
संसोलाव तालाब के आगोर क्षेत्र को भूमाफियाओं से बचाकर हेरीटेज सूची में शामिल करने की रखी मांग

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर।बीकानेर के ऐतिहासिक मन्दिर श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर से चिपते संसोलाव तालाब शहर का एक महत्तवपूर्ण ऐतिहासिक तालाब है और यह बीकानेर के जल सरंक्षण और सांस्कृतिक इतिहास का भी एक महत्तवपूर्ण हिस्सा है। ट्रस्ट के निवेदन पर तालाब के सरंक्षण के लिये सामाजिक कार्यकर्ता जुगल व्यास व अनिल आचार्य के द्वारा संसोलाव तालाब की सफाई करने हेतु नगर निगम की सफाई टीम बुलाकर तालाब एवं आसपास के क्षेत्र को सुधारने का प्रयास किया गया।

जिससे कि इस ऐतिहासिक तालाब में आगामी बारिश के दिनों में पानी की आवक बढ़ सके, इस कार्य में वार्ड नंबर 23 के जमादार अशोक लोहिया, सफाई कर्मचारीगण कृष्ण कुमार नन्दलाल, महेन्द्र बाराशा, लक्ष्मीकांत पण्डित जी, सोनू, सावित्री धनु, संगीता, अजय, राजू, संजय, सुमित, रवि, चेलाराम, कोमल आदि सहयोगी रहे।

मन्दिर काशी विश्वनाथ जी ट्रस्ट’ के ट्रस्टी सुरेश मोहता एडवोकेट, नवरतन मोहता, कमल मोहता आदि ने सेवादारों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुऐ कहा कि संसोलाव तालाब बीकानेर शहर की धरोहर है. इस तालाब ने यंहा के लोगो की प्यास बुझाई थी, दुर्भाग्य की बात है कि आज यहीं तालाब अपने जीर्णोद्वार को तरस रहा है ओर तो और इसके आगोर क्षेत्र पर भूमाफियों के अवैद्य कब्जे हो रहे है जिसके परिणामस्वरूप आगोर क्षेत्र खत्म हो रहा है व इस तालाब का सौन्दर्य भी खत्म होने लगा है जिस पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। ऐसे में टीम का यह सफाई कार्य समाज के लिये एक अच्दा संदेश है जिसकी ट्रस्ट सराहना करता है। सामाजिक कार्यकर्ता जुगल व्यास ने बताया कि बारिश का मौसम और हाल ही में तालाब के अन्दर के पीपल के पुराने गट्टे टूट गये और तालाब में कचरा काफी बढ़ गया था जिसे देख हमारी टीम द्वारा छोटेस्तर पर यह सफाई अभियान चलाकर प्रशासन और आम नागरिकों का इस तालाब की दयनीय हालत पर ध्यान आकर्षित करवाया गया है ताकि हमारे संयुक्त प्रयास से इस ऐतिहासिक तालाब का सरंक्षण संभव होगा।

टीम के अनिल आचार्य ने बताया कि पहले भी सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर ऐसे कई सफाई अभियान चलाये जा चुके है लेकिन आगोर क्षेत्र में डाला जाने वाला कचरा, गोबर, अवैद्य कब्जे व बेकार पूजा सामग्री आदि से तालाब पुनः गन्दा हो जाता है। हम प्रशासन से यह मांग करते है कि संसोलाव तालाब को हेरिटेज सूची में शामिल किया जावे ताकि संसोलाव तालाब शहर का एक आकर्षक पर्यटन स्थल बन सके और यहा गंदगी फैलाने व अवैद्य कब्जा करने वालों पर सख्त कार्यवाही हो और तालाब के सौंदर्य को जिंदा रखा जा सके।















