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1. 10 जनवरी, सोमवार से हैल्थ केयर वर्कर्स फंटलाईन वर्कर्स, 60 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के सहरूग्णता प्रकार के लाभार्थी व्यक्ति को चिकित्सकीय राय के अध्याधीन, टीके की द्वितीय खुराक के लगी हुई होने के दिवस से 9 माह/39 सप्ताह/273 दिवस के समयावधि व्यतीत होने के उपरांत, प्रीकॉशन / बूस्टर डोज लगाए जाने के जारी निर्देशों की पालना में जिला व्यापी राजकीय चिकित्सा संस्थानों, सामुदायिक भवन आदि में बहुसंख्यक कोविड टीकाकरण सत्रों में उपलब्धता अनुसार पर्याप्त टीकों का आवंटन करते हुए, इस वर्ग में लक्ष्य अनुरूप उच्चतम उपलब्धि का अर्जन किया जाएं।

2. 11 जनवरी, मंगलवार को 15 से 18 वर्ष के आयु के योग्य लाभार्थियों के टीकाकरण को जारी रखते हुए जिले के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के समस्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर समस्त पंजीकृत योग्य विद्यार्थियों के मौका स्थल पर और आम जन के लिए चिकित्सा संस्थान , सामुदायिक भवन , सार्वजनिक स्थल शिविर स्थल पर बहुसंख्यक टीकाकरण सत्र आयोजित कर, इस आयु वर्ग के लिए विशिष्टतः प्राप्त कोवैक्सीन टीके की समस्त खुराकों के उपयोग में लाया जाकर, निर्धारित लक्ष्य के प्रति शत प्रतिशत उपलब्धि के अर्जन के लिए सर्वोच्य स्तर की विभागीय कार्यवाही की जाएं।
3. 12 जनवरी, बुधवार को राज्य स्तर से नवीनतम प्राप्त मोबाईल मेडिकल वाहन एवं एन०जी०ओ० के वाहनों के सम्मिलित पूल को, कोविड टीकाकरण के लिए अधिकृतता प्रदान करते हुए चिकित्सा विभाग के द्वारा पर्याप्त तकनीकी स्टॉफ मुहैया कराया जाकर, जिले में इन वाहनो को खड़ा किया जाकर कोविड टीकाकरण तथा नियमित कोविड सेम्पलिंग सुनिश्चित की जाएं।
4. 13 जनवरी , गुरूवार राज्य सरकार के स्तर से राजकीय चिकित्सा संस्थानों में प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार को नियमित टीकाकरण के आयोजन के निर्देशों के अनुसरण में उक्त टीकाकरण की कार्यवाही संपादन के सह शहर के 9 जोन के प्रत्येक जोनल मुख्यालय अथवा ऐसे शहरी स्थल, जो सुगम पहुंच सघन जनसंख्या, सहज दृश्य के गुणधर्म के हो, का पूर्व चिन्हीकरण एवं पर्याप्त आई०ई०सी० करते हुए, इनमें कोविड टीकाकरण सत्रों का प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक आयोजन सुनिश्चित किया जाएं।
5. 14 व 15 जनवरी, शुक्रवार एवं शनिवार इन दिवसों में चिकित्सा विभाग, नगर निगम, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, पुलिस प्रशासन के अधिकारी, कार्मिक के समन्वय एवं सहयोग कार्यवाही से नगर निगम वार्ड, ग्राम पंचायत क्षेत्र के रहवास बस्तीयों के प्रत्येक घर समूह के समक्ष टीकाकरण दल के द्वारा क्रमिक रूप पहुॅचा जाकर टीकाकरण मौके पर ही किया जाएं। ऐसे टीकाकरण में यह उद्देश्य की पूर्ति होनी चाहिए कि कोई लाभार्थी व्यक्ति यह नहीं कह सके कि उनके निवास बस्ती के समक्ष टीकाकरण दल नहीं पहुॅचा। यहां यह ध्यान रखा जाएं, कि एक नगर निगम वार्ड , ग्राम पंचायत के समस्त बस्ती , घरों तक पहुंचा जाने के उपरांत ही अन्य वार्ड , ग्राम पंचायत क्षेत्र में समान रूप से टीकाकरण कार्यक्रम का प्रारम्भ किया जाएं। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक नगर निगम वार्ड , ग्राम पंचायत में जब तक टीकाकरण की कार्यवाही की पूर्णता नहीं हो जाएं, तब तक इस निर्देशन को 16 जनवरी व इसके उपरांत भी जारी रखा जाए। आदेश के अन्तर्गत 10 जनवरी से प्रारम्भ हो रहे टीकाकरण सप्ताह“ के कार्यक्रम में, उक्तानुसार दिवस वार एवं विशिष्टतः प्रकरण में निरन्तर जारी निर्दिष्ट गतिविधियों के संपादन में चिकित्सा विभाग को पुलिस प्रशासन , नगर निगम प्रशासन , पंचायत राज विभाग , शिक्षा विभाग , निजी क्षेत्र विद्यालय प्रबन्धन व अन्य संबंधित विभाग , संस्था के द्वारा संबंधित सप्ताह दिवसों में उनसे अपेक्षित सहयोग , समन्वय प्रदान किए जाने के निर्देश एतद् दद्वारा जारी किए जाते है।

विनय एक्सप्रेस समाचार,जोधपुर। जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह ने शनिवार को जोधपुर शहर में रेजीडेन्सी अस्पताल, सिंवाची गेट खाण्डा फलसा थाने में व बकरामंडी के कुरैशी स्कूल में चल रहे वैक्सीनेशन कार्य का जायजा लिया।
रेजीडेन्सी अस्पताल में वैक्सीनेशन का जायजा लिया :-

जिला कलक्टर ने रेजीडेन्सी अस्पताल में चल रहे वैक्सीनेशन कार्य का जायजा लिया। उन्होंने वैक्सीनेशन लगवाने आये लोगों से भी बातचीत की और उनसे और अधिक वैक्सीनेशन के प्रशासन द्वारा क्या किया जावे, उसके बारे में भी पूछा। लोगों ने बताया कि कोलोनियों, मौहल्लों में भी वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध कराये तो बेहतर होगा। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत की व जानकारी ली।
अधिक पब्लिक आवाजाही वाली जगहों पर स्टॅाल लगाकर वैक्सीनेशन करें :-
जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा0 बलवंत मण्डा व आर सी एच ओ डा0 कौशल दवे से कहा कि कार, मोटर साईकिल, स्कूल या पैदल चलने व घूमने वाले लोगों की सुविधा के लिए अधिक पब्लिक की आवाजाही वाली जगहों पर स्टॅाल लगाकर वैक्सीनेशन सुविधा उपलब्ध करावे। उन्होंने कहा कि शास्त्रीनगर सर्कल पर कियोस्क लगायी जा सकती है।
उड़ान फाउण्डेशन के पोस्टर का किया विमोचन :-
जिला कलक्टर ने रेजीडेंसी अस्पताल परिसर में उड़ान फाउंडेशन के वरूण धाणदिया द्वारा कोरोना जागरूकता व वैक्सीनेशन के लिए तैयार पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी जोधपुर दक्षिण श्रीमती अपूर्वा परवाल, सीएमएचओ डा0 मण्डा व आरसीएचओ डा0 दवे उपस्थित थे।
अॅाक्सीजन प्लांट का अवलोकन किया :-

जिला कलक्टर ने रेजीडेंसी अस्पताल परिसर में अग्रवाल समाज द्वारा 55 लाख की लागत से स्थापित किए गए अॅाक्सीजन प्लांट का भी अवलोकन किया व पूरी प्रक्रिया व प्लांट की क्षमता के बारे में जानकारी ली व प्लांट का स्टार्ट करवाकर भी देखा।
सिवांचीगेट व बकरामंडी में देखा वैक्सीनेशन कार्य :-
जिला कलक्टर ने सिंवाची गेट पर खाण्डा फलसा थाने में हो रहे वैक्सीनेशन कार्य का अवलोकन किया व वहां आये महिला व पुरूषों से बातचीत की व उनसे कहा कि अपने गली मौहल्लों में और भी लोगों को जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगायी लगाने को प्रेरित करें। उन्होंने प्रोटोकाल आफिसर मंगलाराम पूनिया से उनके जोन के वेक्सीन कार्य के बारे में जानकारी ली। पूनिया ने बताया कि लोग चलाकरक वेक्सीन लगाने आ रहे है। उन्होंने थानाधिकारी सुनील चारण से नाइट कफ्यू व कोरोना गाइड लाईन की पालना के बारे में भी पूछा। थानाधिकारी ने बताया कि रात्रि गश्त करते व रात्रि 10 बजे दुकानें बंद करा दी जाती है व कार्यवाही भी कर रहे है। जिला कलक्टर ने बकरामण्डी स्थित कुरैशी प्राईमरी स्कूल में चल रहे वैक्सीनेशन कार्य का जायजा लिया व कुरैशी समाज के लोगों से बातचीत भी की। कुरैशी समाज के मौजिज लोगों ने जिला कलक्टर को अधिक से अधिक वैक्सीनेशन व कोरोना गाईड लाईन की पालना का विश्वास दिलाया व जिला कलक्टर का साफा पहनाकर स्वागत किया। प्रोटोकाल आफीसर, सीएमएचओ व आरसीएचओ का भी साफा पहनाकर स्वागत किया व प्रशासन द्वारा करवाये जा रहे वैक्सीनेशन कार्य की सराहना की।


जिला कलक्टर श्री नथमल डिडेल ने 3 जनवरी से 15 से 17 वर्ष तक की आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरु किया जा रहा है। इस संबंध में जिला व खण्ड स्तर पर समस्त तैयारियां पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2007 तक जन्में बच्चे, जिनकी उम्र 15 से 17 साल की हो गई हैं, उनका 3 जनवरी 2022 को टीकाकरण किया जाना है। बच्चों केवल कोवैक्सीन ही लगाई जानी है। उन्होंने आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य सामाजिक संस्थानों को निर्देश दिए कि सबसे पहले सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों का ही टीकाकरण किया जाए। आप सभी को बच्चों के कोविड वैक्सीनेशन में सम्पूर्ण सहयोग देना है। इसके लिए सभी कार्मिकों की डयूटी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इस दिन अन्य नागरिकों के लिए कोविड वैक्सीनेशन नहीं रखा जाएगा। जिले में आयोजित हो रहे कोविड वैक्सीनेशन के बारे में कहा कि हनुमानगढ़ जिला कोविड वैक्सीनेशन में बेहतर कार्य कर रहा है। इसके बावजूद कुछ ब्लॉक और बेहतर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने नोहर व रावतसर बीसीएमओ को कोविड वैक्सीनेशन में और अधिक प्रयास करने के लिए आदेशित किया। उन्होंने कहा कि जिन कार्मिकों को कोविड वैक्सीनेशन करवाए को 9 माह हो चुके हैं, उनका टीकाकरण भी 10 जनवरी 2022 से किया जाएगा। इनमें हैल्थ केयर वर्कर्स, फ्रण्टलाइन वर्कर्स,एवं 60 से अधिक आयु के नागरिक, जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित होंगे, वे ही टीकाकरण करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमित बढ़ रहे है, इसलिए सैम्पलिंग पर विशेष ध्यान रखा जाए। चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में कम पैकेज बुक करने वाली सीएचसी अधिक पैकेज बुक करें। इसके लिए जहां भी स्वास्थ्य मार्गदर्शक नहीं है, वहां स्वास्थ्य मार्गदर्शक रखा जाए। टीकाकरण के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ स्वास्थ्य संस्थान पर फोकस करें, तो टीकाकरण 96 प्रतिशत तक किया जाए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना तथा राजश्री योजना मेें जिला बेहतर कार्य कर रहा है।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि 23 जनवरी 2022 से पल्स पोलियो अभियान शुरु हो रहा है। इसके लिए व्यापक तैयारियां शुरु की जाए। पल्स पोलियो संबंधित जानकारी डॉ. अनुरोध तिवाड़ी ने सभी से साझा की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हमारा प्रयास रहना कि हमारे संस्थान पर आए कार्मिक प्रोपर यूनिफार्म में आए। निदेशालय एवं जिला स्तर से आने वाले डाक पर सही तरीके से संधारण हो एवं इसके जवाब भी निश्चित समय पर दिए जाएं। सभी कार्मिक अपने अधीनस्थ आने वाले संस्थानों पर नियमित टूर कर मॉनिटरिंक करें। राष्ट्रीय कार्यक्रमों के कार्यों को प्राथमिकता के अनुसार करें। उन्होंने सभी कार्मिकों को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी। आरसीएचओ डॉ. विक्रमसिंह ने टीकाकरण, पल्स पोलियो तथा कोविड वैक्सीनेशन संबंधी जानकारी दी। एसीएमएचओ डॉ. पवन कुमार ने परिवार कल्याण एवं डिप्टी सीएमएचओ डॉ. रविशंकर शर्मा ने टीबी एवं अन्य कार्यक्रमों की जानकारी दी। डीएनओ सुदेश जांगिड़ ने समस्त कार्यक्रमों, डीएसी संदीश कुमार ने आशा कार्यक्रम एवं अनीश गांधी ने चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में प्रगति रिपोर्ट दी।

श्री गहलोत, राजस्थान सरकार के कला संस्कृति विभाग , राजस्थान संगीत नाटक अकादमी व राजस्थान संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर में आयोजित हो रही पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्यशास्त्र कार्यशाला के समापन सत्र को वर्च्युअल सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि नाटक समाज मे बदलाव व हकीकत सामने लाने का प्रभावी जरिया है ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी सत्यवादी राजा हरिशचंद्र और माता-पिता भक्त श्रवण कुमार के नाटक से काफी प्रभावित हुए और इससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड सहित देश के कलाकारों एवं साहित्यकारों ने राजभाषा हिंदी को लोकप्रिय बनाने में बड़ा योगदान दिया है। आचार्य भरत मुनि ने अपने नाट्यशास्त्र में नाटकों के विभिन्न भेदों और सिद्धांतों की व्यापक व्याख्या की है। उन्होंने कहा कि राजनीति, धर्म, जीवन, समाज और दुनिया से जुड़े नाटक सही मायने में जन कल्याण का माध्यम है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्य के कला संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि नाट्यशास्त्र भारतीय संस्कृति का महान ग्रन्थ है जिसे पंचमवेद भी कहा जाता है और इस ग्रन्थ में जीवन के सभी पक्षों की अवधारणा व कलाओं का विस्तारित विधान उपलब्ध है, जिसे संरक्षित करने की महती आवश्यकता है । कार्यशाला के संयोजक व राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा ने समारोह का संचालन करते हुये मुख्यमंत्री को राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य से अवगत कराया, साथ ही मुख्यमंत्री जी द्वारा समय समय पर प्रदेश में कला व कलाकारों के उत्थान हेतु किये गए प्रयासों का उल्लेख करते उनके प्रति आभार भी ज्ञापित किया । कला संस्कृति की प्रमुख शाशन सचिव गायत्री राठौड़ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के विषय व उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला ।
समारोह को कार्यशाला के निदेशक व संस्कृत मनीषी प्रोफेसर राधा वल्लभ त्रिपाठी ने सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राजस्थान कला संस्कृति की उर्वरा भूमि है यदि यहां भरतमुनि के नाट्यशास्त्र सम्मत रंगशाला का निर्माण किया जाता है तो देश मे एक अभिन्नव कार्य होगा । दिल्ली से आये विषय विज्ञ प्रोफेसर भरत गुप्त ने भी मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उक्त कार्यशाला को एतिहासिक व फलित बताया । इससे पहले कार्यशाला के अंतिम दिन के तीनों सत्रों के मुख्य वक्ता प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी थे, जिन्होंने नाट्यशास्त्र के 18वें, 19वें और 20वें अध्याय के बारे में बताया तथा अभिनय की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला के अंतिम सत्र में उन्होंने कांसेप्ट ऑफ सिद्धि नाट्यशास्त्र के अध्याय 37 के बारे में प्रतिभागियों को सरलता से समझाया। इस अवसर पर सभी प्रति भागियों को प्रमाणपत्र वितरित किये गए और उनकी भावाभिव्यक्ति को भी सुना गया । अंत मे कार्यशाला के संयोजक रमेश बोराणा ने सभी अतिथि विषय विशेषग्यो का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भी प्रदान किये गये । पांच दिवसीय यह वर्कशॉप ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड पर आयोजित हुई, जिसका देश विदेश में लोगों ने लुत्फ उठाया ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से किसानों, नौजवानों, महिलाओं, श्रमिकों के साथ हमारी आस्था को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद से 2017 तक मात्र एक एक्सप्रेसवे बना था। आज छह एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले ही किया है। बलिया लिंक एक्सप्रेसवे, बुंदेलखण्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे, गोरखपुर एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे की नींव रखी जा रही है। लगभग 600 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह आपसी दूरी को ही नहीं कम करेगा, बल्कि दिलों की दूरी को भी कम करेगा। लोगों को जोड़ने का भी काम करेगा। इस एक्सप्रेसवे के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां पहुंचे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्रमिकों के प्रति स्नेह और सम्मान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी में विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें सम्मान दिया। इसके पहले प्रयागराज में कुम्भ के दौरान सफाईकर्मियों का पैर धोकर उन्हें सम्मान दिया। देश में यह पहली बार हुआ जब किसी प्रधानमंत्री ने स्वच्छताकर्मियों का पैर धोया हो। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, जितिन प्रसाद, सांसद अरुण कुमार, संतोष गंगवार, संघमित्र मौर्य, जय प्रकाश रावत, अशोक रावत समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
परियोजना के बारे में
गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा है। यह देश की सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इस परियोजना पर 36 हजार, 230 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सिविल निर्माण पर 19 हजार, 754 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। वहीं भूमि क्रय के लिए नौ हजार, 255 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना का सीधे लाभ मेरठ, हापुड़, बुलंद शहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिले को मिलेगा।
]]>अग्नि प्राइम, एक नई पीढ़ी का उन्नत संस्करण
प्रवक्ता के अनुसार रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज सुबह 10:55 बजे ओडिशा के बालासोर तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल ”अग्नि प्राइम” का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। पूर्वी तट पर स्थित विभिन्न टेलीमेट्री और रडार स्टेशनों ने मिसाइल पर नजर रखी। मिसाइल ने उच्च स्तर की सटीकता के साथ सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। ”अग्नि प्राइम” अग्नि श्रेणी की मिसाइलों का एक नई पीढ़ी का उन्नत संस्करण है। यह एक कनस्तर वाली मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किलोमीटर के बीच है।
अत्याधुनिक तकनीक से विकसित
डीआरडीओ ने पिछले साल सितम्बर और अक्टूबर में छह सप्ताह के भीतर 12 मिसाइलें लॉन्च करके दुनिया को अचंभित कर दिया था। डीआरडीओ ने कोरोना महामारी से पहले पहला परीक्षण 05 मार्च को और दूसरा परीक्षण इसी साल 28 जून को ओडिशा तट के एकीकृत परीक्षण रेंज में किया था। यह मिसाइल तकनीक सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) थी, जो भारत को लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल विकसित करने में मदद करेगी। ”अग्नि प्राइम” को 4000 किलोमीटर की दूरी वाली अग्नि-4 और 5000 किलोमीटर की अग्नि-5 मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीक से विकसित किया गया है।
अग्नि प्राइम’ मिसाइल दो चरणों वाली
अग्नि परियोजना से जुड़े एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि अग्नि-I सिंगल-स्टेज की मिसाइल है जबकि ”अग्नि प्राइम” मिसाइल दो चरणों वाली है। ठोस ईंधन वाली इस मिसाइल को उन्नत रिंग-लेजर गायरोस्कोप पर आधारित जड़त्वीय नेविगेशन सिस्टम के जरिये निर्देशित किया जाएगा। दोनों चरणों में समग्र रॉकेट मोटर्स और मार्गदर्शन प्रणाली इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएटर्स से लैस हैं। डबल-स्टेज अग्नि प्राइम में एक कनस्तर संस्करण होगा, जिससे इसे सड़क और मोबाइल लॉन्चर दोनों से फायर किया जा सकता है। नई प्रौद्योगिकियों के एकीकरण के कारण पिछले संस्करण की तुलना में कम वजन वाली यह मिसाइल मारक क्षमता के मामले में अधिक घातक होगी।
भारत के पास फिलहाल सबसे महत्वाकांक्षी अग्नि शृंखला में पांच मिसाइलें
भारत की पहली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में अग्नि- I का पहला परीक्षण मई 1989 में किया गया था। 700 किलोमीटर से 900 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-I को 2004 में सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था। सफल प्रायोगिक परीक्षणों के बाद अग्नि प्राइम मिसाइल के सशस्त्र बलों में अग्नि-I मिसाइल की जगह लेने की उम्मीद है। भारत के पास फिलहाल सबसे महत्वाकांक्षी अग्नि शृंखला में पांच मिसाइलें हैं।
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