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उन्होंने बताया कि खरीफ 2022 हेतु अधिसूचित 8 फसलों के लिए प्रीमियम जमा करवाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई रखी गयी है। परियोजना निदेशक (आत्मा) जगदीश पूनिया ने कहा कि यूनिवर्सल सोपो इन्श्योरेन्स कंपनी जिला व ब्लॉक स्तर पर पर्याप्त संख्या में प्रतिनिधि लगाएं, जिससे किसानों को फसल बीमा का समुचित लाभ मिल सके।

बीमा कंपनी से स्टेट प्रतिनिधि आदित्य यादव ने खरीफ 2022 में बैंकों द्वारा बीमा काटने के संदर्भ में पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन द्वारा सम्पूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। पीएमएफबीवाई प्रभारी डॉ. मानाराम जाखड़ ने बताया कि किसानों का बैंक द्वारा 31 जुलाई तक बीमा किया जाएगा। जो कृषक अपनी फसल में परिवर्तन करवाना चाहते हैं, वे 29 जुलाई तक निर्धारित प्रारूप में भरकर बैंक में जमा करवाएं।

कार्यशाला में डी.डी.एम., नाबार्ड रमेश तांबिया, तहसीलदार इम्तियाज भाटी, बीमा कंपनी से कलस्टर प्रभारी नीतीश कुमार जिला प्रभारी रतनेश सहित विभिन्न बैंकर्स, सांख्यिकी विभाग एवं कृषि विभागीय अधिकारी यशवन्ती, भैराराम गोदारा, प्रदीप चौधरी, सुभाष विश्नोई, राजेश गोदारा, राजूराम डोगीवाल, ममता इत्यादि ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन कृषि अधिकारी मुकेश गहलोत द्वारा किया गया।



जिला कलक्टर ने सम्भागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिले में भूजल के गिरते स्तर को पुनः कैसे बढ़ाया जा सके, उसके लिए विशेष कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अटल भूजल योजना में जिले की तीन समितियां एवं उनकी ग्राम पंचायते चयनित की गई है, उनमें भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए विशेष कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके साथ ही जिले में जल के हो रहे दोहन को भी कम करने के लिए लाईन डिपार्टमेंट को सहयोग लेकर ठोस कदम उठाने पर बल दिया।
जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी ने विश्व जल दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि जैसलमेर वासियों को पानी के महत्व की बखूबी जानकारी है एवं यहां के लोगों ने पानी को घी से भी अधिक महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नलकूपों से हो रहे जल के दोहन से दिनो-दिन भूजल का स्तर गिर रहा है, जो हम सबके लिए चिन्तनीय है। उन्होंने कार्यशाला में भूजल स्तर बढ़ाने के सम्बन्ध में विशेषज्ञों द्वारा जो जानकारी दी जाएगी, उसको फील्ड में क्रियान्विति कर जल को बढ़ाना है।
उप जिला प्रमुख डॉ. बी.के. बारूपाल ने कहा कि जल ही जीवन है एवं जल के बिना कल नहीं है। उस थीम को ध्यान में रखते हुए हमें जल के उपयोग को समझना होगा एवं इस क्षेत्र में कम से कम पानी का दोहन करना होगा तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए जल को बचा पाएगे। कार्यशाला के प्रारम्भ में अधीक्षण अभियंता जलदाय दिनेश नागौरी ने सभी अतिथियों एवं सम्भागियों का स्वागत किया। भूजल वैज्ञानिक डॉ. एन.डी. ईणखियां ने अटल भूजल योजना के तहत जिले में भूजल स्तर को बढ़ाने के सम्बन्ध में की जाने वाली गतिविधियों पर प्रकाश डाला तथा अटल भू जल योजना की अब तक की प्रगति के बारे में पावर पॉइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी प्रदान की।
नोडल अधिकारी ने बताया की भू जल विभाग अपने सिमित संसाधनों के साथ योजना की हर गतिविधि को प्रभावी ढंग से पूरा करने का प्रयास कर रहा है। योजना के तहत जिले के 41 जल सुरक्षा प्लान तैयार कर राज्य इकाई को प्रेषित किये जा चुके है। कार्यक्रम के अंत में भू जल वैज्ञानिक रिशेंद्र सिंह ने आभार व्यक्त किया। संचालन बराई दीन संवारा द्वारा किया गया।
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