मीडिया लोकतंत्र की नींव को मजबूत कर रहा हैः राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन 2025 का किया उदघाटन

विनय एक्सप्रेस समामचार, आबूरोड़। भारतीय सनातन संस्कृति विश्व की पहली संस्कृति है जिसकों खंडित करने के लिए अनेक प्रयास हुए और आज भी ऐसे प्रयास कुछ लोगो द्वारा जारी है, लेकिन संस्कृति की जड़े इतनी गहरी रही की सनातन संस्कृति को आज तक कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन अब समय आ गया है कि यदि कोई सनातन संस्कृति को खंडित करने का प्रयास करे ऐसे लोगो को छोड़़ना नही चाहिए ये बात राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज के शांतिवन स्थित कांफ्रेस हॉल में चल रहे राष्ट्रीय मीडिया सम्मलेन 2025 के उद्गाटन सत्र के दौरान कहे। बागड़े ने मीडियाकर्मीयों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र की नींव को सींचने और मजबूत करने का कार्य कर रहा है। सत्य और नैतिकता से परिपूर्ण पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि आज जब सूचना का प्रसार तेजी से हो रहा है, तब मीडिया की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह समाज तक शुद्ध, निष्पक्ष और सटीक जानकारी पहुंचाए।
नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय दशकों से समाज में शांति, शिक्षा और आध्यात्मिकता का संचार कर रहा है। इस संस्था ने ग्रामीण भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों, बाल विवाह उन्मूलन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि गुलाम भारत के दौर में अंग्रेजों ने हमारी संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन ब्रह्माकुमारीज विश्वविद्यालय ने भारतीय परंपराओं को पुनर्जनन देने में अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में जब कुछ ताकतें हमारी आंतरिक शांति को भंग करने की साजिश रच रही हैं, तब हमें आत्म-जागरूकता और विवेक के साथ कदम उठाने की जरूरत है।

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में मीडियाकर्मियों को मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन करते हुए केवल सत्य और सकारात्मकता का प्रसार करना चाहिए।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज की प्रमुख मोहिनी देवी ने कहा कि तनावपूर्ण जीवनशैली ने लोगों की खुशी छीन ली है। उन्होंने कहा, “शांति और आध्यात्मिकता मनुष्य का मूल स्वभाव है।” उन्होंने सभी से रोजाना कम से कम 10 मिनट ध्यान करने का आग्रह किया, क्योंकि शांति मन से शुरू होकर कर्मों में प्रकट होती है।
बीके कुमार ने कहा, “मीडिया केवल समाचार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला प्रकाशस्तंभ है।” उन्होंने बताया कि पहले नकारात्मक खबरों को पत्रकारिता की कसौटी माना जाता था, लेकिन आज नई पीढ़ी सकारात्मकता की ओर बढ़ रही है।
प्रोफेसर मान सिंह ने कहा कि शांति, एकता और विश्वास आज aकी सबसे बड़ी जरूरतें हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल सहित कई देशों में सोशल मीडिया और युवाओं की ताकत ने नई क्रांतियों को जन्म दिया है। मीडिया की सच्चाई ने कई आंदोलनों को प्रेरित किया और शांति के दीप जलाए।
शांति हम सबका स्वधर्म है: राजयोगी मोहिनी दीदी

ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने कहा कि मुझे जर्नलिस्ट ब्रह्माकुमारी चाहिए तो मैं पढ़ने के लिए गई। मीडिया का एक मतलब प्रमोशन होता है। बाबा की इच्छा थी सबको ये संदेश मिले। करीब 60-70 देशों में जाना हुआ। हमारा उद्देश्य प्रचार करना नहीं था, हम चाहते थे आपके मन को शांति मिले। हिंसा, स्वार्थ बढ़ रहा है। होनी तो ‘पीस’ चाहिए पर अब ‘पीसेस’ हो रहे हैं। हमारी भावना पत्रकारों को शांति, ज्ञान, सुख दें। मैं कई देशों में बड़े-बड़े पत्रकारों
से मिली। एक तो मुस्कुराना भूल गया था। ब्रह्माकुमारीज़ में हर कोई मुस्कुराता नज़र आता हैं। शांति हम सबका स्वधर्म है। शांति के सागर हमारे पिता हैं। हमें इसका अभ्यास करना है, ये हमारा स्वभाव बन जाएगा। शांति अपने मन से शुरू होती है। समाज, परिवार और विश्व में शांति हो।
भारत को देखने की आंखें आप ही हैं-
मप्र भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार सामाजिक, सांस्कृतिक चेतना के वाहक हैं। आप दैनिक इतिहास लिख रहे हैं। भारत को देखने की आंखें आप ही हैं। ये कोशिश है कि जनसंवाद से जुड़े लोग मिलें, विचार करें। हम डिजिटल समय में हैं, जहां रोज नया कंटेंट रचा जा रहा है। आज सामान्य व्यक्ति को भी अभिव्यक्ति का मंच मिला हुआ है। लेकिन ये लोगों तक मिली पहुंच बहुत बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। नकारात्मक, फेक व ट्रोलिंग के दौर में आपका कंटेंट रचनात्मक होना चाहिए। सोशल मीडिाय से आप लाउड स्पीकर, कंटेंट क्रियेटर और कंटेंट रिफॉर्मर बन सकते हैं।
ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों को पूरे विश्व में फैलाएं-
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि आज विश्व को शांति की जरूरत है, शांति से एकता होती है और विश्वास जन्म लेता है। हमारे वेदों, शास्त्रों में भी यही शिक्षा दी गई है। हम तो शांति के दूत हैं। पूरे विश्व को शांति का संदेश देने वाले लोग हैं। भारत के संविधान की प्रस्तावना को देखेंगे तो पाएंगे हमारे यहां शांति, एकता विश्वास को जगह दी गई है। शांति का दीपक भी मीडिया के माध्यम से जलता है। ब्रह्माकुमारीज़ के जितने भी मीडिया महासम्मेलन हुए हैं, उनमें पारित प्रस्ताव हुए हैं, अच्छी पत्रकारिता के लिए उससे अच्छी आचार संहिता हो ही नहीं सकती। हमें उसे सरकार को सौंपना चाहिए। हमें चाहिए कि समाज आगे बढ़े, देश विश्वगुरु बने, ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों को पूरे विश्व में फैलाएं।
इन्होंने भी किया संबोधित-
– ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया विंग के अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने कहा कि हम वर्ष में दो बार मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हैं। हमारा उद्देश्य प्रचार नहीं बल्कि हर मानव को आनंद का अनुभव हो, इसलिए आयोजन करते हैं। मैंने स्वयं 26 वर्ष मीडिया में काम किया है। मोबाइल हर हाथ में होने के कारण न्यूज़ तो हवा के जैसे चल रही है। एक समय
आध्यात्मिक खबरें प्रकाशित करने का निवेदन करते थे, आज हम देखते हैं कि अच्छी, आध्यात्मिक खबरें भी छपती हैं।
– हैदराबाद से आईं मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला दीदी ने कहा कि स्वयं भगवान इस कॉन्फ्रेंस के स्त्रोत हैं। हमने ब्रह्माकुमारीज़ की इस वर्ष की थीम शांति, एकता और विश्वास को बढ़ावा देने पर मंथन रखा है। इस दुनिया में सभी का कॉमन उद्देश्य होता है कि हम सब सुख-शांति से जीएं और आनंद से रहें।
– मीडिया विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके शांतनु भाई ने कहा कि देशभर से 1500 से अधिक पत्रकार आए हैं। जो प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यम में सेवाएं देते हैं। ये हमारा परिवार बन गया है, हमारे बुलाने से सदा ही आबू पहुंच जाते हैं। मीडिया में विश्वसनीयता पैदा हो तो समाज में एकता भी हो जाएगी। मीडिया विंग की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी।
– कॉन्फ्रेंस में डॉ. सोहिनी शास्त्री, राष्ट्रपति पदक प्राप्त ज्योतिषी और लाइफ कोच कोलकाता और दिल्ली से आए डॉ. अजित पाठक, पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी संबोधित किया।
– आगरा से आईं कत्थक और लोक नृत्य कलाकार श्वेता सागर ने स्वागत नृत्य से चार चांद लगा दिए। रायपुर से पहुंची गायिका सारदा नाथ ने स्वागत गीत से सबका मन मोह लिया। जयपुर की जोनल कोऑर्डिनेटर बीके चन्द्रकला दीदी ने संचालन किया।














