लोकतंत्र तभी जीवंत है जब युवा उसकी धड़कन बने : राजस्थान निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह का युवाओं को जोशीला संदेश

विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर. “युवा सिर्फ़ मतदाता नहीं, लोकतंत्र के भविष्य के निर्माता हैं। यदि वे राजनीतिक दलों की नीतियों, उम्मीदवारों के चरित्र और आपराधिक रिकॉर्ड का गहन अध्ययन करेंगे, तभी भारत का लोकतंत्र बाबा साहब के स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के सपने को साकार कर पाएगा।”

यह प्रेरक संदेश दिया राजस्थान राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह ने आज सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, जयपुर में “मतदान का अधिकार : जनतंत्र का आधार” विषयक युवा गोष्ठी को संबोधित करते हुए। ज़ेवियर्स इलेक्टोरल लिटरेसी सोसायटी, उन्नत भारत अभियान एवं ज़ेवियर्स वोकेशनल इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों युवा शामिल हुए।

युवाओं से सीधा आह्वान : 

श्री राजेश्वर सिंह ने कहा,  “वोट डालने से पहले हर दल के घोषणा-पत्र, पिछले वादों की सच्चाई, उम्मीदवार का आचरण, जन-प्रतिबद्धता, तार्किक क्षमता, शैक्षणिक योग्यता और सबसे महत्वपूर्ण – उसका आपराधिक रिकॉर्ड जरूर देखें। एक दाग़दार व्यक्ति सत्ता में पहुँचा तो पाँच साल तक लोकतंत्र को नुकसान पहुँचता है।”

उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे आलोचनात्मक दृष्टि विकसित करें, शिक्षित एवं दूरदर्शी जनप्रतिनिधि चुनें और विकासोन्मुखी सरकार बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

“लोकतंत्र को बचाना है तो युवा को जागना होगा – यह आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है,” श्री सिंह ने जोर दिया।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ : 

– अतिथियों का स्वागत पर्यावरण-संकल्प के प्रतीक “ग्रीन सैपलिंग” भेंट कर किया गया

– प्रो. सुधीर सोनी ने ‘वोटर रजिस्ट्रेशन ऐप’ की सुविधाएँ बताईं और 18 वर्ष पूरा होते ही पंजीकरण का आग्रह किया

– सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में मतदाता शपथ ली

– छात्रों ने EVM, VVPAT, NOTA, फेक न्यूज़ जैसे मुद्दों पर खुलकर सवाल किए, जिनके जवाब पर सभागार तालियों से गूँज उठा

– कॉलेज प्राचार्य फादर डॉ. शेरॉन ने श्री राजेश्वर सिंह सहित सभी अतिथियों को सम्मान-चिह्न भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया

कार्यक्रम के अंत में श्री राजेश्वर सिंह ने युवाओं से कहा –  “आप मतदाता नहीं, लोकतंत्र के रखवाले हैं। आपकी एक समझदारी भरी उंगली देश का भविष्य बदल सकती है। इसे कभी व्यर्थ मत जाने दीजिए।”