js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर के रूप में निजी अस्पतालों सहित अन्य ऐसे भवन, जहां 200 से अधिक व्यक्तियों को एक साथ रखकर उपचार किया जा सकता हो, ऐसे सार्वजनिक भवनों का चिन्हीकरण किया जाएगा, साथ ही पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों को कोरोना रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे माईक्रो स्तर पर कार्यों में गुणात्मक सुधार आ सके और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक कोराना संक्रमण काल में पूर्ण मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। वे सभी वर्तमान परिस्थितियों में अब प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें।
गौतम सोमवार को अपने कक्ष में कोविड रोकथाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज डाॅ. एस.एस. राठौड़, आयुक्त नगर निगम डाॅ. खुशाल यादव, अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डाॅ. मोहम्मद सलीम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीणा, सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीणा, डाॅ. संजय कोचर, डाॅ. इन्द्रा प्रभाकर तथा महामारी रोकथाम विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर सहित पीबीएम अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं की अलग-अल जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सकों अलग-अलग सौंप दी जाए।अलग-अलग जिम्मेदारी हो जाने से कार्य सुगमता से होगा तथा अगर किसी कार्य में गुणात्मक सुधार करना हो या किसी तरह की खा़मी को दूर करना हो, तो संबंधित चिकित्सक से विचार विमर्श कर तत्काल निर्णय लिया जा सके।
जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर में जितने भी गंभीर रोगी भर्ती हैं, उन्हें एक काॅर्डलैस बैल(घंटी) का रिमोट उपलब्ध करवाया जाए तथा बैल अस्पताल के एक कमरे में रहे, जहां से किसी भी विपरीत परिस्थिति पर अगर मरीज घंटी बजाता है, तो उसे तत्काल उपचार की सुविधा के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ पंहुच सके तथा रात के समय अगर मरीज बाथरूम की तरफ जाए, तो रिमोट अपने साथ रखे, जिससेेेे जरूरत पड़ने वह स्टाफ को बुला सके और उस तुरंत मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
वाॅलन्टियरी सेवा भी ली जाएगी
गौतम ने प्राचार्य मेडिकल काॅलेज और अधीक्षक से कहा कि वे इन संभावनाओं पर भी कार्य करें कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान पैरा मेडिकल सेवाएं वाॅलन्टियरी देना चाहें, तो उनका चिन्हीकरण कर लिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति या संस्था अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए भोजन आदि देना चाहें, तो उन्हें भी सूचीबद्ध कर लिया जाए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोविड केयर सेन्टर के लिए चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार 30 जून तक आवश्यक रूप से कर सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दें, जिससे जरूरत के मुताबिक आवश्यक सुविधा और संसाधन का इंतजाम किया जा सके। स्थान चिन्हीकरण के समय इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि आस-पास एक साथ ऐसे एक से अधिक भवन बने हों, ताकि चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने में आसानी रहे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जितने भी निजी चिकित्सालय हैं, उनके प्रबन्धकों से बातचीत कर उन्हें बताया जाए कि जरूरत पड़ने पर यहां भी कोरोना रोगियों को ईलाज के लिए भर्ती करवाया जा सकता है। साथ ही अगर कोई निजी चिकित्सालय किसी होटल में चिकित्सकीय सुविधा के लिए कोलेब्रेशन करता है, तो इस पर भी विचार कर लिया जाए जिससे यदि कोई व्यक्ति यहां इलाज करवाना चाहे तो उसेेेे इलाज की सुविधा मिल सके।
]]>विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि बाहर से जो भी व्यक्ति आया है उसके स्वास्थ्य का परीक्षण आवश्यक रूप से हो जाए, इसके लिए जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी स्तर पर नियुक्त चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी जाए कि वह अपने अपने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहर के जिले से आए प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का परीक्षण हो गया है और 14 दिन तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जाए। जो भी व्यक्ति बाहर आता है उसकी सूचना चिकित्सक द्वारा संकलित की जाए और संबंधित क्षेत्र के ब्लॉक सीएमएचओ को आवश्यक रूप से दी जाए ।
कुमार ने गुरुवार को राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले 2 दिनों से नोखा में महाराष्ट्र, चेन्नई और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में प्रवासी आए हैं इन सभी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए और इनको होम क्वॉरेंटाइन में रखने के लिए भी समय-समय पर चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामसेवक, पटवारी और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी भ्रमण कर सुनिश्चित करते रहें कि ये सभी लोग होम क्वॉरेंटाइन में ही है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक सीएमएचओ द्वारा सारी सूचना एकत्रित कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिदिन उपलब्ध करवाई जाए और जिला स्तर पर इस संबंध में पूरी सूचना का संकलन कर तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिले की नोखा और श्रीडूंगरगढ़ के एंट्री पॉइंट पर जो चेक पोस्ट स्थापित किया हुआ है यहां पर आने वाले सभी लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए, साथ ही सभी से होम क्वॉरेंटाइन में रहने का बंध पत्र भी भरवाए जाए।

बाहर से आने वालों के लिए स्टेट क्वॉरेंटाइन की भी व्यवस्था हो
जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन लोगों को होम क्वॉरेंटाइन ना करके स्टेट क्वॉरेंटाइन करना हो उनके लिए स्टेट क्वॉरेंटाइन के लिए कुछ और अतिरिक्त भवनों का चयन किया जाये। भवन की चिन्हिकरण करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वहां कमरे अधिक हो तथा कमरों में हवा और रोशनी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
500 जांचे प्रतिदिन की जाए
जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान में बाहर से आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग इस तरह की कार्य प्रणाली अपनाए, कि प्रतिदिन 500 लोगों का कोराना का परीक्षण हो जाए। बीकानेर मेडिकल कॉलेज में 500 जांच प्रतिदिन हो सकती है और इसकी रिपोर्ट 8 घंटे में आ जाती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा जांचे हों।
समन्वित प्रयासों से जिले को कम्युनिटी स्प्रेड से बचाएं
गौतम ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में बीकानेर अब तक काफी हद तक सफल रहा है। रेड जोन से और ओरेंज जोन में बदलने में संदिग्ध के संपर्क की ट्रेसिंग और संदिग्धों की अधिकाधिक जांच और स्टेट क्वॉरेंटाइन रखे जाने से संक्रमण की रोकथाम में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी स्प्रेड के खतरे से बीकानेर को बचाए रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित प्रयास करने होंगे तभी इस खतरे को कम किया जा सकता है और लोगों को सुरक्षित रखा जा सकता है। गौतम ने कहा कि स्टेट क्वॉरेंटाइन रखे जाने के दौरान लोगों की आधारभूत सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाए, गर्मी के मौसम को देखते हुए जो भी आवश्यक सुविधाएं जरूरी हो उपलब्ध करवाई जाए।
बैठक मैं निदेशक माध्यमिक शिक्षा सौरभ स्वामी, आयुक्त नगर निगम खुशाल यादव, उपखण्ड अधिकारी रिया केजरीवाल, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा सहित में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


क्वॉरेंटाइन में कोई असुविधा तो नहीं हुई
गौतम ने मरीजों से पूछा कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ा। इस पर सभी लोगों ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि उन्हें यहां रहते हुए किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई ।डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनकी सेहत के साथ-साथ हर सुविधा का ध्यान रखा है।
पीबीएम अस्पताल में उपचार के बाद इन मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आने से लेकर अब तक (14 दिन) इन्हें राजकीय क्वॉरेंटाइन में रखा गया था । इसके बाद इनका दोबारा सैंपल लेकर जांच किए जाने के बाद रिपोर्ट नेगेटिव होने पर इन्हें यहां से डिस्चार्ज किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर के साथ प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज डॉ एस एस राठौड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर बी एल मीणा उपस्थित थे। आज जिन 7 लोगों को घर जाने की छुट्टी दी गई है, इनमें से 5 स्थानीय नागरिक हैं जबकि दो लोग राज्य से बाहर के होने के कारण राजकीय क्वॉरेंटाइन में ही रखा गया है। गौरतलब है कि बीकानेर में कोरोना संक्रमण के 37 मामले आए थे जिनमें से एक महिला की मृत्यु हो गई जबकि 36 मरीजों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव हो चुकी है।