















विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राज्य में सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की स्थापना एवं उन्नयन हेतु राज्य सरकार द्वारा देय सहायता राशि की सीमा को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से राज्य में नए अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन मिलेगा वहीं वर्तमान में संचालित संयंत्रों का बेहतर रख-रखाव हो सकेगा। इससे विभिन्न उद्योगों से उत्सृजित होने वाले अपशिष्ट का उपचार हो सकेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी एवं साथ ही इन अपशिष्ट से आमजन के स्वास्थ पर प्रतिकुल प्रभाव से बचाव भी हो सकेगा।
सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र की स्थापना एवं रख-रखाव के लिए बढ़ी हुई सहायता राशि रीको तथा राजस्थान प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से गठित कॉरपस फण्ड से उपलब्ध करवाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023 के बजट में इस संबंध में घोषणा की गई थी। उक्त घोषणा की अनुपालना में यह स्वीकृति दी गई है।













