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इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ सोनी ने कहा राज्य स्तरीय महाअभियान के अंतर्गत नागौर जिले में लगभग 23 लाख पौधों का घर-घर वितरण किया जाएगा जिसमें 4 औषधीय पौधे तुलसी , गिलोय , अश्वगंधा व कालमेघ हैं जिनका आयुर्वेद में बहुत महत्व है । कोरोना की इस विषम परिस्थिति में यह हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाएंगे । नागौर जिले की 11 नर्सरी द्वारा इसका उत्पादन किया जा कर इस माह प्रथम चरण तथा अक्टूबर में द्वितीय चरण में वितरण होगा । इस योजना में नगर निकायों के आधे वार्ड तथा आधी ग्राम पंचायत शामिल होगी । वन विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है जिसमें रूट चार्ट व पौधों की संख्या भी शामिल है । इसमें शहरी क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया जाएगा कि जिनके पास भूमि कम है वह गमलों में ही इन पौधों को लगाएं । उन्होंने कहा कि जो किसी मान्यता के कारण से इन पौधों को नहीं लगाने की धारणा रखते हैं वह स्वस्थ सोच रखें और केवल इसका औषधीय महत्व देखें । यह जानकारी अधिकतम लोगों तक पहुंचाएं । अनेक लोगों द्वारा तुलसी पत्रों को प्रसाद रूप में भी लिया जाता है लेकिन वर्तमान में हम इसे शारीरिक स्वास्थ्य के संदर्भ से ही लें । उन्होंने उपस्थित संवेदनशील जनप्रतिनिधियों से शहर का सौंदर्यीकरण व पर्यावरण के क्षेत्र में और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि बरसात के इस मौसम में जाति , मजहब व दलगत से ऊपर उठकर नागरिकों को इस बात के लिए तैयार करें कि वह मार्गो तथा भवनों के मध्य के खाली जगह में युक्तिसंगत तरीके से पौधे लगाएं जिससे आंखों को हरियाली देखकर सुकून मिल सके । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बा और बापू योजना जो कस्तूरबा गांधी तथा महात्मा गांधी से संबंधित है , के द्वारा सघन पौधरोपण का कार्य पंचायत राज विभाग द्वारा हाथ में लिया गया है ।

जिला कलक्टर ने जनप्रतिनिधियों से गोगेलाव कन्वर्शन क्षेत्र में निवास बनाने वाले जंगली पशुओं की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे शहर व गांव के फैंफड़े हैं । इसलिए इनको बचाने के निमित्त काम करें । उन्होंने स्काउट व गाइड टीम को भी इस संबंध में सहयोग करने का आग्रह किया । जिला कलक्टर ने गोगेलाव रोड पर स्थित तारबंदी वन क्षेत्र में उगे बबूल के पेड़ों के स्थान पर अन्य पौधे रिप्लेस करने का भी निर्देश दिया ।
पार्क का करें विस्तार , सौंदर्यकरण पर दें जोर
जिला कलक्टर ने अमृता देवी उद्यान के विस्तार पर बल दिया । उन्होंने नगर परिषद व राजस्व कार्मिकों से पार्क में आने वाले रास्तों के और विकल्प तलाश करने का भी निर्देश दिया । उन्होंने पार्क को तारबंदी से सुरक्षित रखने तथा इसके संरक्षण के निमित्त सीमेंट पत्थर से युक्त खंभे जनसहयोग से बनाने का भी आह्वान किया । इस पर परिषद उपसभापति सदाकत अली ने 25 , पार्षद भरत टाक , पदमश्री भांभू , राकेश सेन , पार्षद गोविंद कड़वा , ललित लोमरोड़ व हरिराम ने 10-10 खंबे निर्माण हेतु अपनी ओर से सहयोग करने की घोषणा की ।

इस अवसर पर अपने संबोधन में सीईओ चौधरी ने कहा कि पौधरोपण के माध्यम से एक धरती एक आसमान की परिकल्पना साकार होगी । उन्होंने मायड़ भाषा में कहा कि मिनखां री माया , पेड़ा री छाया , निरोगी रैवे काया इस घर-घर औषधि अभियान से सार्थक होगी । पदमश्री हिम्मतराम भांभू ने कहा कि कितना भी विकास हो लेकिन वह प्राणवायु ऑक्सीजन नहीं दे सकता । पेड़ पौधे में सर्व पंथ समभाव होता है । इसलिए पेड़ लगाने का पवित्र कार्य करें और उसे संरक्षित करते हुए वृक्ष का भी रूप दें । अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया ने कहा कि पौधों से प्राणवायु ऑक्सीजन प्राप्त होती है जो प्राकृत होती है । कोरोना की द्वितीय लहर ने बता दिया कि शरीर के लिए पौधों की प्राकृत व ताजी हवा जरूरी है जबकि अस्पतालों में मिलने वाली प्राणवायु कृत्रिम होती है । कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति नीतू बोथरा ने कहा कि 72 वें वन महोत्सव के आयोजन से हमें यह संदेश लेना चाहिए कि वृक्ष ही जीवन है । कोरोना के बाद में इनकी महत्ता और बढ़ गई है । कार्यक्रम में पर्यावरणविद रामरतन बिश्नोई ने भी अपने विचार व्यक्त किए । जिला वन संरक्षण अधिकारी ज्ञानचंद मकवाना ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि रखी । इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी भंवराराम सियाक, सीओ स्काउट अशफाक पंवार , सीओ गाइड मीनाक्षी भाटी , पार्षद नवरत्न बोथरा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने एक एक पौधा लगाया । कार्यक्रम में उद्यान में 400 पौधे लगाए गए ।

कार्यक्रम के पश्चात जिला कलक्टर व वन विभाग अधिकारियों द्वारा मंगलम नगर के समीप स्थित पार्षद गोविंद कड़वा के आवास से घर-घर औषधि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया । जिला कलक्टर द्वारा स्वास्थ्य भवन में गिलोय का पौधा भी लगाया गया । कार्यक्रम में सभापति बोथरा द्वारा अश्वगंधा व कालमेघ का पौधा भी लगाया गया ।


उन्होंने घर-घर औषधि अभियान की जानकारी दी तथा कहा कि देशभर में यह अपने तरह की नई पहल है। इस दौरान नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ललित ओझा, बंशीलाल आचार्य, सत्य नारायण व्यास, रामकुमार आचार्य, गणेश आचार्य, नमामि शंकर आचार्य, कैलाश आचार्य, कमल आचार्य तथा डॉ. अभिषेक व्यास, सौरव व्यास आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने महानंद महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक तथा पूजा अर्चना की। गणेश आचार्य ने उन्हें मंदिर के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य तथा यहां किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।
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इस अवसर पर मंत्री भाटी ने कहा कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पानी बचाओ, बिजली बचाओ, सबको पढ़ाओ एवं वृक्ष लगाओ का नारा दिया है, जिसके तहत ही प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में वृक्षारोपण किया जा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री भाटी ने कहा कि शुरूआत बीकानेर से की गयी है जिसके तहत शनिवार को राजकीय विधि महाविद्यालय में 151 पौधे तथा रविवार को डूंगर काॅलेज में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 500 पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। उन्होनें डूंगर काॅलेज के एनसीसी, एनएसएस, स्काउट सहित प्राचार्य एवं संकाय सदस्यों तथा सभी कार्मिकों की राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में योगदान की सराहना की। उच्च शिक्षा मंत्री जी के आह्वान पर इस सत्र में छात्र संख्या 11000 के अनुरूप पौधे विकसित करने का संकल्प लिया गया ।
कुलपति प्रो. वी.के.सिंह ने भी डूंगर काॅलेज में चल रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से संबंद्ध सबसे बड़े राजकीय महाविद्यालय में इस प्रकार का कार्य अन्य महाविद्यालयों के लिये अनुकरणीय है। मदन मेघवाल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को जीवन में एक पेड़ लगा कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिये।
प्राचार्य डाॅ. जी.पी.सिंह ने प्रशन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय के प्रत्येक कार्मिक एवं विद्यार्थियों को एक-एक वृक्ष लगाने की जिम्मेवारी दी जा रही है जिसकी देखभाल करने का उत्तर दायित्व भी उन्ही पर होगा। इस अवसर पर डाॅ.सिंह ने आईसीआईसीआई एवं ऐक्सिस बैंक के योगदान की भी सराहना की।
सहायक निदेशक डाॅ.राकेश हर्ष ने इस अवसर पर कहा कि महाविद्यालय में एक बोटेनिकल गार्डन का विकास किया गया है जिसमें अति महत्वपूर्ण औषधीय पौधे जैसे सर्पगंधा, नींबू, भृंगराज, सहजना, अर्जुन, अंजीर आदि को विकसित किया गया है। डाॅ. हर्ष ने कहा कि इससे काॅलेज के विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में डाॅ. भगवानाराम विश्नोई, डाॅ. श्याम सुन्दर ज्याणी, डाॅ.विक्रमजीत, डाॅ. सुरेन्द्र पाल मेघ, डाॅ. राजेन्द्र पुरोहित, एनएसएस के जिला समन्वयक डाॅ.नरेन्द्र कुमार, डाॅ.संदीप यादव डाॅ. बृजरत्न जोशी,सलीम भाटी,दिलीप बांठिया, डाॅ. नवदीपसिंह, डाॅ.मनीषा अग्रवाल, डाॅ. सरिता स्वामी सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने वृक्षारोपण किया।