राजस्थान सरकार के दो वर्ष : प्रभारी मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस मे जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही, विधायक और राज्यमंत्री को नहीं मिली कुर्सी! एडिटर एसोसिएशन को नहीं दी पीसी कि जानकारी

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। राजस्थान में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बीते शनिवार को जिला प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर द्वारा कलक्टर सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई। प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि तो मुख्य मंच पर आराम से बैठे रहे, लेकिन बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रामगोपाल सुथार (श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड चेयरमैन) को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली। दोनों को मजबूरन प्रभारी मंत्री के पीछे खड़े रहना पड़ा, जो उनके पद और सम्मान का खुला अपमान था.
हालांकि बाद में कुर्सियां ऑफर की गईं, लेकिन तब तक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। इस घटनाक्रम से बीकानेर भाजपा के गलियारों में हड़कंप मच गया है। प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष चंपालाल गैदर भी पीछे खड़े नजर आए, जबकि देहात भाजपा अध्यक्ष श्याम पंचारिया मंच पर बैठे थे। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी तो पत्रकारों के पीछे की कुर्सी पर बैठ गए।
विधायक जेठानंद व्यास ने तल्ख लहजे में कहा, "प्रभारी मंत्री से कोई नाराजगी नहीं, लेकिन जिला प्रशासन का रवैया पूरी तरह नकारात्मक रहा। मैं इसकी शिकायत मुख्यमंत्री तक करूंगा।" वहीं, रामगोपाल सुथार बिना कोई टिप्पणी दिए चले गए।
यह घटना जिला प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है। प्रोटोकॉल के अनुसार, जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी, लेकिन यहां उल्टा हुआ। भाजपा की ही सरकार में पार्टी के विधायक-नेताओं का ऐसा अपमान बेहद शर्मनाक है। प्रशासन को तुरंत माफी मांगनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए!