js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170
जिला पुलिस अधीक्षक अभिजीतसिंह ने निर्देश दिए कि बाल वाहिनी में शिक्षण संस्था बस के बाहरी भाग पर सुनहरी पीला रंग करना, शिक्षण संस्था का नाम और पता यान की बॉडी के बाहरी भाग पर उसके दोनों ओर खिड़की रेखा के निचे यान रंग (पीला) से भिन्न रंग में मोटे अक्षरों में पेन्ट किया जाना, संबधित पुलिस थाना के दूरभाष नम्बर तथा चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर अंकित करना, शिक्षण संस्था यान के ड्राईवर के पास न्यूनतम पांच वर्ष पुराना व्यवसायिक ड्राईवर लाईसेंस होना, बस में छात्रों को उतारने व चढाने में सहायता के लिए एक परिचालक होना, शिक्षण संस्था बस ड्राईवर खाकी ड्रेस में होना, तथा प्रत्येक विद्यालय द्वारा यातायात समन्वयक की नियुक्ति करना आदि निर्देश दिये गये ।

स्कूल में हल्के भारवाहनों का उपयोग बालवाहिनी के रूप में नहीं करने के निर्देश दिये गये यदि किसी स्कूल में ऐसे वाहनों का संचालन पाया गया तो स्कूल की मान्यता निलबंन की कार्यवाही की जायेगी । शिक्षा विभाग एवं समस्त शिक्षण संस्थओं को निर्देष दिये गये कि एक माह में संस्थाओं की बाल वाहिनी जारी निर्देशों के अनुसार अद्यतन की जावे । एक माह के बाद परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त जॉच की कार्यवाही की जायेगी । पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में उक्त नियमों की पालना नहीं पाये जाने पर वाहन के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए वाहन को सीज किया जायेगा ।

बैठक में जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी सहित अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी (एनएच/स्टेट हाईवे), प्राईवेट स्कूल एसोसिएषन के अध्यक्ष, स्कूलों के प्रतिनिधि, बस एवं ऑटो रिक्षा यूनियन के अध्यक्ष तथा जिला प्रषासन के अधिकारीगण उपस्थित थे ।


अतिरक्त जिला मजिस्ट्रेट, मनोजकुमार द्वारा राजस्थान गुण्डा अधिनियम 1975 के अन्तर्गत धारा 3(3) में पारित किए अपने आदेश के अनुसार कोतवाली पुलिस थाना के प्रकरण से 08/2020 में मुकेश पुत्र पप्पुराम सांसी निवासी नकास गेट, प्रकरण 02/2019 में महेन्द्र पुत्र मंगतुराम सांसी भाण्ड बस्ती तथा प्रकरण 01/2019 में मुकेश पुत्र मंगतुराम सांसी भाण्ड बस्ती एवं प्रकरण संख्या 06/2020 में मुंशी खां पुत्र मुमताज सिपाही मुसलमान दड़ा मोहल्ला तथा प्रकरण 05/2019 में रजब अली पुत्र हाजी मोहम्मद इकबाल मुसलमान फुलपुरा बासनी, पुलिस थाना मुण्डवा में प्रकरण 04/2019 में रफीक पुत्र रसीद खां मुसलमान निवासी झुंझण्डा, प्रकरण 01/2018 में दीपाराम पुत्र रामदेव जाति लुहार निवासी बुनरावता एवं पुलिस थाना जायल के प्रकरण 08/2017 में हीराराम पुत्र तुलछाराम जाट निवासी गोराऊ को जिला बदर करने के आदेश दिए है।

आदेश में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने इन गुण्डो में नागौर थाना से बदर किए पांच गुण्डो को बीकानेर जिले के नोखा थाने में, मुण्डवा थाना से बदर किए गए दो गुण्डो को जोधपुर ग्रामीण थानान्तर्गत भोपालगढ़ तथा आसोप थाने में एवं पुलिस थाना जायल से बदर किए एक गुण्डे को चुरू जिले के सुजानगढ़ थाने में अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए है।


हत्या के प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जिला नागौर श्वेता धनखड़ द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीडवाना संजय गुप्ता के सुपरविजन में तथा वृत्ताधिकारी कुचामन मोटाराम बेनीवाल के नेतृत्व में रामवीर जाखड़ पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी कुचामन, धर्मेश दायमा पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी नावां व प्रकाश मीणा उप निरीक्षक थानाधिकारी चितावा की अलग-अलग टीमों का गठन कर मुलजिमान को शीघ्र गिरफ्तार कर प्रकरण के खुलासे हेतु निर्देश दिये गये।
गठित पुलिस टीम के अंतर्गत रामवीर जाखड़ पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी कुचामन, धर्मेश दायमा पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी नावां, प्रकाश मीणा उप निरीक्षक थानाधिकारी चितावा, सोहनलाल हैड कानि. पुलिस थाना कुचामन, गोपालसिंह कानि. पुलिस थाना कुचामन, बालाराम कानि. पुलिस थाना कुचामन, द्वारा घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया जाकर तकनीकि अनुसंधान व संकलन से अहम साक्ष्य एकत्र कर मृतक प्रेमाराम उर्फ परमाराम हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए दो मुलजिमान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तार मुलजिमान की सूची
1. चुन्नी लाल पुत्र माताबक्क्ष, निवासी बालाजी की ढ़ाणी, स्टेशन रोड़ कुचामनसिटी।
2. बनवारी लाल पुत्ररामेश्वर लाल, उम्र 35 वर्ष निवासी कड़वा का बासड़ा, पुलिस थाना कुचामनसिटी।



विनयएक्सप्रेस समाचार, नागौर। पुलिस लाइन स्थित एक भवन में विकसित किए गए कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर में शनिवार को सुबह पुलिस अधीक्षक श्वेता धनखड़ प्रवेश करती हैं, यहां तैनात सुरक्षा गार्ड को उन्होंने परिचय दिखाया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक धनखड़ ने पंजीयन कक्ष में प्रवेश किया और रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी दी। यहां टीकाकरण कक्ष में प्रशिक्षित एएनएम ने उनकी बाजू पर राहत का पहला टीका (कोविड-19 वैक्सीनेशन) लगाया और इसके बाद उन्हें निगरानी कक्ष में भेज दिया गया। नागौर जिले में कोरोना को मात देने के लिए चलाए जा रहे कोविड-19 कोरोना टीकाकरण महाअभियान में शनिवार को पुलिस लाइन में स्थापित किए गए कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया व खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ महेंद्र सिंह मीणा की साक्षी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा सहित पुलिस विभाग के विभिन्न अधिकारियों, कार्मिकों व पुलिसकर्मियों ने टीकाकरण करवाया। पुलिस अधिकारियों में पुलिसकर्मियों के टीकाकरण को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुलिस लाइन में तीन टीकाकरण बूथ विकसित किए गए.

वही पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय अस्पताल में स्थापित कोरोना टीकाकरण सेंटर पर भी पुलिस अधिकारियों में पुलिस कर्मियों का टीकाकरण किया गया. पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के टीकाकरण सत्र जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुस्ताक अहमद व जेएलएन राजकीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ शंकर लाल की देखरेख में संपन्न हुआ. एनएचएम के डीपीएम राजीव सोनी व डीएनओ भवानी सिंह हापावत ने कोरोना टीकाकरण सत्रों की मॉनिटरिंग की. पुलिस लाइन में आयोजित टीकाकरण सत्रों में डॉक्टर लोकेश कुमारी डॉक्टर यतेंद्र, डॉ रविंदर, डॉक्टर गुरुप्रसाद नागौर के बीपीएम प्रेम प्रकाश, सीएचओ मनफूल पूनिया, हरीश चौधरी व मनोज व्यास आदि पैरामेडिकल स्टाफ ने सेवाएं दी.

]]>