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थम्ब पूजन में मक्खन लाल व्यास, वल्लभ व्यास, श्रीकांत व्यास, कानू लाल व्यास, उमेश व्यास, शिव शंकर व्यास , विष्णु कांत व्यास, गिरधारी व्यास, सोनाराम व्यास राजकुमार व्यास, अजय कुमार पुरोहित, गिरिराज चुरा , दर्शील व्यास, केशव व्यास , तेजू, द्वारका दास व्यास , गोविंद आदि उपस्थित रहें।

मार्केटिंग कौशल, उत्पाद स्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति व उपभोक्ता व्यवहार को आभासी से वास्तविक तौर पर समझने के लिए अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के एमबीए प्रथम के वर्ष के छात्रों ने “मार्केटिंग सिमुलेशन” नवाचार के तहत महाविद्यालय में ही एक दिन की अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों की दुकान लगा कर शिक्षकों, विद्यार्थियों व महाविद्यालय के कर्मचारियों को सत्रह हज़ार रुपयों के उत्पादों की बिक्री कर सृजनता का परिचय दिया l
इस मौके पर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कर प्राचार्य जय प्रकाश भामू ने कहा कि सृजनता व नवाचार ही शिक्षा का मूल है, उद्यमिता सीखने के लिए किसी भी उत्पाद के प्रोडक्ट, प्राइस, प्लेस व प्रमोशन मिक्स को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है l कार्यक्रम संयोजक डॉ विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से इस सिमुलेशन के माध्यम के द्वारा मार्केटिंग और सेलिंग की नई तकनीको और रणनीति को सीखने पर बल दिया l उन्होंने बताया की इस कार्यक्रम हेतु पतंजलि, डाबर व हिमालय के विभिन्न उत्पादों को लेकर तीन टीमें गठित की गयी तथा उन्हें उत्पादों को बेचने हेतु पांच घंटे का समय दिया गया l
कार्यक्रम में इन विद्यार्थियों की रही भागीदारी
यशवी बंसल, सौरभ परिहार, मुरली रंग, मंगल रामावत, पूजा राठौर, अभय करण, हिमांशी रावत, प्राची, नफीस अहमद, चिराग बंसल, भवानी राजपुरोहित, अनुराग गौतम, रक्षित सेठिया, अजीत जोर्ज, फैसल खान इत्यादि
ये संकाय सदस्य रहे शामिल
डॉ. ऋचा यादव, डॉ. नवीन शर्मा, डॉ. अवधेश व्यास, डॉ. विजय मोहन, डॉ. मनोज कुड़ी, डॉ. शौकत अली, डॉ. ओम प्रकाश जाखड, डॉ. महेंद्र व्यास, डॉ. चक्र्वर्तिनारायण श्रीमाली, डॉ. निशा, डॉ. राधा माथुर, डॉ. प्रीती नरुका, डॉ. शिवांगी बिस्सा इत्यादि ने प्रतिभाग किया l
विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. अनुरोध तिवारी ने पल्स पोलियो अभियान के वैश्विक परिदृश्य से शुरू करते हुए माइक्रोप्लानिंग व प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि भारत पोलियो मुक्त राष्ट्र घोषित हो चुका है परन्तु भारत के 2 पड़ौसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान में अब भी पोलियो के केस निकल रहे हैं ऐसे में राजस्थान को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। यूएनडीपी के संभागीय समन्वयक योगेश शर्मा ने जिले के टीकाकरण आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत कर अभियान की शुद्ध माइक्रोप्लानिंग की तकनीकों पर चर्चा की। कार्यशाला में बीकानेर जिला स्तर से वी.सी. में डॉ सी.एस. मोदी, डॉ सीएल सोनी, डॉ प्रवीण चतुर्वेदी, डीएनओ मनीष गोस्वामी, डॉ विवेक गोस्वामी, डॉ मनुश्री सिंह व डॉ यश मुद्गल शामिल हुए।

कार्यशाला में संयुक्त निदेशक डॉ चौधरी ने कोविड 19 टीकाकरण महाअभियान के लिए लाभार्थियों की अद्यतन सूची को जल्द से जल्द अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों व फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समस्त निजी अस्पतालों, लैब व मेडिकल-पैरामेडिकल प्रशिक्षण केन्द्रों से एक भी लाभार्थी न छूटे इसके लिए सभी स्टेक होल्डर्स की जिला व खंड स्तर पर बैठकें आयोजित की जावे। डॉ गुप्ता ने वैक्सीन के संधारण के लिए सभी कोल्ड चैन पॉइंट्स को स्वयं विजिट कर जमीनी हाल जानने के निर्देश सभी बीसीएमओ को दिए।

डॉ कल्ला ने बीकानेर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम से बातचीत कर क्वारेंटाइन सेंटर में बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध करवाने को कहा। डॉ कल्ला ने कहा कि क्वारेंटाइन में लोगों को रहने-खाने, दवा सहित किसी भी प्रकार की कोइ तकलीफ ना हो। लोगों की हर सुविधा का ध्यान रखा जाए। जिला कलक्टर इस सम्बंध में नियमित रूप से अधिकारियों से फीडबैक लेते रहें और जो भी आवश्यक कार्यवाही हो तुरंत प्रभाव से अमल में लाई जाए। जिला कलक्टर रेंडम रूप से सेंटर में लोगों में बात करें और यदि कोई समस्या आती है तो तुरंत समाधान किया जाए।
डॉ कल्ला ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शहर के जिन भी क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू हो रही है, उन सभी क्षेत्रों में असहाय जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क राशन किट उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि इन क्षेत्रों में राशन बिक्री के लिए गाड़ी नियमित रूप से आए। यदि आवश्यकता हो तो तैयार भोजन भी वितरित करवाएं। दूध और सब्जी की गाड़ियां भी नियमित रूप से इन क्षेत्रों में जाएं। लोगों को आवश्यक वस्तुओं के लिए दिक्कत ना हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिश्नोई जैसे कर्तव्यनिष्ठ ईमानदार पुलिस अधिकारी द्वारा राजनीतिक प्रेशर में आत्महत्या करने से विभाग में कार्मिकों का मनोबल गिरा है। अतः इस प्रकरण के दोषियों के पकड़ा जाना जरूरी है, जिससे भविष्य में फिर से ऐसी कोई घटना न हो।
नैण ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज की स्थिति है और गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास होने के नाते उन्हें इस पर स्पष्टीकरण देते हुए बयान देना चाहिए। साथ ही नैण ने विष्णुदत्त बिश्नोई को शहीद का दर्जा देने, परिजनों को नौकरी, पैतृक जगह मूर्ति लगाने की मांग की है।
रालोपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि 1861 में अंग्रेजों के बनाए पुलिस एक्ट में आमूलचूल बदलाव कर उसे आमजन का उपयोगी बनाया जाए और पुलिस सुधार अधिनियम 2007 लागू कर पुलिस बल को भी राहत प्रदान करें।

चंपावत ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार यदि एनआरएचएम कार्मिकों को 2500 रूपये प्रोत्साहन राशि की घोषणा कर सकती है तो सरकार को एमएनडीवाई ऑपरेटर्स के लिए भी प्रोत्साहन राशि की घोषणा जल्द करनी चाहिए। मशीन विद मैन ऑपरेटर्स ओपीडी समय में योजना से संबंधित ऑनलाइन कार्य संपादन के पश्चात संस्थान के कोरोना रोग से संबंधित गतिविधियों में भी सहयोग कर रहें है।

संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने बताया कि महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष चंपावत का मानना है कि राजस्थान में राजकीय सेवा में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी चाहे वो स्थाई हो या संविदा/निविदा वो महासंघ परिवार का हिस्सा है अतः उनकी प्रत्येक जायज मांग को राज्य सरकार के ध्यान में लाकर पूरी करवाने के लिए संगठन प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना कम्प्यूटर ऑपरेटर महासंघ के बीकानेर संभाग के अध्यक्ष घनश्याम पंचारिया तथा महासचिव मनोज खत्री ने बताया कि वर्ष 2013 से आज तक निःशुल्क दवा वितरण केन्द्र में कार्यरत ऑपरेटर्स तन मन व धन से अपने कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन कर रहें है। कोरोना महामारी के दौरान भी प्रदेश भर के ऑपरेटर्स अपनी ड्युटी के साथ साथ राज्य सरकार द्वारा निर्देशित प्रत्येक कार्य में उत्साह के साथ अपना योगदान दे रहें है। ऐसी स्थिति में सरकार यदि मशीन विद मैन ऑपरेटर्स को प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है तो ऑपरेटर्स के उत्साहपूर्ण कर्तव्य निर्वहन को बल मिलेगा।
विनयएक्सप्रेस समाचार , बीकानेर। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांव भूरासर, गज्जेवाला तथा खाजूवाला के सीमा से लगते गांवों में प्रसूति केंद्र भवन बनाए जाएं ताकि सीमा के पास रहने वाले लोगों को उनके गांव में ही प्रसूति की सुविधा मिल सके और महिलाओं को विकट परिस्थिति में दूर ना जाना पड़े। भाटी शुक्रवार को नगर विकास न्यास सभागार में सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के वर्ष 2020-21 के तहत वार्षिक प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
भाटी ने कहा कि प्रथम बार 4 वर्षीय योजना बनाई जा रही है, इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि जीरो से 10 किलोमीटर भारत-पाकिस्तान सीमा से लगते क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विभिन्न योजनाओं का फायदा योजना के संचालन से मिले। जो कार्य किये जा रहे हैं वे कार्य संपूर्ण हो जाए इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रथम बार ऐसा किया जा रहा है। इसके साथ ही इस परिधि में आने वाली सभी ढाणियों में विद्युतीकरण हो जाए इसकी भी योजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया जाए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी विभागों द्वारा अगले 4 वर्षों की कार्य योजना बना ली गई है। योजना की क्रियान्विति और बेहतर तरीके से हो इसके लिए सम्बन्धित विभागों के सभी अधिकारी गांव का एक बार दौरा कर यह सुनिश्चित करने करें कि कार्य प्रारंभ होने से लेकर अंजाम तक बेहतर तरीके से पहुंचे। साथ ही स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर उनसे कुछ और सुझाव भी लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भी अगर अध्यापकों के आवास बन जाए तो दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अध्यापकों को आवास की सुविधा और बेहतर मिल सकेगी। साथ ही राजकीय विद्यालयों में पेयजल की आपूर्ति की भी पुख्ता व्यवस्था की जाए।

सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 के लिए बनाए जाने वाले प्रस्ताव के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि 4 वर्षीय कार्ययोजना के तहत पहले वर्ष के लिए 16 करोड़ रुपए के कार्य के प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। विभिन्न विभागों के द्वारा होने वाले कार्यों के लिए कार्यकारी एजेंसी का कार्य संबंधित विभाग को ही रखा जाने के लिए भी राज्य सरकार से आवश्यक आदेश जारी करवाए जाएंगे। साथ ही इस कार्य योजना में ही 50 लाख रुपए की लागत से प्रसूति केंद्र भवन इसी वर्ष बनाने के भी प्रयास किए जाएंगे।
कुमार ने बताया कि सीमा क्षेत्र विकास व मनरेगा के माध्यम से प्रत्येक गांव में एक खेल मैदान विकसित किया जाएगा। इसके पीछे सरकार और प्रशासन की मंशा यह है कि अधिक से अधिक लोगों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाये और आधारभूत सुविधाएं भी विकसित हो सकें। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता को निर्देश दिए कि 7 वर्ष पूर्व जो सड़क बनी हुई है, अब उसे पुनः बनाने के लिए प्रस्ताव बनाए जाएं।
जिला कलक्टर एवं समिति के अध्यक्ष कुमार पाल गौतम ने कहा कि वर्तमान में बनाए जा रहे प्रस्तावों में अन्तरराष्ट्रीय सीमा से 10 किलोमीटर क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले इसके लिए वहां एंबुलेंस और मोबाइल वैन की भी खरीद की जाएगी। साथ ही इस एंबुलेंस में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति भी संविदा के आधार पर बीएडीपी से करने के प्रस्ताव भी भारत सरकार एवं राज्य सरकार को पृथक से भिजवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि खाजूवाला में ही मनरेगा के सहयोग से बीएसएफ के साथ मिलकर एक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जाएगा, जहां सेना के विभिन्न पदों की भर्ती के लिए होने वाली फिजिकल टेस्ट की तैयारी करवाई जाएगी। इसके लिए भूमि आवंटन का कार्य भी पृथक से किया जाएगा।
बैठक में खाजूवाला क्षेत्र में होने वाले विभिन्न कार्यों की चर्चा के दौरान खाजूवाला विधायक गोविंद मेघवाल ने कहा कि क्षेत्र में बीएसएफ की बीओपी पोस्ट में एक हॉस्पिटल बनाना चाहिये। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खाजूवाला क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों पर 4 करोड़ रुपए व्यय होने हैं जिसमें पानी-बिजली सहित अन्य कार्यों को भी सीमा क्षेत्र विकास की कार्य योजना में शामिल किया जाए। विधायक मेघवाल ने कहा कि रावला, भूरासर के साथ-साथ खाजूवाला के विभिन्न क्षेत्रों में भी सैनेट्री डिग्गियां और हेडपंप विकसित करने का कार्य भी किया जाना प्रस्ताव में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने खाजूवाला क्षेत्र की पाकिस्तान से लगती सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र में जीएसएस बनाने की भी बात कही।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नरेंद्र पाल सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी कनिष्क कटारिया, बीएसएफ के आलोक शुक्ला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीना, जिला परिषद के अधीशाषी अभियंता यशपाल पूनिया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण निगम तथा कोलायत और खाजूवाला के विकास अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। लाक डाउन के चलते दूसरे राज्यों में अटक गए लोगों को उनके गृह राज्य तक जाने के लिए केवल जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर द्वारा ही अनुमति दी जाएगी।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कुमार पाल गौतम ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्टैंडर्ड श्रेणी के व्यक्ति को ही किसी अन्य राज्य (गृह राज्य) में जाने की अनुमति दी जाएगी। इस तरह की अनुमति पुलिस, परिवहन अथवा किसी अन्य कार्यालय द्वारा जारी नहीं की जाएगी। इस तरह की अनुमति अनिवार्य रूप से जिला मजिस्ट्रेट द्वारा ही जारी की जा सकेगी।
गौतम ने बताया कि आरटीओ या डीटीओ केवल आवश्यकतानुसार एमवी एक्ट के तहत परमिशन देंगे । राज्यों के बीच परिवहन के लिए लाक डाउन दौरान आरटीओ या डीटीओ द्वारा किसी प्रकार की अनुमति जारी नहीं की जाएगी।
कंटेनमेंट जोन में नहीं खुलेगी कोई इंडस्ट्री
गौतम ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में कोई भी दुकान अथवा उद्योग नहीं खोले जाएंगे। रेड अथवा ऑरेंज जोन में म्युनिसिपल क्षेत्रों के बाहर औद्योगिक इकाइयों को खोले जाने की अनुमति है लेकिन इसके लिए श्रमिकों को औद्योगिक परिसर में ही रहना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि अनुमत श्रेणी के उद्योगों में हेजल फ्री गतिविधियां ही हो ,यह सुनिश्चित किया जाए।
गौतम ने बताया कि सभी श्रेणी के गुड्स और मिनरल्स का परिवहन अनुमत है अतः सभी वेब्रिजेज ( तुला चौकी अथवा धर्म कांटा) को खुले रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
श्रमिकों के सिंगल टाइम ट्रांसपोर्टेशन को अनुमति
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि किसी औद्योगिक इकाई अथवा निर्माण गतिविधि के लिए श्रमिकों के वन टाइम ट्रांसपोर्टेशन को राज्य में एक जिले से दूसरे जोन अथवा जिले तक ले जाने की अनुमति दी गई है। लेकिन इसके लिए नियोजनकर्ता को वाहन उपलब्ध करवाना होगा। साथ ही जिस जिले में निर्माण स्थल अथवा उद्योग स्थित है सम्बंधित जिला कलेक्टर द्वारा इस संबंध में अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। गौतम ने बताया कि यात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी एडवाइजरी और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाना आवश्यक है। कार्यस्थल पर श्रमिकों के रहने के लिए नियोजनकर्ता द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं।
शाम 7 से सुबह 7बजे तक कोई गतिविधि नहीं होगी
गौतम ने बताया कि सायं 7 से प्रातः 7 बजे तक कोई गतिविधि नहीं होगी। इस दौरान केवल पुलिस प्रशासन स्टाफ की फील्ड ड्यूटी और अन्य गतिविधियां डॉक्टरों, पैरामेडिक्स की शिफ्ट अथवा इमरजेंसी ड्यूटी, मेडिकल आपात, फार्मासिस्ट और केमिस्ट दुकानों के स्टाफ और ट्रकों के आवागमन पर छूट रहेगी।
6 बजे बाद ये दुकानें खुली रह सकेंगी
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि सतत उत्पादन की प्रकृति वाली फैक्ट्रियां, रात्रि कालीन शिफ्ट में चलने वाली फैक्ट्रियां, आईटी कंपनियां और केमिस्ट शॉप सांय 6 बजे के बाद भी खुली रह सकेगी। शिफ्ट में चलने वाली इकाइयों में शिफ्ट इस तरह निर्धारित की जाएगी कि सायं 7 से प्रातः 7 बजे तक स्टाफ या श्रमिकों की सड़कों पर कोई आवाजाही ना हो। सायं 7 बजे के बाद घर जाने के लिए जिला प्रशासन , पुलिस व स्टाफ के घर जाने के लिए विशेष पास जारी किया जाए।
इस पास में व्यक्ति का नाम, व्हीकल नंबर और घर का पता सहित समस्त जानकारी अंकित की जाएगी।
अनुमत निजी संस्थानों के ऑफिस में 33 प्रतिशत स्टाफ को ही बुलाया जाए और समस्त सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करें। साथ ही कंपनी द्वारा अपने स्टाफ को लाने ले जाने के लिए विशेष वाहन की अनुमति जिला प्रशासन से अनुमति ली जाए और वाहन के सैनिटाइजेशन तथा अन्य सोशल डिस्टेंसिंग सहित एडवाइजरी की पालना करवाना सुनिश्चित किया जाए।
E.mail : vinayexpressindia@gmail.com
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गहलोत ने जम्मू कश्मीर के हंदवाडा में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा की वीरांगना, पुत्री एवं भाई से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने शहीद की मां के पैर छूकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कर्नल आशुतोष की शहादत को नमन करते हुए कहा कि राजस्थान वीरों की धरती है। कर्नल आशुतोष ने आंतकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद होेकर देश को गौरवान्वित किया है। हम सभी को उनकी शहादत पर नाज है।
सैनिक कल्याण मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास एवं कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया सहित सेना एवं प्रशासन के अधिकारियों ने भी शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।