंतर्गत नागौर जिले में लगभग 23 लाख पौधों का घर-घर वितरण किया जाएगा जिसमें 4 औषधीय पौधे तुलसी , गिलोय , अश्वगंधा व कालमेघ हैं जिनका आयुर्वेद में बहुत महत्व है । कोरोना की इस विषम परिस्थिति में यह हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाएंगे । नागौर जिले की 11 नर्सरी द्वारा इसका उत्पादन किया जा कर इस माह प्रथम चरण तथा अक्टूबर में द्वितीय चरण में वितरण होगा । इस योजना में नगर निकायों के आधे वार्ड तथा आधी ग्राम पंचायत शामिल होगी । वन विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है जिसमें रूट चार्ट व पौधों की संख्या भी शामिल है । इसमें शहरी क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया जाएगा कि जिनके पास भूमि कम है वह गमलों में ही इन पौधों को लगाएं । उन्होंने कहा कि जो किसी मान्यता के कारण से इन पौधों को नहीं लगाने की धारणा रखते हैं वह स्वस्थ सोच रखें और केवल इसका औषधीय महत्व देखें । यह जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुंचाएं । अनेक लोगों द्वारा तुलसी पत्रों को प्रसाद रूप में भी लिया जाता है लेकिन वर्तमान में हम इसे शारीरिक स्वास्थ्य के संदर्भ से ही लें । उन्होंने उपस्थित संवेदनशील जनप्रतिनिधियों से शहर का सौंदर्यीकरण व पर्यावरण के क्षेत्र में और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि बरसात के इस मौसम में जाति , मजहब व दलगत से ऊपर उठकर नागरिकों को इस बात के लिए तैयार करें कि वह मार्गो तथा भवनों के मध्य के खाली जगह में युक्तिसंगत तरीके से पौधे लगाएं जिससे आंखों को हरियाली देखकर सुकून मिल सके । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बा और बापू योजना जो कस्तूरबा गांधी तथा महात्मा गांधी से संबंधित है , के द्वारा सघन पौधरोपण का कार्य पंचायत राज विभाग द्वारा हाथ में लिया गया है ।

जिला कलक्टर ने जनप्रतिनिधियों से गोगेलाव कन्वर्शन क्षेत्र में निवास बनाने वाले जंगली पशुओं की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे शहर व गांव के फैंफड़े हैं । इसलिए इनको बचाने के निमित्त काम करें । उन्होंने स्काउट व गाइड टीम को भी इस संबंध में सहयोग करने का आग्रह किया । जिला कलक्टर ने गोगेलाव रोड पर स्थित तारबंदी वन क्षेत्र में उगे बबूल के पेड़ों के स्थान पर अन्य पौधे रिप्लेस करने का भी निर्देश दिया ।
पार्क का करें विस्तार , सौंदर्यकरण पर दें जोर
जिला कलक्टर ने अमृता देवी उद्यान के विस्तार पर बल दिया । उन्होंने नगर परिषद व राजस्व कार्मिकों से पार्क में आने वाले रास्तों के और विकल्प तलाश करने का भी निर्देश दिया । उन्होंने पार्क को तारबंदी से सुरक्षित रखने तथा इसके संरक्षण के निमित्त सीमेंट पत्थर से युक्त खंभे जनसहयोग से बनाने का भी आह्वान किया । इस पर परिषद उपसभापति सदाकत अली ने 25 , पार्षद भरत टाक , पदमश्री भांभू , राकेश सेन , पार्षद गोविंद कड़वा , ललित लोमरोड़ व हरिराम ने 10-10 खंबे निर्माण हेतु अपनी ओर से सहयोग करने की घोषणा की ।

इस अवसर पर अपने संबोधन में सीईओ चौधरी ने कहा कि पौधरोपण के माध्यम से एक धरती एक आसमान की परिकल्पना साकार होगी । उन्होंने मायड़ भाषा में कहा कि मिनखां री माया , पेड़ा री छाया , निरोगी रैवे काया इस घर-घर औषधि अभियान से सार्थक होगी । पदमश्री हिम्मतराम भांभू ने कहा कि कितना भी विकास हो लेकिन वह प्राणवायु ऑक्सीजन नहीं दे सकता । पेड़ पौधे में सर्व पंथ समभाव होता है । इसलिए पेड़ लगाने का पवित्र कार्य करें और उसे संरक्षित करते हुए वृक्ष का भी रूप दें । अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया ने कहा कि पौधों से प्राणवायु ऑक्सीजन प्राप्त होती है जो प्राकृत होती है । कोरोना की द्वितीय लहर ने बता दिया कि शरीर के लिए पौधों की प्राकृत व ताजी हवा जरूरी है जबकि अस्पतालों में मिलने वाली प्राणवायु कृत्रिम होती है । कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति नीतू बोथरा ने कहा कि 72 वें वन महोत्सव के आयोजन से हमें यह संदेश लेना चाहिए कि वृक्ष ही जीवन है । कोरोना के बाद में इनकी महत्ता और बढ़ गई है । कार्यक्रम में पर्यावरणविद रामरतन बिश्नोई ने भी अपने विचार व्यक्त किए । जिला वन संरक्षण अधिकारी ज्ञानचंद मकवाना ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि रखी । इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी भंवराराम सियाक, सीओ स्काउट अशफाक पंवार , सीओ गाइड मीनाक्षी भाटी , पार्षद नवरत्न बोथरा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने एक एक पौधा लगाया । कार्यक्रम में उद्यान में 400 पौधे लगाए गए ।

कार्यक्रम के पश्चात जिला कलक्टर व वन विभाग अधिकारियों द्वारा मंगलम नगर के समीप स्थित पार्षद गोविंद कड़वा के आवास से घर-घर औषधि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया । जिला कलक्टर द्वारा स्वास्थ्य भवन में गिलोय का पौधा भी लगाया गया । कार्यक्रम में सभापति बोथरा द्वारा अश्वगंधा व कालमेघ का पौधा भी लगाया गया ।


निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदाताओं से मतदान के लिए आवश्यक फोटोयुक्त दस्तावेज जैसे आधार कार्ड व वोटर आईडी कार्ड साथ लाने की भी जानकारी ली। इसके साथ ही मतदान बूथ में बैठे अलग-अलग प्रत्याशियों के निर्धारित मतदान अभिकर्ताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने केन्द्र में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से मतदान बूथ में मतदाताओं को कोरोना गाइडलाइन की पालना के निमित्त निर्धारित दूरी पर खड़े होने का भी निर्देश दिया। उन्होंने मतदान केंद्र में मैदान परिसर में बिना मास्क लगाए हुए मतदाताओं को भी बाहर जाने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक उच्च माध्यमिक विद्यालय से बालिका माध्यमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए पैदल ही पहुंचे। जहां मतदान केंद्र में उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से चुनावी व्यवस्थाओं तथा उनके कार्य के बारे में जानकारी ली।
मतदान कर चुकी महिला बुजुर्ग मतदाताओं से अंगुली पर अमिट स्याही का निशान लगाया या नहीं लगाया यह भी चर्चा की तथा बूथ पर मतदान कर लौट रहे बुजुर्गों से भी पूछताछ की। उन्होंने मतदान अधिकारियों से मतदान करने वाले
मतदाताओं की अंगुली पर अमिट स्याही का निशान गहरा लगाने तथा अंगुली पर पूरा कवर करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अभी तक की स्थिति के अनुसार यहां का मत प्रतिशत अच्छा है। मतदाताओं द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जा रहा है। बूथ पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी व्यवस्था अच्छी प्रकार संभाल रखी है। यहां का शांतिपूर्ण मतदान कोरोना की इस परिस्थिति में मिसाल बनेगा, ऐसा विश्वास है।

इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मतदाता मतदान के लिए पैदल आ रहे हैं। मतदाताओं के वाहन 200 मीटर की दूरी पर लगाए गए नाको पर रुकवाए गए है तथा मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाएं रखने के लिए अनावश्यक वाहनांे को नाके पर ही दूसरे रुट से निकालने की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं द्वारा कोविड नियमों की पालना करते हुए शांतिपूर्वक मतदान किया जा रहा है।
उपखण्ड अधिकारी अमित चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत बासनी में सरपंच पद के लिए हो रहे उपचुनाव में दोपहर 12 बजे तक 30 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया है तथा चुनाव शांतिपूर्वक चल रहे है। चुनाव बूथ पर थर्मल स्क्रीनिंग द्वारा मतदाताओं की जांच कर तथा सेनिटाइज कर प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही बूथ पर मोबाइल आदि प्रतिबंधित किए गए है।


बैठक के दौरान डॉ. सोनी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को विभागीय स्तर पर ई-मित्र प्लस मशीन द्वारा अधिक से अधिक ट्रांजेक्शन करवाने संबंधी निर्देश दिए। डॉ. सोनी ने कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय परिसर में लगी ई-मित्र प्लस मशीन द्वारा डिजिटल लेनदेन करवाने को लेकर आमजन को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करें तथा आमजन से अधिक से अधिक भुगतान संबंधी कार्य करवाएं। साथ ही उन्होंने जिला स्तर, उपखण्ड स्तर एवं ग्राम स्तर संबंधी ट्रेनिंग आयोजित करने व डिजिटल साथी अभियान के तहत महीनें में दो बार ग्राम स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंस द्वारा बैठक का आयोजन करने के निर्देश दिए।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक योगेश कुमार ने बताया कि विद्युत कटौती होने पर प्रशासनिक कार्याे में किसी प्रकार का व्यवधान ना आएं, इसके लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर वीसी कक्ष के लिए बैटरी सहित इनवर्टर की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। शेष रही जिला मुख्यालय स्थित पंचायत समिति में पावर बैकअप व्यवस्था हेतु जिला कलक्टर द्वारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, जयपुर के विशिष्ट शासन सचिव एवं आयुक्त के निर्देशन में ब्लॉक स्तरीय कमेटी के गठन हेतु जिला ई-मित्र सोसायटी के संविधान में आवश्यक संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसकी कार्यवाही अभी प्रक्रियाधीन है।

जिला कलक्टर के निर्देशन में सभी पंचायत समिति मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व विभिन्न पुलिस थाना मुख्यालय पर नए आधार केन्द्र खोले जाने के पूर्व आदेशो के अनुसार कार्य जारी है। इसके तहत जिले में अभी 73 आधार नामांकन केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है। केवल 3 पंचायत समितियों कुचामन, परबतसर व रियांबड़ी में आधार केन्द्र संचालित नहीं है। बैठक में इन पंचायत समितियों के लिए भी आधार केन्द्र संचालित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, जिला रसद अधिकारी पार्थ सारथी, सीपीओ श्रवणलाल, कोषाधिकारी हरीराम राड़ सहित बीएसएनएल टेलीकॉम के पदाधिकारी तथा डिस्कॉम व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


इसी प्रकार मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना के तहत जिले में कोरोना के कारण विधवा हुई 180 महिलाओं के बच्चो के लिए, प्रत्येक बच्चे को 1 हजार रू. प्रतिमाह एवं 2000 रू.की एकमुश्त वार्षिक सहायता (ड्रेस, पाठ्य सामग्री आदि) हेतु बच्चे की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने तक की गई है।
इस योजना में जिले में कोरोना से अनाथ हुए 10 बच्चों को भी योजना के लाभ के रूप में प्रत्येक को 1 लाख रू. की नकद सहायता, प्रत्येक को 2500 रूपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता तथा इन बच्चों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रत्येक को 5 लाख रू. की आर्थिक सहायता दिए जाने की स्वीकृतियां जारी की गई है।
इस योजना के तहत अब तक दो करोड़ सैंतालिस लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि संबंधित लाभार्थियों के खाते में भुगतान हेतु व्यय की गई है।
इस योजना में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी द्वारा सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को सदस्य सचिव एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर को योजना का प्रभारी अधिकारी नियुक्त करते हुए जिला स्तरीय कमेटी एवं उपखण्ड अधिकारियों की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय कमेटीयों का गठन कर इस योजना का लाभ त्वरित प्रभाव से पात्र लोगों को दिया गया है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीशचन्द्र व्यास ने बताया कि जल परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है, जहां पर पेयजल की भौतिक, रासायनिक एवं जीवाणु गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच की जाती है। इसके पेयजल गुणवत्ता जांच एवं निगरानी कार्यक्रम के तहत फिल्ड टेस्ट किट के माध्यम से भी जल की जांच की जाती है, जिसमें पेयजल से संबंधित पीएच (6.5-8.5), टी.डी.एस.(2000 तक), क्लोराइड(1000 मिली ग्राम प्रति लीटर), फ्लोराइड (1.5 तक), नाइट्रेट (45) आदि की जाती है।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि एक फील्ड टेस्ट किट द्वारा 100 जल नमूनों के परीक्षण हेतु आवश्यक उपकरण एवं विलयन उपलब्ध होते है, यदि कोई व्यक्तिगतरूप से जांच करवाता है तो जीवाणु परीक्षण से संबंधित जांच के 200 रूपये और रासायनिक जांच के 400 रूपये प्रयोगशाला द्वारा लिये जाते है। जबकि विभागीय जांचो का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर फिल्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की जांच करवा सकते है और इसके अलावा विभागीय कार्मिक द्वारा जिला स्तर पर जल जांच प्रयोगशाला में जांच हेतु जल भिजवाया जा सकता है। विभाग जन मानस के स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सजग है।
