js_composer domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home2/vokunju1/public_html/vinayexpress.in/wp-includes/functions.php on line 6170विनयएक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी अभूतपूर्व है। लगभग हर समुदाय, संगठन, क्षेत्र और राष्ट्र स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और समाज पर इसका प्रभाव पड़ा हैं। इससे उभारने के लिए सरकार और सामाजिक संगठन अपने-अपने स्तर पर कार्य रहे है।
गौतम ने रविवार को नगर विकास न्यास के सभागार में स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि जिले के भामाशाह, स्वयं सेवी संस्थाओं और समाज सेवियों का नाम देश व प्रदेश में आदरभाव से लिया जाता है। ये संगठन कोरोना वायरस, कोविड-19 की इस संकट की घड़ी में खरे उतरे हैं। उन्होंने ने कहा कि दूसरों की मदद करने के लिए यूं तो पूरा बीकानेर ही अपने आप में एक मिसाल बना हुआ है। भामाशाहों द्वारा जरूरतमंदों के लिए राशन सामग्री और असहायक पशुधन के लिए चारे का इंतजाम करके एक नई मिसाल बनाई है। यहां के भामाशाहों ने जरूरतमंद की मदद कर प्रशासन को कोरोना से लड़ने में परोक्ष रूप से सहयोग कर प्रशासन को सुदृढ़ बनाया। इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं।

जिला कलक्टर ने कहा कि अभी तक के लाॅक डाउन के दौरान आपकी दी गई सेवाएं सराहनीय है। विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें बताया कि एक ही व्यक्ति के पास भोजन व सूखा राशन एक से अधिक बार पहुंच रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि सभी संगठन आपसी समन्वय करते हुए क्षेत्र बांटकर जरूरमंदों को भोजन सुलभ कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भोजन वितरण में लगे है, उनकी भी स्क्रीनिंग भी होनी चाहिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि इस बार का लाॅक डाउन कुछ छूट के साथ रहेगा। उन्हांेने कहा कि बीकानेर औरंेज जोन में है और यही स्थिति रही तो आगामी 10 तारीख तक हम ग्रीन जोन में आ जायेंगे और धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो सकेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के आवेदन करने वाले सभी और मध्य प्रदेश के 1200 लोगों को उनके प्रदेश में भिजवा दिया गया हैं। यूपी व पंजाब आदि के लोगों को उनके प्रदेश में भिजवा दिया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की इस संकट की घड़ी में प्रवासी राजस्थानी वापस बीकानेर को आने को आतुर है। अतः हमारा नैतिक दायित्व बनता है कि प्रवासियों को आदर व सत्कार के साथ उन्हें स्वीकार करें। इस दौरान जरूरतमंद को खाना और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में संगठन सहयोग करे। उन्होंने कहा कि प्रवासियों से राज्य सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य संबंधित दिशा-निर्देशों का आवश्यक पालना करवाई जायेगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों एवं श्रमिकों के लिए संस्थागत क्वाॅरैनटाइन की व्यवस्था की गई है, लेकिन जो व्यक्ति उसका उपयोग नहीं करना चाहते वे आवश्यक रूप से अपने घर में होम क्वारेंटाइन में रहेंगे। साथ ही उनका पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से भी हम सभी की जिम्मेदारी बढ़ी है। उन्होंने सुझाव दिया कि बीकानेर शहर में विभिन्न समाज के भवन बने हुए हैं, इन भवनों में अपने-अपने समाज के लोगों क्वाॅरैंनटाईन कर, उनके खान-पान की व्यवस्था संबंधित समाज द्वारा की जा सकती है। प्रवासियों को कैटेगेरीवाइज कर, अलग-अलग स्थानों पर रखने कीे व्यवस्था की जायेगी। आने वाले दिनों में जिले में लगभग 50 हजार लोग आ सकते हैं। जिला प्रशासन को विभिन्न प्रान्तों से बीकानेर आने के लिए लोगों ने मांग की है। उनकी मांग के बारे मंे राज्य सरकार को जानकारी दी गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, नगर निगम आयुक्त खुशाल यादव, आईएएस प्रशिक्षु एवं उपखण्ड अधिकारी बज्जू अभिषेक सुराणा सहित स्वयं सेवी संस्था, समाज सेवी व विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।