राजस्थान हाई कोर्ट ने बीकानेर शहर से रेलवे ट्रैक हटाने की संभावना पर रेलवे को निर्देश दिए

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर. बीकानेर शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन को हटाने या बाईपास करने के मुद्दे पर राजस्थान हाई कोर्ट, जोधपुर में आज महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने रेलवे को शहर से पूरी रेल ट्रैक को शिफ्ट करने की संभावना का अध्ययन करने और यदि संभव पाया जाए तो उचित कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।

याचिका (डी.बी. सिविल रिट पिटीशन नंबर 9980/2023) राम कृष्ण दास गुप्ता द्वारा दायर की गई है, जिसमें शहर के मध्य से गुजरने वाली रेल लाइन के कारण होने वाली असुविधाओं और शहरी जीवन पर प्रभाव को लेकर शिकायत की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल व्यास ने कोर्ट का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया और पहले से लंबित एक अन्य याचिका का हवाला दिया, जिसमें बीकानेर रेल बाईपास की मांग की गई है। उसी याचिका में भी अधिवक्ता अनिल व्यास ही उपस्थित हो रहे हैं। कोर्ट ने दोनों याचिकाओं को एक साथ जोड़ने का आदेश दिया।

रेलवे की ओर से अधिवक्ता  बी. पी. बोहरा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे रेलवे विभाग के सक्षम अधिकारियों से चर्चा करेंगे और शहर से रेल ट्रैक को पूरी तरह शिफ्ट करने की संभावना का पता लगाएंगे। यदि यह व्यवहार्य पाया गया तो रेलवे द्वारा उचित प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कोर्ट ने इस आश्वासन को स्वीकार करते हुए रेलवे को समय दिया कि वे अगली सुनवाई तक विभाग के साथ हुई चर्चाओं और नतीजों को रिकॉर्ड पर रखें।

 

बेंच में माननीय न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और माननीय न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा शामिल थे। मामले को अब 19 फरवरी 2026 को सूचीबद्ध किया गया है, जहां इसे डी.बी.सी.डब्ल्यू. नंबर 443/2014 और 7505/2018 के साथ सुनवाई के लिए रखा जाएगा।

रिस्पॉन्डेंट (राज्य सरकार/रेलवे) की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता  एन.एस. राजपुरोहित,  बी. पी. बोहरा, दीपक चंदक, बी. एल. भाटी (एएजी) और शीतल कुम्भट ने पैरवी की।

यह मामला राजस्थान के शहरों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से होने वाली शहरी भीड़भाड़ और असुविधा को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। अगली सुनवाई में और अपडेट की उम्मीद है।