विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर.बीकानेर शिक्षा एवं खेल जगत के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब आर्यन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सौजन्य से 66वीं जिला स्तरीय विद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता (14 वर्ष छात्र/छात्रा वर्ग) का भव्य शुभारंभ हुआ। यह प्रतियोगिता न केवल बुद्धिबल के इस प्राचीन खेल की महत्ता को रेखांकित करती है बल्कि नई पीढ़ी के विद्यार्थियों में रणनीतिक सोच, एकाग्रता और नेतृत्व क्षमता के विकास का माध्यम भी बन रही है।
इस प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय विधायक बीकानेर पश्चिम, श्रीमान् जेठानन्द जी व्यास विशिष्ट अतिथि एवं गणमान्य जन के रूप में श्री लक्ष्मण राघव, अध्यक्ष, जिला शतरंज संघ, श्री किसन दान जी चारण, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक/माध्यमिक), शिक्षा निदेशालय, बीकानेर, श्री विक्रम जी तिवाड़ी, एस.एच.ओ., नया शहर, बीकानेर, श्री किशन चौधरी, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा, श्री श्यामसुन्दर, पैरा ओलम्पिक विजेता, श्री रामजी व्यास, अध्यक्ष विद्यालय प्रबंधन समिति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति से माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना के साथ हुआ। वातावरण में भक्ति और उत्साह का सुंदर संगम दिखाई दिया। उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय विधायक श्रीमान् जेठानन्द जी व्यास ने खेल प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि शतरंज मात्र एक खेल नहीं, बल्कि जीवन की गूढ़ रणनीतियों और निर्णय क्षमता का सजीव पाठ है। यह खेल हमें धैर्य, अनुशासन, एकाग्रता तथा दूरदर्शिता सिखाता है। शतरंज की हर चाल जीवन के हर कदम से जुड़ी है, जो हमें सही समय पर सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे बौद्धिक खेलों से जुड़ना चाहिए जो उनकी मानसिक क्षमता को प्रखर बनाते हैं और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाते हैं। विधायक जी ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक नेतृत्व क्षमता को भी निखारते हैं।
जिला शतरंज संघ अध्यक्ष श्री लक्ष्मण राघव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जिलेभर के विभिन्न विद्यालयों से सैकड़ों छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं। विजेताओं का चयन आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर मिलेगा। जिला शिक्षा अधिकारी श्री किसन दान जी चारण ने कहा कि शिक्षा और खेल का संतुलन ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की कुंजी है। शतरंज जैसे खेल मानसिक क्षमता को निखारते हैं और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। श्री विक्रम जी तिवाड़ी, एस.एच.ओ. नया शहर ने बच्चों को खेल में नियमों का पालन और अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा दी। श्री किशन चौधरी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा ने कहा कि शतरंज युवा पीढ़ी में नेतृत्व और दूरदर्शिता के गुणों को विकसित करता है। पैरा ओलम्पिक विजेता श्री श्यामसुन्दर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए अपने जीवन-संघर्ष और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खेल से मिलने वाला आत्मविश्वास जीवन की हर चुनौती से लड़ने की शक्ति देता है।
आर्यन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को शैक्षिक उत्कृष्टता के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रतियोगिता से उभरने वाली प्रतिभाएँ न केवल जिला स्तर पर बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी बीकानेर का नाम रोशन करेंगी।
प्रतियोगिता के आयोजन सचिव श्री हरिप्रसाद व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित 14 वर्ष आयु वर्ग के छात्र एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और विद्यालय प्रबंधन ने खिलाड़ियों को उचित माहौल एवं उच्च स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध करवाईं, ताकि वे अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें। प्रतियोगिता को कई चरणों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक चरण में बच्चों ने अपनी रणनीतिक समझ, एकाग्रता, धैर्य और मानसिक शक्ति का अद्भुत परिचय दिया। खेल के दौरान छोटे-छोटे बच्चों की सोच की गहराई और चालों की परिपक्वता देखकर दर्शक चकित रह गए। हर मैच में बच्चों की तेज़ सोच, संयम और आत्मविश्वास झलक रहा था।
निर्णायक मंडल एवं उपस्थित दर्शकों ने खिलाड़ियों के खेल कौशल, सधे हुए मूव्स और नये-नये प्रयोगों की खुलकर सराहना की। विद्यालय परिसर में पूरे समय एक रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बना रहा, जिसमें दर्शक भी बच्चों की प्रत्येक चाल पर उत्सुकता और उत्साह से प्रतिक्रिया देते नज़र आए। श्री व्यास ने कहा कि इस प्रतियोगिता से न केवल नए प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं, बल्कि बच्चों को भविष्य में और बड़े मंचों पर खेलने के लिए अनुभव और आत्मविश्वास भी मिला है।
कार्यक्रम के अन्त में अतिथियों का विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति-चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन शाला प्रधानाचार्य श्री मुकेश व्यास, शाला प्रभारी श्रीमती अपूर्वा व्यास एवं शाला व्यवस्थापिका श्रीमती ज्योति कल्ला द्वारा व्यक्त किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों, प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।













