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डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ओएनजीसी इस क्षेत्र में क्रूड ऑयल एवं प्राकृतिक गैस की खोज पर फेज मेनर में करीब 74 करोड़ रु. का निवेश करेगी और 150 से 200 लोगों को प्रत्यक्ष व 500 से 700 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही उत्पादन आरंभ होने पर क्रूड ऑयल के उत्पादन पर 12.5 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस के उत्पादन पर 10 प्रतिशत की दर से प्रदेश को राजस्व प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी द्वारा जैसलमेर बेसिन में पहले से ही खोज व खनन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ओएनजीसी द्वारा को जैसलमेर में आरजे-ओएनएचपी-2019/1 ब्लॉक का आवंटन किया गया है। इस क्षेत्र में ओएनजीसी द्वारा खनिज क्रूड ऑयल व प्राकृतिक गैस की खोज व उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेदांता द्वारा इस क्षेत्र में 3 कुओं की खुदाई खोज व उत्पादन कार्य के लिए की जाएगी। उन्होंने बताया कि एक कुएं की एक हजार मीटर गहराई तक खुदाई की जा सकेगी। जियो फिजिकल 2 डी व 3 डी सर्वे में 2 डायमेंशन में 100 लाइन किलोमीटर व 3 डायमेंशन में 300 लाइन किलोमीटर में सर्वे किया जा सकेगा।
डॉ. अग्रवाल गुरुवार को सचिवालय में ओएनजीसी के अधिकारियों के साथ प्रगति समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने ओएनजीसी के जैसलमेर क्षेत्र के कुओं में उत्पादन कार्य पुनः शुरु करने के निर्देश दिए।
ओएनजीसी के गु्रप महाप्रबंधक रजत बसु ने बताया कि ओएनजीसी राजस्थान में विगत 65 वर्षों से खोज कार्य में लगी हुई है। ओएनजीसी 5 माइनिंग लीज पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी ने जैसलमेर क्षेत्र में 87 कुओं की खुदाई की है जिसमें से 32 कुओं में गैस है। वर्तमान में तकनीकी कारणों से उत्पादन कार्य बाधित है और करीब 45 किलोमीटर का गैस पाइपलाईन और गैस शुद्धीकरण संयत्र का कार्य चल रहा है जिसे 2021 में पूरा कर लिया जाएगा।
रजत बसु, महा प्रबंधक (उत्पादन) श्री शकील व अधीक्षण भू-वैज्ञानिक रामदेव बड़ियासर ने बताया कि पुरानी फील्ड में गैस का पुनः उत्पादन और नए क्षेत्रों में गैस का उत्पादन 2022 तक शुरु हो जाएगा।
बैठक में निदेशक पेट्रोलियम व जेएस माइंस ओम प्रकाश कसेरा, उपसचिव नीतू बारुपाल, अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम बीएस राठौड़ सहित ओएनजीएसी व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।