विनय एक्सप्रेस समाचार, जयपुर। खान मंत्री श्री प्रमोद भाया ने बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि यदि जालोर जिले में डीएमएफटी फंड से वितरण की यदि गलत जानकारी दी गई है तो इसमें दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

श्री भाया ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि जिले में डीएमएफटी फंड के वितरण के लिए गवर्निंग काउंसिल बनी हुई होती है जिसके अध्यक्ष जिला कलक्टर होते है तथा विधायक भी इस काउंसिल में सदस्य होते है। उन्होंने बताया कि इसी काउंसिल में डीएमएफटी के अधीन किए जाने वाले कार्याें का निर्णय होता है।

इससे पहले खान मंत्री ने प्रश्नकाल में विधायक श्री जोगेश्वर गर्ग के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि विधानसभा क्षेत्र जालौर में अवस्थित खनिज रियायतों से जालौर जिले के डी.एम.एफ.टी. फण्ड में वर्ष 2016-17 से 2021-22 ( 28 फरवरी 2022 तक) में रुपये 486.03 लाख अंशदान के रूप में प्राप्त हुए हैं। उन्होंने वर्षवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि डी.एम.एफ.टी. फण्ड में जमा राशि को व्यय करने की प्रक्रिया राजस्थान डिस्टि्रक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट नियम, 2016 के नियम 15 में दी गई है। उन्होंने संबंधित नियम की प्रति सदन के पटल पर रखी।

श्री भाया ने जालौर जिले के डी.एम.एफ.टी. फण्ड में जमा राशि में से विधानसभा क्षेत्र जालौर में वर्ष 2016-17 से 2021-22 ( 28 फरवरी 2022 तक) की अवधि में विभिन्न विकास कार्यों पर रुपये 180.80 लाख तथा सिलिकोसिस बीमारी से मृतक आश्रितों को रुपये 20.00 लाख सहायतार्थ भुगतान में व्यय किये गये। उन्होंने वर्षवार विवरण सदन के पटल पर रखा।














