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pm narendra modi – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Mon, 27 Apr 2020 18:39:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 कोरोना संकट का मजबूती से मुकाबला करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को सुझाए 15 सूत्री मुद्दे : राजस्थान के इनिशिएटिव्स को प्रधानमंत्री ने सराहा, मुख्यमंत्री गहलोत ने व्यक्त किया धन्यवाद https://vinayexpress.in/2020/04/27/cm-news-2/ Mon, 27 Apr 2020 18:39:14 +0000 https://vinayexpress.in/?p=773 विनयएक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में राजस्थान सरकार द्वारा लिए गए इनिशिएटिव्स की सराहना करने के लिए उनका धन्यवाद व्यक्त किया है। सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान में कोरोना संकट का मजबूती से मुकाबला करने के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा की थी।
modi with gehlot
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन मुख्यमंत्रियों को कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला, वे अपने सुझाव लिखकर भेज सकते हैं। इस क्रम में मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने सोमवार को 15 सूत्री बिन्दुओं पर सुझाव भेजे।
राज्यों को दिया जाए 1 लाख करोड़ का अनुदान
गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन के कारण राज्यों के राजस्व संग्रहण पर विपरीत असर पड़ा है। ऎसे में उन्हें 1 लाख करोड़ रूपये का अनुदान उपलब्ध करवाया जाए। इसका आधार प्रति व्यक्ति जनसंख्या, कोविड महामारी का प्रकोप अथवा जी.एस.टी. काउन्सिल या अन्तर्राज्यीय परिषद द्वारा निर्धारित मापदण्ड भी हो सकते हैं।
जीएसटी क्षतिपूर्ति को दस वर्ष किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण हर राज्य की स्थानीय परिस्थितियों एवं आर्थिक स्थिति को देखते हुये जीएसटी की व्यवस्था के अन्तर्गत राज्यों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया जाए।
ऋणों के भुगतान की किस्तों पर दें 6 माह का ब्याज मुक्त मोरेटोरियम
श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार एवं इसके बोर्ड, कॉरपोरेशन तथा कंपनियों (पावर कंपनियाें सहित) को भारत सरकार एवं उसके विभिन्न संस्थानों जैसे पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन से लिए गए ऋणों के भुगतान की किस्ताें पर मूल एवं ब्याज, दोनों पर 6 माह का ब्याज मुक्त मोरेटोरियम दिया जाए।
gahlot with modi
कृषि उत्पादन के 50 प्रतिशत तक हो एमएसपी पर खरीद
श्री गहलोत ने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल देना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले इसके लिए जरूरी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की सीमा को कृषि उत्पादन के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए।
उद्योग एवं व्यापार जगत को मिले व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी का बड़ा प्रतिकूल प्रभाव उद्योग एवं व्यापार जगत पर पड़ा है। करीब डेढ़ महीने से औद्योगिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। ऎसे में उन्हें उबारने के लिए केन्द्र द्वारा एक व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए। यह पैकेज उसी प्रकार का हो जैसा वर्ष 2008 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय दिया गया था। कोविड-19 के इस संकट काल में अमेरिका, यूके, जापान आदि देशों ने वृह्द स्तर पर पैकेज दिए हैं।
namo with cm gahlot
अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए राजकोषीय व्यय को बढ़ावा दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में अर्थव्यस्था को उबारने के लिए राजकोषीय व्यय को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके लिए भारत सरकार को केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की केन्द्रांश की राशि की प्रथम किस्त शीघ्र बिना किसी शर्त के जारी करनी चाहिए एवं राशि जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए।
श्रमिकों के वेतन भुगतान के लिए केन्द्र लाए स्कीम
श्री गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अधिकतर एमएसएमई उद्योग बंद होने के कारण अपने श्रमिकों को वेतन एवं मजदूरी देने की स्थिति में नहीं है। भारत सरकार को इन श्रमिकों के वेतन भुगतान के लिए निर्णय लेकर इनके वेतन का एक हिस्सा 6 माह तक के लिए देना चाहिए। इस सम्बन्ध में कई देशों द्वारा उद्योग एवं व्यापार को संकट से उबारने के लिए नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। इस पर भारत सरकार को एक योजना बनानी चाहिये।
अटके प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए बने राष्ट्रीय योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के करीब 35 दिन बीत जाने के बाद प्रवासी मजदूरों एवं छोटे दुकानदारों के दिलों में यह बात घर कर गई है कि उन्हें एक बार अपने परिवार के बीच जाना चाहिए। घर नहीं जा पाने के कारण वे असहनीय मानसिक पीड़ा से गुज़र रहे हैं। पूर्व में भी हमने इस ओर केन्द्र का ध्यान आकर्षित किया है। केन्द्र को चाहिए कि वह राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों से शीघ्र विचार-विमर्श कर एक योजना बनाए जिससे कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए चरणबद्ध ढंग से अन्तर्राज्यीय परिवहन एवं विशेष रेल गाड़ियों के माध्यम से ऎसे प्रवासियों को उनके पैतृक स्थानों पर पहुँचाया जा सके।
बहाल हो इंटर स्टेट सप्लाई चेन
 गहलोत ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां तब तक पटरी पर नहीं आएंगी जब तक राज्यों के बीच सप्लाई चेन बहाल नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि खुदरा क्रय-विक्रय को सुचारू करने के लिए अन्तर्राज्यीय आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी बनाना होगा। इसके लिए भारत सरकार को शीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए।
राज्यों को मिले आर्थिक एवं औद्योगिक गतिविधियों के लिए स्वतंत्रता
गहलोत ने कहा कि मोडिफाइड लॉकडाउन में आर्थिक गतिविधियों एवं व्यापार तथा उद्योग को चरणबद्ध रूप से पुनः क्रियाशील करना भी आवश्यक है। हर राज्य की स्थानीय परिस्थितियाँ भिन्न होती हैं, ऎसे में भारत सरकार राष्ट्रव्यापी समान निर्देशों के स्थान पर राज्यों को स्थानीय स्तर पर मापदण्ड निर्धारित करने की स्वतंत्रता प्रदान करे।
चिकित्सा उपकरणों की हो केन्द्रीकृत खरीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से प्रभावी रूप से लड़ने के लिए पीपीई किट्स, मास्क, टेस्टिंग किट्स, वेन्टीलेटर्स आदि की खरीद के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि इनकी गुणवत्ता अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो। ऎसे में भारत सरकार केन्द्रीकृत खरीद करके इन वस्तुओं को आवश्यकतानुसार राज्यों को उपलब्ध करवाए।
वर्ष 2019-20 की जनसंख्या हो खाद्य सुरक्षा का आधार
 गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसए) के लाभार्थियों के चयन की सीमा वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार है। वर्तमान विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इसे 2019-20 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर तुरन्त बढ़ाया जाये।
वेज एंड मीन्स एडवांस पर ब्याज में छूट की मांग
मुख्यमंत्री ने कोरोना संकटकाल को देखते हुए राज्यों को वेज एंड मीन्स एडवांस की सीमा 60 प्रतिशत करने के केन्द्र के फैसले का स्वागत किया और इस राशि पर ब्याज में छूट देने की मांग की।
ashok gehlot with narendra modi

राज्यों को मिलने वाली शुद्ध ऋण सीमा 3 से बढ़ाकर 5 प्रतिशत हो
श्री गहलोत ने प्रधानमंत्री से कहा कि राज्यों को मिलने वाली शुद्ध ऋण सीमा 3 प्रतिशत से बढाकर 5 प्रतिशत बिना शर्तों के की जाए। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार जरूरतमंद, निराश्रित एवं बेसहारा लोगों को संबल देने के लिए तमाम जरूरी कदम उठा रही हैं। ऎसे में उन्हें वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं रहे इसके लिए यह अनुमत किया जाए।

जीएसटी की क्षतिपूर्ति एवं सीएसटी क्लेम की राशि शीघ्र उपलब्ध कराएं
मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि केन्द्र राजस्व की भारी कमी से जूझ रही राज्य सरकारों को जीएसटी की क्षतिपूर्ति एवं पूर्व के सीएसटी क्लेम की राशि शीघ्र उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि इनके समय पर नहीं मिलने से राज्य सरकारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

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जनता लड़ रही है कोरोना के खिलाफ जंग: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी https://vinayexpress.in/2020/04/26/national-man-ki-baat/ Sun, 26 Apr 2020 14:38:43 +0000 https://vinayexpress.in/?p=707 विनयएक्सप्रेस समाचार, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ भारत में जारी जंग को पूरी तरह से जनता द्वारा जनता के नेतृत्व में लड़ी जा रही लड़ाई बताया है। लेकिन साथ ही प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बीमारी की वापसी के प्रति आगाह करते हुए कहा है कि शुरुआती सफलता के बाद अब जरा सी भी लापरवाही बेहद घातक साबित हो सकती है।

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मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने की जंग ‘जन-प्रेरित’ है और जन-जन इस लड़ाई में सिपाही बनकर इसका नेतृत्व कर रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोग एक दूसरे की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं, और यह लड़ाई हम सब मिलकर देश की जनता के नेतृत्व में लड़ रहे हैं।’’ उन्होंने इस अभियान में कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने में मिली शुरुआती कामयाबी का जिक्र करते हुये देशवासियों को अति आत्मविश्वास में आने से बचने के प्रति आगाह भी किया। उन्होंने पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल देते हुये कहा, ‘‘हमारे यहां कहा भी गया है कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में समाज के सभी वर्गों के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक दूसरे की मदद के लिये हर गली में लोग आगे आ रहे हैं। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान इस संक्रमण के खिलाफ जनभावनाओं को समेकित करने के लिये ताली थाली बजाने और दीया मोमबत्ती जलाने के अभियान को मददगार बताते हुये कहा कि इन गतिविधियों ने जनभावनाओं को जज्बे में तब्दील कर दिया।

prime minister narendra modi

उन्होंने कहा कि हर गांव और शहर में लोगों ने कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। मोदी ने कहा, ‘‘महामारी के बीच किसान खेतों में मेहनत कर रहे हैं, शहरों में कोई किराया माफ कर रहा है, कोई अपनी पुरस्कार राशि पीएम केयर फंड में दान कर रहा है, कहीं मजदूर जिस स्कूल में क्वारंटाइन में हैं, उस स्कूल की रंगाई पुताई कर रहे हैं।’’ मोदी ने कहा कि यह सेवाभाव ही कोरोना के खिलाफ भारत को ताकत दे रहा है और इस लड़ाई को जनता के नेतृत्व वाली लड़ाई में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जन भावनाओं को वह आदरपूर्वक नमन करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई की दुनिया में जब कभी भी चर्चा होगी तब भारत की जंग को जनता के नेतृत्व (पीपुल्स ड्रिविन) वाली लड़ाई के रूप में याद किया जायेगा।’’ इस दौरान मोदी ने इस लड़ाई में कोविड वॉरियर बनने के लिये सरकार द्वारा शुरु किये गए नये प्लेटफार्म का जिक्र करते हुये कहा कि ‘‘कोविड वॉरियर डॉट जीओवी डॉट इन’’ नामक इस पोर्टल पर अब तक लगभग 1.25 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिये डाक्टर, नर्स, राष्ट्रीय केडिट कोर (एनसीसी) राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), आशा कर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता तथा अनगिनत वॉलेंटियर सेवा भाव के साथ आगे आ रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से ‘कोविड वॉरियर’ बनने की अपील करते हुये इस पोर्टल से जुड़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये हाल ही में जारी अध्यादेश को जरूरी कदम बताते हुये कहा, ‘‘स्वास्थ्य सेवाओं को अबाध रूप से सुचारु बनाने के लिये लागू हुये अध्यादेश पर देश ने संतोष व्यक्त किया है।’’ उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश में स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हमलों के विरुद्ध सख्त सजा का प्रावधान है। समय की जरूरत को देखते हुये इसे लागू करना जरूरी था।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बीमारी ने विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सोच को भी बदला है। उन्होंने कहा कि भले ही कारोबार हो, कार्यालय की संस्कृति हो, शिक्षा हो या चिकित्सा क्षेत्र हो, हर कोई कोरोना वायरस महामारी के बाद की दुनिया में बदलावों के अनुरूप खुद को ढाल रहा है।

मोदी ने कहा, ‘‘हर लड़ाई कुछ सबक देती है और नयी मंजिल की दिशा भी प्रदान करती है। इसी का नतीजा है कि भारत नयी संकल्प शक्ति के साथ नये तकनीकी बदलावों की ओर ‘टीम भावना’ से आगे बढ़ रहा है। इसमें हर इनोवेटर कुछ नया बना रहा है।’’ इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ राज्य सरकारों के योगदान की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने इस अभियान में बेहद सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने केन्द्र, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की सराहना करते हुये कहा कि डाक विभाग से लेकर उड्ययन और रेल मंत्रालय सहित अन्य संबद्ध महकमे राहत एवं चिकित्सा सामग्री को देश के कोने कोने में जरुरतमंद लोगों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने संकट की इस घड़ी में कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिये जरूरतमंद देशों को दवाइयों की आपूर्ति करने के फैसले को मुसीबत में दूसरों का भी साथ देने की भारत की संस्कृति और मूल चरित्र पर आधारित बताया।

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उन्होंने कहा, ‘‘जब विश्व भर के नेता कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच सहायता मुहैया कराने के लिए भारत और उसके लोगों का धन्यवाद देते हुये ‘थेंक्यू इंडिया’ कहते हैं, तो गर्व का भाव बढ़ जाता है।’’

मोदी ने इस संकट के दौरान सभी वर्गों के लोगों द्वारा अपने पर्व घरों में ही मनाने की भी प्रशंसा करते हुये देशवासियों से रमजान के पवित्र माह में दुनिया को इस महामारी से मुक्ति दिलाने की दुआयें करने का आह्वान किया। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगली ‘मन की बात’ जब हम करेंगे तब कोरोना संकट से मुक्ति मिलने की चर्चा हो सकेगी।

गौरतलब है कि देश में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार को 824 हो गई, वहीं संक्रमण के कुल मामले 26,496 हो गए हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अति आत्मविश्वास में आने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘इस महामारी के बीच आपके परिवार के सदस्य के नाते मैं कुछ सुझाव देना चाहता हूं। हम इस अति आत्मविश्वास में न पड़ जायें कि हमारे घर, गली, मुहल्ले या दफ्तर में कोरोना नहीं पहुंचा है तो आगे भी यह नहीं पहुंचेगा।

उन्होंने आगाह किया कि ‘‘हल्के में लेकर छोड़ दी गयी आग, कर्ज और बीमारी, मौका पाकर खतरनाक हो जाते हैं। इसलिये इनका पूरा इलाज जरूरी है।’’ उन्होंने ‘दो गज दूरी’ बनाये रखने का आह्वान दोहराते हुये कहा, अति उत्साह में कोई लापरवाही न हो । दो गज दूरी, बहुत है जरूरी। ऐसी कोई भूल बिल्कुल न करें, जिससे बीमारी को लौटने का मौका मिले। हमारे यहां कहा भी गया है कि ‘सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी।

E.mail : vinayexpressindia@gmail.com

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