















विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण (पुजारी सेवक) समाज और मंगल पांडे स्मारक समिति की तरफ से आज आजादी आंदोलन के प्रथम नायक अमर शहीद मंगल पांडे की 195 वी जयंती पर रानी बाजार पुल के पास मंगल पांडे सर्किल पर कार्यक्रम आयोजित हुआ
स्मारक समिति की सदस्य और वरिष्ठ समाजसेवी कामिनी विमल भोजक मैया ने कहा की जो व्यक्ति अपने वतन के लिए जीता है जिसके लिए उसकी देश की धार्मिक और एकता की भावना का मान सर्वोच्च होता है वो वतन की हिफाजत के लिए अपने तन की परवाह भी नही करता ऐसे ही वीर पुरुष थे अमर शहीद मंगल पांडे
स्मारक समिति के शंकर सेवग ने पुष्पांजलि करते हुए कहा की वतन से प्रेम करने वाले इंसान बेहतरीन होते है लेकिन वतन पर अपनी जान देकर फिदा होने वाले फरिस्ते ही होते है ऐसे ही फरिस्ते है आज़ादी के प्रथम स्वतन्त्रता सेनानी अमर शहीद मंगल पांडे
वरिष्ठ समाजसेवी आर के शर्मा ने कहा की अपने देश और धर्म की रक्षा की खातिर बिना संसाधनों के अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेना बगावत करना ये मंगल पांडे जैसे वीर योद्धा ही कर सकते थे
वरिष्ठ समाजसेवी श्री सत्यदेव शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति इस देश की आन बान शान और धार्मिक सदभावना को बरकरार रखने हेतु ताकतवर ब्रिटिश हुकूमत से बगावत कर सम्पूर्ण भारत वर्ष में आज़ादी के आंदोलन की चिंगारी फूंक जाता है ऐसे अमर शहीद मंगल पांडे की जीवनी और उनके कार्यो को आमजन तक खासतौर से आज की नई पीढ़ी तक पहुंचना आवश्यक है
वरिष्ठ समाज सेवी श्री पुरषोत्तम सेवक ने कहा कि मंगल पांडे ना सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी थे वरन वे ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने पूरे देश मे आज़ादी की अलख जगा दी क्योकि आजादी के लिए लड़ना मंगल पांडे ने ही सिखाया
वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गादत भोजक ने कहा की आज उनकी जयंती पर हम सबको ये प्रतिज्ञा लेनी चाइये ही हम सब अपने अपने परिवारों में आज़ादी के आंदोलन के वीरो की गाथाये अपने बच्चो को सुनाए ताकि वे आज़ादी का महत्व जान सके
संगठन महासचिव नितिन वत्सस ने संचालन करते हुए अमर शहीद मंगल पाण्डे के व्यक्तिव और कृतित्व प्रकाश डाला
आभार शिवरतन सेवग ने जताया
समिति द्वारा मंगल पांडे सर्किल पर बेहतरीन प्रकाश व्यवस्था करवाने में सहयोग करने वाले राजेंद्र शर्मा का शाल माला श्रीफल और मोमेंटो भेट कर अभिनंदन किया गया
इस अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, राजेंद्र शर्मा, ऋषिराज शर्मा,जय कुमार शर्मा, खुश भोजक, पुलकित, नताशा वत्सस नरेंद्र, दिनेश, जैनेन्द्र, सहित समाज के गणमान्य जन मौजूद थे













