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ngo – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Thu, 07 May 2020 17:54:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 हर जरूरतमंद को भोजन के लिए संकल्पित जयपुर जिला प्रशासन: 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी बिना अवकाश डेढ़ माह से रोजाना 14 घंटे से अधिक फील्ड में रहकर कर रहे व्यवस्था https://vinayexpress.in/2020/05/07/jaipur-administration/ Thu, 07 May 2020 17:54:34 +0000 https://vinayexpress.in/?p=1035 विनयएक्सप्रेस समाचार, जयपुर। जिला प्रशासन को लॉकडाउन के कारण अपने घरों में रहने को मजबूर, रोज खाने कमाने वालों, श्रमिकों, माइग्रेन्ट्स व अन्य जरूरतमंदों के लिए दोनों समय के भोजन की चुनौती को पूरा करते हुए हुए बुधवार को डेढ माह पूरा हो गया। 23 मार्च को मात्र 1000-1200 फूड पैकेट्स के वितरण से प्रारम्भ हुआ यह सफर अब तक लाखों जरूरतमंदों को फूड पैकेट्स के वितरण के बाद भी अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री के संकल्प ‘‘एक भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए‘‘ से प्रेरित जयपुर जिला प्रशासन, अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रयासों से शहर में जब तक लॉकडाउन के कारण एक भी व्यक्ति को भोजन की जरूरत है, यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।

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जिला कलक्टर डॉ.जोगाराम ने बताया कि कोविड-19 और इससे जुड़ी चुनौतियां जिला प्रशासन के लिए भी नई थीं, इनमें चिकित्सकीय पहलू के साथ सबसे बड़ी चुनौती हर जरूरतमंद तक भोजन पहुंचाने की थी। पीडीएस और कच्ची राशन सामग्री वितरण के बावजूद तत्काल जरूरतमंदों की मांग का आकलन कर तैयार खाना पहुंचाना सबसे जरूरी और चुनौतीपूर्ण काम था। रोजाना इतनी बड़ी संख्या में फूड पैकेट्स का निर्माण, परिवहन और जरूरतमंद तक वितरण काफी श्रम एवं समय साध्य है। शुरूआत में सबसे पहले नगर निगम के 13 रैन बसेरा स्थलों एवं अक्षय पात्र द्वारा करीब 20 अक्षय कलेवा स्थलों पर तैयार खाने का वितरण प्रारम्भ किया गया लेकिन धीरे-धीेरे मांग बढने लगी।

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जिला कलक्टर ने बताया कि जब शहर में मांग तेजी से बढी तो नगर निगम जयपुर के आयुक्त  वी.पी.सिंह के निर्देशन में जयपुर स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के सीईओ लोकबन्धु एवं उनकी पूरी समर्पित टीम इसके लिए तैयार की गई, जिसकी जिम्मेदारी न सिर्फ भोजन का निर्माण और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ वितरण कराना बल्कि पूरे तंत्र मे आने वाली हर समस्या का त्वरित समाधान करना था। खाने की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी इस टीम को पूरी निगरानी रखनी थी जिसे उन्होने बखूबी निभाया।

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व्यवस्था के प्रारम्भ में अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय श्री पुरूषोत्तम शर्मा ने फूड निर्माण एवं वितरण का ढांचा तैयार किया एवं डीएसओ श्री कनिष्क सैनीे ने संस्थाओं से बात कर इस व्यवस्था में अहम योगदान दिया। जिला कलक्टे्रट कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष  अमित जैमन और महासचिव श्री प्रदीप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पूरी कर्मचारी यूनियन ने भी व्यवस्था को जमाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। सिविल डिफेंस के उपनियंत्रक श्री जगदीश रावत के नेतृत्व में सिविल डिफेंस टीम ने भी पूरी व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली।

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जिला कलक्टर ने बताया कि पूरे जयपुर शहर की मांग को पूरा करने का बडा लक्ष्य बिना समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संभव नहीं था। तहसीलदार  नरेन्द्र कुमार जैन, तहसीलदार  बलबीर सिंह, स्मार्ट सिटी के अधिशाषी अभियंता श्री अजय कुमार सिन्धु इस पूरी व्यवस्था के प्रबन्धन की अहम कड़ी हैं।

jaipur helps his citizens

जिला कलक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन, स्मार्ट सिटी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, इंजीनियर्स, शिक्षा विभाग के अध्यापक, बूथ लेवल अधिकारी, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक समेत 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी 23 मार्च से बिना एक भी दिन छुट्टी किए सुबह 7 बजे से रात के 11 बजे तक जरूरतमंदों को भोजन पहुंचाने के काम में लगे हैं ताकि शहर में एक भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए। जब रामगंज एवं परकोटा क्षेत्र में कफ्र्यू लगा तो वहां संक्रमित क्षेत्रों में भी जरूरतमंदों को भोजन पहुंचाने का काम इन अधिकारी-कर्मचारियों ने पहले की तरह ही जारी रखा। आज भी परकोटा क्षेत्र में पहले की ही तरह फूड पैकेट्स वितरित किए जा रहे हैं। उन्होने बताया कि हर बार फूड वितरण के साथ कर्मचारियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाने का भी ध्यान रखा जाता है।

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कन्ट्रोल रूम, वार रूम, सर्वे और विभिन्न ग्रुप से भी लगातार सूचना

स्मार्ट सिटी के सीईओ लोकबन्धु ने बताया कि शहर में किसे और कहां फूड पैकेट्स की जरूरत है, यह सूचना लगातार 24 घंटे जिला कलक्टे्रट के कन्ट्रोल रूम पर, वार रूम में, बूथ लेवल ऑफिसर्स द्वारा क्षेत्रीय सर्वे में, अधिकारियों-कर्मचारियों के मोबाइल पर, दूसरे राज्यों से, स्वयं जरूरतमंदों से लगातार मिलती रही है। इन सूचनाओं पर सतत निगरानी बनी रहती है और हर सूचना को उसके निस्तारण तक फॉलो किया जाता है क्योंकि यह किसी जरूरतमंद को भोजन प्रदान करने जैसे पुनीत कार्य से जुड़ी होती है। यहां तक कि संभव होने पर सूचना देने वाले को भी भोजन वितरण की जानकारी दी जाती है। सूचना मिलते ही भोजन वितरण के लिए निर्धारित 53 फूड सेंटर्स में से निकटतम से जरूरतमंद को भोजन पहुंचाने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती है।

भोजन की गुणवत्ता को किया सुनिश्चित

लोकबन्धु ने बताया कि लाखों की संख्या में फूड पैकेट्स का निर्माण एवं वितरण होने के कारण भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाना भी जरूरी था। इसके लिए लगातार बड़ी भोजनशालाओं में निरीक्षण एवं सैम्पलिंग की गई। अधिकारियों की टीम ने कई बार कार्यक्षेत्र में वही भोजन स्वयं भी ग्रहण किया। यहां तक कि भोजन के निर्माण के लिए भी एगमार्क मानक की ही सामग्री उपयोग ली गई जैसे आटा, तेल, मसाले आदि। विभन्न स्तरों पर समय-समय पर यह परीक्षण भी जारी है।

प्रवासियों, यात्रियों, अस्पतालों के लिए भोजन व्यवस्था

स्मार्ट सिटी के सीईओ  लोकबन्धु ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर में जरूरतमंदों के लिए भोजन व्यवस्था के साथ ही साथ दूसरे राज्यों से रेल द्वारा यहां पहुंचे हजारों लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था की गई जिन्हें बसों द्वारा तीस से अधिक जिलों में भेजा गया है। इसी तरह यूपी और अन्य राज्यों को जाने वाली सैकड़ों बसों के यात्रियों को भी रास्ते के लिए भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा कई अस्पतालों, फील्ड वर्कर्स, कुछ श्रमिक कैम्प व जरूरत के अनुसार अलग-अलग जगह से मांग आने पर भोजन की आपूर्ति की गई।

बनाए रखा संस्थाओं का उत्साह

शुरू में जिला प्रशासन के अलावा भी कई स्वयंसेवी संस्थाएं मुख्यमंत्री की अपील से प्रेरित होकर और प्रदेश की परम्परा के अनुरूप अपने स्तर पर जरूरतमंदों को भोजन प्रदान करने में जुट गईं। लेकिन प्रयासों के दोहराव के कारण जिला प्रशासन के आग्रह पर इनमें से कई संस्थाएं प्रशासन के वितरण तंत्र में शामिल हो र्गईं। इन संस्थाओं की राशन, वाहन पास, कार्मिक पास, ईंधन जैसी कई समस्याओं को जिला प्रशासन द्वारा दूर किया गया एवं इस महत्वपूर्ण कार्य में उनका उत्साह बनाए रखा गया। इसी समन्वित प्रयास के कारण लगभग 150 संस्था जिनमें एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाएं यथा राधास्वामी सत्संग न्यास, जैन रसोई, अक्षय पात्र, जैन तेरापंथी, कुहाड़ ट्रस्ट, हीरावाला इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन आदि संस्थाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखी है।

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एप से निगरानी, अचानक आई मांग को भी किया पूरा

जयपुर जैसे महानगर में कई बार पूर्व निर्धारित और कई बार अचानक फूड पैकेट्स की मांग और आपूर्ति एक बड़ा काम है। इसे व्यवस्थित करने के लिए तकनीक का भी उपयोग किया गया। भोजन बनने से वितरण तक के कार्य की एप के माध्यम से निगरानी की गई। श्री लोकबन्धु ने बताया कि कई बार फूड पैकेट्स की मांग अचानक और भोजन वितरण के सामान्य समय से अलग समय पर प्राप्त हुई तब एप के जरिए प्रबन्धन कर निकटतम स्थान से जरूरतमंदों को पैकेट्स भिजवाए गए।

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मित्रों के समूह ने कोरोना सेवा में जरूरतमंद तक पहुंचाया खाना व सामान https://vinayexpress.in/2020/05/04/social-service-in-corona/ Mon, 04 May 2020 15:48:30 +0000 https://vinayexpress.in/?p=947 विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। कोरोना आपदा के चलते बीकानेर की कच्ची बस्तियों एवं झुग्गी झोंपड़ियों तक दोनों वक्त का खाना सेवार्थियों ने जाकर पहंुचाया। आपदा राहत के व्यवस्थापक डी.सी. जैन ने बताया कि धरम सज्जन ट्रस्ट की प्रेरणा सहयोग एवं सहभागिता से 01 अप्रैल, 2020 से प्रारम्भ यह सेवा 03 मई तक निरन्तर जारी रही। उन्होंने बताया कि 03 मई को सुबह लापसी एवं सायं को चावल पुलाव जरूरतमंदों को देकर सेवा पर विराम लगाया गया है। चूंकि लाॅकडाउन में अब छुट मिल गयी है।
डी.सी. जेन ने बताया कि इस सेवा कार्य में अजय-विरल चैपड़ा (धरम सज्जनन ट्रस्ट) मूलचन्द-भंवरी देवी छाजेड़ परिवार, जयचन्दलाल-विमला देवी भूरा परिवार, नवरत्नमल सुराणा चैरिटेबल ट्रस्ट, बसंत नौलखा, मनोज-सारिका पारख, रामरतन कोचर परिवार, मोहन भंसाली, डाॅ. जी.सी. जैन इत्यादि ने तन, मन व धन से सहयोग किया। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि परिजन सदस्य स्वयं जाकर सेवा के कार्य को अन्जाम देते रहे।
कोरोना आपदा राहत के तहत बीकानेर में धरम सज्जन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शहर के विभिन्न कच्ची बस्तियों, झुगी झोपड़ियों व मजदूरों को प्रतिदिन सुबह एवं सायं भोजन के पैकेट्स उनके निवास स्थान पर जाकर प्रदान किये गए।

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डी.सी. जैन ने बताया कि बीकानेर के गंगाशहर स्थित रसोईघर में लगभग 6 हजार भोजन पैकेट तैयार करके वितरित किए गए। भोजन पैकेट के अलावा आटा, साबुन, मास्क, फल, बिस्कुट, सेनेटाइजर एवं आवश्यकतानुसार गाय का शुद्ध घी भी वितरित किया गया। जैन ने बताया कि कच्ची बस्तियों एवं दूर दराज के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई टैंकरों के माध्यम से की गई। महावीर जयन्ती, रामनवमी, आखातीज और हनुमान जयन्ती के अवसर पर विशिष्ट फूड पैकेट्स एवं थोड़ी मिठाई का भी वितरण किया गया।
गंगाशहर स्थित रसोईघर में काबिना मंत्री बी.डी. कल्ला स्वयं निरीक्षण हेतु आए और व्यवस्थाओं को देखकर गद्गद हो गए। उन्होंने गगाशहर की हरिजन बस्ती इत्यादि क्षेत्रों में भोजन पैकेट कमदम की बात कही।
डालचन्द भूरा (डी.सी. जैन) एवं गोपाल सिंह ने जिन रसोई घरों में खाना तैयार करवाया वह धरम सज्जन ट्रस्ट द्वारा निर्देशित किया गया कि वहां कार्य कर रहे कारीगर, रसोईयों और स्व-प्रेरित कार्यकर्ताओं की बराबर स्क्रीनिंग हुई हो ताकि संक्रमण से बचाव रखा जाए।
कार्यकर्ताओं की टीम में मनीष छाजेड़, पवन छाजेड़ व मुदित भूरा, सूरजमल छाजेड़, नवरतन बोथरा, जेठमल छाजेड़, विकास सेठिया, अशोक, नरेश, विश्वास सुराणा, प्रकाश भूरा,किशोर सेठिया , हलवाई सवाई सिंह राजपुरोहित, पहलाद राजपुरोहित, बीरबल सिंह राजपुरोहित और सूरज बिहारी, दीपक , दिलीप पंचारिया, रतिराम कस्वां एवं अन्य ने अपनी अमूल्य सेवाएं एवं सहयोग दिया।

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बीछवाल, करणी इंडस्ट्रियल एरिया, ऊन मंडी के बाहर, बजरंग धोरा, सुदर्शन नगर, कायम नगर, रानी बाजार इंडस्ट्रिीय एरिया, गगंगाशहर गोचर भूमि, नायकों का मोहल्ला, चैपड़ा बाड़ी, रामपुरा बस्ती, एम.पी. काॅलोनी, गांधी नगर, शिव वैली, उदासर झुग्गी झोंपड़ी, बामनवाली, जामसर इत्यादि क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान की गई।

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संकट के इस दौर में सामाजिक संगठनों की सकारात्मक भूमिका अहम- जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम https://vinayexpress.in/2020/05/03/bikaner-administration/ Sun, 03 May 2020 15:06:00 +0000 https://vinayexpress.in/?p=932 स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ हुई बैठक

विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी अभूतपूर्व है। लगभग हर समुदाय, संगठन, क्षेत्र और राष्ट्र स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और समाज पर इसका प्रभाव पड़ा हैं। इससे उभारने के लिए सरकार और सामाजिक संगठन अपने-अपने स्तर पर कार्य रहे है।
गौतम ने रविवार को नगर विकास न्यास के सभागार में स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि जिले के भामाशाह, स्वयं सेवी संस्थाओं और समाज सेवियों का नाम देश व प्रदेश में आदरभाव से लिया जाता है। ये संगठन कोरोना वायरस, कोविड-19 की इस संकट की घड़ी में खरे उतरे हैं। उन्होंने ने कहा कि दूसरों की मदद करने के लिए यूं तो पूरा बीकानेर ही अपने आप में एक मिसाल बना हुआ है। भामाशाहों द्वारा जरूरतमंदों के लिए राशन सामग्री और असहायक पशुधन के लिए चारे का इंतजाम करके एक नई मिसाल बनाई है। यहां के भामाशाहों ने जरूरतमंद की मदद कर प्रशासन को कोरोना से लड़ने में परोक्ष रूप से सहयोग कर प्रशासन को सुदृढ़ बनाया। इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं।

kp gautam in meeting
जिला कलक्टर ने कहा कि अभी तक के लाॅक डाउन के दौरान आपकी दी गई सेवाएं सराहनीय है। विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें बताया कि एक ही व्यक्ति के पास भोजन व सूखा राशन एक से अधिक बार पहुंच रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि सभी संगठन आपसी समन्वय करते हुए क्षेत्र बांटकर जरूरमंदों को भोजन सुलभ कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भोजन वितरण में लगे है, उनकी भी स्क्रीनिंग भी होनी चाहिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि इस बार का लाॅक डाउन कुछ छूट के साथ रहेगा। उन्हांेने कहा कि बीकानेर औरंेज जोन में है और यही स्थिति रही तो आगामी 10 तारीख तक हम ग्रीन जोन में आ जायेंगे और धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो सकेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के आवेदन करने वाले सभी और मध्य प्रदेश के 1200 लोगों को उनके प्रदेश में भिजवा दिया गया हैं। यूपी व पंजाब आदि के लोगों को उनके प्रदेश में भिजवा दिया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की इस संकट की घड़ी में प्रवासी राजस्थानी वापस बीकानेर को आने को आतुर है। अतः हमारा नैतिक दायित्व बनता है कि प्रवासियों को आदर व सत्कार के साथ उन्हें स्वीकार करें। इस दौरान जरूरतमंद को खाना और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में संगठन सहयोग करे। उन्होंने कहा कि प्रवासियों से राज्य सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य संबंधित दिशा-निर्देशों का आवश्यक पालना करवाई जायेगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों एवं श्रमिकों के लिए संस्थागत क्वाॅरैनटाइन की व्यवस्था की गई है, लेकिन जो व्यक्ति उसका उपयोग नहीं करना चाहते वे आवश्यक रूप से अपने घर में होम क्वारेंटाइन में रहेंगे। साथ ही उनका पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें।

kumar pal gautam
उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से भी हम सभी की जिम्मेदारी बढ़ी है। उन्होंने सुझाव दिया कि बीकानेर शहर में विभिन्न समाज के भवन बने हुए हैं, इन भवनों में अपने-अपने समाज के लोगों क्वाॅरैंनटाईन कर, उनके खान-पान की व्यवस्था संबंधित समाज द्वारा की जा सकती है। प्रवासियों को कैटेगेरीवाइज कर, अलग-अलग स्थानों पर रखने कीे व्यवस्था की जायेगी। आने वाले दिनों में जिले में लगभग 50 हजार लोग आ सकते हैं। जिला प्रशासन को विभिन्न प्रान्तों से बीकानेर आने के लिए लोगों ने मांग की है। उनकी मांग के बारे मंे राज्य सरकार को जानकारी दी गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव, आईएएस प्रशिक्षु एवं उपखण्ड अधिकारी बज्जू अभिषेक सुराणा सहित स्वयं सेवी संस्था, समाज सेवी व विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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