js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170आज की बैठक में जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्रवण कुमार वर्मा ,जिलाध्यक्ष शहर आरिफ मोहम्मद, प्रदेश संगठन मंत्री छोटूराम चौधरी,प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल चौधरी, महामंत्री अमित वशिष्ठ,प्रदीप चौधरी ,नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सम्भाग प्रभारी घनश्याम जांगिड़ आदि पदाधिकारी शामिल हुए ।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल चौधरी ने बताया कि नर्सेज के लम्बित ज्वलन्त मुद्दे जैसे नर्सेज संवर्ग के पदनाम परिवर्तन, समयबद्ध पद्दोन्नति, प्रोत्साहन राशि ,नर्सिंग भते में बढ़ोतरी व हाई रिस्क भते ,संविदा नर्सेज के नियमितीकरण, नर्सेज ड्रेस कोड परिवर्तन, प्राथमिक उपचार का अधिकार सहित अन्य मांगों को लेकर लम्बे समय से आंदोलनरत है परन्तु सरकार की अनदेखी व संवादहीनता, हठधर्मिता से आज दिनाक तक नर्सेज की मांगों का समाधान नही हो पाया जिससे राज्यभर के नर्सेज आक्रोशित है और अब आन्दोलन की ओर अग्रसर हो रहे है ।
जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्रवण कुमार वर्मा व जिलाध्यक्ष शहर आरिफ मोहम्मद ने बताया कि रोगियों की सेवा ही अपने जीवन का उद्देश्य मानने वाले नर्सेज ने इस कोरोना महामारी के दौरान दिन रात अपने जीवन को दांव पर लगाकर रोगियों की सेवा की एवम आज भी कोविड टीकाकरण में अग्रिम पंक्ति पर रहकर राज्यसरकार के आदेशानुसार सुबह 9 बजे से सांय 6 बजे तक कार्य करके टीकाकरण अभियान को सफल बना रहे है पर राज्यसरकार दिन प्रतिदिन नर्सेज की उपेक्षा कर रही एवम नर्सेज संवर्ग की गैरवितीय मांगों को भी नजरअंदाज कर रही है जो अब बर्दाश्त से बाहर है । 5 अप्रैल को सम्भागीय धरने में नर्सेज प्रतिनिधि एकजुट होकर आर पार के आंदोलन का ऐलान करेंगे उसके बाद कोरोना काल मे आमजन को होने वाले परेशानियों के लिए पूर्णतया राज्यसरकार जिम्मेदार होगी ।
सम्भागीय धरने की तैयारियों को लेकर हुई बैठक : 5 अप्रैल को लगाएंगे सम्भाग मुख्यालय पर धरना
विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत के बैनर तले आज राज्यसरकार की अनदेखी व संवादहीनता से खफा होकर बीकानेर जिला मुख्यालय पर सम्भाग प्रभारी आदराम चौधरी की अध्यक्षता नर्सेज प्रतिनिधियो की बैठक हुई जिसमें प्रान्तीय नेतृत्व के आह्वान पर 5 अप्रैल को प्रस्तावित सम्भागीय धरने की तैयारियों पर चर्चा की गई ।
संगठन के सम्भाग प्रभारी आदराम चौधरी ने बताया कि बीकानेर सम्भाग के चारो जिलो से नर्सेज प्रतिनिधि एक दिवसीय सम्भाग स्तरीय धरने में 5 अप्रैल को बीकानेर सम्भाग मुख्यालय पर शामिल होंगे व एकजुटता के साथ लामबद्ध होकर आगामी आंदोलनात्मक चरणों का ऐलान करेंगे । उन्होंने बताया कि आज की बैठक में सम्भागीय धरने की तैयारियों के लिए सम्भाग के चारो जिलों में नर्सेज से सम्पर्क करने हेतु टीमें गठित करके जिलों के दौरों की जिमेदारी दी गयी है ताकि ज्यादा से ज्यादा नर्सेज सम्भागीय धरने में शामिल हो सके ।
आज की बैठक में जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्रवण कुमार वर्मा ,जिलाध्यक्ष शहर आरिफ मोहम्मद, प्रदेश संगठन मंत्री छोटूराम चौधरी,प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल चौधरी, महामंत्री अमित वशिष्ठ,प्रदीप चौधरी ,नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सम्भाग प्रभारी घनश्याम जांगिड़ आदि पदाधिकारी शामिल हुए ।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल चौधरी ने बताया कि नर्सेज के लम्बित ज्वलन्त मुद्दे जैसे नर्सेज संवर्ग के पदनाम परिवर्तन, समयबद्ध पद्दोन्नति, प्रोत्साहन राशि ,नर्सिंग भते में बढ़ोतरी व हाई रिस्क भते ,संविदा नर्सेज के नियमितीकरण, नर्सेज ड्रेस कोड परिवर्तन, प्राथमिक उपचार का अधिकार सहित अन्य मांगों को लेकर लम्बे समय से आंदोलनरत है परन्तु सरकार की अनदेखी व संवादहीनता, हठधर्मिता से आज दिनाक तक नर्सेज की मांगों का समाधान नही हो पाया जिससे राज्यभर के नर्सेज आक्रोशित है और अब आन्दोलन की ओर अग्रसर हो रहे है ।
जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्रवण कुमार वर्मा व जिलाध्यक्ष शहर आरिफ मोहम्मद ने बताया कि रोगियों की सेवा ही अपने जीवन का उद्देश्य मानने वाले नर्सेज ने इस कोरोना महामारी के दौरान दिन रात अपने जीवन को दांव पर लगाकर रोगियों की सेवा की एवम आज भी कोविड टीकाकरण में अग्रिम पंक्ति पर रहकर राज्यसरकार के आदेशानुसार सुबह 9 बजे से सांय 6 बजे तक कार्य करके टीकाकरण अभियान को सफल बना रहे है पर राज्यसरकार दिन प्रतिदिन नर्सेज की उपेक्षा कर रही एवम नर्सेज संवर्ग की गैरवितीय मांगों को भी नजरअंदाज कर रही है जो अब बर्दाश्त से बाहर है । 5 अप्रैल को सम्भागीय धरने में नर्सेज प्रतिनिधि एकजुट होकर आर पार के आंदोलन का ऐलान करेंगे उसके बाद कोरोना काल मे आमजन को होने वाले परेशानियों के लिए पूर्णतया राज्यसरकार जिम्मेदार होगी ।
विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि बाहर से जो भी व्यक्ति आया है उसके स्वास्थ्य का परीक्षण आवश्यक रूप से हो जाए, इसके लिए जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी स्तर पर नियुक्त चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी जाए कि वह अपने अपने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहर के जिले से आए प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का परीक्षण हो गया है और 14 दिन तक उसके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जाए। जो भी व्यक्ति बाहर आता है उसकी सूचना चिकित्सक द्वारा संकलित की जाए और संबंधित क्षेत्र के ब्लॉक सीएमएचओ को आवश्यक रूप से दी जाए ।
कुमार ने गुरुवार को राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले 2 दिनों से नोखा में महाराष्ट्र, चेन्नई और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में प्रवासी आए हैं इन सभी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए और इनको होम क्वॉरेंटाइन में रखने के लिए भी समय-समय पर चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामसेवक, पटवारी और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी भ्रमण कर सुनिश्चित करते रहें कि ये सभी लोग होम क्वॉरेंटाइन में ही है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक सीएमएचओ द्वारा सारी सूचना एकत्रित कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिदिन उपलब्ध करवाई जाए और जिला स्तर पर इस संबंध में पूरी सूचना का संकलन कर तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिले की नोखा और श्रीडूंगरगढ़ के एंट्री पॉइंट पर जो चेक पोस्ट स्थापित किया हुआ है यहां पर आने वाले सभी लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए, साथ ही सभी से होम क्वॉरेंटाइन में रहने का बंध पत्र भी भरवाए जाए।

बाहर से आने वालों के लिए स्टेट क्वॉरेंटाइन की भी व्यवस्था हो
जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन लोगों को होम क्वॉरेंटाइन ना करके स्टेट क्वॉरेंटाइन करना हो उनके लिए स्टेट क्वॉरेंटाइन के लिए कुछ और अतिरिक्त भवनों का चयन किया जाये। भवन की चिन्हिकरण करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वहां कमरे अधिक हो तथा कमरों में हवा और रोशनी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
500 जांचे प्रतिदिन की जाए
जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान में बाहर से आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग इस तरह की कार्य प्रणाली अपनाए, कि प्रतिदिन 500 लोगों का कोराना का परीक्षण हो जाए। बीकानेर मेडिकल कॉलेज में 500 जांच प्रतिदिन हो सकती है और इसकी रिपोर्ट 8 घंटे में आ जाती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा जांचे हों।
समन्वित प्रयासों से जिले को कम्युनिटी स्प्रेड से बचाएं
गौतम ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में बीकानेर अब तक काफी हद तक सफल रहा है। रेड जोन से और ओरेंज जोन में बदलने में संदिग्ध के संपर्क की ट्रेसिंग और संदिग्धों की अधिकाधिक जांच और स्टेट क्वॉरेंटाइन रखे जाने से संक्रमण की रोकथाम में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी स्प्रेड के खतरे से बीकानेर को बचाए रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित प्रयास करने होंगे तभी इस खतरे को कम किया जा सकता है और लोगों को सुरक्षित रखा जा सकता है। गौतम ने कहा कि स्टेट क्वॉरेंटाइन रखे जाने के दौरान लोगों की आधारभूत सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाए, गर्मी के मौसम को देखते हुए जो भी आवश्यक सुविधाएं जरूरी हो उपलब्ध करवाई जाए।
बैठक मैं निदेशक माध्यमिक शिक्षा सौरभ स्वामी, आयुक्त नगर निगम खुशाल यादव, उपखण्ड अधिकारी रिया केजरीवाल, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा सहित में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।