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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जनसंपर्क कार्यालय द्वारा शुक्रवार को नेहरू शारदा पीठ और राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और सुजस मोबाइल ऐप के प्रति जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई।

नेहरू शारदा पीठ में आयोजित कार्यशाला के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहम्मद अबरार पवार ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, निशुल्क जांच एवं दवा योजना, शुद्ध के लिए युद्ध सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और जिले में अधिसूचित निजी अस्पतालों की जानकारी दी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पवार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, पालनहार और विभाग की अन्य फ्लैगशिप योजनाओं की पात्रता और प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 2 लाख 60 लाभार्थियों को मासिक पेंशन दी जा रही है। इसमें 1 लाख 88 हजार वरिष्ठ नागरिक, 53 हजार एकल नारी और 16 हजार दिव्यांगजन शामिल हैं।

जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरि शंकर आचार्य ने सुजस मोबाइल ऐप के बारे में बताया तथा विद्यार्थियों से यह ऐप डाउनलोड भी करवाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यहां मोबाइल एप्प बेहद लाभदायक रहेगा। इस दौरान सरकार के विभिन्न प्रकाशनों की जानकारी दी गई।
इस दौरान फ्लैगशिप योजनाओं पर आधारित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें माधव जोशी, पूर्वेश पुरोहित और रामदेव चौधरी विजेता रहे। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.प्रशांत बिस्सा ने विद्यार्थियों के लिए इस कार्यशाला को लाभदायक बताया और कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुजस मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करेंगे। डॉ. गौरी शंकर प्रजापत ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला परिषद के आईईसी समन्वयक गोपाल जोशी ने अन्य फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी दी। परम नाथ सिद्ध ने आभार जताया।

इसी प्रकार राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क अधिकारी भाग्यश्री गोदारा ने 16 विभागों की 33 फ्लैगशिप योजनाओं के बारे में छात्राओं को बताया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से किए जा रहे प्रचार प्रसार कार्य की जानकारी दी। जनसम्पर्क कार्यालय के प्रियांशु आचार्य और नवरतन जोशी ने सुजस ऐप और विभाग के पोर्टल की जानकारी दी। इस दौरान रजनी, सुनीता गहलोत सहित महाविद्यालय स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।

विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोरोना संकट के बीच सभी विभाग अपने नियमित कामों को जल्द से जल्द सुचारू स्थिति में लाएं। गौतम ने सोमवार को नगर विकास न्यास सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। गौतम ने कहा कि पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, कृषि, पीडब्ल्यूडी, रसद और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग नियमित योजनाओं के काम चालू करें जिससे आमजन को लाभान्वित किया जा सके।
गौतम ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग रिर्पोटिंग सिस्टम जनरेट करें। इसके तहत विभाग के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से डेली बेसिस पर बात कर समस्याओं का पता लगाएं और खराब पड़े ट्यूबेल, हैंडपंप आदि की सूचना मिलने पर इन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक करवाने की कार्रवाई की जाए।

गौतम ने छतरगढ़ में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी घटना के संबंध में संबंधित एइएन को नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी कोई भी स्थिति होने पर सम्बंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए प्रथम दृष्टया आधार पर कार्यवाही अमल में लाई जाए। गौतम ने मानसून से पहले जीएलआर टंकियों की सफाई का काम पूरा कर लेने तथा मांग के अनुसार टैंकर से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नियमित रूप से क्लोरिनेशन, ब्लीचिंग आदि के जरिए पानी को रोगाणु मुक्त कर सप्लाई सुनिश्चित की जाए। गौतम ने कहा कि खराब पानी प्रयुक्त कर बर्फ बनाने की शिकायत मिलते ही स्वास्थ्य विभाग संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करे।
गौतम ने बिजली विभाग के अधिकारी को नियमित कृषि कनेक्शन देने की कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश देते हुए कहा कि मई जून में जिले में आंधियों आदि की संभावनाओं को देखते हुए टूटे पोल, कम ऊंचाई के खंभे बदलने तथा लटके और ढीले तारों को कसने के काम भी सूचना मिलने के साथ ही प्रभावी रूप से संपादित करवाए जाएं जिससे किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
रेगुलर हेल्थ सेटअप चालू हो
जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रेगुलर हेल्थ सेटअप चालू हो जाए। सीएससी, पीएचसी में कूलर, एसी, दवा सहित समस्त आधारभूत सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहे। इन समस्त सुविधाओं के दुरूस्तीकरण के लिए बीसीएमओ को पीएचसी-सीएचसी के निरीक्षण करने के लक्ष्य दें और रिपोर्ट लें। गौतम ने कहा कि ओपीडी, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और पोषण के काम नियमित हो तथा यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौतम ने कहा कि कोरोना से बचाव के सम्बंध में आमजन में जागरूकता के कार्य के साथ-साथ मेडिकल स्टाफ यह भी सुनिश्चित करे कि अन्य प्रकार के इलाज दिए जाने में कोई कोताही ना हो। इन केन्द्रों पर चिकित्सक स्वयं डिलीवरी और ओपीडी के प्रकरण देखें तथा यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाए तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित करें।
जिला कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को जिले में शेष काम शीघ्र चालू करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क किनारे पौधारोपण और श्रमिकों को अधिकाधिक रोजगार मुहैया कराने के लिए बचे हुए काम भी जल्द शुरू करवाए जाएं।

जिला कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत काम की डिमांड बढ़ने के चलते जिले में अब तक 1 लाख 40 हजार श्रमिकों को इस योजना के तहत नियोजित किया जा चुका है। उन्होंने 20 मई तक श्रमिकों की संख्या दो लाख करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहर से आने वाले जो लोग जॉब कार्ड बनाने के इच्छुक हैं उन्हें मनरेगा के तहत काम देने के लिए जॉब कार्ड बनाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। प्रवासी मजदूरों द्वारा 14 दिन का क्वॉरेंटाइन पूरा करने के बाद इन्हें काम पर नियोजित किया जा सके इसके लिए जाॅब कार्ड बनाए। महिला मैट की संख्या बढ़ाए साथ ही कार्य की गुणवत्ता के लिए अधिकारी मनरेगा कार्यों का निरीक्षण करें।
जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के काम के निरीक्षण के लिए विकास अधिकारी प्रतिदिन 2 गांव में कार्यों का निरीक्षण करें। काम मांगो अभियान की तर्ज पर लोगों से बात कर डिमांड कैप्चर करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा में बहुत संभावनाएं हैं, मांग के अनुरूप नए काम प्रस्तावित किए जाएं और इस डिमांड को कैप्चर किया जाए जिससे लोगों को अधिकाधिक रोजगार मिले और उनकी आय में बढ़ोतरी की जा सके।

जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले के जिन राजस्व गांव में मनरेगा के तहत एक भी काम नहीं चल रहा है वहां यदि अगले 3 दिन में कोई काम प्रारंभ नहीं होता है तो संबंधित बीडियो की जवाबदेही तय करते हुए उसे नोटिस जारी किया जाए। जिला कलेक्टर ने बीएडीपी के तहत नई कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न विभागों को काम के प्रस्ताव भिजवाने के भी निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों के खाते में 2500 रुपए नहीं पहुंच पाए हैं उनमें फेल्ड ट्रांजेक्शन की लिस्ट निकलवा कर ऐसे लोगों से संपर्क कर नया खाता जुड़वा कर उनके खाते में राशि दिलवाई जाए और उन्हें राहत प्रदान की जाए।
टिड्डी नियंत्रण के लिए हो रिसोर्स मोबिलाइजेशन
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डी आक्रमण की सूचना मिली है। कृषि विभाग इस खतरे को देखते हुए इंफॉर्मेशन ट्रांसफर के साथ-साथ रिसोर्स मोबिलाइजेशन का काम तेजी से शुरू करवाएं जिससे हमले की सूचना मिलते ही तुरंत प्रभाव से टिड्डी दल को खत्म किए जाने की कार्यवाही की जा सके। बैठक में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण विभाग, रसद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विनयएक्सप्रेस समाचार, सीकर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरूवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस मनाया गया। इसके तहत गांवों व सीकर शहर में गर्भवती महिलाओं व बच्चों को जीवनरक्षक टीके लगाए गए। वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशियल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखा गया। वहीं टीकाकरण के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी पर सेनेटाइज व अन्य गतिविधि भी की गई। वहीं सीकर शहर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण का कार्य किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय चौधरी ने बताया कि टीकाकरण सत्र पर सोशल डिस्टेंस के तहत लार्भाथियों के बीच एक मीटर की दूरी रखने तथा लार्भाथियों को एक साथ नहीं बुलाने, निश्चित समय पर मोबाइल पर संदेश भेजकर या फोन पर वार्ता कर बुलाने, दो बच्चों के टीके के अंतराल पर हाथों को साबुन व सेनिटाइजर से साफ करने, लार्भाथियों व अभिभावकों को कपड़े के मास्क लगाकर आने और टीकाकरण के बाद समस्त वेस्ट का कोविड-19 के निर्देशानुसार निस्पादन करने, टेबल, कुर्सी एवं स्थान को विसंकरण के लिए सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव करने निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आईएलआई से पीडित गर्भवती महिला व बच्चा का टीकाकरण नहीं करने के लिए स्वास्थ्य र्कमियों को पाबंद करने के लिए सभी बीसीएमओ, चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है।

आरसीएचओ डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य सरकार की नई गाइड लाइन के तहत टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए। वहीं एक सत्र में ड्यू लिस्ट के अनुसार लार्भाथियों के टीके लगाए गए।