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आज के समय हम दो, हमारे दो तक सीमित होते परिवार अंततः एकाकीपन और तनावग्रस्त होते जा रहे हैं। संयुक्त परिवार में जहां बच्चों पर ताऊ- ताई, दादा- दादी ,काका -काकी व भाई- बहनों का हर कार्य में आपसी संवाद बना रहता था।आज वह एकल परिवारों में देखने को नहीं मिल रहा है इस अर्थ युग में जहां माता-पिता दोनों अर्थ अर्जन के कार्य में लगे हैं वहां बच्चों पर ध्यान और ममतामयी दुलार जिसे पाकर बच्चे भावी जीवन में सफल हो ऐसे गुणों से कोसों दूर होते जा रहे हैं।अक्सर माता पिता और उनके छोटे से परिवार में भी आपसी संवाद का ना होना परिवार विघटन का कारण बन रहे हैं यथा आत्महत्या ,घर छोड़ कर जाना, अपने विचारों को थोपने का प्रयास वर्तमान में अधिकांश परिवारों में ये देखने को मिल रहा है।

“गांव की बहू” और “गांव की बेटी “जैसे शब्द तो अब कहानियों में ही बचे हैं ।संभव हो तो संयुक्त परिवार में रहना सीखो अगर ऐसा संभव ना हो तो एकल परिवार में भी अपने सभी परिवारिक सदस्यों को समय दीजिए । अर्थ अर्जन के चक्कर में हम अगर अपने परिवार को ही समय ना दे पाए तो यही अर्थ हमारे लिए अनर्थ बन जाएगा । अंतः अपने पारिवारिक रिश्तो में आ रही दरारों में समय और संवाद नाम की ईंट लगाकर पारिवारिक भवन को मजबूत बनाएं ।
अगर हम अपने परिवार को समय और संवाद दे पाए तो फिर घर में आई चिंता एक की ना होकर पूरे परिवार की चिंता बन जाती हैं और आपसी सहयोग से उस चिंता को सरलता से दूर भी कर सकते हैं।
]]>आज परिवार तेरी जान है ,परिवार के बिना तो पूरा बेजान है ।जी ले हर लम्हा खुशी से उनके साथ, क्योंकि परिवार ही तेरी शान है
–राजेंद्र आचार्य :अध्यापक ,खाजूवाला बीकानेर

राजस्थान महामारी अध्यादेश-2020 लागूरू राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजस्थान महामारी अध्यादेश, 2020 पर एक मई को हस्ताक्षर किया, जिसमें महामारी को रोकने के लिए सख्त कानूनी सजा का प्रावधान है.
कानून के उल्लंघन पर दस हजार रुपए तक जुर्माना या दो साल की सजा तक हो सकेगी
एक आदेश के तहत अब पुलिस के एएसआई व इससे वरिष्ठ अधिकारियों को जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया गया है।
अब पुलिस स्वप्रेरणा से अपराध दर्ज कर सकेगी।
धारा 3 के तहत इस कानून के तहत राज्य सरकार के साथ ही जिला कलेक्टरों को कई शक्तियां दी गई है.
धारा 4 के तहत महामारी का उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूला जाएगा.
सार्वजनिक या कार्यस्थल पर फेस मास्क व फेस कवर नहीं पहनने वाले व्यक्ति पर =200 रुपए
किसी दुकानदार की ओर से बिना मास्क व फेस कवर किए ग्राहक को सामान देने पर =500 रुपए,
सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 200 रुपए,
शराब पीते पाए जाने पर =500 रुपए,
तंबाकू उत्पाद बेचते पाए जाने पर 1000 रुपए का जुर्माना वसूल किया जाएगा।
सार्वजनिक स्थान पर न्यूनतम 6 फीट की दूरी नहीं रखने पर 100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
उपखंड मजिस्ट्रेट को लिखित में पूर्व सूचना दिए बिना विवाह या अन्य आयोजन पर 5000 रुपए जुर्माना, विवाह समारोह में 50 से अधिक व्यक्ति होने पर 10000 रुपए जुर्माना लगेगा.
धारा-4 की उपधारा 2 के अनुसार= किसी भी प्रथा या कृत्य के तहत भीड़ एकत्र होने से रोकने, व्यक्ति को क्वॉरंटीन करने, क्वॉरंटीन सेंटर बनाने, निरीक्षण, राज्य की सीमाओं को सील करने, लोक परिवहन के वाहनों को नियमित करने, सामाजिक दूरी बनाने, धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ एकत्र करने से रोकने, सरकारी एवं निजी कार्यस्थल पर काम करने वालों को प्रतिबंधित करना, दुकानों एवं व्यावसायिक कार्यालयों को खोलने व बंद करने, आवश्यक सेवाओं में मीडिया व स्वास्थ्य सहित अन्य को लेकर इसमें कार्रवाई की जा सकेगी..
नए अध्यादेश के जरिए हवाई, रेल, सड़क या किसी अन्य माध्यम से राज्य में आने वाले व्यक्तियों का निरीक्षण, किसी भी ऐसी बीमारी से संक्रमित होने के संदेह वाले लोगों के घर का अधिकृत अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करने का भी अधिकार दिया गया है।
धारा 5 अपराधों के लिए दण्ड.-=अब कानून तोड़ने पर 10,000ध्- (दस हजार रुपए)तक जुर्माना या दो साल की सजा का प्रावधान किया गया है द्य
कानून का उल्लघंन करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना, दो साल की सजा या फिर दोनों का प्रावधान है.
धारा 6= अपराधों के दुष्प्रेरण के लिए दण्ड.- कोई इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध का दषुप्रेरण
करता है उसी रीति दंड से दंडित किया जाएगा मानो कि वह अपराध उसने स्वयं कारित किया हो द्य
धारा 8 = अपराधों का सांज्ञेय और जमानतीय होना. .
इस कानून के तहत राज्य सरकार के साथ ही जिला कलेक्टर को कई शक्तियां दी गई है.
अध्यादेश आने के साथ ही इसके साथ ही राजस्थान संक्रामक रोग अधिनियम, 1957 समाप्त हो गया.- हालांकि पुराने कानून के तहत की गई कार्रवाइयां-बातें नए कानून में शामिल हो जाएगी