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विनयएक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मनरेगा की तर्ज पर ही शहरी क्षेत्रों के लिए भी रोजगार की गारंटी देने वाली योजना शुरू करने का आग्रह किया है। श्री गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी पर गुजर-बसर करने वाले, गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद तबके की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्हें रोजगार मिलता रहे, इसके लिए जरूरी है कि केन्द्र मनरेगा की भांति ही शहरी क्षेत्र के लिए भी ऎसी योजना लाने पर विचार करे।
गहलोत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंस में कोरोना से बचाव, लॉकडाउन तथा इस संकट से मुकाबला करने के लिए सुझावों के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत मजदूरों के लिए न्यूनतम 200 दिवस रोजगार उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब केन्द्र एवं राज्य सरकारों को दोहरे मोर्चे पर लड़ाई लड़नी है। एक तरफ कोरोना से जीवन बचाने की जंग तो दूसरी तरफ आजीविका बचाने और आर्थिक हालात पटरी पर लाने की लड़ाई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण केन्द्र एवं राज्यों के राजस्व संग्रहण पर विपरीत असर पड़ा है। केन्द्र की मदद के बिना यह असंभव है कि राज्य इस संकट का मुकाबला कर सकें। इसके लिए जरूरी है कि केन्द्र जल्द से जल्द व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराए। एमएसएमई, मैन्यूफैक्चरिंग, सर्विस, टूरिज्म, रियल एस्टेट सहित तमाम सेक्टर्स को संबल की जरूरत है। इकोनॉमिक रिवाइवल के लिए जरूरी है कि ऎसे उपाय हों जिससे लोगों की क्रय शक्ति बढे़, उन्हें रोजगार मिले तथा उद्योगों को भी राहत मिले।
श्री गहलोत ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों के लिए इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता जरूरतमंद वर्ग की मदद करना है। हमें ऎसी योजनाओं पर काम करना होगा जिससे बड़ी संख्या में लोगों को सामाजिक सुरक्षा मिले। उन्होंने कहा कि इस समय बेरोजगारी की दर 37.8 प्रतिशत हो गई है जो सर्वाधिक है।
गहलोत ने कहा कि केन्द्र द्वारा घोषित लॉकडाउन का राज्य सरकारों और आमजन ने पूरी इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ पालन किया है। अब अगले चरण में विभिन्न जोन के निर्धारण और प्रतिबंधों को लागू करने का अधिकार राज्यों को मिलना चाहिए। केन्द्र सरकार के मानक दिशा-निर्देशों के अनुरूप रहते हुए राज्यों को यह अधिकार मिले जिससे कि वे स्थानीय स्तर पर यह तय कर सकें कि किन गतिविधियों के लिए उन्हें छूट देनी है और किन को प्रतिबंधित रखना है।

गहलोत ने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल देना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले इसके लिए जरूरी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, चने एवं सरसों की खरीद की सीमा को कृषि उत्पादन के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में टिड्डी के प्रकोप की जानकारी दी और इसके नियंत्रण में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बीते साल टिड्डियों के हमले के कारण प्रदेश के 12 जिलों में फसलों तथा वनस्पति को बुरी तरह नुकसान पहुंचा था। इस साल 11 अप्रैल से ही प्रदेश में टिड्डियों के हमले शुरू हो गए हैं और अजमेर तक भी टिडडी दल पहुंच गए हैं। श्री गहलोत ने प्रधानमंत्री का ध्यान विश्व खाद्य संगठन की उस चेतावनी की ओर भी दिलाया जिसमें बताया गया है कि अफ्रीका, ईरान, भूमध्यसागर के देशों में बड़ी संख्या में टिड्डियों का प्रजनन हो रहा है। इससे राजस्थान और गुजरात के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी का बड़ा प्रतिकूल प्रभाव उद्योग एवं व्यापार जगत पर पड़ा है। डेढ़ महीने से अधिक समय से औद्योगिक गतिविधियां ठप हैं। ऎसे में उन्हें उबारने के लिए केन्द्र एक व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराए, जैसा वर्ष 2008 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय दिया गया था।
गहलोत ने प्रधानमंत्री से कहा कि राज्यों को मिलने वाली शुद्ध ऋण सीमा को जीडीपी के 3 प्रतिशत से बढाकर 5 प्रतिशत बिना शर्तों के की जाए। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार जरूरतमंद, निराश्रित एवं बेसहारा लोगों को संबल देने के लिए तमाम जरूरी कदम उठा रही हैं। ऎसे में उन्हें वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं रहे इसके लिए यह अनुमत किया जाए। उन्होंने एफआरबीएम एक्ट के तहत राजकोषीय घाटे की सीमा 6 माह तक जीडीपी के 3 प्रतिशत से बढाकर 5 प्रतिशत तक करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण हर राज्य की स्थानीय परिस्थितियों एवं आर्थिक स्थिति को देखते हुये जीएसटी के तहत राज्यों को वर्ष 2022 तक दी जाने वाली क्षतिपूर्ति की अवधि को 5 वर्ष और बढ़ाया जाए।
गहलोत ने कहा कि भारत सरकार को केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के तहत केन्द्रांश की राशि की प्रथम किस्त शीघ्र बिना किसी शर्त के जारी करनी चाहिए एवं राशि जारी करने की प्रक्रिया को कठिन बनाया गया है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं पर राज्यों में आवश्यकता आधारित आवंटन की नई नीति उपयुक्त नहीं है। इससे राज्य इन योजनाओं का संचालन ठीक से नहीं कर पाएंगे। श्री गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार इस चुनौतीपूर्ण समय में अर्थव्यस्था को उबारने के लिए राजकोषीय व्यय को बढ़ावा दे।
54 लाख लोगों को मिले खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के चयन का आधार वर्ष 2011 की जनगणना है। वर्तमान विशेष परिस्थितियों को देखते हुए लाभार्थियों की संख्या को 2019-20 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर तुरन्त बढ़ाया जाए। श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने मई महीने में एफसीआई से 21 रूपए प्रति किलो की बाजार दर से गेहूं खरीदकर करीब 54 लाख ऎसे लोगों को वितरित किया है जिन्हें एनएफएसए का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इन लोगों को प्रति व्यक्ति 10 किलो खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने करीब 78 करोड़ रूपए खर्च किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि लॉकडाउन के कारण विषम वित्तीय हालात को देखते हुए राज्य सरकार हर महीने यह खाद्यान्न उपलब्ध नहीं करा पाएगी। उन्होंने इन वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिले इसके लिए केन्द्र सरकार से सहायता का अनुरोध किया।
गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार कोरोना संक्रमण की स्थिति को प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की चुनौती के रूप में ले रही है। पहले हमें जांच के लिए दिल्ली एवं पूना सैम्पल भेजने पड़ते थे। अब राजस्थान ने करीब 12 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता हासिल कर ली है। इस महीने के अंत तक हम प्रतिदिन 25 हजार जांच करने की स्थिति में होंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से कम है। साथ ही डबलिंग रेट जहां राष्ट्रीय स्तर पर 12 दिन है। वहीं राजस्थान में यह 18 दिन है। हमारे राज्य में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत 30 प्रतिशत के मुकाबले 57 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि गैर कोविड रोगियों के लिए गांव-गांव में 428 आउटडोर मोबाइल वैन संचालित करने के साथ ही मातृ एवं शिशु कल्याण सेवाओं, टीकाकरण आदि में कोई बाधा नहीं आने दी है।
इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अति. मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक डॉ. भूपेन्द्र सिंह, अति. मुख्य सचिव चिकित्सा रोहित कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

सिरोही जिले की बैठक में जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद ने जिले में माइग्रेंट वर्कर्स के बारे में बताया कि यहाँ अहमदाबाद, सूरत और मुंबई जैसे हॉट स्पॉट स्थानों से लगभग 33000 प्रवासी आए हैं। जिनकी जिले की सीमा पर स्क्रीनिंग व जाँच करके भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जिले में चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। एक दिन पहले ही में कोरोना संक्रमण फैला है। इस अवसर पर सिरोही जिले के प्रभारी सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने मौसम बदलने के साथ ही सर्वेक्षण की रणनीति में परिवर्तन तथा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की सलाह दी।
इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के प्रभारी मंत्री श्री भँवर सिंह भाटी ने जिला प्रशासन से बॉर्डर पर माइग्रेंटस के डेटा रिकॉर्डिंग व इन्वेस्टिगेशन, पेयजल व विद्युत आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद, मनरेगा श्रमिकों के नियोजन व सुरक्षा आदि के बारे में भी जानकारी ली।
भाटी ने बताया कि राज्य में कोरोना महामारी का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए सभी आवश्यक ढांचागत सुविधाएं जैसे होम क्वारंटाइन व आइसोलेशन, वेंटिलेटर, सैनीटाईजिंग मटेरियल, मॉस्क, पीपीई किट आदि पर्याप्त मात्रा में जुटा लिए जाएं और प्रवासियों को बीएलओ ग्रामसेवक, पटवारी व ग्राम समिति की पूर्ण निगरानी में रखा जाए।
प्रभारी मंत्री ने निर्देशित किया कि अभी गर्मी का मौसम आरम्भ हो गया हैय अतः जिले में ट्यूबवैल व हैंडपंप मरम्मत कार्य को जल्द करने, टैंकरों से पेयजल आपूर्ति व अबाधित विद्युत आपूर्ति के पर्याप्त प्रबंधन कर लिए जाएं।
मनरेगा में मांग के अनुसार नियोजन बढ़ाकर प्रवासियों को रोजगार देने और किसानों की साथ ही, फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए ग्राम सहकारी समितियों के विस्तार करने के आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा।

जालौर जिले की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि जिले में पिछले दो दिन में ही कोरोना महामारी ने दस्तक दी है तथा इसके नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। मनरेगा के बारे में उन्होंने बताया कि जालौर जिला इस क्षेत्र में राज्य के अग्रणी जिलों में से एक है। इस वर्ष 200 मजदूर प्रति पंचायत के हिसाब से यहाँ 79542 मजदूरों को नियोजित किया गया है। बैठक में भाग लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक श्री हिम्मत अभिलाष टाक ने जिले में पुलिस व्यवस्था के बारे में पूर्ण ब्यौरा प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर आशुतोष टी पेडनेकर, प्रभारी सचिव ने बताया कि जिले में प्रवासियों की संख्या अत्यधिक बढ़ने के कारण अब कोरोना महामारी के प्रति अधिक सजग व सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रभार जिले की बैठक लेते हुए भँवर सिंह भाटी, प्रभारी व उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रवासियों की मॉनिटरिंग व निगरानी रखने, चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने, कोरोना वारियर्स की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने, केंद्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन्स के प्रचार-प्रसार, पर्याप्त मात्रा में मॉस्क व सैनीटाईजर उपलब्ध करवाने, कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों में राशन, सब्जी, दूध व दवा की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आदेशित किया। प्रभारी मंत्री श्री भाटी ने इस अवसर पर गरीब, मजदूर, असहाय व जरूरतमंद को स्थानीय स्कूल, ग्रामसेवक या पटवारी के माध्यम से ड्राई राशन वितरण, खाद्य सुरक्षा, फसल खरीद और एनएफएसए को प्रभावी ढंग से लागू करने, पेयजल प्रबंधन, मनरेगा के माध्यम से स्थानीय व प्रवासी मजदूरों को रोजगार देकर फाइनेंसियल सपोर्ट करने, उनके कार्यस्थल पर पानी, छाया, दवा आदि की व्यवस्था करने के लिए जिला कलक्टर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भाटी ने बताया कि राज्य सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति अत्यन्त गंभीर है। इसके लिए राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी स्वयं प्रतिदिन विभिन्न विभागों व जिला प्रशासन से फीडबैक लेकर निगरानी रखे हुए हैं। ऐसे में हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि इस वैश्विक महामारी की घड़ी में पूर्ण सेवा-भाव व निष्ठा से अपने कर्तव्य का पालन करें। बैठक के अंत मे श्री भाटी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को धन्यवाद दिया तथा उनके द्वारा किए जा रहे टीम वर्क की सराहना कर हौसला अफजाई की।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर/जैसलमेर । ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री तथा जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलों के प्रभारी मंत्री डाॅ. बी. डी. कल्ला ने कोरोना महामारी से बचाव तथा इससे निपटने के लिए सभी संभव उपायों को अमल में लाते हुए चौतरफा प्रयासों को आशातीत रूप से सफल बनाने का आह्वान अधिकारियों से किया है और इस दिशा में अब तक की कार्यवाही पर संतोष जताते हुए प्रशासन, पुलिस और सभी लोगों का आभार जताया है।
ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने शुक्रवार को बीकानेर स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र के माध्यम से बाड़मेर और जैसलमेर जिला प्रशासन के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान यह बातें कही। वीसी के माध्यम से जैसलमेर के जिला प्रभारी सचिव डाॅ. के.के. पाठक एवं बाड़मेर की जिला प्रभारी सचिव डाॅ. वीणा प्रधान भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े रहे।
प्रभारी मंत्री डाॅ. कल्ला ने वीसी में प्रमुख रूप से कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं बचावों के साथ ही पानी-बिजली, टिड्डी नियंत्राण और सम सामयिक हालातों की विस्तार से समीक्षा की और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
जैसलमेर के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभागीय वीसी कक्ष में जिला कलक्टर नमित मेहता के साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ. किरण कंग सिद्धू, कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी एवं उपनिवेशन विभागीय अतिरिक्त आयुक्त दुर्गेश बिस्सा, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी विश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश, उप निवेशन उपायुक्त देवाराम सुथार, उपखण्ड अधिकारी दिनेश विश्नोई, नगर विकास न्यास के सचिव अनुराग भार्गव सहित पानी-बिजली, चिकितसा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
लाॅक डाउन का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो
प्रभारी मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लाॅक डाउन की स्थितियों की समीक्षा करते हुए कहा कि लाॅक डाउन के दौरान सारी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद रहनी चाहिएं। इनमें फिजिकल डस्टेंसिंग( सोशल डिस्टेंसिंग) की पूरी-पूरी पालना हो। कानून व्यवस्था की पालना में इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि बहुत आवश्यक सेवाओं में किसी को रोका ना जाए, विशेषकर अगर किसी व्यक्ति को दवा या राशन आदि लेने के लिए निकलना पड़े तो उसे मानवीय आधार पर छूट प्रदान की जाए। इसी तरह अगर किसी के घर-परिवार में किसी की मृत्यु होती है और उसे बाहर जाना पड़े तो ऐसे प्रकरणों में भी व्यक्तिगत रूप से जिला कलक्टर इस विषय में छूट प्रदान करने का कार्य भी करें।
लोक जागरुकता बनाए रखें
मंत्री ने जिला कलक्टर से कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को समय-समय पर जागरूक करने के कार्य में कहीं कोई कमी नहीं आनी चाहिए। आम जन को पाबंद किया जाना जरूरी है कोविड-19 के तहत जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं उनकी अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें, माॅस्क लगाकर चलें, अनावश्यक रूप से कहीं पर भी एकत्रित ना हो और जहां तक संभव हो सके सामाजिक कार्य अगले कुछ दिनों के लिए स्थगित रखें।
रिक्त पद भरने के लिए सरकार प्रयासरत
ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और जल्द ही आर.पी.एस.सी. के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर डीपीसी का कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। यह कार्य पूर्ण होने के साथ ही अधिकारियों की नियुक्ति के समय और जैसलमेर में अधिकारियों के पद स्थापन किए जाएंगे।
ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि बाड़मेर और जैसलमेर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में जो रिक्त पद है, उन्हें शीघ्र भरने के लिए डीपीसी की जाएगी तथा आने वाले दिनों में पदोन्नति से वे पद भरे जाने के बाद नियुक्ति देने में पहली प्राथमिकता जैसलमेर और बाड़मेर रहेगी।
डाॅ. कल्ला ने जैसलमेर जिला कलक्टर नमित मेहता से कहा कि वर्तमान में जैसलमेर जिले में जो रिक्त पद हैं उनकी सूची बनाकर सूची में सभी विभागों के रिक्त पदों की जानकारी अंकित की जाए ताकि लाॅक डाउन के बाद पद भरने की प्रक्रिया सरकार द्वारा जब प्रारंभ की जाए तो जैसलमेर जिले में सभी पद भरे जाने के लिए राज्य सरकार स्तर पर प्रयास किए जाएं।
जैसलमेर में फिलहाल स्थितियां नियंत्रण में
जैसलमेर जिला कलक्टर नमित मेहता ने जैसलमेर जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के उपायों के साथ ही इससे संबंधित सभी गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि जिले में कुल 35 पोजिटीव केस आए थे। इनमें से 4 को छोड़कर सभी नेगेटिव आ गए हैं जबकि मात्रा 4 जनों का ही ईलाज चल रहा है और उनके भी शीघ्र ही कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर लौटने की उम्मीद है।

जिला कलक्टर ने प्रभारी मंत्री को बताया कि वर्तमान में जैसलमेर में 13 पर्यटक रुके हुए हैं इनके स्वास्थ्य का परीक्षण समय-समय पर किया जा रहा है तथा सभी जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही अगर अगले कुछ दिनों में सरकार के निर्देश पर यहां हवाई यात्रा से अगर पर्यटक या अन्य प्रवासी आते हैं तो उनके लिए होटलों का चिन्हिकरण कर लिया गया है एवं उनकी जरूरत के मुताबिक सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
पानी और बिजली की सुचारू एवं निर्बाध आपूर्ति के प्रति गंभीर रहें
ऊर्जा मंत्री ने दोनों जिलों में बरसात और ओलावृष्टि की भी जानकारी ली साथ ही उन्होंने कहा कि विद्युत और पानी की आपूर्ति व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से चलती रहे अगर बहुत ज्यादा जरूरत हो तो पानी के लिए पहले से ही प्लान बना कर रखें, ताकि जैसे ही कहीं दिक्कत हो तो तत्काल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र में काश्तकारों को और शहरी क्षेत्र में आम उपभोक्ताओं को बराबर होती रहे।
महानरेगा में अधिकाधिक को दें रोजगार
डाॅ. कल्ला ने जिला कलक्टर से कहा कि मनरेगा के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। निजी कार्य स्वीकृत किए जाएं। ग्रेवल रोड बनाने के कार्य भी स्वीकृत करें तथा अगले 1 सप्ताह में 40 हजार लोगों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाए। साथ ही वर्तमान में जहां मनरेगा के कार्य चल रहे हैं वहां छाया पानी आदि की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
टिड्डी नियंत्रण के लिए ठोस प्रयास करें
ऊर्जा मंत्री ने जैसलमेर जिला कलक्टर नमित मेहता से जिले में टिड्डी प्रकोप व संभावित स्थितियों के बारे में जानकारी ली और कहा कि टिड्डी नियंत्रण के लिए स्थानीय प्रशासन, भारत सरकार के विभाग तथा बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बातचीत कर ऐसी कार्य योजना बनाई जाए जिससे टिड्डी नियंत्रण प्रभावी तरीके से हो सके।
इस पर जिला किलक्टर नमित मेहता ने बताया कि वर्तमान में टिड्डियों को कंट्रोल कर लिया गया है और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ 2 दिन पूर्व बैठक कर ली गई थी। जिला कलक्टर ने बताया कि 1000 हेक्टेयर में टिड्डियां आई थीं जिसे कंट्रोल कर दिया गया है।
प्रभारी सचिव के.के. पाठक ने जैसलमेर जिले की वर्तमान स्थितियों के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसपी ने कानून व्यवस्था की दी जानकारी
जैसलमेर की जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ. किरण कंग सिद्धू ने जिले में लाॅकडाउन की स्थिति में कानून व्यवस्था के बारे में भी बताया।