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विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। रोटरी क्लब बीकानेर मिडटाउन द्वारा स्वाधीनता दिवस पर अनेक सेवा कार्य तथा प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए। क्लब सचिव घनश्याम रामावत ने बताया कि पूगल रोड स्थित बजरंग धोरा धाम में निर्माण करवाए गए रोटरी ग्रीन पार्क का उद्घाटन किया तथा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। पीबीएम अस्पताल के शिशु रोग विभाग में शीतल जल प्याऊ का शुभारम्भ किया गया।

सचिव रामावत ने बताया कि सर्किट हाउस के पास महावीर पार्क में शहर में विभिन्न स्थान पर विश्राम हेतु सीमेंट की बनी 50 बैंचों का उद्घाटन किया गया। स्वतंत्रता दिवस पर लोगों को सुरक्षित रहने का संदेश देते हुए हेलमेट वितरण भी किया गया। उक्त कार्यों में विशेष अतिथि प्रांतपाल डिस्ट्रिक्ट संजय मालवीय तथा आगामी प्रांतपाल डिस्ट्रिक्ट राजेश चूरा के सान्निध्य में किए गए। उक्त सेवा कार्यों में पूर्व यूआईटी चैयरमेन महावीर रांका, असिस्टेंट गवर्नर विमल चांडक गुलाब सोनी, सुरेश राठी, मोहित करनाणी, श्रीलाल चांडक, प्रभु सेन, महेंद्र साध, आलोक थिरानी, जितेंद्र आचार्य, ऋषि आचार्य, अशोक मोदी, हेमंत शर्मा, पवन सुथार, आशीष चूरा, मुरली पंवार, वेदप्रकाश सोनी, वीर आर्य, रमेश भाटी, विकास पंचारिया, रामरतन धारणिया, नवरत्न अग्रवाल, राम चांडक, आनंद चांडक व राजेश पारीक आदि शामिल रहे।

निरन्तर होंगे पर्यावरण व अन्य सेवा कार्य : महनोत
रोटरी क्लब बीकानेर मिडटाउन के अध्यक्ष पवन महनोत ने बताया कि क्लब द्वारा पर्यावरण सम्बन्धी विशेष प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है तथा प्रयास किया जा रहा है कि सड़क सुरक्षा व स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं के भी निरन्तर आयोजन किए जाएं।

जिला कलक्टर डॉ.जोगाराम ने बताया कि कोविड-19 और इससे जुड़ी चुनौतियां जिला प्रशासन के लिए भी नई थीं, इनमें चिकित्सकीय पहलू के साथ सबसे बड़ी चुनौती हर जरूरतमंद तक भोजन पहुंचाने की थी। पीडीएस और कच्ची राशन सामग्री वितरण के बावजूद तत्काल जरूरतमंदों की मांग का आकलन कर तैयार खाना पहुंचाना सबसे जरूरी और चुनौतीपूर्ण काम था। रोजाना इतनी बड़ी संख्या में फूड पैकेट्स का निर्माण, परिवहन और जरूरतमंद तक वितरण काफी श्रम एवं समय साध्य है। शुरूआत में सबसे पहले नगर निगम के 13 रैन बसेरा स्थलों एवं अक्षय पात्र द्वारा करीब 20 अक्षय कलेवा स्थलों पर तैयार खाने का वितरण प्रारम्भ किया गया लेकिन धीरे-धीेरे मांग बढने लगी।

जिला कलक्टर ने बताया कि जब शहर में मांग तेजी से बढी तो नगर निगम जयपुर के आयुक्त वी.पी.सिंह के निर्देशन में जयपुर स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के सीईओ लोकबन्धु एवं उनकी पूरी समर्पित टीम इसके लिए तैयार की गई, जिसकी जिम्मेदारी न सिर्फ भोजन का निर्माण और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ वितरण कराना बल्कि पूरे तंत्र मे आने वाली हर समस्या का त्वरित समाधान करना था। खाने की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी इस टीम को पूरी निगरानी रखनी थी जिसे उन्होने बखूबी निभाया।

व्यवस्था के प्रारम्भ में अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय श्री पुरूषोत्तम शर्मा ने फूड निर्माण एवं वितरण का ढांचा तैयार किया एवं डीएसओ श्री कनिष्क सैनीे ने संस्थाओं से बात कर इस व्यवस्था में अहम योगदान दिया। जिला कलक्टे्रट कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अमित जैमन और महासचिव श्री प्रदीप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पूरी कर्मचारी यूनियन ने भी व्यवस्था को जमाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। सिविल डिफेंस के उपनियंत्रक श्री जगदीश रावत के नेतृत्व में सिविल डिफेंस टीम ने भी पूरी व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली।

जिला कलक्टर ने बताया कि पूरे जयपुर शहर की मांग को पूरा करने का बडा लक्ष्य बिना समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संभव नहीं था। तहसीलदार नरेन्द्र कुमार जैन, तहसीलदार बलबीर सिंह, स्मार्ट सिटी के अधिशाषी अभियंता श्री अजय कुमार सिन्धु इस पूरी व्यवस्था के प्रबन्धन की अहम कड़ी हैं।

जिला कलक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन, स्मार्ट सिटी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, इंजीनियर्स, शिक्षा विभाग के अध्यापक, बूथ लेवल अधिकारी, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक समेत 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी 23 मार्च से बिना एक भी दिन छुट्टी किए सुबह 7 बजे से रात के 11 बजे तक जरूरतमंदों को भोजन पहुंचाने के काम में लगे हैं ताकि शहर में एक भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए। जब रामगंज एवं परकोटा क्षेत्र में कफ्र्यू लगा तो वहां संक्रमित क्षेत्रों में भी जरूरतमंदों को भोजन पहुंचाने का काम इन अधिकारी-कर्मचारियों ने पहले की तरह ही जारी रखा। आज भी परकोटा क्षेत्र में पहले की ही तरह फूड पैकेट्स वितरित किए जा रहे हैं। उन्होने बताया कि हर बार फूड वितरण के साथ कर्मचारियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाने का भी ध्यान रखा जाता है।

कन्ट्रोल रूम, वार रूम, सर्वे और विभिन्न ग्रुप से भी लगातार सूचना
स्मार्ट सिटी के सीईओ लोकबन्धु ने बताया कि शहर में किसे और कहां फूड पैकेट्स की जरूरत है, यह सूचना लगातार 24 घंटे जिला कलक्टे्रट के कन्ट्रोल रूम पर, वार रूम में, बूथ लेवल ऑफिसर्स द्वारा क्षेत्रीय सर्वे में, अधिकारियों-कर्मचारियों के मोबाइल पर, दूसरे राज्यों से, स्वयं जरूरतमंदों से लगातार मिलती रही है। इन सूचनाओं पर सतत निगरानी बनी रहती है और हर सूचना को उसके निस्तारण तक फॉलो किया जाता है क्योंकि यह किसी जरूरतमंद को भोजन प्रदान करने जैसे पुनीत कार्य से जुड़ी होती है। यहां तक कि संभव होने पर सूचना देने वाले को भी भोजन वितरण की जानकारी दी जाती है। सूचना मिलते ही भोजन वितरण के लिए निर्धारित 53 फूड सेंटर्स में से निकटतम से जरूरतमंद को भोजन पहुंचाने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती है।
भोजन की गुणवत्ता को किया सुनिश्चित
लोकबन्धु ने बताया कि लाखों की संख्या में फूड पैकेट्स का निर्माण एवं वितरण होने के कारण भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाना भी जरूरी था। इसके लिए लगातार बड़ी भोजनशालाओं में निरीक्षण एवं सैम्पलिंग की गई। अधिकारियों की टीम ने कई बार कार्यक्षेत्र में वही भोजन स्वयं भी ग्रहण किया। यहां तक कि भोजन के निर्माण के लिए भी एगमार्क मानक की ही सामग्री उपयोग ली गई जैसे आटा, तेल, मसाले आदि। विभन्न स्तरों पर समय-समय पर यह परीक्षण भी जारी है।
प्रवासियों, यात्रियों, अस्पतालों के लिए भोजन व्यवस्था
स्मार्ट सिटी के सीईओ लोकबन्धु ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर में जरूरतमंदों के लिए भोजन व्यवस्था के साथ ही साथ दूसरे राज्यों से रेल द्वारा यहां पहुंचे हजारों लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था की गई जिन्हें बसों द्वारा तीस से अधिक जिलों में भेजा गया है। इसी तरह यूपी और अन्य राज्यों को जाने वाली सैकड़ों बसों के यात्रियों को भी रास्ते के लिए भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा कई अस्पतालों, फील्ड वर्कर्स, कुछ श्रमिक कैम्प व जरूरत के अनुसार अलग-अलग जगह से मांग आने पर भोजन की आपूर्ति की गई।
बनाए रखा संस्थाओं का उत्साह
शुरू में जिला प्रशासन के अलावा भी कई स्वयंसेवी संस्थाएं मुख्यमंत्री की अपील से प्रेरित होकर और प्रदेश की परम्परा के अनुरूप अपने स्तर पर जरूरतमंदों को भोजन प्रदान करने में जुट गईं। लेकिन प्रयासों के दोहराव के कारण जिला प्रशासन के आग्रह पर इनमें से कई संस्थाएं प्रशासन के वितरण तंत्र में शामिल हो र्गईं। इन संस्थाओं की राशन, वाहन पास, कार्मिक पास, ईंधन जैसी कई समस्याओं को जिला प्रशासन द्वारा दूर किया गया एवं इस महत्वपूर्ण कार्य में उनका उत्साह बनाए रखा गया। इसी समन्वित प्रयास के कारण लगभग 150 संस्था जिनमें एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाएं यथा राधास्वामी सत्संग न्यास, जैन रसोई, अक्षय पात्र, जैन तेरापंथी, कुहाड़ ट्रस्ट, हीरावाला इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन आदि संस्थाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखी है।

एप से निगरानी, अचानक आई मांग को भी किया पूरा
जयपुर जैसे महानगर में कई बार पूर्व निर्धारित और कई बार अचानक फूड पैकेट्स की मांग और आपूर्ति एक बड़ा काम है। इसे व्यवस्थित करने के लिए तकनीक का भी उपयोग किया गया। भोजन बनने से वितरण तक के कार्य की एप के माध्यम से निगरानी की गई। श्री लोकबन्धु ने बताया कि कई बार फूड पैकेट्स की मांग अचानक और भोजन वितरण के सामान्य समय से अलग समय पर प्राप्त हुई तब एप के जरिए प्रबन्धन कर निकटतम स्थान से जरूरतमंदों को पैकेट्स भिजवाए गए।

डी.सी. जैन ने बताया कि बीकानेर के गंगाशहर स्थित रसोईघर में लगभग 6 हजार भोजन पैकेट तैयार करके वितरित किए गए। भोजन पैकेट के अलावा आटा, साबुन, मास्क, फल, बिस्कुट, सेनेटाइजर एवं आवश्यकतानुसार गाय का शुद्ध घी भी वितरित किया गया। जैन ने बताया कि कच्ची बस्तियों एवं दूर दराज के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई टैंकरों के माध्यम से की गई। महावीर जयन्ती, रामनवमी, आखातीज और हनुमान जयन्ती के अवसर पर विशिष्ट फूड पैकेट्स एवं थोड़ी मिठाई का भी वितरण किया गया।
गंगाशहर स्थित रसोईघर में काबिना मंत्री बी.डी. कल्ला स्वयं निरीक्षण हेतु आए और व्यवस्थाओं को देखकर गद्गद हो गए। उन्होंने गगाशहर की हरिजन बस्ती इत्यादि क्षेत्रों में भोजन पैकेट कमदम की बात कही।
डालचन्द भूरा (डी.सी. जैन) एवं गोपाल सिंह ने जिन रसोई घरों में खाना तैयार करवाया वह धरम सज्जन ट्रस्ट द्वारा निर्देशित किया गया कि वहां कार्य कर रहे कारीगर, रसोईयों और स्व-प्रेरित कार्यकर्ताओं की बराबर स्क्रीनिंग हुई हो ताकि संक्रमण से बचाव रखा जाए।
कार्यकर्ताओं की टीम में मनीष छाजेड़, पवन छाजेड़ व मुदित भूरा, सूरजमल छाजेड़, नवरतन बोथरा, जेठमल छाजेड़, विकास सेठिया, अशोक, नरेश, विश्वास सुराणा, प्रकाश भूरा,किशोर सेठिया , हलवाई सवाई सिंह राजपुरोहित, पहलाद राजपुरोहित, बीरबल सिंह राजपुरोहित और सूरज बिहारी, दीपक , दिलीप पंचारिया, रतिराम कस्वां एवं अन्य ने अपनी अमूल्य सेवाएं एवं सहयोग दिया।

बीछवाल, करणी इंडस्ट्रियल एरिया, ऊन मंडी के बाहर, बजरंग धोरा, सुदर्शन नगर, कायम नगर, रानी बाजार इंडस्ट्रिीय एरिया, गगंगाशहर गोचर भूमि, नायकों का मोहल्ला, चैपड़ा बाड़ी, रामपुरा बस्ती, एम.पी. काॅलोनी, गांधी नगर, शिव वैली, उदासर झुग्गी झोंपड़ी, बामनवाली, जामसर इत्यादि क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान की गई।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी अभूतपूर्व है। लगभग हर समुदाय, संगठन, क्षेत्र और राष्ट्र स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और समाज पर इसका प्रभाव पड़ा हैं। इससे उभारने के लिए सरकार और सामाजिक संगठन अपने-अपने स्तर पर कार्य रहे है।
गौतम ने रविवार को नगर विकास न्यास के सभागार में स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि जिले के भामाशाह, स्वयं सेवी संस्थाओं और समाज सेवियों का नाम देश व प्रदेश में आदरभाव से लिया जाता है। ये संगठन कोरोना वायरस, कोविड-19 की इस संकट की घड़ी में खरे उतरे हैं। उन्होंने ने कहा कि दूसरों की मदद करने के लिए यूं तो पूरा बीकानेर ही अपने आप में एक मिसाल बना हुआ है। भामाशाहों द्वारा जरूरतमंदों के लिए राशन सामग्री और असहायक पशुधन के लिए चारे का इंतजाम करके एक नई मिसाल बनाई है। यहां के भामाशाहों ने जरूरतमंद की मदद कर प्रशासन को कोरोना से लड़ने में परोक्ष रूप से सहयोग कर प्रशासन को सुदृढ़ बनाया। इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं।

जिला कलक्टर ने कहा कि अभी तक के लाॅक डाउन के दौरान आपकी दी गई सेवाएं सराहनीय है। विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें बताया कि एक ही व्यक्ति के पास भोजन व सूखा राशन एक से अधिक बार पहुंच रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि सभी संगठन आपसी समन्वय करते हुए क्षेत्र बांटकर जरूरमंदों को भोजन सुलभ कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भोजन वितरण में लगे है, उनकी भी स्क्रीनिंग भी होनी चाहिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि इस बार का लाॅक डाउन कुछ छूट के साथ रहेगा। उन्हांेने कहा कि बीकानेर औरंेज जोन में है और यही स्थिति रही तो आगामी 10 तारीख तक हम ग्रीन जोन में आ जायेंगे और धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो सकेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के आवेदन करने वाले सभी और मध्य प्रदेश के 1200 लोगों को उनके प्रदेश में भिजवा दिया गया हैं। यूपी व पंजाब आदि के लोगों को उनके प्रदेश में भिजवा दिया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की इस संकट की घड़ी में प्रवासी राजस्थानी वापस बीकानेर को आने को आतुर है। अतः हमारा नैतिक दायित्व बनता है कि प्रवासियों को आदर व सत्कार के साथ उन्हें स्वीकार करें। इस दौरान जरूरतमंद को खाना और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में संगठन सहयोग करे। उन्होंने कहा कि प्रवासियों से राज्य सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य संबंधित दिशा-निर्देशों का आवश्यक पालना करवाई जायेगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों एवं श्रमिकों के लिए संस्थागत क्वाॅरैनटाइन की व्यवस्था की गई है, लेकिन जो व्यक्ति उसका उपयोग नहीं करना चाहते वे आवश्यक रूप से अपने घर में होम क्वारेंटाइन में रहेंगे। साथ ही उनका पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से भी हम सभी की जिम्मेदारी बढ़ी है। उन्होंने सुझाव दिया कि बीकानेर शहर में विभिन्न समाज के भवन बने हुए हैं, इन भवनों में अपने-अपने समाज के लोगों क्वाॅरैंनटाईन कर, उनके खान-पान की व्यवस्था संबंधित समाज द्वारा की जा सकती है। प्रवासियों को कैटेगेरीवाइज कर, अलग-अलग स्थानों पर रखने कीे व्यवस्था की जायेगी। आने वाले दिनों में जिले में लगभग 50 हजार लोग आ सकते हैं। जिला प्रशासन को विभिन्न प्रान्तों से बीकानेर आने के लिए लोगों ने मांग की है। उनकी मांग के बारे मंे राज्य सरकार को जानकारी दी गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव, आईएएस प्रशिक्षु एवं उपखण्ड अधिकारी बज्जू अभिषेक सुराणा सहित स्वयं सेवी संस्था, समाज सेवी व विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सुश्री अर्चना व्यास द्वारा रोटरी क्लब बीकानेर मरूधरा के पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन आनंद आचार्य से संपर्क कर क्लब की भोजनशाला का निरीक्षण किया गया। व्यास ने क्लब सदस्यों से व्यवस्थाओं की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त की।

रोटेरियन आचार्य ने व्यास को बताया कि रोटरी क्लब बीकानेर मरूधरा द्वारा कोरोना महामारी के दौरान इस संकट की इस घड़ी में बेरोजगार, निराश्रितों, जरूरतमंद व्यक्यिों के लिये 25 मार्च से आवश्यक खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरी संसाधनों की आपूर्ति निरंतर करवाई जा रही है।
क्लब के कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सुथार ने जानकारी देते हुए कहा कि नगर निगम मे निर्मित भोजन वितरण प्रभारी सुश्री अर्चना व्यास ने निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से मेन्यु की जानकारी, भोजन बनाने की प्रक्रिया, प्रति पैकेट मात्रा के साथ हलवाई व सहयोगी श्रमिकों द्वारा साफ सफाई रखने दस्ताने व मास्क पहनकर रखे होने सम्बधित जानकारी ली।
भोजनशाला पहुँचने पर सेवारत रोटेरियन राहुल माहेश्वरी, रोटे कैलाश कुमावत ने स्वागत करते हुए जानकारी देते हुए सुश्री व्यास को बताया कि रोटरी मरूधरा क्लब द्वारा प्रतिदिन 1500 व्यक्तियों का भोजन तैयार किया जाता है जिसमे सुबह-शाम पृथक मेन्यू भोजन में दिया जा रहा है। स्वाद व पोष्टिकता के साथ समुचित मात्रा मे पैकेट के रूप मे तैयार होकर गांधी पार्क, एलआईसी आॅफीस और वल्लभ गार्डन के पास स्थित वितरण केन्द्र मे पहुंचा दिये जाते है।
व्यवस्थाओं से संतुष्टी जताते हुए सुश्री अर्चना व्यास ने श्रमिकों को अपनी तरफ से कुछ और सेनेटाइजर बोतल व कुछ मास्क देते हुए इसको नियमित रूप से उपयोग करते हुए प्रेरित किया।
व्यास ने रोटरी मरूधरा के सभी रोटेरियन्स और उनके सहयोगियों को विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विपत्ति के समय मे रोटरी मरूधरा ने प्रशासन के आह्वान पर पहले दिन से लेकर आज 38 दिन पुरे होने तक लगातार सेवा कार्य कर रहे है । यह सेवाकार्य अपने आप मे रोटरी और रोटेरियन के सेवा का जज्बा प्रदर्शित करता है। विशेष जरूरत के समय यह सहयोग देवतुल्य है। व्यास ने बताया की 3 मई से सभी जरूरतमंदों को चिन्हित कर आवश्यक्तानुरूप प्रशासन द्वारा कच्चा राशन भी पहुँचाया जाएगा जिसके लिये वार्ड स्तर पर सर्वे लिस्ट लगभग पूरी हो चुकी है।
अभियान के संयोजक रोटे राजेश बावेजा, रोटे मनोज गुप्ता सह प्रांतपाल डाॅ अम्बुज गुप्ता, क्लब उपाध्यक्ष पंकज पारीक, सचिव अनिश अहमद सहित रोटे अरविंद व्यास, डाॅ पुनीत खत्री, सुरेश पारीक, अमित मित्तल, शकील अहमद, एड. पुनीत हर्ष, शिवेन्द्र दाधीच, डाॅ संदीप खरे, मनोज बजाज, डाॅ अनंत शर्मा सहित सभी कार्यकर्ता निरंतर अपना विशेष सहयोग प्रदान कर रहे है।

रोटरी मरूधरा द्वारा चलाये जा रहे अन्नदान अभियान के संयोजक आनन्द आचार्य ने बताया कि 25 मार्च से प्रतिदिन 1000 फुड पैकेट उपलब्ध करवाने से लेकर अब तक जिला प्रशासन द्वारा निर्मित केन्द्रीयकृत भोजन वितरण व्यवस्था के अंतर्गत 45 हजार से अधिक फुड पैकेट बनाकर नगर निगक के कर्मचारियों को सुपुर्द कर चुका है। रोटरी क्लब बीकानेर मरूधरा द्वारा दिये निर्मित भोजन गांधी पार्क, सर्किट हाउस, एलआईसी आॅफीस जयपुर रोड़, मारूति शोरूम के पास स्थापित बस्तियां, वल्लभ गार्डन-पवनपुरी क्षेत्र स्थित जरूरतमंद मे वितरित किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त आईएसएस खुशाल सिंह यादव के नेत्त्तृव मे चल रही सुचारू वितरण प्रणाली मे हेल्थ आॅफीसर अर्चना व्यास मुख्य भुमिका निभा रही है।

रोटे राहुल माहेश्वरी, डाॅ अम्बुज गुप्ता कि देखरेख मे संचालित भोजनशाला मे प्रतिदिन 1500 फुड पैकेट बनाये जा रहे तथा सुबह और सायंकालीन अवसर पर अलग अलग तरह के भोजन स्वास्थ्य व स्वाद के हिसाब से तैयार किये जाते है व अन्नदान का आयोजन निरंतन संचालित है व लाॅकडाउन की तारीख 3 मई तक अनवत रूप से चलता रहेगा।
अभियान के संयोजक रोटे राजेश बावेजा, रोटे मनोज गुप्ता ने बताया कि आर्थिक रूप से इस सेवा कार्य मे बड़ी आर्थिक लागत आ रही है जिसके प्रबधंन के लिये रोटे अरविंद व्यास, डाॅ पुनीत खत्री, सुरेश पारीक, अमित मित्तल, शकील अहमद, एड. पुनीत हर्ष, शिवेन्द्र दाधीच, डाॅ संदीप खरे, मनोज बजाज, कैलाश कुमावत सहित क्लब उपाध्यक्ष पंकज पारीक, सचिव अनिश अहमद द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे है।

रोटे डाॅ अनंत शर्मा ने बताया कि सिंथेसिस इंस्टीट्यूट, रोटे कैलाश कुमावत, संतोष बांठिया, रोटे अमित अग्रवाल के सहयोग से रोटरी क्लब बीकानेर मरूधरा द्वारा अन्नदान के साथ साथ ही बड़ी संख्या मे चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मचारियों पीपीई किट व हाई ग्रेड एन95 मास्क तथा पुलिस जवानों, पत्रकारों, सफाई कर्मचारियों, ट्रक ड्राइवर्स आदि के लिये 3 प्लाई डिस्पोजल व कपड़े के मास्क, सेनेटाइजर्स, हस्त दस्ताने भी निरंतर रूप से उपलब्ध करवाये गये है।