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विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। जिला कलक्टर (भू.अ.) डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकाॅर्ड माॅर्डनाईजेशन कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्व रिकाॅर्ड को आॅनलाइन किया जा रहा है। डाॅ. सोनी ने बताया कि ऑनलाइन तहसीलों में आम काश्तकार घर बैठे जमाबंदी, खेतो के नक्शें एवं गिरदावरी नकल ऑनलाइन प्राप्त कर सकते है। इसमें काश्तकार द्वारा प्रस्तुत ई-साईन राजस्व रिकाॅर्ड किसी भी कार्यालयध्न्यायालय में मान्य होंगे।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन तहसीलों में पटवारी से राजस्व रिकाॅर्ड प्रस्तुत करने हेतु ई-साईन युक्त राजस्व रिकाॅर्ड निर्धारित शुल्क के साथ अपना खाता वेबसाइट apnakhata.raj.nic.in पर या धरा ऐप्प से स्वयं या ई-मित्र से प्राप्त कर सकते है तथा केवल देखने के लिए बिना किसी शुल्क देख सकते है। ऑनलाइन तहसीलों में नामांतरकरण भी ऑनलाइन ही दर्ज हो रहे है। जिसके अंतर्गत काश्तकार अपना खाता वेबसाईट पर नामांतरकरण के लिए ऑनलाईन आवेदन भी कर सकते है।

साथ ही पंजीयन दस्तावेज पटवारी को उपलब्ध करवाने की आवश्यकता नहीं रहती। जैसे ही पंजीयन कार्यालय में किसी कृषि भूमि का पंजीयन होता है, स्वतः ही नामांतरकरण दर्ज हो जाता है। इस संबंध में डाॅ. सोनी ने बताया कि आमजन अपने क्षेत्र में ऑनलाइन सेवाओं को अधिक से अधिक उपयोग में लेकर इसका लाभ प्राप्त कर सकते है।




विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट में भारत निर्माण राजीव सेवा केंद्र सभागार में जिला जनअभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें रखे गए 17 प्रकरणों में 1 प्रकरण में निराधार शिकायत पाये जाने पर इस पर विचार नहीं किया गया तथा शेष अन्य प्रकरणों पर विचारोपरांत संबंधित अधिकारियों को जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने उपखण्ड़ अधिकारी मकराना एवं खनिज अभियंता मकराना से संबंधित प्रकरण श्रीमती मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय किशन द्वारा आवाप्त की गई कृषि भूमि का मुआवजा भुगतान नहीं मिलने के प्रकरण में अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लाभार्थी को भुगतान करा दिए जाने के लिए इन अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रशंसा की गई।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नागौर के 2 प्रकरण जो हरसौल तहसील डेगाना के तेजकरण व कैलाशचन्द्र पुत्र स्व. औकारलाल सोनी के प्रधानमंत्री आवास योजना (बीपीएल परिवार) में भूखण्ड़ आबादी क्षेत्र में दिए जाने का निर्णय लिया गया और इस परिवार को आगामी बैठक से पूर्व लाभान्वित कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से संबंधित 1 प्रकरण रामावि मांझवास का परिक्षा परिणाम खराब होने के लिए सामने आया जिस पर जिला कलक्टर ने शिक्षा अधिकारी को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में नागौर शहर के देहली गेट स्थित आराजी वक्फ सम्पति से संबंधित कार्यवाही की शिकायत निराधार पाये जाने पर इस प्रकरण को बंद करने का निर्णय लिया गया। बैठक में डेगाना तहसील से संबंधित 1 प्रकरण कोर्ट में लंबित होने के कारण विचार नहीं किया जा सका।

इस बैठक में उपखण्ड़ अधिकारी जायल, नावां, मेड़ता, मकराना, डीडवाना एवं तहसीलदार खींवसर व डेगाना, साथ ही कोषाधिकारी व उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त जिला परियोजना समंवयक, विकास अधिकारी पंचायत समिति लाडनूं व मकराना से संबंधित प्रकरण विचार विमर्श के लिए प्रस्तुत किए गए।
इस बैैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जवाहर चौधरी, सहायक जिला कलक्टर रामजस विश्नोई, सीएमएचओ मेहराम महिया, नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी, सहायक निदेशक समाज कल्याण रामदयाल, शिक्षा विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





विनय एक्सप्रेस समाचार, नागौर। पशुपालन विभाग की शासन सचिव डाॅ. आरूषी मलिक ने कहा कि पशुपालन परम्पराएं सदियों से चली आ रही है और ये परम्पराएं लुप्त न हो जाए, इसके लिए पशु मेलों को बढावा दें ताकि पशुपालकों का जुडाव निरन्तर बना रहे, इसका भरसक प्रयास राज्य स्तर पर किया जायेगा। शासन सचिव डाॅ. मलिक शनिवार को श्रीरामदेव पशु मेले के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रही थीं।
डाॅ. आरूषी मलिक ने कहा कि मेले हमारी पुरातन लोक संस्कृति के द्योतक हैं, इनका आयोजन नई पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेलों में नागौर को विशेष पहचान दिलाने वाले श्रीरामदेव पशु मेले के आयोजन को लेकर संभावनाएं कम थीं लेकिन यहां के जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी और टीम नागौर के प्रयासों और पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए मेले के आयोजन का निर्णय लिया गया। शासन सचिव, पशुपालन विभाग ने कहा कि मेले के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग, बधाई के पात्र हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को इस बात के लिए साधुवाद दिया कि उन्होंने अल्प समय में इस मेले के आयोजन की सूचना के बाद जिस प्रकार से मेले को बेहतर और अच्छी व्यवस्थाऐं बनाने में जिस प्रकार योगदान दिया वे सराहनीय रही ।

शासन सचिव डाॅ. आरूषी मलिक ने अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर श्री रामदेव पशु मेले की 211 बीघा भूमि को विकसित करने का आश्वासन दिया गया और कहा कि मेला मैदान को संरक्षित कर इसमें पशुपालकों को मेले के दौरान बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि श्रीरामदेव पशु मेले में जिस तरह से पशुपालकों का जिला स्तर का कार्यक्रम रखा गया है, उसी तरह राज्य स्तर पर भी पशुपालकों के सम्मान का कार्यक्रम रखा जाएगा।

डाॅ. आरूषी मलिक ने राज्य पशु ऊंट की घटती संख्या पर चिंता जताई और कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए उष्ट्र कल्याण एवं समस्या समाधान शिविर जगाये जाएंगे, जिसमें पशुपालक उष्ट्र वंश की वृद्धि के लिए आ रही समस्याओं से निजात पा सके। उन्होनें 1 फरवरी से पूरे राज्य भर में ढाई हजार से अधिक पशु शिविरों का आयोजन करने की जानकारी दी जिसमें सैकड़ों पालको को लाभान्वित किया गया।
राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए शासन सचिव डाॅ. मलिक ने बताया कि दुग्ध संकलन के लिए अधिक से अधिक सेंटरों की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए किसान और पशुपालक अपने सुझाव देकर अपने यहां दुग्ध संकलन केन्द्र खोलने के प्रस्ताव भी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिला स्तर पशुपालकों का ग्रुप विकसित करेंगे और उस पर आने वाली प्रत्येक समस्या का समाधान करने का भरसक प्रयास किया जायेगा।
कार्यक्रम में पदमश्री हिम्मताराम भांभू ने मुख्य अतिथि डाॅ. आरूषि मलिक और कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी दोनांे का आभार जताया और कहा कि कोरोना काल में इस वर्ष श्रीरामदेव पशु मेले का आयोजन कठिन था लेकिन प्रशासन के समय रहते किए गए अथक प्रयासों से इस मेले का आयोजन सम्भव हो पाया। उन्होनें पशुपालन के महत्व व गाय की उपयोगिता की जानकारी दी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार ने कहा कि श्रीरामदेव पशु मेले के आयोजन की सफलता में पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों के प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पशुपालन वर्तमान में एक बार फिर से प्रासंगिक हो रहा है, युवाओं को इस संबंध में संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।

श्रीरामदेव पशु मेला में शनिवार को आयोजित पारितोषिक वितरण समारोह में शासन सचिव, पशुपालन डाॅ. आरूषी मलिक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद जवाहर चौधरी व अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार तथा पदमश्री हिम्मताराम भांभू ने पशुओं से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं से श्रेष्ठ आए पशुपालकों को नगद एवं प्रशंसा पत्र के साथ समृति चिह्न देकर भी सम्मानित किया। इस अवसर उन्होनें गौ सेवा क्षेत्र में उन्होंने नन्द किशोर ओझा, सुखराम सोलंकी(नन्दीशाला में योगदान), मंशाराम देवासी, भंवरलाल सारण बाजोली, रामनिवास खदाव, बाबुसिंह राजपूत, गणपत लाल सोनी खींवसर, कचरूराम गोदारा, अर्जुनराम मेघवाल, पेमाराम कड़वा, उमाराम भाबूं, हुक्माराम खड़काली, सुखराम, कु. पूजा विश्नोई पुत्री रामरतन विश्नोई श्रीबालाजी, मानाराम जाखड़, हरकरण बेडा जायल, नरेश सैन पशु-पक्षी प्रेमी, बलदेव सांखला, भींयाराम जावला, ओमाराम सांगवा साडोकन व शिव करण डेलू का प्रशंसा-पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मेला रिपोर्ट का पठन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री जगदीश प्रसाद बरवड़ ने किया। कार्यक्रम में मेले में सुव्यवस्था बनाने एवं विभिन्न आयोजनों में पशुपालन विभाग के अधिकारीयों व कर्मचारियों, मेलें में पशुपालकों को राज्य गतिविधियों की जानकारी के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के लिए उनके कार्मिक मितेश सोनी व मुनिराम को प्रशस्ति-पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. मनोज बरवड़(जयपुर), उपनिदेशक पशुपालन डाॅ. जयपाल सिंह , पशु चिकित्सक डाॅ. शौकत अली, वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुरेन्द्र चौधरी को भी सम्मानित किया गया। समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, नागौर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सैन, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सुशील छाबड़ा, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. गुलजार सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी व कार्मिक मौजूद रहे।
पशुपालन विभाग की शासन सचिव डाॅ. आरूषी मलिक शनिवार को श्रीरामदेव पशु मेला के पारितोषिक वितरण समारोह में शिरकत करने के बाद मानासर स्थित श्रीनाथुराम मिर्धा ग्रामोथान चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से संचालित छात्रावास में गईं। यहां डाॅ. मलिक ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी लक्ष्य बनाकर करने तथा प्रतिदिन डायरी मैंटेन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं, उनसे गाइडेंस लें। डाॅ. आरूषी मलिक ने यहां छात्रावास में पुस्तकालय विकसित करने का सुझाव दिया तथा छात्रावास में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पांच जरूरतमंद बच्चों की सहायता अपने स्तर पर करने की घोषणा भी की। यहां विद्यार्थियों को अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, पद्मश्री हिम्मताराम भांभू, उपखण्ड अधिकारी अमित चैधरी व बलदेवराम मिर्धा राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एस.एल. जाखड़ ने भी विचार व्यक्त किए।

पशुपालन विभाग की शासन सचिव डाॅ. आरूषी मलिक ने खरनाल में निर्माणधीन वीर तेजाजी महाराज पैनोरमा को देखा और यहां पर अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार व अन्य जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ पौधरोपण भी किया। इसके बाद डाॅ. मलिक ने खरनाल गांव में स्थित वीर तेजाजी महाराज के मंदिर भी दर्शन किए और धोक लगाई। उनके साथ उपखण्ड अधिकारी अमित चौधरी भी मौजूद रहे।


आंगनबाड़ी मानदेय कर्मियों के जरिए टीकाकरण पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा शाला पूर्व शिक्षा देने के साथ-साथ बाल विवाह मृत्यु भोज लिंग भेद इत्यादि कुरीतियों के प्रति लोगों में चेतना पैदा की जाती है इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी दुर्गा सिंह उदावत द्वारा राष्ट्रीय पोषण अभियान एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अब तक की प्रगति को पीपीटी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया इस अवसर पर महिला अधिकारिता की ओर से प्रचेता उर्मिला भाकर व महिला एवं बाल विकास विभाग नागौर की समस्त महिला पर्यवेक्षक उपस्थित रहे पीपीटी का प्रदर्शन राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत ब्लॉक समन्वयक के पद पर कार्यरत उमेश सेन द्वारा किया गया



विनयएक्सप्रेस समाचार नागौर। राज्य के भरतपुर और भीलवाड़ा जिलों में घटित अवैध शराब दुखान्तिका को लेकर राज्य सरकार ने अवैध शराब के कारोबार पर कठोरता से अंकुश लगाने संबंधी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसे लेकर राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य के निर्देशों की अनुपालना में जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक बुलाई गई।
बैठक में जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी व पुलिस अधीक्षक श्वेता धनकड़ ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन विक्रय पर अंकुश लगाने तथा आरोपियों की धरपकड़ करने व उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विचार-मंथन कर आगामी कार्ययोजना बनाई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सम्पतराम को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में समयबद्ध कार्यक्रम रखते हुए विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों का प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता आर.बी.सिंह को निर्देश दिए कि फील्ड स्टाफ के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले में कहीं पर भी बिजली कनेक्शन का उपयेाग ग अवैध रूप से शराब का निर्माण करने, शराब की भट्टी चलाने अथवा शराब निर्माण संबंधी अन्य गतिविधियों में नहीं हो। यदि ऐसा होना पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित पुलिस व आबकारी थाना को देवें।
जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मेहराम महिया व जेएलएन राजकीय अस्पताल के पीएमओ डाॅ. शंकरलाल को निर्देश दिए कि जिला मुख्यालय पर स्थित चिकित्सालयों तथा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मेथेनाॅल एण्टीडाॅट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। जिले में लाइसेंस युक्त मोलासिस इकाईयों की जांच आबकारी व पुलिस विभाग के सहयोग से की जाए तथा यदि कहीं पर मोलासिस का दुरूपयोग करना पाया जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावे।
जिला उद्योग अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले में सभी औद्योगिक इकाईयों की जांच की जाकर यह सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी इकाई द्वारा बिना वैद्य अनुज्ञापत्र के मेथेनाॅल आधारित उत्पाद (पेन्ट, वाॅर्निश, हेण्ड सेनेटाइजर, प्लास्टिक सामान इत्यादि) का निर्माण नहीं किया जाए। यदि किसी इकाई द्वारा अवैध रूप से मेथेनाॅल का उपयोग करना पाया जाएं तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जावें। सभी औद्योगिक इकाईयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट निर्धारित समय पर प्रस्तुत की जाए। डाॅ. सोनी ने उप निदेशक अभियोजन कार्यालय के प्रतिनिधि अधिकारी से कहा कि जिले के सभी न्यायालयों में कार्यरत सहायक लोक अभियोजकों को अवैध शराब निर्माण तथा स्प्रिट निर्मित अवैध शराब के प्रकरणों में ठोस पैरवी करने हेतु निर्देशित किया जाए। बैठक में मौजूद जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के निरीक्षक को निर्देश दिए गए कि जिले के किसी टेंकर मालिक अथवा ड्राईवर को मिथाइल एल्कोहल के परिवहन बाबत अनुज्ञापत्र जारी किया गया हो तो उसकी जांच कर यह सुनिश्चित किया जावे कि इनके द्वारा अनुज्ञप्ति का उल्लघंन नहीं किया जावे। अवैध मदिरा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाले वाहनों को चिन्हित करने में आबकारी व पुलिस विभाग की मदद करें।
डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि पुलिस एवं आबकारी विभाग का निरोधक दल संयुक्त रूप से मुस्तैदी के साथ जिले में उपलब्ध जाब्ता का समुचित उपयोग अवैध शराब के निर्माण व बिक्री को रोकने की कार्रवाई करें। थाना स्तर पर आयोजित होने वाली सी.एल.जी. बैठकों में अवैध शराब निर्माण की प्रभावी रोकथाम को स्थायी एजेन्डा में शामिल किया जाए। पुलिस व आबकारी विभाग में संधारित होने वाली बीट बुक में कामिकों द्वारा अवैध शराब निर्माण व बिक्री की रोकथाम हेतु की गई सम्पूर्ण कार्यवाही का विवरण अंकित कराया जाए।
पुलिस अधीक्षक श्वेता धनकड़ ने निर्देश दिए कि राजमार्गों पर स्थित होटल-ढाबों की निरंतर जांच कर यह सुनिश्चित किया जावे कि इन ढाबों द्वारा मिथाइल एल्कोहल परिवहन करने वाले टेंकरों से मिथाइल एल्कोहल प्राप्त कर उससे शराब बनाकर नहीं बेची जावे। ढाबों पर जहरीली शराब बेचना पाये जाने पर ढाबा मालिकों पर कठोर कार्यवाही की जाए। साथ ही जिले में दैनिक मजदूरों के प्रवाह वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। अवैध शराब के धंधे में लिप्त आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाए। सभी आबकारी निरीक्षक व पुलिस थानाधिकारी निरंतर क्षेत्र के उपखंड अधिकारी, पुलिस वृताधिकारी, तहसीलदारों के सम्पर्क में रहकर आपसी सामंजस्य से अवैध शराब की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में अवैध शराब निर्माण के चिन्हित किये गये गांवों (सी श्रेणी गांव) की सूची आबकारी विभाग व पुलिस विभाग आपस में साझा करें। इन गांवों की सूची क्षेत्र के उपखंड अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जावे। सूची में अंकित गांवो में विषेष निगरानी व धावों का कार्यक्रम रखा जावें।
जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बैठक में निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित मुखबिर प्रोत्साहन योजना का अधिकाधिक प्रचार किया जावे। जिले में मुखबिरी तंत्र मजबूत किया जावे तथा प्रभावी मुखबिरी देने वाले व्यक्तियों को उनके नाम गोपनीय रखते हुए उन्हें नियमानुसार प्रोत्साहन राषि दिये जाने के प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाएं। राजस्व, आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों की ब्लाॅक स्तर पर नियमित बैठकों का आयोजन किया जाएं तथा सूचनाएं साझा कर अवैध निर्माण की गतिविधियों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही की जाएं। इस कार्रवाई का भी समाचार पत्रों व इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए।
नवजीवन योजना में चयनित परिवारों को मनरेगा में दें रोजगार
जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बैठक में निर्देश दिए कि पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के निर्माण में लिप्त परिवारों की सूची समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जवाहर चैधरी को निर्देश दिए कि आबकारी विभाग से अवैध शराब निर्माण वाले सी श्रेणी के गांवो की सूची प्राप्त कर इन गांवो में समाज कल्याण विभाग द्वारा नवजीवन योजना के अंतर्गत चयनित परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मनरेगा योजना में रोजगार उपलब्ध करवाया जावे। समस्त ग्राम विकास अधिकारियों एवं पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखने, अवैध निर्माण की सूचना एकत्रित करने तथा उसे पुलिस व आबकारी विभाग के साथ साझा करने का निर्देश दिया जाए।
डाॅ. सोनी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामदयाल मांझु को निर्देश दिए कि नवजीवन योजना में पूर्व सर्वे में चयनित परिवारों को नवजीवन योजना के अंतर्गत निर्धारित विभिन्न परिलाभ ( स्थायी संरचना निर्माण, कौषल प्रशिक्षण, शिक्षण व्यवस्था) उपलब्ध कराया जावे। आबकारी व पुलिस विभाग से अवैध शराब के धंधे में लिप्त चयनित जातियों के व्यक्तियों तथा परिवारों की नवीनतम सूची प्राप्त कर सर्वे से शेष रहे परिवारों को भी सूची में शामिल किया जावे। मद्यसंयम नीति के प्रचार-प्रसार हेतु तथा नशा मुक्त भारत अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। हस्ताक्षर अभियान सहित विभिन्न तरह की जागरूकता गतिविधियां आयेाजित की जाए।

विनयएक्सप्रेस समाचार, नागौर। जो देश की आजादी के लड़े, उन महान सैनानियों के नाम आने वाली पीढ़ी के दिलो-दिमाग में रहे, इसके लिए जरूरी है, हम कुछ ठोस कदम उठाएं। स्वतंत्रता सैनानियों के योगदान को अविस्मरणीय बनाने के लिए जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने यह बात कहते हुए एक और नई पहल करने का निर्णय किया है।
जिला कलक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सरकारी विद्यालयों के पुस्तकालयों के साथ-साथ अब नागौर जिला मुख्यालय सहित, मूंडवा, मेड़ता, डेगाना, परबतसर, मकराना, नावां, कुचामन सिटी, लाडनूं, डीडवाना शहर के प्रमुख मार्गों, तिराहे और चैराहों का नामकरण स्वतंत्रता सैनानियों के नाम पर करने की पहल की है। उन्होंने इसे लेकर नागौर परिषद व मकराना नगर परिषद के आयुक्त सहित जिले की सभी नगरपालिका के अधिशासी अधिकारियों को इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए।
जिला कलक्टर ने कहा कि नगर परिषद आयुक्त सहित सभी अधिशासी अधिकारी अपने-अपने शहरी क्षेत्र सहित आसपास के निकटवर्ती गांवों से जुड़े स्वतंत्रता सैनानी का पता लगाएं और देश की आजादी के लिए उनकी सेवाओं को नमन करते हुए मार्ग, तिराहे अथवा चैराहे का सौन्दर्यकरण करवाकर नामकरण करें। इसे लेकर वहां शिलापट्ट भी लगाया जाए, जिसका लोकार्पण 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता सैनानियों के परिवार जनों से करवाया जाए।
डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नगर परिषद आयुक्त सहित सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना की लड़ाई में फ्रंट पर रहकर काम कर रहे हैं जो काबिलेतारीफ हैं। शहरी क्षेत्रों में कोरोना की गाइडलाइन की अवहेलना करने जैसे माॅस्क नहीं पहनने, सोशियल डिस्टेटिंग का पालन नहीं करने तथा सार्वजनिक स्थान पर थूकने वालों का चालान काटे। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त व अधिशासी अधिकारी को प्रतिदिन कोविड-19 की रोकथाम संबंधी गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों कम से कम दस लोगों का चालान काटने के निर्देश दिए.

जिला कलक्टर ने कहा कि नागौर व मकराना शहर सहित जिले के सभी नगर पालिका क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम सुधारें। शहरी क्षेत्र साफ-सुथरे हों। मानसून को देखते हुए नालों की सफाई पूरी तरीके से करवा लें। आयुक्त व अधिशासी अधिकारी अपने-अपने शहरों को अलग-अलग जोन में बांटे और सफाई व्यवस्था का रैन्डमली आकस्मिक निरीक्षण करें। शहरी क्षेत्रों में कचरा संग्रहण व्यवस्था भी सुचारू रूप से रहे। कहीं भी कचरा एकत्रित हुआ न मिले, इसकी पूरी माॅनिटरिंग की जाए।
डाॅ. सोनी ने नगर परिषद आयुक्त व नगरपालिका के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक पार्क को विकसित करें, जिसमें भ्रमण पथ, चिल्ड्रन पार्क ब्लाॅक, ओपन जिम, टिक-टेक फाइल तथा छायादार वृक्ष तथा दूब हो।
जिला कलक्टर ने परिषद आयुक्त व पालिका अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरी विकास टैक्स वसूलकर स्थानीय निकाय संस्थाओं की आय बढ़ाएं। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में हो रखे अतिक्रमणों को चिन्हित कर कार्रवाई करने तथा उपखण्ड अधिकारी सहित पुलिस प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर डाॅ. सोनी ने नगर परिषद व नगर पालिका प्रशासन खाली पड़ी अपनी सम्पतियों की तारबंदी करवाने, जीपीएस लोकेशन तैयार करने तथा इससे संबंधित दस्तावेजों की पूरी फाइल अपडेट रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर परिषद सहित सभी नगरपालिका क्षेत्रों में पार्षदों की मदद से जरूरतमंद व पात्र परिवारों को पालनहार योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला कलक्टर ने नागौर जिला मुख्यालय पर राजकीय माडी बाई कन्या महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल बनवाने में सहयोग करने सहित जिले की सभी सरकारी कन्या महाविद्यालय व विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय दानदाताओं के सहयोग से बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद व नगरपालिका कार्यालयों में कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए कर्मचारी कल्याण शिविर लगाने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने परिषद आयुक्त व पालिका के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थान जो खाली हैं, वहां साफ-सफाई रहें और पींपल, बरगद व नीम आदि वृक्षों के पौध्ेा लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें। बैठक में नगर परिषद आयुक्त जोधाराम बिश्नोई सहित मकराना नगर परिषद, सहित जिले की समस्त पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी मौजूद थे।