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विनय एक्सप्रेस दैनिक पंचांग, पंडित डॉ. आलोक व्यास । आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। साथ ही आज मार्गशीर्ष संक्रांति भी है। साथ ही गणपति व्रत भी है। आइए जानते हैं आज शुभ मुहूर्त और योग कब से कब तक रहेगा।
दिन– गुरुवार
तिथि- तृतीया दोपहर 12ः34 तक तत्पश्चात चतुर्थी
माहः कार्तिक शुक्लपक्ष
विक्रम संवत 2080
नक्षत्र- मूला
योग- सुकर्मा सुबह 10 बजे तक तत्पश्चात धृति
करण- गर दोपहर 12ः34 तक तत्पश्चात वणिज
चंद्र राशि : धनु
सूर्य राशिः तुला
सूर्य उदयः प्रातः 6ः59 पर
सूर्य अस्तः साँय 5ः44 पर
राहुकालः दोपहर 1ः42 से 3ः03 तक।
ब्रह्म मुहर्त – प्रातः 5ः13 से 6ः06
दिशा शूल- दक्षिण
दिन के चौघड़िया
सुबह
6ः59 से 8ः19-शुभ
8ः19 से 9ः40- रोग
9ः40 से 11ः01 – उद्वेग
11ः01 से 12ः21-चर
दोपहर
12ः21 से 13ः42-लाभ
13ः42 से 15ः03-अमृत
15ः03 से 16ः23-काल
16ः23 से 17ः44-शुभ
साँय
17ः44 से 19ः24-अमृत
19ः23 से 21ः03- चर
9ः03 से 22ः42-रोग















विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकनेर। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बुधवार प्रातः अपने आवास पर जनसुनवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में आमजन ने समस्याओं के निराकरण के लिए मंत्री को परिवेदनाएं दी। मंत्री भाटी ने संबंधित अधिकारियों को दूरभाष पर समस्याओं के समाधान के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समयबद्ध समाधान सरकार और इनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही कोलायत विधानसभा क्षेत्र की पहचान विकसित विधानसभा के रूप में बने, इसके लिए भी सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, उच्च शिक्षा, सड़क, चिकित्सा सेवा, पानी- बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति की विभिन्न मांगों के लिए निदेशक शिक्षा कानाराम से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक बिंदु पर नियमसम्मत कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग से जुड़े ठेकेदारों के भुगतान को लेकर विभागीय अधिकारियों से वार्ता की।
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इस दौरान उनका विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनितिक संगठनों, मिडिया संस्थानों से जुड़े वरिष्ठ एवं कनिष्ठ पत्रकारों सहित शहर की आम जनता ने दिल खोलकर शर्मा का स्वागत सम्मान एवं सत्कार किया। मरूनगरी बीकानेर की जनता से मिले अपार प्यार व स्नेह को पाकर लोकेश शर्मा गदगद हुए और आत्मीयता के साथ शहर के प्रत्येक नागरिक का आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी लोकेश शर्मा ने लगभग 60 घंटे के अपने बीकानेर दौरे में दर्जनों कार्यक्रमों में शिरकत की। अनेक स्थानों पर उनका स्वागत सम्मान हुआ। आमजन, खासकर युवाओं में शर्मा के साथ फोटो और सेल्फी लेने का जुनून देखने लायक था। मानो पूरा शहर उनके स्वागत में पलक पावडे बिछा कर बैठा रहा। तीन दिनों के अपने दौरे में शर्मा ने जैसे ही जिले की सीमा में प्रवेश किया, उनके स्वागत और सम्मान का सिलसिला शुरू हुआ, जो तीसरे दिन उनकी वापसी तक जारी रहा।
Express Exclusive interview of Lokesh Sharma, OSD, CM Rajasthan with Vinay Express
खुद शर्मा ने भी बीकानेर को अपने बेहद नजदीक माना और कहा कि उन्हें सदैव यहां के लोगों का अपार स्नेह मिला है। उन्होंने होली से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत की तो युवाओं एवं खिलाड़ियों के साथ संवाद किया। हाल ही में दिवंगत हुए कांग्रेस परिवार के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और बताया कि दुःख की घड़ी में उनके साथ हैं। मोहता चौक से लेकर बारहगुवाड तक आमजन से मिले। सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। इनके प्रचार प्रसार का आह्वान किया और पात्र लोगों तक इनका लाभ पहुंचाने का आग्रह भी किया। शहर की तंग गलियों में बाइक पर घूमकर उन्होंने बीकानेर के प्रति अपने स्नेह को प्रकट किया।

अपने तीन दिवसीय बीकानेर प्रवास के दौरान युवा दिलों की धड़कन एवं कांग्रेस को सोशल मिडीया के माध्यम से राजस्थान के घर-घर पहूंचाने वाले आईटी एक्सपर्ट गुरू लोकेश शर्मा जी विनय एक्सप्रेस कार्यालय पधारें इस दौरान उन्होनें राजस्थान सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर वहां उपस्थित गणमान्य मेहमानों के साथ चर्चा की। इसके बाद आवाज के जादूगर एवं बीकानेर की शान ज्योति प्रकाश रंगा द्वारा लिए गए संक्षिप्त साक्षात्कार के दौरान शर्मा ने बड़ी बेबाकी से प्रत्येक प्रश्न का जवाब दिया एवं प्रदेशा की जनता को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जन हित से जुड़ी भावना से बड़ी सरलता से अवगत करवाया।

विनय एक्सप्रेस न्युज पोर्टल के संपादक विनय थानवी ने शर्मा के कार्यालय आने पर मारवाड़ी साफा पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। थानवी ने कहा कि लोकश शर्मा द्वारा बड़ी ही सहजता के साथ कार्यालय आगमन के प्रस्ताव को न सिर्फ स्वीकार किया बल्कि बड़ी आत्मीयता से अमूल्य समय दिया, जैसे कोई घर का सदस्य ही कई दिनों बाद वापस घर आया हो, उनकी यही सरलता प्रदेश के युवा वर्ग के दिलों मे आपके और शासन के प्रति सकारात्मक छवि का निर्माण करती है ।

कुल मिलाकर अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान शर्मा ने शहर से जो दुलार पाया और युवा कार्यकर्ताओं के साथ जो स्नेह सांझा किया वह अविस्मरणीय रहा। तीन दिवसीय दौरे के दौरान शर्मा बीकानेर के रंग में रंगे नजर आए और इस स्नेह एवं प्यार को अमूल्य थाती बताया।
]]>जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरि शंकर आचार्य ने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार 2 से 9 फरवरी तक योजनाओं के प्रचार प्रसार का सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी श्रंखला में यह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके तहत प्रतिभागी को फ्लैगशिप योजनाओं से जुड़े 40 प्रश्न प्रश्नों के जवाब देने होंगे। न्यूनतम 50 प्रतिशत जवाब सही देने वालों को ऑनलाइन बधाई पत्र दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता 9 फरवरी को प्रातः 10 बजे से लेकर 5 बजे तक जारी रहेगी।
विनय एक्सप्रेस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक विनय थानवी ने बताया कि न्यूज़ पोर्टल द्वारा सामाजिक सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने की दिशा में यह पहल की गई है। इसके तहत प्रतिभागी को ईमेल के माध्यम से बधाई संदेश भेजा जाएगा।
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इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. समित शर्मा ने कहा कि भगवान की सच्ची आराधना उसकी स्तुति में नहीं अपितु उसके लोक कल्याणकारी रूप को स्वयं के व्यवहार में धारण करने में है। हम में भी उस परमात्मा का नन्हा सा अंश हैं। हमारे आराध्य देव की तरह ही हमें भी इस सृष्टि को भावी पीढ़ियों के लिए बचाने का संकल्प लेना होगा, और उसके लिए सही कदम उठाने होंगे। आज का यह महापर्व इसके लिए संकल्प लेने का समुचित अवसर है और बुधवार 2 मार्च को विश्व वन्य जीव दिवस है, हमें इसके लिए समुचित प्रयत्न करने हैं।
इसलिए आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि कल प्रत्येक राजकीय कार्यालय, हॉस्टल, स्कूल, मां बाड़ी केंद्र एवं कार्यस्थल के साथ-साथ अपने घर पर भी पक्षियों के पानी पीने के लिए परिंडे व दाने हेतु चुग्गा पात्र आवश्यक रूप से रखें जिससे कि हम ग्रीष्म काल में इन जीवो की प्राणों की रक्षा कर ना सिर्फ हमारे मानव धर्म का पालन करें अपितु हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को अक्षुण्ण बनाने में हमारा योगदान भी दे सकें।

डॉ. शर्मा ऑटोमेटिक बर्ड वॉटर फीडर की जानकारी देते हुए बता रहे है कि मेरे हाथ में यह ऑटोमेटिक बर्ड वाटर फीडर है जिसे आप भी घर पर पुरानी बोतल व प्लास्टिक के पात्र को ऐरलाइट से चिपका कर बना सकते हैं, साथ ही डॉ. शर्मा द्वारा इस मैसेज और पाठकों द्वारा लगाए गए परिंडो व चुग्गा पात्र की फोटोज अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करने की अपील की गई है ताकि अन्य लोगों को भी इस पावन पुनीत कार्य हेतु प्रेरित किया जा सकें । आशा है इस प्रयास से हजारों लाखों पक्षियों की जानें बचाई जा सकेंगी।

डॉ. समित शर्मा ने स्वयं अपने घर से की अभियान की शुरूआत
उल्लेखनीय है कि परिंदो के लिए परिंडे अभियान की शुरूआत डॉ. समित शर्मा ने स्वयं अपने घर से शुरू की है मनुष्य के एक नेक विचार से प्रकृति में स्थित सभी जीवों का जीवन मंगलमय व सुखमय हो जाता है ।

गाँव की सरकार का दफ्तर हो, जिले का कोई सा महकमा, सीएमओ और पीएमओ से लेकर व्हाईट हाउस या यूएनओ, या दुनिया भर के तमाम सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी दफ्तरों, कारोबार और तमाम प्रतिष्ठानों के हरेक बाड़े और गलियारे में इन्हीं शब्दों की गूँज दिन-रात बनी रहती है।
जमीन से लेकर आसमान तक ये शब्द इस कदर छाये हुए हैं कि ओजोन परत की तरह सर व मेम शब्दों की घनी चादर ही नहीं बल्कि मोटा और भारी कम्बल बन चुकी है। भगवान की तरह सर्वव्यापी होते जा रहे इन शब्दों ने सारी भौगोलिक, आकाशीय व स्थानिक परिधियों को समाप्त कर दिया है। पढ़े-लिखों और साहबों की संस्कृति का तो यह ब्रह्म मंत्र है ही, अनपढ़ों की जुबान भी इन शब्दों का श्रृद्धापूर्वक उच्चारण कर अपने आपको धन्य मानने लगी है।
हर चैम्बर से रोजाना ये आवाजें सैकड़ों बार सुनाई देती है, हर संबोधन या वार्तालाप की शुरूआत इसी से होनी है। बात परोक्ष हो, या अपरोक्ष हो या फोन-मोबाईल से, हर तरफ इन्हीं दो शब्दों का ही बोलबाला है। ढाई आखर प्र्रेम के और हैलो से भी अधिक वैश्विक व्यापकता कोई शब्द पा चुके हैं तो वह ये दो शब्द ही हैं। हैलो नपुंसक वर्ग का शब्द हो सकता है लेकिन आजकल पुरुषों की प्रसन्नता का मूलाधार यह ‘सर’ शब्द ही है जिसे सुनकर हर किसी पुरुष को अपने आपके परम पुरुष, महापुरुष या पुरुषोतम होने का सुकूनदायी बोध होने लगा है।

सर शब्द कान में पड़ते ही इनका पौरुष जागृतावस्था को प्राप्त होता है जैसे कि इन्हें जगाने और अस्तित्व का बोध कराने का ये कोई पासवर्ड ही हो। सर के सिवा दूसरे कोई संबोधन इनके सर पर जूँ नहीं रेंगा सकते, और सर कहने मात्र से सफाट फिसलनदार टाट पर जूँओं की कतारे स्केटिंग करते हुए लगातार सुकून का अहसास कराने लगती है।
यही स्थिति स्त्रियों की हो गई है। इन्हें बहनजी, माताजी, बिटिया, बहूरानी या और कुछ भी आत्मीय संबोधन दे डालो, कोई ध्यान नहीं देंगी। जैसे ही किसी ने मैम, मेडम या मेम साहब कह दिया, सारी सोच एक तरफ छोड़कर ध्यान धरना शुरू।

कहा गया है-अक्षर ब्रह्म है। फिर ये तो शब्द हैं। महाब्रह्म होंगे ही। इन शब्दों की महिमा का बखान करना अब किसी के बस में नहीं है। ये ब्रह्माण्ड के सर्वोच्च शिखर से लेकर पाताल की जड़ तक पसर चुके हैं।

फिर सार्वजनीन आनन्द इतना कि सुनते ही हर किसी को बोध होने लगता है कि वह बहुत बड़ा हो गया है। इसी अहंकार ने खूब सारे लोगों को ऎसा खजूर बना डाला है कि अब ये किसी काम के नहीं रहे। इसी प्रतीक्षा में पड़े हैं कि कोई त्रिशंकु जब आसमान में कोई बस्ती बनाएगा तब उन्हें कोई न कोई ओहदा जरूर प्राप्त होगा ही।

आदमियों को सर और महिलाओं को मेम शब्द सुनने मात्र से नई ऊर्जा, अपार स्फूर्ति, ताजगी और अवर्णनीय सुख का गद्गद् कर देने वाला अहसास होने लगता है। इन्हीं दो मंत्रों के सहारे पूरा का पूरा राज-काज चल रहा है, लाखों-करोड़ों लोग अपने आपको कुछ न कुछ मान या मनवा बैठे हैं।
अचूक प्रभाव वाले इन मंत्रों का प्रयोग हम में से हर कोई करता ही रहा है। आयन्दा कोई चन्द्र या सूर्य ग्रहण पड़े तो इन दोनों मंत्रों की कम से कम 2-2 माला जरूर जप लें, ऎसा सिद्ध हो जाएगा कि कोई काम कभी नहीं रुकने वाला। देवताओं को खुश करने में टाईम वेस्ट करने की बजाय उन्हें खुश रखो जो हमारे किसी न किसी काम आने वाले प्रत्यक्ष देवता हैं। बात दो शब्दों का श्रृद्धा व प्रेम के साथ उच्चारण करने की ही है, चमत्कार मुँह बोलता नजर आएगा।

सर-सर करते रहें, मैम-मैडम, मेम साहब कहकर श्रृद्धा जताते रहें, धरती के ये देवता महामंत्र का श्रृद्धापूर्वक सर झुकाकर नमन करने मात्र से प्रसन्न होने वाले हैं। काबिल हैं उन्हें भी कहिए, नाकाबिल हैं उन्हें भी। मंत्र रामबाण है, हर किसी को जागृत कर ‘अहं ब्रह्मास्मि’ के भाव भरने वाला है। सर-सर कहते रहेंगे तो भला होगा, परहेज रखेंगे तो सरासर बुरा। आजमाएं और अपने काम निकालें। प्रतिभाहीन निकम्मों, नुगरे-नालायकों और कामचोरों के लिए तो ये शब्द अचूक औषधि और अमृत संजीवनी का प्रभाव दिखाते हैं। काम कुछ मत करो, सर-सर, मैम-मैम, जी-जी करते रहो, अपने आप टाईम पास हो जाएगा। वे भी खुश और हम भी।

इन मंत्रों को जो अपना रहे हैं वे और अधिक बार बोलने व सुनाने का अभ्यास करें। जो अब तक हिचक रहे हैं वे इसे अपनाएं। दुनिया के सारे आनन्द पाने, काम निकलवाने और बड़ी ही चतुराई से टाईम पास कर लेने के ऎसे मंत्र न हुए हैं न होंगे। पीछे न रहें, जो आजमाये सो निहाल। ये है सर-मैम का करिश्माई मायाजाल।
– डॉ. दीपक आचार्य
9413306077


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राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार जोशी ने ऐसे समस्त कार्मिकों तथा उनके आहरण-वितरण अधिकारियों से ऑनलाईन पूर्ति करते हुए प्रथम घोषणा पत्र की हार्ड कॉपी मय जी.ए. 55 व बीमा रिकॉर्ड बुक डीडीओ के माध्यम से तुरन्त बीमा विभाग में जमा करवाना सुनिश्चित करने को कहा है, जिससे कि ऐसे कार्मिकों को पॉलिसी जारी की जा सके। उन्होंने बताया कि इस सूचना के पश्चात भी सम्बन्धित कार्मिकों द्वारा उक्त दस्तावेज बीमा विभाग को प्राप्त नहीं होने की स्थिति में ऑनलाईन पूर्ति किए हुए प्रथम घोषणा पत्र रिजेक्ट हो जाएंगे और रिजेक्ट होने के पश्चात उनकी पॉलिसी जारी नहीं हो पाएगी तथा पॉलिसी जारी करवाने के लिए सम्बन्धित को पुनः वही प्रक्रिया अपनानी होगी।








उप वन संरक्षक ज्ञानचन्द ने बताया कि घर.घर औषधि योजना मुख्यमंत्री के बजट भाषण की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर शरीर को स्वस्थ एवं निरोग बनाना है। उन्होंने बताया कि हमारी संस्कृति में औषधीय पौधों की काफी महत्वता रही है। योजना के तहत तुलसीए अश्वगंधा, गिलोय तथा कालमेघ के औषधीय पौध तैयार किए जा रहे है। उप वन संरक्षक ने बताया कि जिलेभर में इस योजना के तहत 23ण्05 लाख पौधे तैयार किए जा रहे है तथा 1 अगस्त को जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय वन महोत्सव आयोजित कर घर.घर औषधि पौधों के वितरण का शुभारम्भ करेगें। इसके तहत प्रत्येक परिवार इन औषधीय पौधों को निःशुल्क प्राप्त कर अपने घर, आंगन अथवा गमले में अवश्य लगाकर औषधीय गुणों का लाभ उठावें। उन्होंने बताया कि पौध वितरण में सभी विभागों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। इस प्रकार जिले के कुल 5 लाख 76 हजार 269 परिवारों ;जनगणना वर्ष 2011 को वर्ष 2021-22 में कार्य योजना अनुसार 50 प्रतिशत 2 लाख 88 हजार 135 परिवारों दो चरणों में, अगस्त व अक्टूबर 8 पौधे प्रत्येक प्रजाति के 2 पौधे दिए जाएंगे।
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