js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170विनयएक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण तथा लॉकडाउन के कारण उद्योगों को हो रही तकलीफ का एहसास सरकार को है। संकट की इस घड़ी में सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है। हम हर प्रयास करेंगे जिससे उद्योगों को संबल मिल सके।
गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंस से उद्यमियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण दुनियाभर के निवेशक भारत में संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऎसे में उनके लिए राजस्थान बेहतर डेस्टिनेशन बन सकता है। सरकार जल्द टास्क फोर्स गठित कर निवेशकों को उचित वातावरण प्रदान करने का काम आगे बढ़ाएगी। ताकि राज्य में अर्थव्यवस्था जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके और श्रमिक रोजगार से जुड सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण राज्य सरकारों के राजस्व पर विपरीत असर पड़ा है। केन्द्र सरकार एक बड़ा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज दे जिससे राज्यों के हालात सुधरें और उद्योगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित विभिन्न देशों में सरकारों ने आर्थिक पैकेज घोषित किया है। हमने भी केन्द्र से इस पर विचार की मांग की है।
गहलोत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को निर्देश दिए कि अन्तरराज्यीय सीमा सील करने के कारण भिवाड़ी के उद्यमियों एवं श्रमिकों को आवागमन में आ रही बाधाओं को दूर करें। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। उद्यमी इकाइयों में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उत्पादन गतिविधियां जारी रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी श्रमिक के पॉजीटिव पाए जाने पर उद्यमी पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन जीवन की रक्षा को ध्यान में रखते हुए वे एहतियात के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में ज्यादातर औद्योगिक गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इनमें श्रमिकों की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। श्रम विभाग ने भी श्रमिक संगठनों से कहा है कि वे श्रमिकों से अपील कर उन्हें रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि करीब दो लाख श्रमिक राज्य में औद्योगिक गतिविधियों से पुनः जुड़ गए हैं। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द से सभी औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो ताकि श्रमिकों का पलायन रूके और आर्थिक हालात सुधरें। उद्योग राज्यमंत्री श्री अर्जुन बामनिया ने कहा कि उद्योग जगत लॉकडाउन के कारण परेशानियों से गुजर रहा है। राज्य सरकार उन्हें राहत देने के लिए सभी प्रयास कर रही है।
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि उद्यमियों की दिक्कतों को दूर करने के लिए राज्य सरकार लगातार उनसे संवाद कर सकारात्मक निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में आज यह संवाद रखा गया है। इसमें आए सुझावों पर उचित निर्णय लिए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग श्री सुबोध अग्रवाल ने कहा कि प्रतिदिन 10 से 15 हजार श्रमिक पुनः काम पर लौट रहे हैं जो अच्छा संकेत है।
वीडियो कांफ्रेंस में सातों संभागों तथा पाली, बालोतरा, भिवाड़ी, बाडमेर, भीलवाड़ा सहित अन्य स्थानों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, शासन सचिव श्रम नीरज के पवन, प्रबंध निदेशक रीको आशुतोष एटी पेंडनेकर, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।