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rajasthan government – Vinay Express https://vinayexpress.in खबर हमारी विश्वास आपका Fri, 19 Mar 2021 19:19:32 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 कोरोना संक्रमण पर संवाद धर्मगुरूओं, राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा- लापरवाही की तो सख्त कदम उठाएगी सरकार : मुख्यमंत्री https://vinayexpress.in/2021/03/19/covid-news/ Fri, 19 Mar 2021 19:19:32 +0000 https://vinayexpress.in/?p=4898 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना की जीती हुई जंग हम हार नहीं जाएं, इसके लिए जरूरी है कि कोरोना की शुरूआत के समय जो सतर्कता और सजगता हमने बरती उसे हम निरंतर बरकरार रखें। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर की आशंका के मद्देनजर लोगों को चेताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को लापरवाही की इजाजत नहीं है। प्रदेश में मास्क पहनने की अनिवार्यता का कानून लागू है। सभी लोग इसकी पालना आवश्यक रूप से करें। अगर लोग लापरवाही करेंगे तो सरकार और भी सख्त कदम उठाएगी। श्री गहलोत ने कहा कि हमारी सावधानी ही इस चुनौती से निपटने का सबसे कारगर उपाय है। अब तक हमारा कोरोना प्रबंधन पूरे देश में बेमिसाल रहा है। हर वर्ग के सहयोग से राज्य सरकार आगे भी इस जंग को बेहतरीन तरीके से लडे़गी।
श्री गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 को लेकर धर्मगुरूओं, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सोशल एक्टिविस्टों तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जब कोरोना संक्रमण आया तो सभी वर्गों ने आगे बढ़कर इस चुनौती से सामना करने में सहयोग किया। इसी का परिणाम रहा कि राजस्थान कोविड से निपटने में सबसे आगे रहा। यहां रिकवरी दर सबसे अच्छी होने के साथ ही मृत्यु दर काफी कम रही।
फ़ाइल फ़ोटो
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। राजस्थान में भी पॉजिटिव केस बढे़ हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण दुनिया के कई देशों और भारत के कई शहरों में तो फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ा है। प्रदेश में ऎसी स्थिति नहीं बने और जीवन रक्षा के साथ-साथ हमारी आजीविका सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए जरूरी है कि हम सोशल डिस्टेसिंग, मास्क पहनने, हाथ धोने जैसे कोविड अनुशासन की आवश्यक रूप से पालना सुनिश्चित करें।
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान अब तक वैक्सीनेशन में सबसे आगे रहा है। हमें इस काम को और तेजी से आगे बढ़ाना होगा। हालांकि यह कार्य वैक्सीन की अधिक आपूर्ति से ही संभव हो सकेगा। उन्होंने अपील की कि वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। साथ-साथ लोगों को दूसरी लहर को लेकर भी जागरूक करें, ताकि वे किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतें।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सभी वर्गों को साथ लेकर इस संकट से निपटने की महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उसके अनुरूप कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि इस बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ इसके आर्थिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
शिक्षा राज्यमंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आमजन को अपने व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड के मामले कम होने के बाद प्रोटोकॉल की पालना में लापरवाही सामने आई है। हमें इस स्थिति से बचना होगा। उन्होंने कहा कि ऎसे प्रयास किए जाना जरूरी हैं, जिससे संक्रमण का फैलाव रूके और जरूरी गतिविधियां भी बाधित नहीं हों।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक श्री सतीश पूनिया ने कहा कि इस बीमारी से लड़ाई का लंबा अनुभव हमारे साथ है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए हम सभी सरकार के साथ मिलकर प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा में कोई कमी नहीं रखेंगे।
rajendra rathore
उप नेता प्रतिपक्ष श्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आईईसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। उन्होंने गांव-ढाणी तक लोगों को ग्राम सभा के माध्यम से जागरूक करने का सुझाव दिया। साथ ही सैंपलिंग और कॉन्टेक्ट टे्रसिंग भी पहले की तरह ही प्रभावी रूप से हो।
विधायक श्री संयम लोढ़ा, माकपा विधायक श्री बलवान पूनिया, आरएलपी के विधायक श्री पुखराज, सीपीएम की सुमित्रा चौपड़ा, सीपीआई के श्री डीके छंगाणी सहित मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर, खाटूश्यामजी मंदिर, मेहन्दीपुर बालाजी मंदिर, नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर, अजमेर शरीफ दरगाह आदि धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों, सिख, जैन एवं ईसाई समाज के प्रतिनिधियों, सोशल एक्टिविस्ट श्री निखिल डे, श्रीमती सुशीला बोहरा, कविता श्रीवास्तव, डॉ. नरेन्द्र गुप्ता आदि ने भी सुझाव दिए।
सिद्धार्थ महाजन : शासन सचिव – चिकित्सा विभाग राजस्थान
इससे पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या बढ़कर करीब 3 हजार हो गई है। कुछ दिनों से प्रतिदिन पॉजिटिव केसज लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को 402 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। विभाग ने जिला स्तर तक स्वास्थ्य अधिकारियों को सेम्पलिंग बढ़ाने, कान्टेक्ट टे्रसिंग  और मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट करने के निर्देश दिए हैं।
आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी और वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने संक्रमण के फैलााव के कारणों एवं रोकथाम के संबंध में विचार व्यक्त किए।
Dr Raghu Sharma
Dr Raghu Sharma : Health Minister
इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक श्री एमएल लाठर, प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री वैभव गालरिया, शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री भवानी सिंह देथा, आयुक्त सूचना जनसम्पर्क श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, विभिन्न धर्मगुरू, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा विभिन्न अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।
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राजस्थान बजट विशेष: जानिए क्या खास रहेगा इस बार गहलोत सरकार के बजट में https://vinayexpress.in/2021/02/24/raj-budget-news/ Wed, 24 Feb 2021 03:53:42 +0000 https://vinayexpress.in/?p=3183 विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज सुबह 11 बजे विधानसभा में पेपरलेस बजट पेश करेंगे. इसे पढ़ने के लिए विधायकों को टैब दिए जाएंगे. कोरोना के चलते मौजूदा कार्यकाल का यह सबसे चुनौती पूर्ण बजट रहने वाला है. सीएम गहलोत के दिशानिर्देशन में पीएसएफ अखिल अरोड़ा और अन्य अधिकारियों ने बजट का खाका तैयार कर लिया है.

इससे पूर्व जनप्रतिनिधियों से पहले ही उनके क्षेत्र के लिए जरूरी और जल्द एक्जीक्यूट हो सकने वाली घोषणाओं का खाका पहले ही मांग लिया गया था और उन पर खासा होमवर्क किया गया है. जिलों और विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं के अलावा राज्य स्तर की बड़ी घोषणाओं का मसौदा तैयार किया जा चुका है. बजट में इन घोषणाओं की संभावना मानी जा सकती है.

ashok gehlot

गृह व पुलिस विभाग:

– महिला सुरक्षा थाने व चौकी खोलना.
– इंदिरा प्रियदर्शिनी योजना में हजार करोड़ का फंड है जो आगे बढ़ेगा. जनप्रतिनिधियों की इसे लेकर मांग होगी.

राजस्व:

– तहसील व उप तहसील खोलने को लेकर खाका बजट में सामने आ सकता है या घोषणाएं हो सकती हैं. इसे लेकर भी जनप्रतिनिधियों की ओर से डिमांड मिली है.
– ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में शाहपुरा ने बाजी मारी है जिसे अन्य जगहों पर भी लागू किया जा सकता है.
– बजट में जिलेवार पॉपुलर डिमांड्स शामिल होने की ज्यादा संभावना है. इनमें विधायकों और खास तौर पर सरकार को समर्थन देनेवाले निर्दलीय विधायकों का ख्याल रखा जा सकता है.

यूडीएच, एलएसजी:

– प्रशासन शहरों के संग व गांव के संग अभियान शुरू होने की पूरी संभावना है.
– स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता देने और उन्हें उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए फंड में राज्य सरकार पैसे दे सकती है. इस बार के बजट में इसकी संभावना मानी जा रही है.
– नई आवासीय योजनाओं के बारे में बजट में प्रावधान संभव है.

आईटी:

– जनसूचना पोर्टल के जरिये सभी विभागों से जुड़ी अहम सूचनाएं,सर्कुलर, आदेश आम लोगों को एक ही वेबसाइट पर क्लिक करने पर मिल सकेंगी. इसकी घोषणा बजट में संभावित है.
– विभागों को सेवाओं को ऑनलाइन करने पर जोर दिया जाएगा. इसके तहत विभागों को बजट आवंटित किया जा सकता है.

एआरडी:

– आरटीआई में आवेदन की प्रक्रिया पेपरलैस हो गई है और अब आवेदन पर एक्शन क्या हुआ या उसका जवाब ऑनलाइन देने को लेकर बजट में घोषणा की जा सकती है.

स्कूल व कॉलेज शिक्षा, उच्च शिक्षा:

– समानीकरण के नाम पर बंद स्कूल्स को वापस खोलने को लेकर बजट में प्रावधान संभव है.
– ऐसी घोषणाएं ज्यादा होने की संभावना है जिसमें सरकार को ज्यादा वित्तीय प्रावधान नहीं करना पड़े. इसके तहत नए सरकारी कॉलेज खोलने, सरकारी स्कूल्स में नए संकाय या विषय खोलने की घोषणाएं संभावित है. साथ ही जनप्रतिनिधियों की डिमांड अनुसार स्कूल-कॉलेज क्रमोन्नत किए जा सकेंगे.

परिवहन:

– इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए सरकार की ओर से बजट में प्रावधान करने की उम्मीद है. खास तौर पर परिवहन क्षेत्र में राशि दी जा सकती है. ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण परिवहन सेवाओं पर जोर दिया जा सकता है.
– मेट्रो के दूसरे चरण की डीपीआर के लिए राशि का प्रावधान बजट में संभव है.

चिकित्सा:

– कोरोना से जुड़े मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए एमएलए फंड अनिवार्य किया गया है जिसे बजट में और व्यवस्थित रूप दिया जा सकता है.
– चिकित्सा का बजट 20 से 30 प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है.
– इसमें भी मोहल्ला क्लिनिक और ज्यादा शुरू करने की घोषणा हो सकती है। इसमें भी ज्यादा बजट का प्रावधान संभव है.
– जनप्रतिनिधियों की मांग अनुसार नए पीएचसी और सीएचसी खोलने की घोषणा होने की पूरी उम्मीद है.
महिला-बाल विकास विभाग:
– आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार की ओर से दिए आश्वासन अनुसार उनका मानदेय बढ़ाने की घोषणा बजट में संभावित है.

कृषि:

– फसली ऋण का आकार बढ़ सकता है. साथ ही जिन डिफॉल्टर किसानों को कर्ज नहीं मिल रहा उन्हें एक सीमा तक कर्ज देने को लेकर छूट दी जा सकती है.
– सोलर पैनल, स्प्रिंकलर जैसी सुविधाओं में कृषि अनुदान बढ़ सकता है जिसे इन्हें प्रोत्साहित किया जा सके.

पीडब्ल्यूडी, सड़क, पुल निर्माण :

– ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण पर बजट में ध्यान दिया जा सकता है.
– केन्द्र के कृषि कानूनों को लेकर हो रहे विरोध के बीच राज्य के बजट में मंडी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जा सकता है. मंडियों की ओर जानेवाली सड़कों के विकास में भी सरकार बजट में गौर कर सकती है.
– नए आरयूबी और आरओबी के लिए बजट में प्रावधान किया जा सकता है.

पंचायतीराज, ग्रामीण विकास ‌विभाग:

– 31 जिलों में जनता जल योजना के तहत पंचायतों को राशि देने की मांग है जिसे सरकार बजट में पूरा कर सकती है. जनप्रतिनिधियों का भी इस पर जोर रहा है.

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युवा व रोजगार:

– करीब 20 हजार भर्ती की घोषणा हो सकती है जिसमें कांस्टेबल के 8000 पदों और पटवारियों के खाली पदों पर भर्ती प्रमुख हैं.

कर ढांचा:

– वैसे नया कर नहीं लगाने पर जोर रह सकता है लेकिन विलासिता कर में इजाफा किया जा सकता है.
– रजिस्ट्री की दर बढ़ाई जा सकती है. रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए डीएलसी की दर कम की जा सकती है.

क्या है बजट का लेखा-जोखा:

– पिछली बार गहलोत सरकार ने 2 लाख 8 हजार 108 करोड का अनुमानित बजट पेश किया था जिसमें दिसंबर 2020 तक का आंकड़ा 1 लाख 28 हजार 641 करोड का है.
– सरकार का वर्ष 2020-21 में कुल खर्चा 2 लाख 7 हजार 368 करोड है जबकि ऋण और अग्रिम राशि 739.78 करोड है.
– सरकार का 2020-21 के लिए राजस्व घाटा 12345 करोड है जबकि दिसंबर 2020 तक ही यह आंकड़ा अनुमानित से ज्यादा 32023 करोड तक पहुंच गया है.
– सरकार का 2020-21 के लिए राजकोषीय घाटा 33922 करोड है और इसमें दिसंबर 2020 तक की ही यह आंकड़ा अनुमानित से ज्यादा यानि 40190 करोड पहुंच गया है.

कोरोना की अर्थव्यवस्था पर मार,राजस्व घाटे के हालात और सरकारी खजाने की स्थिति को देखते हुए बजट में ऐसी ही घोषणाओं की उम्मीद है जिसमें राशि का प्रावधान नहीं किया गया हो. इसमें विभागों के योजनावार सफलता प्रदर्शन भी देखा जाएगा.

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