js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170
विनय एक्सप्रेस समाचार, झुंझुनूं । जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से निरोगी राजस्थान अभियान के अन्तर्गत ‘‘हैल्दी लिवर कैम्पेन’’ शुरू किया गया है जिसके तहत जनजागरूकता के साथ साथ स्क्रीनिंग कर उपचार शुरू किया जायेगा। मंगलवार को कलेक्टर सभागार में जिला कलेक्टर श्री लक्ष्मण सिंह कुड़ी की अध्यक्षता में सम्बंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई जिसमें हैल्थी लिवर अभियान के तहत आयोजित करने वाली गतिविधियों की जिम्मेदारी तय की गई। कलेक्टर श्री कुड़ी ने स्वास्थ्य विभाग, पीएचईडी, स्वायत शासन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पीएचईडी विभाग सभी जल स्रोतों का क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को ज्यादा से ज्यादा स्क्रीनिंग कर उपचार करने, टीकाकरण करवाने, गर्भवती महिलाओं की हेपिटाइटिस की जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर परिषद और नगर पालिकाओ के कचरा संग्रहन वाहनों पर हैल्थी लिवर जन जागरूकता के ऑडियो चलाने के निर्देश दिए। साथ जनसंपर्क विभाग को इसके प्रचार प्रसार और जागरूकता की जिम्मेदारी प्रदान की। कलेक्टर श्री कुड़ी ने शिक्षा विभाग को रैली और अन्य जागरूकता गतिविधियों में भागीदारी के निर्देश दिए उन्होंने सभी ब्लॉक में एसडीएम की अध्यक्षता में मीटिंग बुलाकर अभियान के सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिये। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने अभियान की कार्य योजना प्रस्तुत की। इस अवसर सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद सूचना सभागार में ओरियंटेशन वर्कशॉप आयोजित की गई जिसमें हैल्थी लिवर कैम्पेन की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर, डिप्टी सीएमएचओ डॉ नरोत्तम जागिड़, पीएमओ डॉ वीडी बाजिया, नॉडल अधिकारी डॉ रजनीश माथुर, डीपीएम डॉ विक्रम सिंह, माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ हरीश कौशिक, एपीडिमियोलॉजिस्ट डॉ कुलदीप फौजदार, जिला आईईसी समन्वयक डॉ महेश कड़वासरा, एंटीसीपी कन्सलटेंट डॉ ऋतु शेखावत व बीसीएमओ, बीपीएम, सीएचसी पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।

हैल्दी लिवर कैम्पेन के सन्दर्भ में निदेशालय स्वास्थ्य विभाग जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ एस एन धौलपुरिया और सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि कैम्पेन के अन्तर्गत लिवर (हेपेटाईटिस) के बारे में आमजन को जागरुक किया जावेगा जों एक वायरल इंफेक्शन है। यह बीमारी लिवर को प्रभावित करती है। लिवर का काम शरीर के सभी अंगों को पोषक तत्त्व पहुंचाना होता है। हेपेटाइटिस के संक्रमण से लिवर में सूजन आ जाती है। इससे व्यक्ति को पीलिया हो जाता है। यह संक्रामक बीमारी है जो लापरवाही करने पर एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है। जानलेवा भी हो सकती है।

हेपेटाइटिस बी व सी सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। इसके मरीजों को लिवर सिरोसिस होने की आशंका रहती है। इसमें मरीजों का लिवर सिकुड़कर काम करना बंद कर देता है। कई बार लिवर में पानी भर जाता है। खून की उल्टियां होने लगती हैं और शरीर पर सूजन आ जाती है। मरीज को लिवर कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव ही सबसे कारगर उपाय है। इसके लिए धारदार चीज जैसे इंजेक्शन, रेजर्स या टूथब्रश दूसरे से साझा न करें। असुरक्षित यौनसंबंध न बनाएं और दूषित खानपान से बचें। बच्चों को हेपेटाइटिस के टीके जरूर लगवाएं। गर्भवती महिलाओं का हेपेटाइटिस बी और सी टैस्ट करवाएं। खुली चोट को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह साफ कर लें।zहेपेटाइटिस की प्रमुख वजहें
दूसरे व्यक्ति का टूथब्रश और शेविंग रेजर इस्तेमाल करना, सिरिंज या सर्जरी के उपकरणों का बिना स्ट्रलाइजेशन इस्तेमाल करना,
इंजेक्शन से किसी प्रकार का नशा करना, असुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाना, गलत तरीके से खून देना या चढ़वाना और दूषित खानपान हेपेटाइटिस के मुख्य कारण हैं।

हेपेटाइटिस के प्रकार और उनके कारण वायरल हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं। इनमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होता है। हेपेटाइटिस ए और ई दूषित पानी और भोजन के कारण होता है। वहीं हेपेटाइटिस बी, सी और डी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होते हैं। हेपेटाइटिस ए और ई अपेक्षाकृत कम खतरनाक होते हैं। वहीं हेपेटाइटिस बी, सी और डी लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।
इन लक्षणो से करें पहचान- भूख न लगना, जी मिचलाना और पेट में दर्द। आंखों में पीलापन, थकान और तेजी से वजन कम होना। पाचन संबंधी समस्या, उल्टियां आना, पैरों में सूजन, सिर में दर्द, हल्का बुखार रहना और यूरिन का कलर पीला होना।
हेपेटाइटिस की जांचे- इसमें लिवर फंक्सन टैस्ट, एंटीजन और एंटीबॉडीज टैस्ट कराने चाहिए हैं ताकि पता चल सके कि कौनसा वायरस है और कितना एक्टिव है।
हेपेटाइटिस से बचाव के लिए तीन टीके लगते हैं। पहले टीके के बाद अगला टीका 30 वें और फिर 180 वें दिन लगता है। हार्ट व बीपी के मरीज और गर्भवती महिलाओं को भी टीके लगवाएं। शिशुओं को जन्म के समय ही टीके लगवाना चाहिये।
सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देषानुसार जिले में आगामी 28 जुलाई तक हैल्दी लिवर कैम्पेन चलाया जावेगा। कैम्पेन के दौरान विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम व गर्भवती महिलाओं, कैदियों, टीबी रोगीयों, हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों, डायलिसिस वाले रोगियों व राज्य सरकार के निर्देषानुसार अन्य रोगीयो की स्क्रीनिंग की जायेगी एवं पॉजिटिव पाये जाने पर उनका उपचार चिकित्सा संस्थानों पर किया जावेगा। बीडीके अस्पताल में डॉ रजनीश माथुर को इसका नॉडल अधिकारी बनाएं गये है।
]]>